प्रतापगढ़ जिले के कोहड़ौर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ छेड़खानी की शिकार एक महिला को न्याय के लिए सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के दफ्तर पहुँचना पड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि मुख्यमंत्री के शासन में थानेदार पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं और न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने का काम कर रहे हैं। लाखीपुर (बोझवा) निवासी पीड़िता सुशीला देवी, जो अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ रहती हैं, जबकि उनके पति सूरत में रहते हैं, उन्होंने अपने पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेश कुमार यादव, जिसकी पत्नी का निधन हो चुका है, एक नशेड़ी किस्म का व्यक्ति बताया गया है जो अक्सर बुरी नीयत से पीड़िता को देखता था। घटना 20 मई की रात करीब 1 बजे की है, जब राजेश कुमार यादव बदनीयती से पीड़िता की चारपाई के पास आया, मच्छरदानी हटाकर उसका हाथ पकड़ा और मुँह दबाकर उसकी इज्जत के साथ जोर जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता ने बताया कि यह दूसरी बार है जब आरोपी ने उसके साथ ऐसा किया है। घटना के तुरंत बाद महिला ने आपातकालीन सेवा UP112 पर कॉल करके सूचना दी, जिसके बाद पुलिस आई और आरोपी को ले गई। पीड़िता को भी सुबह कोहड़ौर थाने बुलाया गया, जहाँ उसने लिखित तहरीर दी। हालांकि, 22 मई को जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ मुकदमे की नकल लेने थाने पहुँची तो उन्हें और उनके सहयोगी को बंद कर दिया गया। वहीं, दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू को 21 मई को शांति भंग में चालान करके छोड़ दिया गया, जबकि पीड़िता के अनुसार उसका अपराध जघन्य श्रेणी का था और उसका मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर आरोपी को बचाने और पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप लगाया, यहाँ तक कि उसके सहयोगी का भी शांति भंग में चालान कर दिया गया। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा के दफ्तर पहुँचकर अपनी फरियाद सुनाई और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को पढ़ा और उसे आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसका कोई समर्थक पीड़िता को दोबारा डराता-धमकाता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकार, जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप है, वहीं सीओ सिटी ने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
प्रतापगढ़ जिले के कोहड़ौर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ छेड़खानी की शिकार एक महिला को न्याय के लिए सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के दफ्तर पहुँचना पड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि मुख्यमंत्री के शासन में थानेदार पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं और न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने का काम कर रहे हैं। लाखीपुर (बोझवा) निवासी पीड़िता सुशीला देवी, जो अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ रहती हैं, जबकि उनके पति सूरत में रहते हैं, उन्होंने अपने पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेश कुमार यादव, जिसकी पत्नी का निधन हो चुका है, एक नशेड़ी किस्म का व्यक्ति बताया गया है जो अक्सर बुरी नीयत से पीड़िता को देखता था। घटना 20 मई की रात करीब 1 बजे की है, जब राजेश कुमार यादव बदनीयती से पीड़िता की चारपाई के पास आया, मच्छरदानी हटाकर उसका हाथ पकड़ा और मुँह दबाकर उसकी इज्जत के साथ जोर जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता ने बताया कि यह दूसरी बार है जब आरोपी ने उसके साथ ऐसा किया है। घटना के तुरंत बाद महिला ने आपातकालीन सेवा UP112 पर कॉल करके सूचना दी, जिसके बाद पुलिस आई और आरोपी को ले गई। पीड़िता को भी सुबह कोहड़ौर थाने बुलाया गया, जहाँ उसने लिखित तहरीर दी। हालांकि, 22 मई को जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ मुकदमे की नकल लेने थाने पहुँची तो उन्हें और उनके सहयोगी को बंद कर दिया गया। वहीं, दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू को 21 मई को शांति भंग में चालान करके छोड़ दिया गया, जबकि पीड़िता के अनुसार उसका अपराध जघन्य श्रेणी का था और उसका मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर आरोपी को बचाने और पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप लगाया, यहाँ तक कि उसके सहयोगी का भी शांति भंग में चालान कर दिया गया। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा के दफ्तर पहुँचकर अपनी फरियाद सुनाई और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को पढ़ा और उसे आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसका कोई समर्थक पीड़िता को दोबारा डराता-धमकाता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकार, जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप है, वहीं सीओ सिटी ने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
- प्रयागराज (इलाहाबाद) में यंग लायर्स एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को संपन्न हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय (बाबा) की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का संचालन संगठन के मंत्री पवन कुमार मिश्र ने कुशलतापूर्वक किया। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जेठ मास के पावन बड़े मंगलवार के उपलक्ष्य में दीवानी न्यायालय परिसर स्थित श्री हनुमान जी मंदिर पर एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत, कल यानी 26 मई 2026 को सुबह 11:00 बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन निश्चित हुआ है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी अधिवक्ता साथियों से इस पावन और भक्तिमय आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और समय पर उपस्थित होने की भावपूर्ण अपील की है। संगठन की इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त मंत्री दीपक त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष लालचन्द्र सरोज, कृष्ण जी शुक्ला, अनुराग त्रिपाठी, उन्स अहमद सिद्दीकी, संजय कुमार दुबे, सूरज कुमार (बबलू), ऑडिटर अशोक धूरिया, कोषाध्यक्ष विवेक कुमार मिश्र, प्रकाशन मंत्री बृजेश पाण्डेय (बिरनू) और पुस्तकालय अध्यक्ष निजाम अहमद सहित भारी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के खरौना गांव में एक घर के अंदर पति-पत्नी के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान फूलचंद और उनकी पत्नी पूजा के रूप में हुई है, जिनके शव घर के भीतर पड़े मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शव कई दिन पुराने बताए जा रहे हैं। आस-पास के लोगों को घर से दुर्गंध आने पर इस घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज रेंज के आईजी अजय कुमार मिश्रा ने भी मौके का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के साथ-साथ परिजनों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, फूलचंद और पूजा की कोई संतान नहीं थी और वे घर में अकेले रहते थे, जिससे गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। खरौना गांव में हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इसके बारे में लगातार चर्चा कर रहे हैं।3
- कौशांबी जिले में विधायक नीलम उदयभान करवरिया के जन्मदिन के अवसर पर एस.ए.वी. इंटर कॉलेज में एक उत्सवपूर्ण माहौल देखा गया। इस खास मौके पर कॉलेज के बच्चों ने केक काटकर विधायक को उनकी सालगिरह की शुभकामनाएं दीं और जश्न मनाया।1
- कौशांबी के चरवा में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब दिनांक 17.04.2026 को चरवा थाने में एक वादिनी ने सूचना दी कि उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी गोलू बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। इस शिकायत के आधार पर चरवा थाने में मु0अ0सं0 77/26, धारा 137 (2)/87 बीएनएस के तहत एक मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस टीम ने सोमवार, दिनांक 25.05.2026 को वांछित अभियुक्त गोलू, जो गोरे लाल का पुत्र और मीरापुर (शहजादपुर), थाना कोखराज, जनपद कौशांबी का निवासी है, उसे ग्राम काजू ट्यूबवेल के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया है। विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- कौशाम्बी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय के नेतृत्व में महोबा की एक दलित बेटी के साथ कथित दरिंदगी के मामले को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुँचकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें उन्होंने पीड़िता को तत्काल न्याय दिलाने की पुरज़ोर मांग की। कांग्रेस के नेताओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाएँ बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं, और सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है।1
- कौशांबी जिले में एक घर के अंदर पति-पत्नी के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए हैं। इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल पर गहनता से छानबीन में जुटी हुई है।1
- कौशांबी के कड़ा धाम स्थित कुबरी घाट पर गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मां गंगा की भव्य आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा घाट भक्तिमय माहौल में डूब गया। आरती के दौरान, मौके पर पहुंचे अधिकारियों और समाजसेवियों ने उपस्थित लोगों को मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने की शपथ दिलाई। इस पावन अवसर पर सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी, एसडीएम योगेश कुमार गौड़ और डीएफओ पंकज कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।1
- प्रतापगढ़ जिले के कोहड़ौर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ छेड़खानी की शिकार एक महिला को न्याय के लिए सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के दफ्तर पहुँचना पड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि मुख्यमंत्री के शासन में थानेदार पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं और न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने का काम कर रहे हैं। लाखीपुर (बोझवा) निवासी पीड़िता सुशीला देवी, जो अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ रहती हैं, जबकि उनके पति सूरत में रहते हैं, उन्होंने अपने पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेश कुमार यादव, जिसकी पत्नी का निधन हो चुका है, एक नशेड़ी किस्म का व्यक्ति बताया गया है जो अक्सर बुरी नीयत से पीड़िता को देखता था। घटना 20 मई की रात करीब 1 बजे की है, जब राजेश कुमार यादव बदनीयती से पीड़िता की चारपाई के पास आया, मच्छरदानी हटाकर उसका हाथ पकड़ा और मुँह दबाकर उसकी इज्जत के साथ जोर जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता ने बताया कि यह दूसरी बार है जब आरोपी ने उसके साथ ऐसा किया है। घटना के तुरंत बाद महिला ने आपातकालीन सेवा UP112 पर कॉल करके सूचना दी, जिसके बाद पुलिस आई और आरोपी को ले गई। पीड़िता को भी सुबह कोहड़ौर थाने बुलाया गया, जहाँ उसने लिखित तहरीर दी। हालांकि, 22 मई को जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ मुकदमे की नकल लेने थाने पहुँची तो उन्हें और उनके सहयोगी को बंद कर दिया गया। वहीं, दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू को 21 मई को शांति भंग में चालान करके छोड़ दिया गया, जबकि पीड़िता के अनुसार उसका अपराध जघन्य श्रेणी का था और उसका मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर आरोपी को बचाने और पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप लगाया, यहाँ तक कि उसके सहयोगी का भी शांति भंग में चालान कर दिया गया। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा के दफ्तर पहुँचकर अपनी फरियाद सुनाई और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को पढ़ा और उसे आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसका कोई समर्थक पीड़िता को दोबारा डराता-धमकाता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकार, जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप है, वहीं सीओ सिटी ने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।1