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बरवाडीह थाना क्षेत्र के बरवाडीह-कुटमू मुख्य मार्ग पर स्थित ठुठाकुसुम के भगत सिंह चौक के समीप मंगलवार को एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। यहाँ दो पल्सर बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइक चालक बुरी तरह घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसमें एक बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से, दोनों घायल चालकों को एंबुलेंस के माध्यम से बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
Gulam asgar
बरवाडीह थाना क्षेत्र के बरवाडीह-कुटमू मुख्य मार्ग पर स्थित ठुठाकुसुम के भगत सिंह चौक के समीप मंगलवार को एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। यहाँ दो पल्सर बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइक चालक बुरी तरह घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसमें एक बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से, दोनों घायल चालकों को एंबुलेंस के माध्यम से बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
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- गढ़वा में झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ की जिला शाखा ने अपनी विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ के प्रतिनिधियों ने पंचायत सचिवों की लंबित समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की है। सौंपे गए ज्ञापन में, संघ ने विशेष रूप से उन नव नियुक्त पंचायत सचिवों की सेवा संपुष्टि (कन्फर्मेशन) की मांग की है जो लंबे समय से कार्यरत हैं। संघ का कहना है कि कई पंचायत सचिव वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा संपुष्टि न होने के कारण उनमें असंतोष की स्थिति बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, पंचायत सचिवों को नियमित रूप से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है, ताकि वे नई योजनाओं और विभागीय कार्यों की बढ़ती जिम्मेदारियों के लिए अद्यतन जानकारी और तकनीकी दक्षता प्राप्त कर अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर सकें। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि जिले के कई प्रखंडों में पंचायत सचिवों की संख्या अपर्याप्त है, जिसके परिणामस्वरूप एक-एक पंचायत सचिव को कई पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है, जिससे कार्यों के निष्पादन में कठिनाइयाँ आती हैं। संघ ने प्रशासन से रिक्त पदों पर जनसेवकों की नियुक्ति कर पंचायत सचिवों का कार्यभार कम करने की अपील की है। संघ के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान किया जाता है, तो पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा और आम जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। संघ का कहना है कि उनकी मांगें न केवल कर्मचारियों के हित में हैं, बल्कि पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए भी आवश्यक हैं। पंचायत सचिव संघ ने उपायुक्त से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के कई पदाधिकारी और पंचायत सचिव उपस्थित रहे, जिन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा।1
- खेलारी के उपाधीक्षक आर. एन. चौधरी को रांची ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया है। पुलिस प्रशासन ने उन्हें उग्रवाद विरोधी अभियान में उनके उल्लेखनीय योगदान और उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।1
- बलरामपुर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने सामरी क्षेत्र के बीहड़ जंगल के बीच बसे अत्यंत गरीब बिरिजिया समाज के घरों का दौरा किया। वे विशेष रूप से घरबारी और लोटापानी में स्थित इन परिवारों से मिलने पहुंचे। इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान, जिलाध्यक्ष बसंत कुजर ने उपस्थित लोगों के बीच ताली बजाकर और स्वयं उनके साथ नृत्य करके सभी का स्वागत किया। उन्होंने इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे समाज के साथ उनकी एकजुटता प्रदर्शित हुई।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराने की मांग को लेकर उदयपुरा से डीसी ऑफिस तक पदयात्रा की। चिलचिलाती धूप में सैकड़ों किसानों, महिलाओं और पुरुषों ने यह पदयात्रा की, जिसका नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयूब खान और जिला सचिव रसीद मियां कर रहे थे। उनका मुख्य नारा था कि यदि जाम से निजात नहीं दे सकते तो उन्हें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। पदयात्रा में शामिल किसान और माकपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे लिए हुए थे। उनके पोस्टरों पर लिखा था कि शिलान्यास के 5 साल बाद भी टोरी-चंदवा फ्लाई ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जबकि इसका शिलान्यास 03 अप्रैल 2021 को किया गया था। वे टोरी-चंदवा NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से मुक्ति की मांग कर रहे थे। समाहरणालय पहुंचकर पदयात्रा एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम पलामू प्रमंडल की आम जनता की समस्या है। उन्होंने बताया कि इस जाम में घंटों फंसे रहने के कारण बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। विप्लव ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि जाम से निजात पाने के लिए किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। राज्य समिति सदस्य अयूब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने भी यही बात दोहराई कि यदि जाम की समस्या से निजात नहीं दिला सकते तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, माकपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान अत्यधिक पीड़ित हैं, यह समस्या लाइलाज हो चुकी है, और जनहित से जुड़े इस मामले पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और एनएच विभाग लापरवाह बने हुए हैं। ज्ञापन में टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से मुक्ति के लिए इच्छा मृत्यु देने का अनुरोध किया गया। इस पदयात्रा में प्रकाश विप्लव, अयूब खान, रसीद मियां सहित पचु गंझु, बैजनाथ ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, शोभन उरांव, हनुक लकड़ा, माईकल हंश, अशोक गंझु, मानती देवी, लाली देवी, सरिता देवी, कालो देवी, मंजू देवी, सुगीचा देवी, रीतु देवी, रुपन्ती कुमारी, मुक्तिला देवी, सुनिता देवी, रानो देवी, आशा देवी, मालती देवी, अजमेरून खातुन, कसिरन बीवी, आसकी देवी, विनोद उराँव, महेन्द्र गंझु, गुजरा गंडू, रविशंकर गंझु, कमल गंझु, राजू साव, परवेज खान, सजेबुल खान, तवरेज खान, एहसान खान, आरीफ खान, आदील खान, फिरदोस खान, लालु गंझु, बोने टोपनो, अमित भेंगरा, जिदन टोपनो, थोमस टोपनों, बने होरो, सुमन बरजो, अलताफ खान, नसीम खान और मुना गंझु, सुलेन्द्र गंझू समेत सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के एक गाँव में ग्रामीणों को पीने के लिए गंदा पानी मजबूरन इस्तेमाल करना पड़ रहा है। गाँव में स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है, क्योंकि यहाँ एक भी जल मीनार मौजूद नहीं है। यह स्थिति क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।1
- लातेहार के चंदवा में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में, पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रघुवर दास ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाश राम भी उपस्थित रहे। रघुवर दास ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में की गई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर केंद्र सरकार की इन उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता तक पहुंचाएं। विधायक प्रकाश राम ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही संगठन और जनप्रतिनिधियों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहकर उनकी समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का भी आह्वान किया। इस संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन सहित केंद्र सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया।1
- लातेहार के उप विकास आयुक्त मोहम्मद सय्यद रियाज़ अहमद ने मंगलवार को बरवाडीह प्रखंड में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा रेशमा मिंज सहित आवास, मनरेगा, पेयजल, बाल विकास, जेएसएलपीएस (JSLPS) एवं अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। उप विकास आयुक्त ने सभी योजनाओं में तेजी लाने और आवास योजना से संबंधित ग्रामसभा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड मुख्यालय पंचायत में आवास योजना के जियो टैगिंग के नाम पर पंचायत सेवक विजय शंकर राम पर पैसे लेने के लगे आरोप को अत्यंत गंभीरता से लिया। इस आरोप पर संज्ञान लेते हुए, उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को तत्काल विजय शंकर राम से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। बैठक में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों को भी शीघ्र दुरुस्त कराने का निर्देश जारी किया गया। समीक्षा बैठक से पहले, उप विकास आयुक्त ने मंगरा स्थित एकलव्य विद्यालय का निरीक्षण कर प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने बेतला के अखरा में नवनिर्मित पुलिस पिकेट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान, सीओ लोकेश कुमार सिंह, बीपीओ दिलशाद आलम, सहायक अभियंता प्रभाकर मणि, पेयजल विभाग के जेई पीयूष रंजन और आवास समन्वयक शिव यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।1
- युवा समाजसेवी बचनदेव चौधरी ने हाल ही में 30वीं बार रक्तदान करके मानवता और सामाजिक सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके इस सराहनीय कार्य के लिए क्षेत्र में उनकी व्यापक प्रशंसा हो रही है।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा निकाली। इस दौरान सैकड़ों किसानों, महिलाओं और पुरुषों ने भीषण गर्मी में मार्च करते हुए उपायुक्त संदीप कुमार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम से मुक्ति के लिए तत्काल फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की गई, और यह भी कहा गया कि यदि सरकार जाम से निजात नहीं दिला सकती तो उन्हें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य कमेटी सदस्य अयूब खान और जिला सचिव रसीद मियां के नेतृत्व में हुई इस पदयात्रा में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के चित्रों वाले पोस्टर और पार्टी के झंडे लिए हुए थे। पोस्टरों पर 'शिलान्यास के 5 वर्ष के बाद भी निर्माण शुरू कराने में असफल रहे माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री', '03 अप्रैल 2021 को टोरी आरओबी का शिलान्यास कर छोड़ दिया, पांच वर्ष हो गए लेकिन कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ' और 'हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दो' जैसे नारे लिखे थे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग का जाम पलामू प्रमंडल की आम जनता की बड़ी समस्या है, जहाँ घंटों लोग फंसे रहते हैं और बीमार लोगों, महिलाओं तथा पुरुषों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जाम में फंसकर ग्रामीण असमय अपनी जान गंवा रहे हैं, और लगभग पांच साल पहले शिलान्यास होने के बावजूद अब तक काम शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। समाहरणालय पहुँचकर यह पदयात्रा एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए प्रकाश विप्लव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों को जाम से निजात पाने के लिए इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयूब खान और रसीद मियां ने भी कहा कि अगर जाम की समस्या से मुक्ति नहीं मिल सकती तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। पार्टी के शिष्टमंडल ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मिलकर किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान अत्यधिक पीड़ित और तंग आ चुके हैं, और यह समस्या 'ला-ईलाज' हो गई है। ज्ञापन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और एनएच विभाग पर इस जनहित के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या से मुक्ति के लिए इच्छा मृत्यु देने का अनुरोध किया गया है। पदयात्रा में पचु गंझु, बैजनाथ ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, शोभन उरांव, हनुक लकड़ा, माईकल हंश, अशोक गंझु, मानती देवी, लाली देवी, सरिता देवी कालो देवी, मंजू देवी, सुगीचा देवी, रीतु देवी, रुपन्ती कुमारी, मुक्तिला देवी, सुनिता देवी, रानो देवी, आशा देवी, मालती देवी अजमेरून खातुन, कसिरन बीवी, आसकी देवी, विनोद उराँव, महेन्द्र गंझु, गुजरा गंडू, रविशंकर गंझु, कमल गंझु, राजू साव, परवेज खान, सजेबुल खान, तवरेज खान, एहसान खान, आरीफ खान, आदील खान, फिरदोस खान, लालु गंझु, बोने टोपनो, अमित भेंगरा, जिदन टोपनो, थोमस टोपनों, बने होरो, सुमन बरजो, अलताफ खान, नसीम खान, मुना गंझु, सुलेन्द्र गंझू समेत सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे।1