Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजगीर में आयोजित राजकीय मलमास मेला 2026 के दूसरे शाही स्नान के दौरान, हजारों श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने सरस्वती नदी, ब्रह्मकुंड, सतधारा और बैतरणी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूरी मुस्तैदी दिखाई, और जिलाधिकारी कुंदन कुमार स्वयं मेले की निगरानी करते नजर आए। हालांकि, मेले के आयोजन के बीच राजगीर में मांस, मछली और अंडे की बिक्री को लेकर साधु-संतों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका तर्क है कि मलमास की अवधि में राजगीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, जिसके चलते इस दौरान मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। साधु-संतों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
Sanjay Kumar
राजगीर में आयोजित राजकीय मलमास मेला 2026 के दूसरे शाही स्नान के दौरान, हजारों श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने सरस्वती नदी, ब्रह्मकुंड, सतधारा और बैतरणी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूरी मुस्तैदी दिखाई, और जिलाधिकारी कुंदन कुमार स्वयं मेले की निगरानी करते नजर आए। हालांकि, मेले के आयोजन के बीच राजगीर में मांस, मछली और अंडे की बिक्री को लेकर साधु-संतों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका तर्क है कि मलमास की अवधि में राजगीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, जिसके चलते इस दौरान मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। साधु-संतों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
More news from बिहार and nearby areas
- राजगीर में आयोजित राजकीय मलमास मेला 2026 के दूसरे शाही स्नान के दौरान, हजारों श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने सरस्वती नदी, ब्रह्मकुंड, सतधारा और बैतरणी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूरी मुस्तैदी दिखाई, और जिलाधिकारी कुंदन कुमार स्वयं मेले की निगरानी करते नजर आए। हालांकि, मेले के आयोजन के बीच राजगीर में मांस, मछली और अंडे की बिक्री को लेकर साधु-संतों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका तर्क है कि मलमास की अवधि में राजगीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, जिसके चलते इस दौरान मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। साधु-संतों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।1
- जन कल्याण संघ ने न्याय की मांग को लेकर सदर अस्पताल में धरना दिया। संघ ने न्याय की आवाज बुलंद करते हुए प्रदर्शन किया और न्याय दिलाने की मांग पर आंदोलन चलाया।1
- बिहारशरीफ नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सातों पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित समय-सारणी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-24 के तहत गुप्त मतदान के जरिए इन सदस्यों का निर्वाचन किया गया, जिसके बाद मतगणना हुई और तुरंत परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। सभी विजयी उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपकर उन्हें पद तथा गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई, जिससे नगर निगम में सत्ता और विकास कार्यों की रूपरेखा का नया समीकरण पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना लागू की थी। इस प्रक्रिया के तहत, शुरुआत के दो घंटों में वार्ड पार्षदों की उपस्थिति दर्ज की गई और सातों पदों के लिए नामांकन पत्र प्राप्त किए गए। महज तीस मिनट के भीतर नामांकन पत्रों की संवीक्षा का कार्य पूरा किया गया, जिसके बाद मतपत्र तैयार करने के लिए एक घंटे का समय निर्धारित था। मतपत्र तैयार होते ही सभी वार्ड पार्षदों ने सदस्य संख्या एक से लेकर सात तक के लिए गुप्त मतदान के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग किया, और मतदान समाप्त होते ही पदवार मतों की गिनती शुरू कर दी गई। मतगणना के दौरान सातों पदों के लिए प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। घोषित परिणामों के अनुसार, सदस्य संख्या एक के लिए संजय कुमार ने 25 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नरेश प्रसाद (22 मत) को हराया। सदस्य संख्या दो के पद पर धनंजय कुमार 29 वोट पाकर भारी अंतर से विजयी रहे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी खालीद आलम को 17 मत मिले। सरफराज अहमद ने सदस्य संख्या तीन के लिए 29 वोट हासिल किए और अंजनी कुमार (18 वोट) को शिकस्त दी। इसी क्रम में, सदस्य संख्या चार के पद पर अंबिका सोनी ने 26 मतों के साथ जीत दर्ज की, उन्होंने पुष्पा देवी (20 मत) को हराया; इस पद की मतगणना के दौरान दो मत रद्द भी घोषित किए गए। सदस्य संख्या पांच के लिए आसमा खातून 25 वोट पाकर विजयी घोषित हुईं, उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहीं इस्मत प्रवीण को 21 मत प्राप्त हुए। विनोद रविदास ने सदस्य संख्या छह के लिए 25 मत प्राप्त कर अली अहमद (20 मत) पर जीत दर्ज की। वहीं, सदस्य संख्या सात के लिए संजय कुमार ने 25 मत हासिल किए और राज कुमार (21 मत) को हराकर समिति में अपनी जगह पक्की कर ली। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सभी नवगठित सदस्यों ने शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और लंबित योजनाओं में तेजी लाने का संकल्प लिया।4
- बिहार शरीफ नगर निगम की स्टैंडिंग कोर कमेटी का चुनाव हाल ही में संपन्न हुआ, जिसमें विपक्षी खेमा ने मेयर गुट पर बड़ी जीत हासिल की। चुनाव में वार्ड नंबर 28 के पार्षद संजय कुमार ने मेयर गुट का प्रतिनिधित्व किया, जबकि वार्ड नंबर 35 के पार्षद धनंजय कुमार उर्फ पप्पू यादव ने विपक्षी खेमा की अगुवाई की। दोनों तरफ से सात-सात उम्मीदवार मैदान में थे, जिसमें पप्पू यादव के खेमे ने 6-1 के अंतर से निर्णायक जीत दर्ज करते हुए नगर निगम की स्टैंडिंग कोर कमेटी पर 'कब्जा' कर लिया। चुनाव के बाद, सभी विजयी उम्मीदवारों को शपथ दिलवाई गई। मेयर प्रतिनिधि अमित कुमार ताती और डिप्टी मेयर प्रतिनिधि दानिश मलिक ने जीते हुए सभी प्रतिनिधियों का माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस जीत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए, विपक्षी खेमा के पप्पू यादव ने जोर देकर कहा कि जहाँ पहले की कमेटी 'सिलेक्टेड' थी और मेयर तथा डिप्टी मेयर ने उसे अपनी इच्छानुसार चुना था, वहीं आज की कोर कमेटी 'इलेक्टेड' है, जिसका गठन आम जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा मतदान कराकर किया गया है। यह परिणाम नगर निगम में 'सिलेक्टेड' के बजाय 'इलेक्टेड' के कब्जे को दर्शाता है।1
- नालंदा जिले के बिहार शरीफ नगर निगम में स्टैंडिंग कोर कमेटी के चुनाव संपन्न हुए, जिसमें मेयर गुट को झटका देते हुए विपक्षी खेमे ने समिति पर नियंत्रण हासिल कर लिया। वार्ड नंबर 35 के पार्षद धनंजय कुमार उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे ने मेयर गुट के वार्ड नंबर 28 के पार्षद संजय कुमार के खेमे को 6-1 के बड़े अंतर से हराकर कोर कमेटी पर कब्जा जमाया। दोनों खेमों से सात-सात उम्मीदवारों ने इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी। चुनाव के बाद सभी विजेता उम्मीदवारों को शपथ दिलाई गई। मेयर प्रतिनिधि अमित कुमार ताती और डिप्टी मेयर प्रतिनिधि दानिश मलिक ने विजयी प्रतिनिधियों का माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर विपक्षी खेमे से पप्पू यादव ने जोर देकर कहा कि पहले की समिति 'सिलेक्टेड' थी, जिसे मेयर और डिप्टी मेयर ने अपनी मनमर्जी से चुना था। लेकिन, उनकी अगुवाई वाली यह नई कोर कमेटी 'इलेक्टेड' है, जिसका गठन आम जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा मतदान के जरिए किया गया है। उन्होंने इसे एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बनी समिति बताया।1
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, घूसखोरी और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन गंभीर आरोपों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की जा रही है।1
- नालंदा पुलिस ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वाहन चोरों पर पुलिस के बड़े प्रहार के रूप में देखी जा रही है।1