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पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह

8 hrs ago
user_BHK News Himachal
BHK News Himachal
Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
8 hrs ago

पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह

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  • पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह
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    पहचान स्पेशल स्कूल: विशेष बच्चों के लिए शिक्षा, थेरेपी और आत्मनिर्भरता की नई राह
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • HRTC DRIVER KI INSAANIYAT DEKHO
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    HRTC DRIVER KI INSAANIYAT DEKHO
    user_Hem Singh Chauhan
    Hem Singh Chauhan
    Engineer Balh, Mandi•
    17 hrs ago
  • Post by Himachal Update 24 News
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    Post by Himachal Update 24 News
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • दो दिवसीय मां शारदा मेला भालारिहड़ा का वीरवार को समापन हो गया। समापन समारोह में विकास खंड चौंतडा के खंड विकास अधिकारी अनुभव तनवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्य अतिथि अनुभव तनवर सबसे पहले देव पशाकोट कुट खेतडू की भव्य जलेब में शामिल हुए और देव पशाकोट के चरणों में शीश नवाया। उसके बाद माता शारदा के मंदिर में माथा टेका। मेला कमेटी के प्रधान संजय जमवाल ने मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मेले के दौरान स्थानीय बच्चों ने विभिन्न गायन व नृत्य कार्यक्रम पेश किए गए। वहीं, महिला मंडल हराबाग की महिलाओं ने पहाड़ी नाटी प्रस्तुत कर समा बांधा। इसके अलावा मटका फोड़, म्यूजिकल चेयर और रस्साकसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। मटका फोड़ प्रतियोगिता में महिला पट्ट ने बाजी मारी। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में महिला मंडल आहडू प्रथम व महिला मंडल गदयाडा दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, रस्साकसी में महिला मंडल हराबाग ने विजयी रहा। इस मौके पर मुख्यातिथि अनुभव तनवर ने कहा कि ऐसे मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के जीवंत प्रतीक हैं, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। आज के दौर में जब लोग अपनी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सौहार्द, सहयोग और एकता की भावना और अधिक मजबूत होती है।
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    दो दिवसीय मां शारदा मेला भालारिहड़ा का वीरवार को समापन हो गया। समापन समारोह में विकास खंड चौंतडा के खंड विकास अधिकारी अनुभव तनवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मुख्य अतिथि अनुभव तनवर सबसे पहले देव पशाकोट कुट खेतडू की भव्य जलेब में शामिल हुए और देव पशाकोट के चरणों में शीश नवाया। उसके बाद माता शारदा के मंदिर में माथा टेका।
मेला कमेटी के प्रधान संजय जमवाल ने मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मेले के दौरान स्थानीय बच्चों ने विभिन्न गायन व नृत्य कार्यक्रम पेश किए गए। वहीं, महिला मंडल हराबाग की महिलाओं ने पहाड़ी नाटी प्रस्तुत कर समा बांधा। इसके अलावा मटका फोड़, म्यूजिकल चेयर और रस्साकसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। मटका फोड़ प्रतियोगिता में महिला पट्ट ने बाजी मारी। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में महिला मंडल आहडू प्रथम व महिला मंडल गदयाडा दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, रस्साकसी में महिला मंडल हराबाग ने विजयी रहा।
इस मौके पर मुख्यातिथि अनुभव तनवर ने कहा कि ऐसे मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के जीवंत प्रतीक हैं, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। आज के दौर में जब लोग अपनी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सौहार्द, सहयोग और एकता की भावना और अधिक मजबूत होती है।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    Local News Reporter जोगिंदरनगर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
  • रिपोर्ट 28 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। बीते बर्ष पिन पर्वती नदी में भयंकर बाढ़ आने के कारण पार्वती जल विद्युत परियोजना बांध को काफी नुकसान हुआ था इसकी मनोरम मत को लेकर बांध के आसपास निर्माण कार्य योजना स्तर पर चला हुआ है उम्मीद अच्छी जल्दी कार्य पूरा किया जाएगा
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    रिपोर्ट 28 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
बीते बर्ष पिन पर्वती नदी में भयंकर बाढ़ आने के कारण पार्वती जल विद्युत परियोजना बांध को काफी नुकसान हुआ था इसकी मनोरम मत को लेकर बांध के आसपास निर्माण कार्य योजना स्तर पर चला हुआ है उम्मीद अच्छी जल्दी कार्य पूरा किया जाएगा
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    7 hrs ago
  • सुजानपुर सैनिक प्राइमरी स्कूल में शनिवार को फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया स्कूल कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने खूब धमाल मचाई हिंदी पंजाबी पहाड़ी गानों पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे मुख्य अतिथियों के साथ अन्य स्कूल स्टाफ सदस्यों का खूब मनोरंजन किया आयोजित इस फेयरवेल पार्टी में चतुर्थ श्रेणी के छात्रों ने अपने सीनियर पांचवी कक्षा के छात्रों को फेयरवेल पार्टी दी। कार्यक्रम में विशेष रूप से सैनिक स्कूल अध्यक्ष ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ,सेक्रेटरी कमांडर अक्षय कुमार साहू सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे । इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई। फेयरवेल में ओलंपियाड की परीक्षा में स्वर्ण ,रजत और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि ने बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की वह बच्चों को स्कूल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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    सुजानपुर
सैनिक प्राइमरी स्कूल में शनिवार को फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया स्कूल कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने खूब धमाल मचाई हिंदी पंजाबी पहाड़ी गानों पर छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे मुख्य अतिथियों के साथ अन्य स्कूल स्टाफ सदस्यों का खूब मनोरंजन किया आयोजित इस फेयरवेल पार्टी में चतुर्थ श्रेणी के छात्रों ने अपने सीनियर पांचवी कक्षा के छात्रों को फेयरवेल पार्टी दी। कार्यक्रम में विशेष रूप से सैनिक स्कूल अध्यक्ष ग्रुप कैप्टन रचना जोशी ,सेक्रेटरी कमांडर अक्षय कुमार साहू सहित  स्टाफ सदस्य मौजूद रहे । इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी गई। फेयरवेल में ओलंपियाड की परीक्षा में स्वर्ण ,रजत और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि ने बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की वह बच्चों को स्कूल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • हमीरपुर पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए केंद्र सरकार से गोविंद सागर (भाखड़ा बांध) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) जलाशयों के लिए समयबद्ध एवं समग्र एक्वाकल्चर विकास योजना तैयार करने की मांग की। इन दोनों जलाशयों का संयुक्त जल क्षेत्र लगभग 42,000 हेक्टेयर है, जो ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में मत्स्य आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देश के दो सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों के बीच होने के कारण विशेष महत्व रखती है, जो ब्लू रिवोल्यूशन और सतत मत्स्य विकास के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने आधुनिक फिश लैंडिंग केंद्र, आइस प्लांट, ट्राउट एवं कार्प हैचरी, केज कल्चर विस्तार और सीधे विपणन तंत्र को शामिल करते हुए एक सुनियोजित योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही ब्लू रिवोल्यूशन योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे, फिश सीड स्टॉकिंग, मछुआरों के कल्याण तथा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा रेसवे यूनिट, बीज उत्पादन, पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 24 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए ₹155.48 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें केंद्र का अंश ₹79.47 करोड़ है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला ऊना के गगरेट में ₹5.17 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को मत्स्य एवं एक्वाकल्चर अवसंरचना विकास निधि के तहत स्वीकृति दी गई है। यह केंद्र प्रदेश के मछुआरों, मत्स्य पालकों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से प्रशिक्षित करेगा तथा हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को जारी निधि में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2021–22 में ₹12.65 करोड़, 2022–23 में ₹13.10 करोड़, 2023–24 में ₹5.62 करोड़ और 2024–25 में ₹14.76 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा अवसंरचना और बीज उत्पादन के लिए नियमित सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021–22 में 16,015.81 मीट्रिक टन उत्पादन से बढ़कर 2024–25 में यह 19,019.83 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक 16,861.06 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया जा चुका है। दोनों प्रमुख जलाशयों में व्यावसायिक पंगासियस मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 48 केज स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जलाशय में 24-24 केज शामिल हैं। पोंग बांध में 15 और गोविंद सागर में 8 लैंडिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 697 मछुआरों को नाव और जाल उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 9,208 मछुआरों को क्लोज सीजन सहायता प्रदान की गई है और बीमा योजना के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹5 लाख तथा आंशिक विकलांगता पर ₹2.50 लाख का प्रावधान है। आने वाले पांच वर्षों के लिए दोनों जलाशयों में प्रति वर्ष 600 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र पर केंद्र सरकार के विशेष ध्यान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गगरेट में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, एफआईडीएफ और ब्लू रिवोल्यूशन के तहत किए जा रहे निवेश प्रदेश के नदियों और जलाशयों पर निर्भर लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गोविंद सागर और महाराणा प्रताप सागर के लिए प्रस्तावित समग्र योजना हिमाचल के चार जिलों में मछुआरा समुदाय के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगी।
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    हमीरपुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विषय उठाते हुए केंद्र सरकार से गोविंद सागर (भाखड़ा बांध) और महाराणा प्रताप सागर (पोंग बांध) जलाशयों के लिए समयबद्ध एवं समग्र एक्वाकल्चर विकास योजना तैयार करने की मांग की। इन दोनों जलाशयों का संयुक्त जल क्षेत्र लगभग 42,000 हेक्टेयर है, जो ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में मत्स्य आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देश के दो सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों के बीच होने के कारण विशेष महत्व रखती है, जो ब्लू रिवोल्यूशन और सतत मत्स्य विकास के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने आधुनिक फिश लैंडिंग केंद्र, आइस प्लांट, ट्राउट एवं कार्प हैचरी, केज कल्चर विस्तार और सीधे विपणन तंत्र को शामिल करते हुए एक सुनियोजित योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही ब्लू रिवोल्यूशन योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे, फिश सीड स्टॉकिंग, मछुआरों के कल्याण तथा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा रेसवे यूनिट, बीज उत्पादन, पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाएं और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 24 मार्च 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए ₹155.48 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें केंद्र का अंश ₹79.47 करोड़ है।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला ऊना के गगरेट में ₹5.17 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को मत्स्य एवं एक्वाकल्चर अवसंरचना विकास निधि के तहत स्वीकृति दी गई है। यह केंद्र प्रदेश के मछुआरों, मत्स्य पालकों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों, सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से प्रशिक्षित करेगा तथा हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को जारी निधि में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2021–22 में ₹12.65 करोड़, 2022–23 में ₹13.10 करोड़, 2023–24 में ₹5.62 करोड़ और 2024–25 में ₹14.76 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा अवसंरचना और बीज उत्पादन के लिए नियमित सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021–22 में 16,015.81 मीट्रिक टन उत्पादन से बढ़कर 2024–25 में यह 19,019.83 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक 16,861.06 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया जा चुका है।
दोनों प्रमुख जलाशयों में व्यावसायिक पंगासियस मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 48 केज स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक जलाशय में 24-24 केज शामिल हैं। पोंग बांध में 15 और गोविंद सागर में 8 लैंडिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 697 मछुआरों को नाव और जाल उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 9,208 मछुआरों को क्लोज सीजन सहायता प्रदान की गई है और बीमा योजना के तहत मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर ₹5 लाख तथा आंशिक विकलांगता पर ₹2.50 लाख का प्रावधान है। आने वाले पांच वर्षों के लिए दोनों जलाशयों में प्रति वर्ष 600 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र पर केंद्र सरकार के विशेष ध्यान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गगरेट में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र की स्वीकृति पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, एफआईडीएफ और ब्लू रिवोल्यूशन के तहत किए जा रहे निवेश प्रदेश के नदियों और जलाशयों पर निर्भर लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गोविंद सागर और महाराणा प्रताप सागर के लिए प्रस्तावित समग्र योजना हिमाचल के चार जिलों में मछुआरा समुदाय के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगी।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • परीक्षा केंद्र बदलने पर छात्रों का विरोध | देहरी से नूरपुर शिफ्ट पर हंगामा | Himachal News
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    परीक्षा केंद्र बदलने पर छात्रों का विरोध | देहरी से नूरपुर शिफ्ट पर हंगामा | Himachal News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
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