कागजों में सिमटा स्वच्छता अभियान: 15 अगस्त को भी स्कूल के मुख्य द्वार पर बिखरा कचरा, उगी झाड़ियां और गंदा पानी हाफिजपुर/कटघर सैद जलाल (मऊ): सरकार भले ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों रुपये खर्च करने के दावे कर रही हो, लेकिन धरातल पर इसकी पोल खुलती नजर आ रही है। प्राथमिक विद्यालय हाफिजपुर (कटघर सैद जलाल, जनपद मऊ) के बाहर फैली गंदगी और बदहाली यह साबित करने के लिए काफी है कि यहां स्वच्छता अभियान महज कागजों तक ही सीमित रह गया है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर, जहां एक तरफ स्कूल के अंदर राष्ट्रीय पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) के ठीक बाहर कूड़े-कचरे का ढेर, उगी हुई घास-फूस और बदबूदार गंदा पानी जमा पड़ा रहा। न हुई सफाई, न मारी गई घास सुखाने की दवा ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल परिसर और आसपास के रास्तों पर बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं, लेकिन जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही का आलम यह है कि यहां घास मारने/सुखाने वाली दवा तक का छिड़काव नहीं कराया गया। सफाई कर्मचारियों के न आने से स्कूल के मुख्य द्वार पर ही गंदगी का साम्राज्य कायम है। 15 अगस्त जैसे बड़े राष्ट्रीय पर्व पर भी विद्यालय के मुख्य द्वार के पास सफाई न होना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। जहरीले जीव-जंतुओं और बीमारी का डर स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को इसी झाड़ियों, गंदे पानी और कचरे के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। घास-फूस उगने से जहरीले कीड़े-मकोड़ों और सांप-बिच्छू का खतरा बढ़ गया है, वहीं रुके हुए गंदे पानी से डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
कागजों में सिमटा स्वच्छता अभियान: 15 अगस्त को भी स्कूल के मुख्य द्वार पर बिखरा कचरा, उगी झाड़ियां और गंदा पानी हाफिजपुर/कटघर सैद जलाल (मऊ): सरकार भले ही स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों रुपये खर्च करने के दावे कर रही हो, लेकिन धरातल पर इसकी पोल खुलती नजर आ रही है। प्राथमिक विद्यालय हाफिजपुर (कटघर सैद जलाल, जनपद मऊ) के बाहर फैली गंदगी और बदहाली यह साबित करने
के लिए काफी है कि यहां स्वच्छता अभियान महज कागजों तक ही सीमित रह गया है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर, जहां एक तरफ स्कूल के अंदर राष्ट्रीय पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) के ठीक बाहर कूड़े-कचरे का ढेर, उगी हुई घास-फूस और बदबूदार गंदा पानी जमा पड़ा रहा। न हुई सफाई, न मारी गई घास
सुखाने की दवा ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल परिसर और आसपास के रास्तों पर बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं, लेकिन जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही का आलम यह है कि यहां घास मारने/सुखाने वाली दवा तक का छिड़काव नहीं कराया गया। सफाई कर्मचारियों के न आने से स्कूल के मुख्य द्वार पर ही गंदगी का साम्राज्य कायम है। 15 अगस्त जैसे बड़े राष्ट्रीय पर्व पर भी विद्यालय
के मुख्य द्वार के पास सफाई न होना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। जहरीले जीव-जंतुओं और बीमारी का डर स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को इसी झाड़ियों, गंदे पानी और कचरे के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। घास-फूस उगने से जहरीले कीड़े-मकोड़ों और सांप-बिच्छू का खतरा बढ़ गया है, वहीं रुके हुए गंदे पानी से डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
- समाजवादी पार्टी से कर रहे मुहम्मदाबाद गोहना 355 विधानसभा से कर दावेदारी डॉ. जी.के. भारती ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए क्या कुछ कहा सुने समाजवादी पार्टी से कर रहे मुहम्मदाबाद गोहना 355 विधानसभा से कर दावेदारी डॉ. जी.के. भारती ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए क्या कुछ कहा सुने1
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- बाढ़ प्रभावित क्षेत्र विंटोलिया का जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक के साथ किया स्थलीय निरीक्षण बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां पूर्व में ही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश मऊ । जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने तहसील मधुबन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र विंटोलिया का पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति एवं उससे बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के दृष्टिगत सभी आवश्यक तैयारियां पहले से ही पूर्ण कर ली जाएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने तथा जलस्तर एवं तटबंधों आदि की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित ग्रामवासियों से संवाद कर बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं एवं उनकी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं सजग है तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने राजस्व, सिंचाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी आवश्यक संसाधन, उपकरण एवं व्यवस्थाएं पूर्व से ही सुनिश्चित रखें। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण एवं निगरानी करते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार सहित राजस्व एवं सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- Shahanavaj Alam जिला अध्यक्ष समाजवादी मुलायम सिंह ब्रिगेडियर मऊ1
- परिसीमन से ज़्यादा बेहतर है कि हमारे देश की सीमाओं की सुरक्षा हो। 2014 में भारत का क्षेत्रफ़ल क्या था और आज क्या है? क्या ये भारतीय जनता पार्टी बता पाएगी?: अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी1
- जहानागंज में तिरंगा यात्रा के दौरान दिखी इंसानियत की मिसाल आजमगढ़। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहानागंज में निकली तिरंगा यात्रा के दौरान देशभक्ति के साथ सेवा और इंसानियत की खूबसूरत तस्वीर भी देखने को मिली। भीषण गर्मी के बीच नगर पंचायत जहानागंज के मुख्य मोड़ पर नटराज फार्मेसी के सामने श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए रूह आफजा की व्यवस्था की गई। आयोजकों के अनुसार, करीब 3 हजार लोगों ने शीतल पेय का लाभ उठाया। तिरंगा हाथों में लिए आगे बढ़ रहे विद्यार्थियों और आम लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए अंकित चौबे, अर्पणेश सिंह ‘अप्पू’, शिवचरन सरोज, शुभम शिल्पकार, रंजीत कन्नौजिया, पंकज सिंह ‘भुजही’, खर्चू सिंह, अभिषेक राय, प्रधान जी (प्रकाश कम्यूनिकेशन) और डॉ. जे.पी. (प्रकाश पैथालॉजी) सहित सहयोगियों ने सेवा में योगदान दिया। 🇮🇳 तिरंगे की शान के साथ इंसानियत की सेवा—जहानागंज की यह पहल बनी चर्चा का विषय। 📲 Devpuria Times सच की खबर, सबसे पहले।1
- 15 अगस्त 2026 के शुभ अवसर पर पुलिस अधीक्षक मऊ श्री कमलेश बहादुर द्वारा दी गयी हार्दिक शुभकामनाये ।👇👇👇1
- यमुना नदी में नहाने गये, दो बच्चों की डूबने से मौत,,,,,, आगरा में यमुना नदी में नहाते समय हादसा, दो बच्चे डूबे फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के पिनाहपुरा गांव में शुक्रवार को यमुना नदी में नहाते समय दो बच्चों के डूबने से हड़कंप मच गया। हादसे के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने बच्चों की तलाश शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, करीब पांच बच्चे बकरी चराने के लिए यमुना किनारे गए थे। इसी दौरान 12 वर्षीय रूमा और 10 वर्षीय प्रिंस नहाने के लिए यमुना में उतर गए। नहाते समय दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। तीन अन्य बच्चे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए और उन्होंने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू कर दी। कई घंटे की तलाश के बाद भी यमुना नदी में दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस-प्रशासन और ग्रामीण गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं। हादसे की खबर से बच्चों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही तलाश अभियान चला रही है।1