प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जिससे प्राधिकरण एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पूर्व हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के अध्यक्ष अशोक सिंह प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, काफी लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उनसे मिलने कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। अधिवक्ताओं ने तीखा आरोप लगाया है कि प्राधिकरण के अधिकारी आम जनता और अधिवक्ताओं की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम से प्राधिकरण की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जिससे प्राधिकरण एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पूर्व हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के अध्यक्ष अशोक सिंह प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, काफी लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उनसे मिलने कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। अधिवक्ताओं ने तीखा आरोप लगाया है कि प्राधिकरण के अधिकारी आम जनता और अधिवक्ताओं की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम से प्राधिकरण की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जिससे प्राधिकरण एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पूर्व हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के अध्यक्ष अशोक सिंह प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, काफी लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उनसे मिलने कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। अधिवक्ताओं ने तीखा आरोप लगाया है कि प्राधिकरण के अधिकारी आम जनता और अधिवक्ताओं की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम से प्राधिकरण की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।1
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज के सरायइनायत थाना क्षेत्र के चकिया हिनौता गांव के राम सुचित मौर्य ने आरोप लगाया है कि स्टे होने के बावजूद भी दबंग उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।2
- भदोही के औराई में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की उप शाखा की नई कार्यकारिणी का निर्वाचन बुधवार को निर्विरोध संपन्न हो गया। यह पूरी चुनाव प्रक्रिया जिला मंत्री की देखरेख में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गई थी, जिसमें सभी पदों पर पदाधिकारियों का निर्विरोध चयन किया गया। इस निर्वाचन में अनिल कुमार यादव को अध्यक्ष घोषित किया गया है। अनिल कुमार यादव के अलावा नई कार्यकारिणी में राजेन्द्र कुमार पटेल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बृजेश चौधरी को कनिष्ठ उपाध्यक्ष, अजीत कुमार भारती को मंत्री, महेंद्र कुमार को उप मंत्री, नगीना जायसवाल को कोषाध्यक्ष तथा राकेश यादव को अंकेक्षक (ऑडिटर) के रूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी श्याममणि त्रिपाठी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को माला पहनाकर बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी आगामी दो वर्षों तक लेखपाल संघ की उप शाखा औराई के हितों की रक्षा करेगी और संगठन को अधिक मजबूत बनाएगी। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने भी लेखपालों की समस्याओं के समाधान और संगठन को सशक्त बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।4
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित मांडा ब्लॉक के हंडिया गांव में पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए गए पुलिया निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। सड़क निर्माण के दौरान विभाग ने कुछ समय पहले यहां बनी पुरानी पुलिया को तोड़ दिया था, जिसके बाद ग्रामीणों की शिकायत पर विभाग द्वारा 15 जुलाई 2026 को एक नई छोटी पुलिया लगाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस नई पुलिया का निर्माण बिल्कुल भी सही तरीके से नहीं किया गया है। विभाग ने लगभग 3 फीट गहरा गड्ढा खोदकर पुलिया को गलत तरीके से दबा दिया है, जिससे पानी की निकासी प्रभावित होने की पूरी आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि खटिकान बस्ती के पानी के सुचारु निकास के लिए इस पुलिया का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुसार दोबारा कराया जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस लापरवाही की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र में मुख्तार खान, उसकी बेटी मोना और बेटे वीरू खान द्वारा जबरन दबंगई करने और जमीन कब्जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की जमीन पर इन लोगों ने जबरदस्ती पीछे की तरफ खिड़की और जंगला बनवा लिया है, जबकि पीछे इनकी कोई जमीन नहीं है। पीड़ित ने मुख्तार खान को माफिया डॉन बताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि इस मामले की जांच की जाए और बाला खान के घर पर बुलडोजर चलाया जाए। ये लोग जबरदस्ती लड़ाई कर रहे हैं और इनका यहाँ कोई अधिकार नहीं है, फिर भी ये गरीब आदमी को सता रहे हैं। पीड़ित ने हंडिया थाने में दो-तीन बार आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ये लोग थाने में पैसा दे देते हैं और पुलिस उल्टे गरीब आदमी को ही डांटकर चली जाती है। विवाद के दौरान आई 112 पुलिस भी मुख्तार की ही बात सुन रही थी और उन्होंने गरीब लोगों को गाली दी और डांटकर चले गए। पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द से जल्द इन लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही माफियाओं का पक्ष लेने वाले पुलिस प्रशासन पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।1