नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के तहत हॉकी ग्राउंड सिवनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित शासन के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर सिवनी श्रीमती नेहा मीना एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री मनोज लारोकर के मार्गदर्शन में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना तथा नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा (10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026) के अंतर्गत जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हॉकी ग्राउंड सिवनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ बालक-बालिकाओं में सामाजिक जागरूकता का प्रसार करना रहा। कार्यक्रम के दौरान खेल में रुचि रखने वाले बच्चों को “खेलो इंडिया” योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी देते हुए जरूरतमंद महिलाओं को सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराया गया। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर श्रीमती वर्षा बैस, परामर्शदाता श्रीमती संध्या सनोडिया, जिला खेल प्रशिक्षक वर्ग-1 संगीता सिंह सहित अन्य कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा के तहत हॉकी ग्राउंड सिवनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित शासन के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर सिवनी श्रीमती नेहा मीना एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री मनोज लारोकर के मार्गदर्शन में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना तथा नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा (10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026) के अंतर्गत जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हॉकी ग्राउंड सिवनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ बालक-बालिकाओं में सामाजिक जागरूकता का प्रसार करना रहा। कार्यक्रम के दौरान खेल में रुचि रखने वाले बच्चों को “खेलो इंडिया” योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी देते हुए जरूरतमंद महिलाओं को सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराया गया। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर श्रीमती वर्षा बैस, परामर्शदाता श्रीमती संध्या सनोडिया, जिला खेल प्रशिक्षक वर्ग-1 संगीता सिंह सहित अन्य कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
- सिवनी कलेक्टर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद1
- सिवनी की 5 बड़ी खबरें: भीषण गर्मी का कहर, स्कूल टाइम में बदलाव, आग से फसल तबाह, अनोखा पारिवारिक मामला और रेल परियोजना से विकास की आस1
- *सिवनी पुलिस की अभिनव पहल "सृजन 2" का भव्य समापन* *नन्हें-मुन्हें बच्चों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक और साहसिक प्रस्तुतियां* *बच्चों केअभिभावकों,माता- पिता की गरिमामय उपस्थिति भी साथ रही।* पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल के नवाचार "सृजन" अभियान के अभिनव प्रयासों के क्रम में सिवनी पुलिस का "सृजन 2" कार्यक्रम जो 31 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुआ था, का 18 अप्रैल 2026 को सांस्कृतिक संध्या का सिवनी विधायक श्री दिनेश राय 'मुनमुन' जी,जिला कलेक्टर महोदया श्रीमती नेहा मीणा जी और पुलिस अधीक्षक महोदय श्री सुनील मेहता के शुभ आतिथ्य व कर कमलों से सम्पन्न हुआ। "सृजन" कार्यक्रम की उक्त गतिविधियों में सिवनी शहर की विशेष बस्तियां (जहां सापेक्षिक वंचन,गरीबी,नशा और अपराध व्याप्त हैं) उन स्थानों से बच्चों को उनके परिवारों से संवाद कर जोड़ा गया और पुलिस लाइन सिवनी में नियमित 3 बजे से 6 बजे तक उन्हें मुक्त कक्षाओं के माध्यम से विभिन्न प्रकार की व्यक्तित्व निर्माण की गतिविधियां सिखाई गई,जिसमें उनकी अभिरुचि के खेल,कराते,चित्रकला,रंगोली,नृत्य,गीत गायन,कविता,नृत्य,नाटक,टीम भावना,अनुशासन,अच्छी आदतें और व्यवहार,अच्छा व्यक्ति और नागरिक बनने के गुण,अल्प संसाधन मे भी कैसे अपनी प्रतिभा का विकास करें के साथ -साथ विभिन्न प्रकार की हेल्प लाइन 1090,1098,1930,112 और हर प्रकार के नशे से दूर रहने,साइबर सुरक्षा व यातायात जागरूकता से उन्हें कनेक्ट किया गया,बेहतर भविष्य व कैरियर काउंसिलिंग हेतू दिशा लर्निंग सेंटर,कंट्रोल रूम और विभिन्न संस्थाओं का भ्रमण कराया गया।1
- छात्रावास में अचानक पहुंचीं कलेक्टर, कमियां मिलीं तो तुरंत एक्शन!1
- करीब 3 वर्षों से मानसिक रुप से अस्वस्थ चले 32 वर्षीय युवक ने पांव में बंधी बेड़ियों को तोड़कर घर के पीछे कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली है। मामला कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम कलगांव का है। सोमवार की सुबह करीब 07 बजे यह हादसा हुआ। जिस वक्त पीड़ित ने यह आत्मघाती कदम उठाया। उस वक्त घर पर कोई भी पुरुष मौजूद नहीं था और महिलाएं घरेलू कामकाज में जुटी हुई थी। मिली जानकारी अनुसार रूपेश पिता सेजलाल बिसेन तकरीबन 3 वर्ष से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था।1
- गंगाई ( गरघठिया ) निवासी मोनू शर्मा मैकेनिक जो किराए के मकान में निवास करता है पूरा परिवार भागवत कथा की तैयारी को लेकर ग्राम में ही गया हुआ था उसी रात सूने मकान में अज्ञात चोरों के द्वारा लाखों की चोरी की घटना को अंजाम दिया गया पीड़ित ने बंडोल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है लगातार हो रही चोरी पुलिस की गस्ती और कार्य प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही है फिलहाल लाखों की चोरी से परिवार रोड पर आ गया है बंडोल पुलिस जांच पर जुट गई है1
- Post by Aanand Verma1
- *NH-44 पर स्ट्रीट लाइट बंद, अंधेरे में गुजरने को मजबूर राहगीर* सिवनी से मोहगांव तक सैकड़ों लाइटें लगीं, लेकिन चालू नहीं—रिंग रोड पर बढ़ा खतरा सिवनी : सिवनी से मोहगांव तक राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें केवल दिखावा बनकर रह गई हैं। सैकड़ों की संख्या में लगाए गए ये पोल और लाइटें अब तक चालू नहीं हो पाई हैं, जिससे शाम ढलते ही पूरा मार्ग अंधेरे में डूब जाता है। छिंदवाड़ा रोड पर बनी रिंग रोड की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां दोनों ओर स्ट्रीट लाइटें होने के बावजूद रात में घना अंधेरा छा जाता है। सिवनी से कलबोड़ी, सुकतरा होते हुए मोहगांव तक यही हाल देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। वहीं, करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए इन लाइटों का उपयोग न होना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि सड़क पर आवागमन सुरक्षित हो सके।1