सौरिख, कन्नौज में ईद-उल-अज़हा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहाँ सुबह से ही रौनक देखने को मिली। कस्बे की ओर से सड़कों पर चूना डलवाया गया और सुबह छह बजे जामा मस्जिद से हाफ़िज़ रेहान साहब की सदारत में झंडा जुलूस ईदगाह के लिए निकला। इसके बाद रौरी ईदगाह पर हाफ़िज़ रेहान साहब ने, बम्बा राजापुर ईदगाह पर मौलाना शोएब आलम साहब ने और खेरे वाली मस्जिद में मौलाना मोहम्मद मेहदी साहब ने नमाज़ अदा कराई। इस अवसर पर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य अली अब्बास नकवी ने कहा कि ईद-उल-अज़हा केवल कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत, मोहब्बत, सब्र और अल्लाह की रज़ा के लिए अपने जज्बातों को कुर्बान करने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि इस्लाम अमन, भाईचारा और इंसानों के साथ अच्छा बर्ताव करने की तालीम देता है, और किसी भी मज़हब, समाज या व्यक्ति को तकलीफ पहुंचाना इस्लाम की शिक्षा नहीं है। नकवी साहब ने इस बात पर जोर दिया कि सच्चा ईमान हमारे अखलाक, हमारी सोच, हमारे व्यवहार और इंसानियत की सेवा से पहचाना जाता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि ईद-उल-अज़हा के इस मुबारक मौके पर गरीबों, मजलूमों, जरूरतमंदों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों का खास ख्याल रखा जाए, ताकि हर इंसान खुशियों में शामिल हो सके। नकवी ने यह भी सिखाया कि जिस मुल्क में हम रहते हैं, वहाँ के कानून और संविधान का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। दीन हमें अमन, जिम्मेदारी, अनुशासन और इंसानियत का रास्ता दिखाता है, और एक अच्छा नागरिक वही है जो अपने मज़हबी फर्ज के साथ-साथ देश के कानून का भी पूरी ईमानदारी से पालन करे और किसी को असुविधा न हो। उन्होंने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और इस पवित्र पर्व को मोहब्बत, इज्जत, भाईचारे, कानून के सम्मान, साफ-सफाई और इंसानियत के साथ मनाने का आह्वान किया, ताकि ईद की खुशियां समाज में अमन और सौहार्द का संदेश दें। इस दौरान सभी ईदगाहों और मस्जिदों में देश के लिए अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इस मौके पर गुड्डू नंबरदार, तौसीफ यूसुफ, अली अब्बास नकवी, बारिद अली, फ़ीरोज अख्तर, इमरान खान सोनू, मोहम्मद शाहरुख और परवेज़ आलम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखी।
सौरिख, कन्नौज में ईद-उल-अज़हा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहाँ सुबह से ही रौनक देखने को मिली। कस्बे की ओर से सड़कों पर चूना डलवाया गया और सुबह छह बजे जामा मस्जिद से हाफ़िज़ रेहान साहब की सदारत में झंडा जुलूस ईदगाह के लिए निकला। इसके बाद रौरी ईदगाह पर हाफ़िज़ रेहान साहब ने, बम्बा राजापुर ईदगाह पर मौलाना शोएब आलम साहब ने और खेरे वाली मस्जिद में मौलाना मोहम्मद मेहदी साहब ने नमाज़ अदा कराई। इस अवसर पर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य अली अब्बास नकवी ने कहा कि ईद-उल-अज़हा केवल कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत, मोहब्बत, सब्र और अल्लाह की रज़ा के लिए अपने जज्बातों को कुर्बान करने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि इस्लाम अमन, भाईचारा और इंसानों के साथ अच्छा बर्ताव करने की तालीम देता है, और किसी भी मज़हब, समाज या व्यक्ति को तकलीफ पहुंचाना इस्लाम की शिक्षा नहीं है। नकवी साहब ने इस बात पर जोर दिया कि सच्चा ईमान हमारे अखलाक, हमारी सोच, हमारे व्यवहार और इंसानियत की सेवा से पहचाना जाता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह
से अपील की कि ईद-उल-अज़हा के इस मुबारक मौके पर गरीबों, मजलूमों, जरूरतमंदों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों का खास ख्याल रखा जाए, ताकि हर इंसान खुशियों में शामिल हो सके। नकवी ने यह भी सिखाया कि जिस मुल्क में हम रहते हैं, वहाँ के कानून और संविधान का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। दीन हमें अमन, जिम्मेदारी, अनुशासन और इंसानियत का रास्ता दिखाता है, और एक अच्छा नागरिक वही है जो अपने मज़हबी फर्ज के साथ-साथ देश के कानून का भी पूरी ईमानदारी से पालन करे और किसी को असुविधा न हो। उन्होंने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और इस पवित्र पर्व को मोहब्बत, इज्जत, भाईचारे, कानून के सम्मान, साफ-सफाई और इंसानियत के साथ मनाने का आह्वान किया, ताकि ईद की खुशियां समाज में अमन और सौहार्द का संदेश दें। इस दौरान सभी ईदगाहों और मस्जिदों में देश के लिए अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इस मौके पर गुड्डू नंबरदार, तौसीफ यूसुफ, अली अब्बास नकवी, बारिद अली, फ़ीरोज अख्तर, इमरान खान सोनू, मोहम्मद शाहरुख और परवेज़ आलम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखी।
- सौरिख, कन्नौज में ईद-उल-अज़हा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहाँ सुबह से ही रौनक देखने को मिली। कस्बे की ओर से सड़कों पर चूना डलवाया गया और सुबह छह बजे जामा मस्जिद से हाफ़िज़ रेहान साहब की सदारत में झंडा जुलूस ईदगाह के लिए निकला। इसके बाद रौरी ईदगाह पर हाफ़िज़ रेहान साहब ने, बम्बा राजापुर ईदगाह पर मौलाना शोएब आलम साहब ने और खेरे वाली मस्जिद में मौलाना मोहम्मद मेहदी साहब ने नमाज़ अदा कराई। इस अवसर पर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य अली अब्बास नकवी ने कहा कि ईद-उल-अज़हा केवल कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत, मोहब्बत, सब्र और अल्लाह की रज़ा के लिए अपने जज्बातों को कुर्बान करने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि इस्लाम अमन, भाईचारा और इंसानों के साथ अच्छा बर्ताव करने की तालीम देता है, और किसी भी मज़हब, समाज या व्यक्ति को तकलीफ पहुंचाना इस्लाम की शिक्षा नहीं है। नकवी साहब ने इस बात पर जोर दिया कि सच्चा ईमान हमारे अखलाक, हमारी सोच, हमारे व्यवहार और इंसानियत की सेवा से पहचाना जाता है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि ईद-उल-अज़हा के इस मुबारक मौके पर गरीबों, मजलूमों, जरूरतमंदों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों का खास ख्याल रखा जाए, ताकि हर इंसान खुशियों में शामिल हो सके। नकवी ने यह भी सिखाया कि जिस मुल्क में हम रहते हैं, वहाँ के कानून और संविधान का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है। दीन हमें अमन, जिम्मेदारी, अनुशासन और इंसानियत का रास्ता दिखाता है, और एक अच्छा नागरिक वही है जो अपने मज़हबी फर्ज के साथ-साथ देश के कानून का भी पूरी ईमानदारी से पालन करे और किसी को असुविधा न हो। उन्होंने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और इस पवित्र पर्व को मोहब्बत, इज्जत, भाईचारे, कानून के सम्मान, साफ-सफाई और इंसानियत के साथ मनाने का आह्वान किया, ताकि ईद की खुशियां समाज में अमन और सौहार्द का संदेश दें। इस दौरान सभी ईदगाहों और मस्जिदों में देश के लिए अमन-चैन की दुआ मांगी गई। इस मौके पर गुड्डू नंबरदार, तौसीफ यूसुफ, अली अब्बास नकवी, बारिद अली, फ़ीरोज अख्तर, इमरान खान सोनू, मोहम्मद शाहरुख और परवेज़ आलम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखी।2
- फ़र्रुखाबाद में, अग्निवीरों ने अपनी पासिंग आउट परेड पूरी होने के बाद एक विशेष प्रदर्शन प्रस्तुत किया।1
- एक सार्वजनिक नल पिछले पांच साल से खराब पड़ा है, जिससे उसकी उपयोगिता समाप्त हो गई है।1
- जनपद बाराबंकी के थाना फतेहपुर अंतर्गत ग्राम संदूपुरका में पथरी के इलाज के दौरान जगदीश पुत्र रामपाल की मृत्यु हो गई। बताया गया है कि जगदीश प्रसाद पथरी का ऑपरेशन कराने साईं हॉस्पिटल फतेहपुर गए थे, जहाँ 2 से 3 दिन चले इलाज के दौरान अस्पताल में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा सही से इलाज नहीं किया गया, जिसके कारण जगदीश की मृत्यु हुई। उनका यह भी कहना है कि पथरी का इलाज करने वाले डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन कर दिया। परिजनों ने यह भी बताया कि इस अस्पताल में पहले भी कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इस घटना से परिजनों में काफी आक्रोश है और वे दोषी डॉक्टर पर कार्यवाही करने तथा अस्पताल को सीज करने की मांग कर रहे हैं। प्रार्थी ने इस संबंध में नजदीकी थाना फतेहपुर में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर शव को पीएम हाउस के लिए भेज दिया है। परिजनों ने अस्पताल की जांच कर दोषियों को सजा दिलाने और मृतक के परिवार को सहायता प्रदान करने की भी मांग की है। यह रिपोर्ट जनपद बाराबंकी से ब्यूरो रामजी दीक्षित द्वारा दी गई है।1
- कन्नौज तहसील में एक सब रजिस्ट्रार को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।1
- शुक्रवार रात औरैया जिले के अछल्दा क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से नौतपा की भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। तेज हवाओं और ठंडी फुहारों से मौसम सुहावना हो गया, हालांकि बारिश के दौरान आसमान में लगातार कड़क रही बिजली से लोगों में डर का माहौल भी बना रहा। यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही, जिससे खेतों में खड़ी मूंग, मूंगफली और उड़द की फसलों को भरपूर फायदा पहुंचा है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने राहत की सांस ली। गांव बघईपुर निवासी किसान सुखबीर सिंह, जीतू सिंह और श्याम सिंह ने बताया कि बारिश से फसलों में नई जान आ गई है और खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से अब फसलों की अच्छी बढ़वार की उम्मीद बढ़ी है। किसानों का यह भी कहना है कि समय पर हुई बारिश से सिंचाई का खर्च कम होगा और उत्पादन बेहतर होने की संभावना है, क्योंकि लगातार पड़ रही तेज गर्मी और सूखे जैसे हालात से फसलें प्रभावित हो रही थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के बाद किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।1
- गुरुवार देर शाम अछल्दा क्षेत्र में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, वहीं कई स्थानों पर आसमान में तेज बिजली चमकने और बादलों की गर्जना से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। बारिश शुरू होते ही बाजारों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चमकने के कारण लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर हो गए। इस बारिश से भीषण गर्मी से लोगों को राहत अवश्य मिली, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक माना है, फिर भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को लेकर उनकी चिंताएं बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने पहले ही गरज-चमक और तेज आंधी की संभावना जताई थी, जिसके चलते प्रशासन भी सतर्क दिखाई दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहें।1
- कुल 1497 अग्निवीरों ने अपनी कड़ी सैन्य ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस कठिन सैन्य प्रशिक्षण के उपरांत, अब इन अग्निवीरों ने आधिकारिक तौर पर भारतीय सेना में कदम रखा है।1