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gramdevra painda gram dabra friend chhajje upar Sona rasta
Ram Singh
gramdevra painda gram dabra friend chhajje upar Sona rasta
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- gramdevra painda gram dabra friend chhajje upar Sona rasta1
- रीवा कलेक्ट्रेट में आयोजित जन सुनवाई के दौरान घोर लापरवाही सामने आई। इस जन सुनवाई में विकलांग व्यक्तियों के लिए वीलचेयर की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।1
- ललितपुर जिले के आयुर्वेद व यूनानी विभाग के अधिकारी डॉ. अर्जुन लाल अहिरवार और सहायक क्लर्क राम किशोर गुप्ता को 50-50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। कुल एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में इन दोनों रिश्वतखोरों को गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया है।1
- मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में एक सीसी सड़क के निर्माण में ऐसा चौंकाने वाला नजारा सामने आया है, जिसे देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान हैं। यहां लगभग 100 मीटर लंबी यह सड़क, जिसकी लागत करीब 2.92 लाख रुपये बताई गई है, सड़क के बीच में खड़े उच्च वोल्टेज बिजली के खंभे को हटाए बिना ही बना दी गई है। खंभे को हटाने की जहमत न उठाते हुए, उसे सड़क के चारों ओर घेरकर मानो एक "स्मारक" का दर्जा दे दिया गया है। यह खंभा अब सड़क का स्थायी हिस्सा बन चुका है, जिससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना एक "इंजीनियरिंग अजूबे" का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से सटी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। इस मामले में जब जिम्मेदार उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला था; उन्होंने साफ कहा कि "मैं तो जाकर देखा ही नहीं"। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या सड़क निर्माण में खंभा हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय इस खामी को किसी ने क्यों नहीं देखा। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी धन का उपयोग इसी तरह के निर्माण कार्यों में किया जाएगा। कुछ लोग व्यंग्यात्मक रूप से यह भी कह रहे हैं कि भविष्य में कहीं इस खंभे को "विकास स्तंभ" घोषित कर पर्यटन स्थल न बना दिया जाए, क्योंकि फिलहाल यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच करें और संभावित दुर्घटना को दावत देने वाली इस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। मौजूदा स्थिति में, यह निर्माण कार्य सड़क कम और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक प्रतीत होता है।1
- रीवा पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देश पर, बैकुंठपुर थाना पुलिस ने साइबर सुरक्षा जन जागरूकता अभियान के तहत ग्राम जामू में एक जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बैकुंठपुर थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत ने आम जनता से संवाद करते हुए बताया कि अपनी जमा पूंजी बचाने के लिए साइबर फ्रॉड से बचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों को किसी को भी अपनी बैंक डिटेल या OTP न बताने, मोबाइल पर आने वाले लिंक मैसेज पर क्लिक न करने और बैंक से संबंधित जानकारी मांगने वाले किसी भी अनजान कॉल पर बात न करके तुरंत कॉल काट देने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने जोर दिया कि आमजन की जागरूकता ही उनके धन का सबसे बड़ा बचाव है। इस कार्यक्रम में बैकुंठपुर थाने के HC वीरेंद्र तिवारी, राजीव पटेल, अनुराग तिवारी, आरक्षक आशुतोष मिश्रा, शशांक यादव, राहुल पांडे के साथ-साथ जामु और पाली के सरपंच तथा ग्रामीण जनता उपस्थित रही।1
- रीवा-सीधी राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड्डा स्थित टोल प्लाजा यात्रियों के लिए 'लूट का अड्डा' बन गया है, जहाँ टोल ठेकेदार द्वारा खुलेआम मनमानी और अवैध वसूली की जा रही है। शासन द्वारा तय किए गए नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा यात्रियों के लिए टोल प्लाजा पर पानी और सुलभ व्यवस्थाएँ अनिवार्य की गई हैं, लेकिन यहाँ यात्री शौचालय बंद पड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त, टोल नाके पर मोटरसाइकिल निकलने वाले मार्ग पर भी वजन कांटा लगाया गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में बाधा हो रही है। टोल प्लाजा पर बाहर से आने-जाने वाले वाहनों से नियम अनुसार तय टैक्स से भी अधिक अवैध वसूली की जाती है। यदि कोई वाहन मालिक नियमानुसार भुगतान करने का प्रयास करता है, तो टोल प्लाजा के कर्मचारी उसके साथ मारपीट करते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस खड्डा टोल प्लाजा में दीपू सिंह नामक एक व्यक्ति द्वारा अवैध वसूली कराई जाती है। टोल प्लाजा के मैनेजर सदैव अपने चेंबर में बैठे रहते हैं, जबकि बाहर वाहन मालिकों के साथ खुलेआम 'नंगा नाच' किया जाता है। इस पूरे गोरखधंधे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता भी साफ नजर आती है, जिसके चलते टोल प्लाजा पर यह मनमानी बेरोकटोक जारी है, और आने-जाने वाले प्रत्येक वाहनों से जबरन वसूली की जा रही है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं, लेकिन टोल एंबुलेंस सही समय पर घायलों तक नहीं पहुँच पाती। यहाँ तक कि अगर एंबुलेंस पहुँच भी जाती है, तो उनमें न तो डॉक्टर उपलब्ध होते हैं और न ही आवश्यक दवाइयाँ। इस प्रकार, टोल मालिक द्वारा सुविधा के नाम पर खुलेआम असुविधाएँ दी जा रही हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग के बनाए गए नियमों की धज्जियां बिखेर रहे हैं।3
- मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित एसडीएम कार्यालय में एक वकील अपनी बुलेट मोटरसाइकिल लेकर भीतर घुस गए। इस घटना के संबंध में अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह का बयान सामने आया है।1
- रायबरेली के जिला अस्पताल से एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मानसिक रूप से बीमार युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। जानकारी के अनुसार, एक महिला वार्ड बॉय उस युवक को लातों से मार रही थी और उसे गालियां भी दे रही थी। यह युवक मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है।1