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बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था। पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।
Mohit Kumar
बागपत पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण को दबोचा। उसके पास से लगभग 15 लाख रुपये कीमत का 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसे उसने पुलिस को चकमा देने के लिए एक सूटकेस और एक बैग में छिपा रखा था। पुलिस के अनुसार, शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने यह स्वीकार किया कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।
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- दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके में एक 21 वर्षीय विवाहिता ने कथित तौर पर अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतका की पहचान नेहा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नेहा की शादी को लगभग छह महीने हुए थे और यह एक प्रेम विवाह था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- लंबे समय से पति की शराब की लत और उसके कारण होने वाले शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न को सहन कर रही रूबी ने एक खौफनाक कदम उठाया। जब उसकी हिम्मत जवाब दे गई, तो उसने नशे में धुत सो रहे अपने पति पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस जघन्य वारदात को छिपाने के लिए उसने पति के शव को घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर दबा दिया और ऊपर से टाइल्स लगाकर किसी को शक न हो, इसका पूरा इंतजाम किया। दरअसल, शराबी पति आए दिन ₹100 की मांग करता था। एक बार जब उसने ₹50 पड़ोस से लिए थे, तो उसमें से ₹20 पति को देकर ₹30 अपने पास रख लिए, फिर ₹80 और पड़ोस से लाकर पति को पूरे ₹100 दिए। इसके बावजूद, पति शराब पीकर आता और दोबारा पैसों की मांग करते हुए गंदी गालियां देता और उसे अपमानित करता। इन्हीं सब बातों से क्षुब्ध होकर रूबी बेहद दुखी और परेशान रहती थी। उसने अपनी पीड़ा पड़ोस की एक महिला से साझा की, और कथित तौर पर उसी महिला के कहने पर उसने यह कदम उठाया, जिसके अंजाम के बारे में वह सोच भी न सकी। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन 45 दिनों तक मामले की पूछताछ और जांच में लगा रहा। रूबी 45 दिनों तक पुलिस को चकमा देती रही, लेकिन बयानबाजी में कुछ विरोधाभास सामने आने के बाद घटना का खुलासा हुआ। आखिरकार, 46वें दिन पुलिस ने बाथरूम की खुदाई कर कंकाल बरामद किया और रूबी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।1
- इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।1
- बुलंदशहर जिला कारागार में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का एक मामला सामने आया है।1
- भाजपा मुख्यमंत्री के PWD नाले साफ होने और महापौर के MCD नालियां साफ होने के दावों के बावजूद, पूरी दिल्ली इस समय जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि सड़कें तालाब बन चुकी हैं, लोग घंटों तक भयंकर जाम में फंसे हुए हैं, और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, हर बारिश के साथ करंट लगने और अन्य हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में, मानसून से पहले ही महापौर और MCD आयुक्त को पत्र लिखकर चेतावनी दी गई थी और सदन में भी तैयारियों को पूरा करने की मांग उठाई गई थी। हालांकि, भाजपा सरकार द्वारा इस पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई। दिल्लीवासियों के समय, सुरक्षा और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली इस बदइंतजामी की पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और भाजपा शासित MCD की है। दिल्ली में महज 5, 20 और 15 मिनट की बारिश ने भाजपा की 'चार इंजन सरकार' के सभी दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।1
- राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ रोहिणी सेक्टर 16 में एक चार मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस घटना में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस, NDRF और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं और बचाव कार्य में जुट गई हैं।1