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कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी, +(बडलीपाडा में पानीं की किल्लत कौन सुने प्यासों की पुकार! ) जैसें जेसे गर्मी का मोसम नजदीक आ रहा है वैसे वैसे पिने के पानी की किल्लत होने लगी है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के रामगढ़ के समिप वडलीपाडा में पिने के पानी की किल्लत होने से लोगों में भारी नाराजगी है, लोगों ने बताया कि हेंणड पंप जवाब देने लगे यदी समय रहते स्थानीय पंचायत जलदाय विभाग व प्रशासन ने पिने के पानी की सुचारू व्यवस्था नहीं कि तो लोग प्यासें रहने को मजबुर होगे देखना यह होगा कि क्या सरकार व प्रशासन पिने के पानी की ठोस व्यवस्था करते हैं या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा
Dharmendra Soni
कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी, +(बडलीपाडा में पानीं की किल्लत कौन सुने प्यासों की पुकार! ) जैसें जेसे गर्मी का मोसम नजदीक आ रहा है वैसे वैसे पिने के पानी की किल्लत होने लगी है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के रामगढ़ के समिप वडलीपाडा में पिने के पानी की किल्लत होने से लोगों में भारी नाराजगी है, लोगों ने बताया कि हेंणड पंप जवाब देने लगे यदी समय रहते स्थानीय पंचायत जलदाय विभाग व प्रशासन ने पिने के पानी की सुचारू व्यवस्था नहीं कि तो लोग प्यासें रहने को मजबुर होगे देखना यह होगा कि क्या सरकार व प्रशासन पिने के पानी की ठोस व्यवस्था करते हैं या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा
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- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर शाहिद मकरानी रामगढ़... कुशलगढ़ के पास रामगढ़ गांव के वडलीपाड़ा में पानी को ले कर जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है पानी को ले कर लोगों ने सरपंच राकेश मईडा जी से बात की फिर सरपंच राकेश मईडा जी ने जल संसाधन विभाग में ज्ञापन दिया उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई बार बार ज्ञापन दिया लोगो का कहना है कि जल संसाधन विभाग पर कारवाही हो ओर हमारे यहां पानी की सुविधा हो2
- ना रोड बन रहा है ना नाल1
- कुशलगढ़ नगर में भगवान महावीर स्वामी की जयंती के पावन अवसर पर जैन समाज द्वारा भक्ति, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण भव्य आयोजन किए गए। श्वेतांबर जैन मूर्ति पूजक संघ द्वारा यति जी के बगीचे में तथा वर्धमान स्थानकवासी श्री संघ द्वारा अनु वाटिका में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे नगर को आध्यात्मिक और उत्सवमय वातावरण से सराबोर कर दिया। कार्यक्रमों में नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर युवा-युवतियों एवं महिला मंडल तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित समाजजनों को भाव-विभोर कर दिया। विशेष रूप से मंचित नाटकों में आधुनिक जीवनशैली पर करारा संदेश देते हुए मोबाइल के दुष्परिणाम और फास्ट फूड से होने वाले नुकसान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके साथ ही भगवान महावीर स्वामी के जन्म एवं उनके त्यागमय और प्रेरणादायक जीवन पर आधारित नाट्य मंचनों ने श्रद्धा और आस्था का वातावरण निर्मित किया। दोनों ही स्थानों पर समाजजनों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रमों की भव्यता को और बढ़ा दिया। यति जी के बगीचे में आयोजित समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। बोर्ड परीक्षाओं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले भैया-बहनों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समग्र रूप से यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि संस्कार, प्रेरणा और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।1
- Post by User4711
- बांसवाड़ा। स्थानीय बाहुबली कॉलोनी स्थित सुमति नाथ जिनालय में श्री 1008 भगवान सुमतिनाथ का जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव परम पूज्य अंतर्मना आचार्य गुरुदेव 108 प्रसन्न सागरजी महाराज ससंघ एवं गणनी आर्यिका 105 विशिष्ट श्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में अत्यंत भव्यता के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में निर्वाण लाडू अर्पित कर अपनी भक्ति प्रदर्शित की। प्रातः काल की बेला में भगवान सुमतिनाथ का पंचामृत अभिषेक विभिन्न रसों के साथ श्रावकों द्वारा भक्तिपूर्वक किया गया। महोत्सव का मुख्य आकर्षण 108 स्वर्ण कलशों से किया गया दुग्धाभिषेक और शांतिधारा रही, जिसके पश्चात विधि-विधान से ध्वजा परिवर्तन का मांगलिक कार्य संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित सुमतिनाथ विधान में पंचशील परिवार ने सौधर्म इंद्र बनकर सभी धार्मिक क्रियाएं धूमधाम से पूर्ण कीं। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज ने मर्मस्पर्शी प्रवचन में कहा कि मोदक केवल मिष्ठान नहीं, बल्कि प्रसन्नता का प्रतीक है। उन्होंने सिखाया कि जिस प्रकार छोटी-छोटी बूंदों से लड्डू का आकार बनता है, वैसे ही जीवन में छोटे-छोटे नियमों का पालन व्यक्ति को निर्वाण तक ले जाता है। गुरुदेव ने संदेश दिया कि दीपक से जलना नहीं बल्कि तिमिर (अंधकार) मिटाना सीखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जीवन को उत्सव बनाना है तो भगवान कृष्ण के पास जाओ, लेकिन यदि जीवन को 'महोत्सव' में बदलना है तो भगवान महावीर के मार्ग पर चलना होगा। दोपहर में भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के सभी मंडलों के सदस्य अपने निर्धारित ड्रेस कोड में भक्ति नृत्य और डांडिया खेलते हुए शामिल हुए। नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभायात्रा पुनः मंदिर जी पहुंची, जहाँ श्रीजी को ससम्मान विराजित किया गया। महोत्सव के अंतिम चरण में सायंकालीन बेला में महाआरती, पालना झुलाना और सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत भव्य नाटिकाओं का मंचन किया गया। समाज के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने बताया कि इस सफल आयोजन के लिए अध्यक्ष महेंद्र वोरा एवं महामंत्री महिपाल जी शाह ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में पंचशील परिवार द्वारा स्वामी वात्सल्य (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया।1
- meghnagar ghatna1
- सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के इटावा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। निर्माणाधीन कुएं में काम करते समय एक महिला अचानक संतुलन बिगड़ने से कुएं में गिर गई। हादसे में महिला संगीता गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने महिला को बाहर निकालकर उपचार के लिए एमजी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। कुएं में गिरने से उसके शरीर में गंभीर चोटें आई हैं।1