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शाजापुर जिले के पचेटी गांव में माताजी का एक भव्य मंदिर स्थित है। इस मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। मंदिर की भव्यता लोगों को आकर्षित करती है।
Mayaram Rathore
शाजापुर जिले के पचेटी गांव में माताजी का एक भव्य मंदिर स्थित है। इस मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। मंदिर की भव्यता लोगों को आकर्षित करती है।
- Mayaram Rathoreशाजापुर, शाजापुर, मध्य प्रदेशजय माता जी2 hrs ago
- Mayaram Rathoreशाजापुर, शाजापुर, मध्य प्रदेश🙏2 hrs ago
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- मध्य प्रदेश के सारंगपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था। इस शिविर में हजारों नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवेदन जमा किए। शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व और जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। प्रत्येक विभाग ने अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, पात्र हितग्राहियों के आवेदन लिए और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान कीं। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद श्री रोडमल नागर ने विशेष रूप से इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान, कृषि विभाग ने फार्मर आईडी रजिस्ट्री के 117 और कृषक ई-केवाईसी के 94 प्रकरणों का पंजीकरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 185 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय सलाह दी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 54 बालिकाओं का पंजीकरण किया और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 158 हितग्राहियों को लाभान्वित किया। पंचायत विभाग ने संबल योजना में 11 नए पंजीकरण किए, साथ ही अंत्येष्टि सहायता योजना में 47 हितग्राहियों और अनुग्रह सहायता योजना में 15 पात्र परिवारों को लाभ दिया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और सांसद श्री रोडमल नागर ने दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र और लाभ भी वितरित किए। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के पहले दिन, 16 जून को, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. टेटवाल ने इस अवसर पर महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कौशल और समाज निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। अपने संबोधन में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का एक सशक्त सेतु है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है, समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है और विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को अपनाते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे, और जन कल्याण शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री देव नारायण नागर, जिला पंचायत सीईओ श्री इच्छित गड़पाले, जनपद पंचायत सीईओ श्री हेमेंद्र गोविल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इसे जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।1
- सुसनेर के हरिनगर में विधायक निधि से 3 लाख रुपये की लागत से एक सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस विकास कार्य के लिए जनप्रतिनिधियों ने भूमिपूजन किया। इस अवसर पर कई प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस सड़क निर्माण को हरी झंडी दी।1
- राजनीतिक दलों के भीतर पालेबंदी और टूट का सिलसिला जारी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आगे कौन सा दल टूटेगा। यह स्थिति मध्य प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर चल रहे घटनाक्रम की ओर इशारा करती है, जहां आंतरिक खींचतान और असंतोष के कारण कई दलों में बिखराव देखने को मिल रहा है।1
- राजगढ़ जिले में चोरी, नकबजनी और संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.) के अभियान के तहत, बोडा पुलिस ने एक चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की गई पूरी 50,000/- रुपये की राशि बरामद की है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी नरसिंहगढ़ श्री प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बोडा उप निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में की गई। घटना 11.06.2026 को दोपहर लगभग 02:00 बजे ग्राम हुलखेड़ी में हुई थी, जब फरियादी समंदर पिता किशनलाल मोगिया के घर के बाहर तौलिये में रखे 50,000/- रुपये अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना बोडा में अपराध क्रमांक 189/2026 धारा 302(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने आरोपी की तलाश और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की जानकारी जुटाई। प्राप्त साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, संदेही नंदन पिता प्रभुलाल मोगिया, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम हुलखेड़ी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभिक टालमटोल के बाद, सघन पूछताछ में आरोपी ने 11.06.2026 को फरियादी के 50,000/- रुपये चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पूरी 50,000/- रुपये की नगद राशि बरामद कर जब्त कर ली है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राजपूत (थाना प्रभारी बोडा), प्रधान आरक्षक धन सिंह अहिरवार (681), आरक्षक मुलायम सिंह यादव (641), आरक्षक सुनील सोलंकी (922) और आरक्षित सुनील धाकड़ की सराहनीय भूमिका रही।1
- राजगढ़ जिले के ग्राम खानपुरा में 18 जून 2026 की रात को दो घरों में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने रामबाबू जी सेन और चंद्रप्रकाश गौड़ के घरों को निशाना बनाया। चोरों ने दोनों घरों से सोने-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नगदी रुपयों पर भी हाथ साफ किया। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और आगे की कार्रवाई कर रही है।3
- सीहोर प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे अवैध कॉलोनाइजरों और नियमों का उल्लंघन कर भूखंडों की बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहाँ बिना वैधानिक स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। संबंधित विभागों की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है, और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति विकसित की गई कॉलोनियों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ नहीं मिल पातीं, जिससे उन्हें भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों और दस्तावेजों की जाँच अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम माना जा रहा है, जिससे शहर में अवैध प्लॉटिंग के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद है।1
- इंदौर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनकच्छ के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई। यह परिवार इंदौर से भोपाल नई कार खरीदने जा रहा था, तभी उनकी कार दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।1