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कंश ऋश
विकास कुमार
कंश ऋश
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- Post by विकास कुमार3
- रोहतास जिले के तिलौथू मे सामाजिक सरोकार की एक बड़ी पहल देखने को मिलने जा रही है। आगामी 19 अप्रैल को बाबूगंज स्थित खेल मैदान में 101 जोड़ों का निशुल्क सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन का जिम्मा सर्वजन कल्याण संस्थान ने उठाया है, जिसके अध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा ने बताया कि यह कार्यक्रम का पांचवां वर्ष है। हर साल की तरह इस बार भी पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ बेटियों की शादी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिसे लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूरे क्षेत्र में इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह है कि जो भी अभिभावक अपने बेटे की शादी इस दिन दहेज मुक्त करने का संकल्प लेंगे, उन्हें मंच पर सम्मानित किया जाएगा। ऐसे परिवारों को चांदी का मेडल और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश जा सके। सामूहिक विवाह का यह आयोजन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बन रहा है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।4
- सरकार मे बैठा आदमी,पैसे की कमी के कारण कोई काम न कर सके ऐसा हो ही नहीं सकता,प्रशांत किशोर ने प्रकाश सिंह बादल के कहे बातो को उदाहरणार्थ बताते हुए जनता और सरकार दोनों को संदेश दिया!1
- भोजपुर जिला के सहार प्रखंड अंतर्गत बरुही गांव में सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के उद्देश्य से ग्राम वासियों के सहयोग से भव्य सांस्कृतिक चैता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, आप सभी को बता दें कि इस सांस्कृतिक चैता कार्यक्रम में गांव के सभी लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया, और अपनी समृद्ध लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया, कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक चैत्र गीत ; कांटेसुरवा होखना सहइया ए राम ,के साथ की गई, जिसमें गांव के बुजुर्ग और गणमान्य अतिथि लोग भाग लिए, इसके बाद स्थानीय कलाकार और डेहरी पंचायत के डेहरी टोला के कलाकारों द्वारा चैता गीतों की शानदार प्रस्तुति किया गया, वहां उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया गया और कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया, इस कार्यक्रम के कर्ज करता रजनीकांत ,रामकुमार चौधरी ,पारस चौधरी, विनोद चौधरी का कहना है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति परंपरा और आपसी एकता मजबूत करना और भेदभाव को छोड़कर भाईचारा और सामाजिक समर सत्ता का कायम रखना, है,, अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया और पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा, केवल आप तक News के साथ मैं धर्मेंद्र कुमार1
- अरवल। कहते हैं की शादी विवाह बड़ा ही पवित्र रिश्ता होता है लेकिन यह तब और ज्यादा दर्दनाक बन जाता है जब एक बिटिया की विदाई मां-बाप खुशी-खुशी अपने मायके से करते हैं लेकिन वही बिटिया ससुराल से जब विदा होती है तो अर्थी में लिपट कर आती है और इस दुनिया को अलविदा कर देती है घटना अरवल जिले के मोथा गांव का है जहां ज्योति कुमारी नामक लड़की जो की कुतलुपुर थाना अलीपुर गया जिला की निवासी है जिसकी शादी अभिषेक कुमार पिता दीनानाथ शर्मा से 2 वर्ष पहले होती है खुशी-खुशी लड़की के पिता और परिवार लड़की को विदा करते हैं विदा के बाद कुछ दिनों तक सब कुछ खुशनुमा माहौल में चलते रहता है लेकिन फिर कहता है परिवार की लड़की के साथ मार पीट हो ताने देने का काम बीच-बीच में होने लगता है और एक दिन ऐसा भी आता है जब लड़की की हत्या कर दी जाती है जबकि ससुराल पक्ष के लोगों का कहना है कि एक्सीडेंट में लड़की की मौत हो गई अब मामले की सच्चाई क्या है या तो पुलिसिया जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा लेकिन या दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में मातम सा माहौल फैल गया है और लड़की के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है1
- एक ओर सरकार शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की सच्चाई बयां कर रही है। अरवल प्रखंड क्षेत्र के दिरपाल विगहा स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय इसका ताजा उदाहरण है, जहां विद्यालय भवन के अभाव में बच्चों की पढ़ाई मंदिर के चबूतरे पर कराई जा रही है। यह दृश्य न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकारी दावों की पोल भी खोलता नजर आता है। मामला तब और गंभीर हो गया जब नक्षत्र न्यूज की टीम विद्यालय का जायजा लेने पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में पदस्थापित एक शिक्षिका बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थीं। जब इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य से पूछा गया, तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विद्यालय के प्राचार्य जगन्नाथ खत्री ने बताया कि नामांकन पंजी में कुल 49 छात्रों का नाम दर्ज है और उन्हें पढ़ाने के लिए 4 शिक्षक पदस्थापित हैं। बावजूद इसके, भवन के अभाव में बच्चों को उचित शिक्षा उपलब्ध कराना बेहद मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब स्कूल के लिए भवन तक उपलब्ध नहीं है और शिक्षक भी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं, तो आखिर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सरकारी दावे कितने सार्थक हैं।1
- दो भाई के बीच में लड़ाई चिंटू तिवारी के साथ CHINTU TIWARI1
- अरवल जिले के मदन सिंह टोला पर 20 साल में पहली बार किराने की दुकान में हुई चोरी। वीडियो पूरा देखें.....1