जर्जर भवन, शिक्षकों की भारी कमी और निष्क्रिय प्रबंध समिति पर सवाल, डीएम को सौंपा ज्ञापन; जांच व सरकारीकरण की उठी मागं। जर्जर भवन, शिक्षकों की भारी कमी और निष्क्रिय प्रबंध समिति पर सवाल, डीएम को सौंपा ज्ञापन; जांच व सरकारीकरण की उठी मागं। विंढमगंज (सोनभद्र)। झारखंड सीमा से सटे आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्र में स्थित भारती इंटरमीडिएट कॉलेज, विंढमगंज की बदहाल व्यवस्था को लेकर छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को जिलाधिकारी सोनभद्र को संबोधित ज्ञापन सौंपकर विद्यालय की जर्जर स्थिति, शिक्षकों की भारी कमी, निष्क्रिय प्रबंध समिति तथा विद्यालय की जमीन से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) एवं मुख्यमंत्री के माध्यम से कराए गए विकास कार्यों के लिए धन्यवाद ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कभी लगभग 2000 छात्र-छात्राओं वाले इस इंटर कॉलेज में आज छात्र संख्या घटकर करीब 1000 रह गई है। इसका प्रमुख कारण पिछले लगभग 13 वर्षों से प्रबंध समिति की निष्क्रियता, विद्यालय प्रशासन की उदासीनता, लगभग 60-70 वर्ष पुराने जर्जर भवन तथा शिक्षकों की भारी कमी बताई गई है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वर्ष 2025-26 में अंग्रेजी के शिक्षक अमरसिंह त्रिपाठी और गणित के शिक्षक चंदन प्रजापति के स्थानांतरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाएं। इसके अलावा प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सभी रिक्त पदों को भरने, जर्जर भवन को ध्वस्त कर नया भवन बनाने, खेल मैदान एवं विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा पिछले 13 वर्षों के आय-व्यय की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई गई है। सबसे महत्वपूर्ण मांग विद्यालय की निष्क्रिय प्रबंध समिति को तत्काल भंग कर कॉलेज को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज का दर्जा देने की है, ताकि क्षेत्र के गरीब एवं आदिवासी विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र, अभिभावक एवं क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और अनशन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करता है।
जर्जर भवन, शिक्षकों की भारी कमी और निष्क्रिय प्रबंध समिति पर सवाल, डीएम को सौंपा ज्ञापन; जांच व सरकारीकरण की उठी मागं। जर्जर भवन, शिक्षकों की भारी कमी और निष्क्रिय प्रबंध समिति पर सवाल, डीएम को सौंपा ज्ञापन; जांच व सरकारीकरण की उठी मागं। विंढमगंज (सोनभद्र)। झारखंड सीमा से सटे आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्र में स्थित भारती इंटरमीडिएट कॉलेज, विंढमगंज की बदहाल व्यवस्था को लेकर छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को जिलाधिकारी सोनभद्र को संबोधित ज्ञापन सौंपकर विद्यालय की जर्जर स्थिति,
शिक्षकों की भारी कमी, निष्क्रिय प्रबंध समिति तथा विद्यालय की जमीन से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) एवं मुख्यमंत्री के माध्यम से कराए गए विकास कार्यों के लिए धन्यवाद ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कभी लगभग 2000 छात्र-छात्राओं वाले इस इंटर कॉलेज में आज छात्र संख्या घटकर करीब 1000 रह गई है। इसका प्रमुख कारण पिछले लगभग 13 वर्षों से प्रबंध समिति की निष्क्रियता, विद्यालय प्रशासन की उदासीनता, लगभग 60-70 वर्ष पुराने जर्जर
भवन तथा शिक्षकों की भारी कमी बताई गई है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वर्ष 2025-26 में अंग्रेजी के शिक्षक अमरसिंह त्रिपाठी और गणित के शिक्षक चंदन प्रजापति के स्थानांतरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाएं। इसके अलावा प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सभी रिक्त पदों को भरने, जर्जर भवन को ध्वस्त कर नया भवन बनाने, खेल मैदान एवं विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा पिछले 13 वर्षों के आय-व्यय की स्वतंत्र जांच कराने की
भी मांग उठाई गई है। सबसे महत्वपूर्ण मांग विद्यालय की निष्क्रिय प्रबंध समिति को तत्काल भंग कर कॉलेज को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज का दर्जा देने की है, ताकि क्षेत्र के गरीब एवं आदिवासी विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र, अभिभावक एवं क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और अनशन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करता है।
- _अघोर गुरु पीठ ब्रह्म निष्ठालय बनौरा रायगढ़ छत्तीसगढ़ का 33वां स्थापना दिवस क्रिया कुटी आश्रम रेणुकुट में मनाया गया, रेणुकुट सोनभद्र* अघोर गुरु पीठ ब्रह्म निष्ठालय बनौरा का 33वां स्थापना दिवस दिन शुक्रवार को प्रातः क्रिया कुटी आश्रम रेणुकुट, सोनभद्र में औघड़ संत बाबा प्रियदर्शी राम जी के निर्देशन में बड़े ही श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई। फूलों और मालाओं से सजी गाड़ी में परम पूज्य बाबा जी का चित्र रखकर भजन-कीर्तन करते हुए श्रद्धालु आश्रम परिसर से हिन्डाल्को कॉलोनी होते हुए ग्रासिम मोड़ से पुनः आश्रम पर आए। इसके पश्चात ध्वजारोहण, सफलयोनि पाठ, आरती, सामूहिक अघोर गुरु गीता पाठ, पूजन और भजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर आश्रम परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। श्रद्धालुओं ने मिलकर पौधे लगाए एवं पौधों के रख-रखाव करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। आश्रम के *व्यवस्थापक मंडल* ने बताया कि आश्रम सदैव राष्ट्र और समाज हित में अग्रसर रहता है। आश्रम द्वारा समाज में फैली तमाम कुरीतियों, नशा उन्मूलन, दहेज रहित शादी जैसे कार्यों में सहयोग किया जाता है। इसके साथ ही अवधूत कृपा महिला हस्तशिल्प केंद्र एवं महिला मंडल द्वारा निर्धन कन्याओं को हस्तकला एवं सिलाई की निःशुल्क ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी किया जा रहा है1
- जिला अधिकारी चर्चित गोड़ ने तहसील समाधान दिवस में 89 शिकायतें सुनी, 8 का निस्तारण दुद्धी (सोनभद्र)। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में विभिन्न मामलों से जुड़े 89 शिकायतें पंजीकृत हुईं। इनमें से मौके पर 7 शिकायतों का निस्तारण किया गया जबकि 1 मामले में संबंधित स्थान पर टीम भेजकर तत्काल कार्रवाई कर कुल 8 मामलों का समाधान किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला अधिकारी चर्चित गोड़ ने की। मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, डीपीआरओ, जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, एसडीएम दुद्धी अशोक कुमार, तहसीलदार दुद्धी अंजनी गुप्ता सहित तहसील व जिले के कई अधिकारी–कर्मचारी मौजूद रहे। जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित फरियादियों के आवेदन पत्र एक एक कर सुने और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मामलों का न सिर्फ समयबद्ध बल्कि गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला अधिकारी चर्चित गोड़ ने बताया कि आज के समाधान दिवस में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान ही सुशासन की पहचान है और अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।3
- आंध्र प्रदेश के भोगपुरम से लाइव भारत की विकास यात्रा को गति देने वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ। आंध्र प्रदेश के भोगपुरम से लाइव भारत की विकास यात्रा को गति देने वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ।1
- 🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र सोन नदी में जाल उठाते समय 65 वर्षीय मछुआरे लल्लू केवट पर मगरमच्छ ने किया घातक हमला। 🐊 मगरमच्छ ने जबड़ों में जकड़कर पानी में खींचने की कोशिश की, ग्रामीणों के साहस से बची जान। घायल को CHC चोपन से जिला अस्पताल लोढ़ी रेफर किया गया। 📍 करगरा, चोपन थाना क्षेत्र मगरमच्छों की बढ़ती मौजूदगी से मछुआरा समुदाय में दहशत। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की। #Sonbhadra #Chopan #CrocodileAttack #BreakingNews1
- स्थाई समिति सदस्यों को मिला ग्राम सभा सशक्तीकरण का प्रशिक्षण हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंडके खुरी पंचायत के ग्राम मसरा एवं रणपुरा क्लस्टर में शनिवार ग्राम सभा स्थाई समिति सदस्यों का एक दिवसीय अभिमुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य प्रशिक्षक सत्येंद्र सिंह खरवार ने समिति सदस्यों को उनके अधिकार, कर्तव्य, सामाजिक निगरानी, ग्राम सभा की प्रभावी बैठक, विकास योजनाओं की पारदर्शिता एवं शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने गांव की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए ग्राम सभा के माध्यम से सामूहिक निर्णय लेने और योजनाओं की नियमित निगरानी का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पंचायत फैसिलिटेटर रमाकांत सिंह तथा सीआरपी सीमा देवी एवं संगीता देवी का सहयोग रहा।1
- जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिखाई संवेदनशीलता, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल पहुंचाया अस्पताल सोनभद्र, दिनांक 01 अगस्त, 2026। सम्पूर्ण समाधान दिवस, दुद्धी में प्रतिभाग करने के लिए जाते समय गुरमुरा के समीप सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति को देखकर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। दोनों अधिकारियों ने तत्काल अपना काफिला रुकवाकर घायल व्यक्ति का हालचाल जाना और बिना किसी विलंब के अपने स्कॉर्ट वाहन से उसे निकटवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाकर उपचार सुनिश्चित कराया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायल व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं तथा उपचार में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की त्वरित कार्रवाई से घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। मौके पर उपस्थित लोगों ने दोनों अधिकारियों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की।1