पूर्व सांसद आनंद मोहन गया जिले के मानपुर में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पटना से गया पहुँचने के दौरान उनके समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर फूल-माला और अंगवस्त्र देकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और महाराणा प्रताप के अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मीडिया से बातचीत में आनंद मोहन ने बताया कि वे इस समारोह में शामिल होने के साथ-साथ, 28 जून को सीतामढ़ी में प्रस्तावित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के लिए निमंत्रण देने भी आए थे। उन्होंने भविष्य में अपने पुराने साथियों के साथ मिलकर बिहार की मूलभूत समस्याओं पर व्यापक चर्चा करने की बात कही। राजनीतिक सवालों पर आनंद मोहन ने कहा कि सम्राट चौधरी को उनका कार्यकाल पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि बीच में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव से समाज में गलत संदेश जाता है। उनके अनुसार, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों में सम्राट चौधरी के नेतृत्व को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है, और इस विश्वास को बनाए रखना आवश्यक है। अपने पुत्र चेतन आनंद से जुड़े एक प्रश्न पर, उन्होंने दावा किया कि एनडीए ने किसी पर कोई एहसान नहीं किया, बल्कि चेतन आनंद ने कठिन परिस्थितियों में चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक क्षमता को साबित किया है। उन्होंने जोर दिया कि सफलता केवल जनता के समर्थन और संघर्ष के बल पर ही मिलती है। बिहार की राजनीतिक संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए आनंद मोहन ने लोकतंत्र में बढ़ रही 'थैली संस्कृति' और अवसरवाद को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती बताया, और कार्यकर्ताओं से गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। निशांत कुमार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर दिए गए अपने कथित बयानों पर सफाई देते हुए आनंद मोहन ने कहा कि उनके वक्तव्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, और उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। उनका कहना था कि जदयू कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि निशांत कुमार को राजनीतिक जिम्मेदारी मिले, लेकिन परिस्थितियाँ भिन्न दिशा में चली गईं। उन्होंने लोकतंत्र में विचारों की स्वतंत्रता और स्वस्थ बहस को अनिवार्य बताते हुए मीडिया से भी अपील की कि किसी भी बयान को संदर्भ से काटकर प्रस्तुत न करें, बल्कि पूरी बात जनता के सामने रखें।
पूर्व सांसद आनंद मोहन गया जिले के मानपुर में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पटना से गया पहुँचने के दौरान उनके समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर फूल-माला और अंगवस्त्र देकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और महाराणा प्रताप के अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मीडिया से बातचीत में आनंद मोहन ने बताया कि वे इस समारोह में शामिल होने के साथ-साथ, 28 जून को सीतामढ़ी में प्रस्तावित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के लिए निमंत्रण देने भी आए थे। उन्होंने भविष्य में अपने पुराने साथियों के साथ मिलकर बिहार की मूलभूत समस्याओं पर व्यापक चर्चा करने की बात कही। राजनीतिक सवालों पर आनंद मोहन ने कहा कि सम्राट चौधरी को उनका कार्यकाल पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि बीच में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव से समाज में गलत संदेश जाता है। उनके अनुसार, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों में सम्राट चौधरी के नेतृत्व को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है, और इस विश्वास को बनाए रखना आवश्यक है। अपने पुत्र चेतन आनंद
से जुड़े एक प्रश्न पर, उन्होंने दावा किया कि एनडीए ने किसी पर कोई एहसान नहीं किया, बल्कि चेतन आनंद ने कठिन परिस्थितियों में चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक क्षमता को साबित किया है। उन्होंने जोर दिया कि सफलता केवल जनता के समर्थन और संघर्ष के बल पर ही मिलती है। बिहार की राजनीतिक संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए आनंद मोहन ने लोकतंत्र में बढ़ रही 'थैली संस्कृति' और अवसरवाद को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती बताया, और कार्यकर्ताओं से गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। निशांत कुमार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर दिए गए अपने कथित बयानों पर सफाई देते हुए आनंद मोहन ने कहा कि उनके वक्तव्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, और उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। उनका कहना था कि जदयू कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि निशांत कुमार को राजनीतिक जिम्मेदारी मिले, लेकिन परिस्थितियाँ भिन्न दिशा में चली गईं। उन्होंने लोकतंत्र में विचारों की स्वतंत्रता और स्वस्थ बहस को अनिवार्य बताते हुए मीडिया से भी अपील की कि किसी भी बयान को संदर्भ से काटकर प्रस्तुत न करें, बल्कि पूरी बात जनता के सामने रखें।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के रेड रोड पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वस्थ जीवन और कल्याण पर केंद्रित इस वैश्विक आयोजन के प्रतिभागियों के साथ हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने जोर देकर कहा कि योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी आवश्यक है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह 12वां संस्करण इस वर्ष पूरे देश और दुनिया भर में 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' ('योग फॉर हेल्दी एजिंग') की थीम के तहत मनाया जा रहा है। यह थीम जीवन के सभी अवस्थाओं में एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल देती है। जैसे-जैसे दुनिया भर में आबादी की उम्र बढ़ रही है और गैर-संचारी बीमारियों व जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, वैश्विक ध्यान अब केवल जीवन के वर्षों को बढ़ाने से हटकर स्वास्थ्य अवधि, जीवन की गुणवत्ता और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने पर केंद्रित हो रहा है।1
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अपना बाईट दिया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा दक्षिणी मंडल गया जी द्वारा रामसागर तालाब पार्क में एक योग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर में दर्जनों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।1
- गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।4
- गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान सिंघड़ा गांव निवासी 44 वर्षीय रजनीश मांझी के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम चंद्रदेव मांझी है। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना कोंच थाना को दी थी। सूचना मिलने पर एएसआई संजय कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस द्वारा सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं और मामले की जाँच जारी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना पर ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ढांढस बंधाने वालों में नगिना सिंह, जय कुमार सिंह, बम-बम सिंह, धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, विनय सिंह, मंतन राम, शिवकरण दास, लालकेश्वर मांझी, इंदल पासवान, सिकंदर दास सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।1
- बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मखदुमपुर प्रखंड के कई युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, जहाँ बोकनारी कला गांव निवासी किसान रमेश शर्मा के पुत्र विष्णु कांत ने 971वीं रैंक प्राप्त कर बीडीओ का पद हासिल किया है। इसी क्रम में मकरपुर गांव निवासी स्वर्गीय रजनीश शर्मा के पुत्र अंकित कुमार का चयन डीएसपी पद पर हुआ है, जो छोटे शर्मा और नीरज कुमार के भतीजे हैं। इसके अतिरिक्त, टेहटा बाजार के निवासी अमन कुमार ने भी डीएसपी का पद प्राप्त किया है। वहीं, नगर पंचायत क्षेत्र के खलकोचक मोहल्ला निवासी नंद किशोर प्रसाद के पुत्र वेदनिधि शर्मा का चयन वेलफेयर ऑफिसर पद के लिए हुआ है। इन सफलताओं की खबर मिलते ही परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रुक्मिणी सरोवर में एक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दर्जनों लोगों ने भाग लिया।1
- बिहार के शेरघाटी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में एक छात्रा की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी और फरार वाहन की तलाश लगातार जारी है।1