नूंह। महंगे इलाज के दौर में आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी के साथ पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लेकर अन्य बड़े उपचार और ऑपरेशन तक में योजना का लाभ मरीजों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो रहा है। सवास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 11,27,940 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 6,11,269 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 5,16,671 कार्ड का काम अभी लंबित है। वहीं, योजना के माध्यम से अब तक 47,349 लाभार्थी उपचार का लाभ उठा चुके हैं। जेतलका निवासी यूनुस खान ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। कुत्ते के काटने के बाद टीकाकरण के लिए अस्पताल आए और उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, ऐसे में आयुष्मान योजना मुफ्त इलाज और दवाइयों के माध्यम से बड़ी राहत देती है।खानपुर घाटी निवासी अलीमुद्दीन ने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाने अस्पताल आए हैं। पहला टीका लग चुका है और दूसरा लगाया जा रहा है। उनके अनुसार योजना के कारण समय पर इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। बड़े ऑपरेशन में भी आयुष्मान कार्ड से उपचार का खर्च योजना के तहत कवर हो जाता है।सतवीर निवासी इंद्री ने बताया कि उनके बड़े भाई कैंसर से पीड़ित थे और आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें उपचार में काफी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योजना बड़ी राहत देती है। आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी मरीजों की सहायता करते हैं और तकनीकी समस्या आने पर डॉक्टरों से समन्वय कर इलाज जारी रखने में मदद करते हैं।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले और गरीब परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत कई आवश्यक मेडिकल इम्प्लांट्स का खर्च भी क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की। नूंह। महंगे इलाज के दौर में आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी के साथ पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लेकर अन्य बड़े उपचार और ऑपरेशन तक में योजना का लाभ मरीजों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो रहा है। सवास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 11,27,940 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 6,11,269 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 5,16,671 कार्ड का काम अभी लंबित है। वहीं, योजना के माध्यम से अब तक 47,349 लाभार्थी उपचार का लाभ उठा चुके हैं। जेतलका निवासी यूनुस खान ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। कुत्ते के काटने के बाद टीकाकरण के लिए अस्पताल आए और उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, ऐसे में आयुष्मान योजना मुफ्त इलाज और दवाइयों के माध्यम से बड़ी राहत देती है।खानपुर घाटी निवासी अलीमुद्दीन ने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाने अस्पताल आए हैं। पहला टीका लग चुका है और दूसरा लगाया जा रहा है। उनके अनुसार योजना के कारण समय पर इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। बड़े ऑपरेशन में भी आयुष्मान कार्ड से उपचार का खर्च योजना के तहत कवर हो जाता है।सतवीर निवासी इंद्री ने बताया कि उनके बड़े भाई कैंसर से पीड़ित थे और आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें उपचार में काफी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योजना बड़ी राहत देती है। आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी मरीजों की सहायता करते हैं और तकनीकी समस्या आने पर डॉक्टरों से समन्वय कर इलाज जारी रखने में मदद करते हैं।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले और गरीब परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत कई आवश्यक मेडिकल इम्प्लांट्स का खर्च भी क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
नूंह। महंगे इलाज के दौर में आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी के साथ पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लेकर अन्य बड़े उपचार और ऑपरेशन तक में योजना का लाभ मरीजों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो रहा है। सवास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 11,27,940 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 6,11,269 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 5,16,671 कार्ड का काम अभी लंबित है। वहीं, योजना के माध्यम से अब तक 47,349 लाभार्थी उपचार का लाभ उठा चुके हैं। जेतलका निवासी यूनुस खान ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। कुत्ते के काटने के बाद टीकाकरण के लिए अस्पताल आए और उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, ऐसे में आयुष्मान योजना मुफ्त इलाज और दवाइयों के माध्यम से बड़ी राहत देती है।खानपुर घाटी निवासी अलीमुद्दीन ने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाने अस्पताल आए हैं। पहला टीका लग चुका है और दूसरा लगाया जा रहा है। उनके अनुसार योजना के कारण समय पर इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। बड़े ऑपरेशन में भी आयुष्मान कार्ड से उपचार का खर्च योजना के तहत कवर हो जाता है।सतवीर निवासी इंद्री ने बताया कि उनके बड़े भाई कैंसर से पीड़ित थे और आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें उपचार में काफी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योजना बड़ी राहत देती है। आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी मरीजों की सहायता करते हैं और तकनीकी समस्या आने पर डॉक्टरों से समन्वय कर इलाज जारी रखने में मदद करते हैं।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले और गरीब परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत कई आवश्यक मेडिकल इम्प्लांट्स का खर्च भी क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की। नूंह। महंगे इलाज के दौर में आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी के साथ पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लेकर अन्य बड़े उपचार और ऑपरेशन तक में योजना का लाभ मरीजों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो रहा है। सवास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 11,27,940 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 6,11,269 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 5,16,671 कार्ड का काम अभी लंबित है। वहीं, योजना के माध्यम से अब तक 47,349 लाभार्थी उपचार का लाभ उठा चुके हैं। जेतलका निवासी यूनुस खान ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। कुत्ते के काटने के बाद टीकाकरण के लिए अस्पताल आए और उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, ऐसे में आयुष्मान योजना मुफ्त इलाज और दवाइयों के माध्यम से बड़ी राहत देती है।खानपुर घाटी निवासी अलीमुद्दीन ने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाने अस्पताल आए हैं। पहला टीका लग चुका है और दूसरा लगाया जा रहा है। उनके अनुसार योजना के कारण समय पर इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। बड़े ऑपरेशन में भी आयुष्मान कार्ड से उपचार का खर्च योजना के तहत कवर हो जाता है।सतवीर निवासी इंद्री ने बताया कि उनके बड़े भाई कैंसर से पीड़ित थे और आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें उपचार में काफी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योजना बड़ी राहत देती है। आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी मरीजों की सहायता करते हैं और तकनीकी समस्या आने पर डॉक्टरों से समन्वय कर इलाज जारी रखने में मदद करते हैं।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले और गरीब परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत कई आवश्यक मेडिकल इम्प्लांट्स का खर्च भी क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
- जिला प्रशासन नूंह द्वारा जिले के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण (Educational Exposure Visit) का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन नूंह द्वारा जिले के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण (Educational Exposure Visit) का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई के साथ-साथ महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक एवं ज्ञानवर्धक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विभिन्न स्थलों के इतिहास, संस्कृति एवं महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल, जिज्ञासा एवं आत्मविश्वास के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा उन्हें अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन नूंह — विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत। 📖✨1
- नूंह। महंगे इलाज के दौर में आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी के साथ पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लेकर अन्य बड़े उपचार और ऑपरेशन तक में योजना का लाभ मरीजों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो रहा है। सवास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 11,27,940 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 6,11,269 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 5,16,671 कार्ड का काम अभी लंबित है। वहीं, योजना के माध्यम से अब तक 47,349 लाभार्थी उपचार का लाभ उठा चुके हैं। जेतलका निवासी यूनुस खान ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। कुत्ते के काटने के बाद टीकाकरण के लिए अस्पताल आए और उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, ऐसे में आयुष्मान योजना मुफ्त इलाज और दवाइयों के माध्यम से बड़ी राहत देती है।खानपुर घाटी निवासी अलीमुद्दीन ने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाने अस्पताल आए हैं। पहला टीका लग चुका है और दूसरा लगाया जा रहा है। उनके अनुसार योजना के कारण समय पर इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। बड़े ऑपरेशन में भी आयुष्मान कार्ड से उपचार का खर्च योजना के तहत कवर हो जाता है।सतवीर निवासी इंद्री ने बताया कि उनके बड़े भाई कैंसर से पीड़ित थे और आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें उपचार में काफी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योजना बड़ी राहत देती है। आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी मरीजों की सहायता करते हैं और तकनीकी समस्या आने पर डॉक्टरों से समन्वय कर इलाज जारी रखने में मदद करते हैं।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले और गरीब परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत कई आवश्यक मेडिकल इम्प्लांट्स का खर्च भी क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की। नूंह। महंगे इलाज के दौर में आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। बीमारी के इलाज में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा न बने, इसके लिए योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी के साथ पंजीकृत निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लेकर अन्य बड़े उपचार और ऑपरेशन तक में योजना का लाभ मरीजों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो रहा है। सवास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 11,27,940 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 6,11,269 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 5,16,671 कार्ड का काम अभी लंबित है। वहीं, योजना के माध्यम से अब तक 47,349 लाभार्थी उपचार का लाभ उठा चुके हैं। जेतलका निवासी यूनुस खान ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। कुत्ते के काटने के बाद टीकाकरण के लिए अस्पताल आए और उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, ऐसे में आयुष्मान योजना मुफ्त इलाज और दवाइयों के माध्यम से बड़ी राहत देती है।खानपुर घाटी निवासी अलीमुद्दीन ने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद टीका लगवाने अस्पताल आए हैं। पहला टीका लग चुका है और दूसरा लगाया जा रहा है। उनके अनुसार योजना के कारण समय पर इलाज और दवाइयां मिल रही हैं। बड़े ऑपरेशन में भी आयुष्मान कार्ड से उपचार का खर्च योजना के तहत कवर हो जाता है।सतवीर निवासी इंद्री ने बताया कि उनके बड़े भाई कैंसर से पीड़ित थे और आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें उपचार में काफी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योजना बड़ी राहत देती है। आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारी भी मरीजों की सहायता करते हैं और तकनीकी समस्या आने पर डॉक्टरों से समन्वय कर इलाज जारी रखने में मदद करते हैं।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य कम आय वाले और गरीब परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है। योजना के तहत कई आवश्यक मेडिकल इम्प्लांट्स का खर्च भी क्लेम किया जा सकता है। उन्होंने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठाने की अपील की।1
- चौधरी देवीलाल जी की 113वीं जयंती पर 27 सितंबर को नूंह में होगा सम्मान दिवस समारोह इनेलो हरियाणा कार्यकारिणी सदस्य लोकेश दहिया ने प्रदेशवासियों को समारोह में पहुंचने का दिया निमंत्रण इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के संस्थापक एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवीलाल जी की 113वीं जयंती के अवसर पर आगामी रविवार, 27 सितंबर 2026 को नूंह (मेवात) में सम्मान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं आमजन के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 11 बजे नूंह (मेवात) में किया जाएगा। समारोह में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लोकेश दहिया सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। समारोह में चौधरी देवीलाल जी के जीवन, उनके संघर्ष, किसानों, मजदूरों, गरीबों एवं वंचित वर्गों के लिए किए गए कार्यों तथा उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को याद किया जाएगा। लोकेश दहिया ने कहा कि “27 सितंबर को हम नूंह में सिर्फ एक जयंती मनाने नहीं आ रहे... हम उस विचार को जिंदा करने आ रहे हैं... जिसने दिल्ली के तख्त को बताया था... कि कुर्सी किसान के बूट के नीचे है। ताऊ देवीलाल वो नाम है... जिसने बुढ़ापा पेंशन को भीख नहीं... हक बनाया। ताऊ कहते थे... मैं कुर्सी का भूखा नहीं... मैं हल का पुजारी हूँ। और उनका एक ही नारा था... हिंदू-मुसलमान सब मेरे एक खेत की दो मेड़ हैं। आज लोग घोषणा-पत्र लाते हैं... ताऊ देवीलाल फैसला लाते थे। आइए, 27 सितंबर को नूंह पहुंचें और ताऊ देवीलाल जी के संघर्ष, विचारों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। ताऊ देवीलाल अमर रहें! इनेलो जिंदाबाद!1
- जन शिकायतों के त्वरित समाधान से मजबूत हो रहा जनविश्वास : राव नरबीर सिंह *- कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने जिला लोक संपर्क एवं परिवाद निवारण समिति की बैठक में सुनी जन शिकायतें* *- 15 में से 11 शिकायतों का मौके पर किया गया निपटारा* *- पलवल-फरीदाबाद के नजदीक की जा रही है आईएमटी बनाने की कोशिश, बोले उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह* *पलवल, 10 सितंबर।* हरियाणा सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री तथा जिला लोक संपर्क एवं परिवाद निवारण समिति पलवल के अध्यक्ष राव नरबीर सिंह ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आमजन को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील शासन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में जिला लोक संपर्क एवं परिवाद निवारण समिति की बैठकें आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष रखने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। जिला लोक संपर्क एवं परिवाद निवारण समिति पलवल के अध्यक्ष राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को पलवल स्थित जिला सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में आमजन की कुल 15 शिकायतें सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गईं। इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निवारण कर दिया गया, जबकि शेष चार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में की गई त्वरित कार्रवाई सरकार की जनसमस्याओं के प्रति गंभीरता और प्रशासनिक संवेदनशीलता को दर्शाती है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पलवल में 15 में से 11 शिकायतों का मौके पर समाधान किया जाना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और जवाबदेह प्रशासन का प्रभावी उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार का प्रयास है कि शासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को न्याय, सुविधा एवं सम्मान के साथ सरकारी सेवाएं प्राप्त हों। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने नवल सिंह निवासी कुसलीपुर की शिकायत की सुनवाई करते हुए निर्देश दिए परिवादी की संतुष्टि के लिए तारीख निर्धारित कर 10-10 व्यक्तियों को बुलाकर जिला सचिवालय में बैठक की जाए और समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने चरण सिंह सागर निवासी भमरोला की शिकायत की सुनवाई करते हुए पुलिस विभाग को परिवादी की शिकायत का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने उषा रानी निवासी वार्ड नंबर 29 की शिकायत की सुनवाई करते हुए कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद पलवल को प्रार्थी को प्रॉपटी आईडी की अपडेट प्रिंट कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत मर्रोली, सुरेंद्र कुमार बांस मोहल्ला पलवल, मंजू कुमारी गांव मंगोरका, निशा सेक्टर-2 पलवल, मुकेश कुमार व अन्य ग्रामवासी गांव धमाका, तारीफ हुसैन सरपंच ग्राम पंचायत मेह्लïूका, पवन भारद्वाज निवासी शिव कालोनी पलवल, रोहताश निवासी पलवल, नारायण सिंह निवासी सिविल लाइन पलवल, हाजी उमरदीन गांव चिल्ली, राजबीर सिंह रूहेला निवासी मोहन नगर पलवल और पूनम देवी की शिकायतों की सुनवाई की गई। *प्रत्येक शिकायत का तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान किया जाए सुनिश्चित : कैबिनेट मंत्री* कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों या ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में आने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए समाधान शिविरों सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायतों का प्राथमिकता से निवारण किया जाए। *पलवल-फरीदाबाद के नजदीक की जा रही है आईएमटी बनाने की कोशिश : उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री* उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने पत्रकारों द्वारा पूछ गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार की ओर से पलवल-फरीदाबाद के नजदीक आईएमटी बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भी प्रदेश में 10 आईएमटी बनाने की घोषणा की थी और सरकार के घोषणा पत्र में भी संकल्प था कि प्रदेश में सरकार बनने पर 10 आईएमटी बनाई जाएंगी, जिसमें से 6 आईएमटी बनाने की घोषणा की जा चुकी है, जिसमें पलवल-फरीदाबाद आईएमटी भी शामिल है, जिसके लिए जमीन चिन्हित कर जानकारी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आईएमटी बनने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। बैठक में पृथला से विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, हथीन से विधायक मोहम्मद इसराइल, उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार, डीएमसी मनीषा शर्मा, एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह, एसडीएम हथीन हरिराम, नगराधीश प्रीति रावत, डीएसपी मनोज वर्मा, डीएसपी अनिल कुमार डीडीपीओ उपमा अरोड़ा, जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह दांगी सहित समिति के अन्य सरकारी और गैर सरकारी सदस्य व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 0001
- तिजारा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 23 के मतदान बूथ पर वोट डालने को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद, डीएसपी शिवराज सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश कर मामला कराया शांत। क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो1
- और आजकल लोग व्यक्तित्व लड़ाई में आपस की लड़ाई में धर्म को बिच में अटका देते हैं जिसमें हिंदू मुसलमानों की लड़ाई हो. शराब के ठेके पर 10 साल के लड़के को बिना आधार कार्ड के शराब दे दी जाती है लेकिन 40 साल के किसान को बिना आधार कार्ड और बिना बायोमेट्रिक के खाद नहीं दिया जाता है ऐसा क्यों ?शराब के ठेके पर 10 साल के लड़के को बिना आधार कार्ड के शराब दे दी जाती है लेकिन 40 साल के किसान को बिना आधार कार्ड और बिना बायोमेट्रिक के खाद नहीं दिया जाता है ऐसा क्यों ? हाजी सलमान एक अच्छा लड़का है उसका कसूर यही है जाती से मुसलमान है दूसरा कसूर यह है जो लोनी में पानी भरा हुआ था कम नहीं हुआ था. सफाई कर्मचारियों को सलाम कोरोना महामारी के कठिन समय में सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर देश और समाज को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी मेहनत, सेवा और समर्पण को देश हमेशा याद रखेगा। सफाई कर्मियों का सम्मान, समाज का सम्मान है। Ministry of Housing and Urban Affairs +1 शिक्षा और रोजगार पर सवाल बीजेपी सरकार किसी भी क्षेत्र को देख लो, जब शिक्षा और रोजगार की बात आती है तो चुप्पी साध लेती है, लेकिन हिंदू-मुसलमान के मुद्दों पर राजनीति करने में सबसे आगे रहती है। हमें चाहिए- अच्छी शिक्षा | युवाओं को रोजगार बेहतर अस्पताल किसानों का सम्मान | महिलाओं की सुरक्षा विकास और बराबरी के अवसर बॉबी चौहान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सर्वजन आम पार्टी (S.A.P.) सत्य निकेतन घटना में मारे गए अभिषेक कर गए सबसे बड़ा दान दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे ने चंदौली के एक परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया। सदर थाना क्षेत्र के झांसी गांव निवासी 20 वर्षीय अभिषेक कुमार की इस दुर्घटना में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अभिषेक ने अपनी आंखें दान करने का इच्छा जताया था। बेटे की इच्छानुसार घरवालों ने अंतिम संस्कार से पहले उसकी आंखें दान कर दिया।😭😭😭😭🙏🙏🙏🇮🇳🇮🇳4
- झिंमरावट गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रैक्टर के कल्टीवेटर से टकराई बाइक, 32 वर्षीय युवक की मौत नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र के झिंमरावट गांव के पास बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में 32 साल के बाइक सवार युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान पलवल के ढकलपुर गांव निवासी सरफराज पुत्र जाकिर के रूप में हुई है। सरफराज अपनी ससुराल जा रहे थे। रास्ते में सामने से खेत जोतकर आ रहे एक ट्रैक्टर के पीछे लगे कल्टीवेटर से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सरफराज के सिर पर गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पिनगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।1
- गुरुग्राम-दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया गुरुग्राम बसई रोड पर युवक की प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर सनसनीखेज हत्या पीछे से आए बाइक सवार हमलावर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से पेट में दागी गोली पुरानी रंजिश में दिया गया वारदात को अंजाम हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस साइबर सिटी गुरुग्राम का बसई रोड सुबह-सुबह गोलियों की गूंज और चीख-पुकार से दहल उठा, जब बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े हत्याकांड की खूनी वारदात को अंजाम दे दिया। मिली जानकारी के अनुसार बसई गांव का रहने वाला महेंद्र नाम का युवक जैसे ही अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकला, घात लगाए बैठे कातिलों ने उसे अपना निशाना बना लिया। सुबह करीब 9 बज के 20 मिंट पर हुई इस भीषण वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और आसपास के लोग सहम गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार महेंद्र जब सड़क से गुजर रहा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए नकाबपोश बदमाशों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने बिना संभलने का मौका दिए अत्यंत नजदीक (प्वाइंट ब्लैंक रेंज) से महेंद्र पर सीधा फायर झोंक दिया। गोली सीधे महेंद्र के पेट में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर ही तड़पने लगा और कुछ ही पलों में उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर हथियार लहराते हुए घटनास्थल से फरार हो गए। शुरुआती तफ्तीश में इस खूनी वारदात के पीछे पुरानी आपसी रंजिश होने की बात सामने आ रही है। दिनदहाड़े मुख्य मार्ग पर हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और पुलिस हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।2