मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित डीग प्रवास एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर मयंक मनीष एवं जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सोमवार को पूंछरी स्थित राजस्थान सीमा में पड़ने वाले सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हेलीपैड, श्रीनाथजी मंदिर, कच्चा परिक्रमा मार्ग, आश्रय स्थल, कंट्रोल रूम तथा अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए किसी भी प्रकार की कमी को तत्काल दूर किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वॉच टावर, पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग, टेंट-कनात एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। पूंछरी में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग एवं यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परिक्रमार्थियों की आवाजाही सुचारु एवं सुरक्षित बनी रहे। परिक्रमार्थियों के विश्राम के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर पेयजल, रोशनी, शौचालय तथा अन्य सुविधाओं के समुचित प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं के लिए अप्सरा कुंड एवं नवल कुंड क्षेत्र में स्नान एवं विश्राम की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आश्रय स्थलों पर निःशुल्क मसाज सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों को मजबूत ग्रिल से सुरक्षित किया गया है तथा आकर्षक पेंटिंग कर सौंदर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया है। आन्यौर द्वार, जतीपुरा द्वार एवं प्याऊ द्वार को आकर्षक सजावट एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीनाथजी मंदिर एवं मुकुट मुखारविंद को भी विशेष रूप से सजाया गया है। मानसून को देखते हुए जलभराव की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया गया है। नालों को सुरक्षित कवर से ढकने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पंपसेट एवं तकनीकी दल तैनात किए गए हैं, ताकि वर्षा की स्थिति में भी परिक्रमा मार्ग पर जलभराव न हो और श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध बनी रहे। मेले की व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए पूंछरी स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। राजस्व, पुलिस, नगर परिषद, नगरपालिका, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी राउंड-द-क्लॉक शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं ब्रज संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रही हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं तथा प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरतपुर मृदुल सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीग मोहन सिंह, उपखंड अधिकारी डीग अमित मीना, उपखंड अधिकारी कुम्हेर श्रेष्ठा श्री, तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग पूर्ण समन्वय एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित डीग प्रवास एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर मयंक मनीष एवं जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सोमवार को पूंछरी स्थित राजस्थान सीमा में पड़ने वाले सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हेलीपैड, श्रीनाथजी मंदिर, कच्चा परिक्रमा मार्ग, आश्रय स्थल, कंट्रोल रूम तथा अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए किसी भी प्रकार की कमी को तत्काल दूर किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वॉच टावर, पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग, टेंट-कनात एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। पूंछरी में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग एवं यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परिक्रमार्थियों की आवाजाही सुचारु एवं सुरक्षित बनी रहे। परिक्रमार्थियों के विश्राम के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर पेयजल, रोशनी, शौचालय तथा अन्य सुविधाओं के समुचित प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं के लिए अप्सरा कुंड एवं नवल कुंड क्षेत्र में स्नान एवं विश्राम की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आश्रय स्थलों पर निःशुल्क मसाज सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों को मजबूत ग्रिल से सुरक्षित किया गया है तथा आकर्षक पेंटिंग कर सौंदर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया है। आन्यौर द्वार, जतीपुरा द्वार एवं प्याऊ द्वार को आकर्षक सजावट एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीनाथजी मंदिर एवं मुकुट मुखारविंद को भी विशेष रूप से सजाया गया है। मानसून को देखते हुए जलभराव की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया गया है। नालों को सुरक्षित कवर से ढकने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पंपसेट एवं तकनीकी दल तैनात किए गए हैं, ताकि वर्षा की स्थिति में भी परिक्रमा मार्ग पर जलभराव न हो और श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध बनी रहे। मेले की व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए पूंछरी स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। राजस्व, पुलिस, नगर परिषद, नगरपालिका, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी राउंड-द-क्लॉक शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं ब्रज संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रही हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं तथा प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरतपुर मृदुल सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीग मोहन सिंह, उपखंड अधिकारी डीग अमित मीना, उपखंड अधिकारी कुम्हेर श्रेष्ठा श्री, तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग पूर्ण समन्वय एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करे।
- गुरु पूर्णिमा मेला: गोवर्धन में सुरक्षा और स्वच्छता पर सख्त मथुरा प्रशासन, SP देहात और ADM ने किया 21 किमी पैदल मार्च गुरु पूर्णिमा मेला: गोवर्धन में सुरक्षा और स्वच्छता पर सख्त मथुरा प्रशासन, SP देहात और ADM ने किया 21 किमी पैदल मार्च मथुरा (गोवर्धन)। प्रसिद्ध गोवर्धन गुरु पूर्णिमा मेले के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मथुरा प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नज़र आ रहा है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने और परिक्रमा मार्ग पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चेबंदी संभाल ली है। इसी क्रम में एसपी देहात सुरेश चंद रावत और एडीएम प्रशासन ने गोवर्धन के 21 किलोमीटर लंबे विशाल परिक्रमा मार्ग पर स्वयं पैदल मार्च कर व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तय स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति की जाँच की और उन्हें मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। भंडारों की अनुमति और सफाई व्यवस्था पर पैनी नजर निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम का विशेष ध्यान परिक्रमा मार्ग में चल रहे भंडारों पर रहा। अधिकारियों ने कई भंडारों के प्रशासनिक अनुमति पत्रों (परमिशन) की गहनता से जाँच की। इसके साथ ही भंडारा परिसरों के आसपास कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई का जायजा लिया गया। जिन भंडारों पर स्वच्छता में चूक पाई गई, वहाँ एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने सख्त रुख अपनाते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए। बाइट: सुरेश चंद रावत (एसपी देहात) > "गुरु पूर्णिमा मेले में सुरक्षा और व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता है। पूरे 21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती और उनके सतर्क रहने का निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जहाँ भी भंडारों के आसपास गंदगी पाई गई, वहाँ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यहाँ आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी या असुविधा न हो।" > बाइट: एडीएम प्रशासन > "प्रशासनिक स्तर पर मेले की हर गतिविधि और व्यवस्था पर पैनी नज़र रखी जा रही है। भंडारों के लिए दी गई अनुमतियों और सफाई व्यवस्था का धरातल पर सत्यापन किया जा रहा है। हमारा मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण प्रदान करना है।" > मथुरा प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस पैदल मार्च और सख्त निरीक्षण से साफ है कि अधिकारियों की प्राथमिकता परिक्रमा मार्ग को अव्यवस्था-मुक्त रखना है ताकि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोवर्धन आने वाले श्रद्धालु सुगमता से अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें।4
- मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित डीग प्रवास एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के दृष्टिगत जिला कलक्टर मयंक मनीष एवं जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सोमवार को पूंछरी स्थित राजस्थान सीमा में पड़ने वाले सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हेलीपैड, श्रीनाथजी मंदिर, कच्चा परिक्रमा मार्ग, आश्रय स्थल, कंट्रोल रूम तथा अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए किसी भी प्रकार की कमी को तत्काल दूर किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वॉच टावर, पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग, टेंट-कनात एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। पूंछरी में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग एवं यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परिक्रमार्थियों की आवाजाही सुचारु एवं सुरक्षित बनी रहे। परिक्रमार्थियों के विश्राम के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर पेयजल, रोशनी, शौचालय तथा अन्य सुविधाओं के समुचित प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं के लिए अप्सरा कुंड एवं नवल कुंड क्षेत्र में स्नान एवं विश्राम की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं आश्रय स्थलों पर निःशुल्क मसाज सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों को मजबूत ग्रिल से सुरक्षित किया गया है तथा आकर्षक पेंटिंग कर सौंदर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया है। आन्यौर द्वार, जतीपुरा द्वार एवं प्याऊ द्वार को आकर्षक सजावट एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। श्रीनाथजी मंदिर एवं मुकुट मुखारविंद को भी विशेष रूप से सजाया गया है। मानसून को देखते हुए जलभराव की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया गया है। नालों को सुरक्षित कवर से ढकने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पंपसेट एवं तकनीकी दल तैनात किए गए हैं। मेले की व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए पूंछरी स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं ब्रज संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रही हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं तथा प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरतपुर मृदुल सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीग मोहन सिंह, उपखंड अधिकारी डीग अमित मीना, उपखंड अधिकारी कुम्हेर श्रेष्ठा श्री, तहसीलदार अंकित गुप्ता, नायब तहसीलदार विजय गुप्ता, विकास अधिकारी कम विजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग पूर्ण समन्वय एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करे।4
- मथुरा के गोवर्धन में विश्वप्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर सोमवार को राधा श्याम सुंदर मंदिर में मुड़िया संतों ने अपने आराध्य गुरु श्रीपाद सनातन गोस्वामी की स्मृति में पारंपरिक रूप से सिर का मुंडन कराया। यह मुंडन संस्कार मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मान्यता के अनुसार, गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के महान आचार्य एवं श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी का आषाढ़ पूर्णिमा के दिन संवत 1615 (1556 ई.) में तिरोभाव हुआ था। गुरु के वियोग में उनके शिष्यों और ब्रजवासियों ने सिर का मुंडन कराया तथा उनके पार्थिव शरीर के साथ गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा की। तभी से यह परंपरा आज तक लगातार निभाई जा रही है। मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने कहा कि "मुड़िया बनने की यह परंपरा गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और वैराग्य का प्रतीक है। श्रीपाद सनातन गोस्वामी ने भक्ति और सेवा का जो संदेश दिया, उसी के सम्मान में प्रत्येक वर्ष संत समाज इस परंपरा का निर्वहन करता है। गुरु की कृपा से ही आध्यात्मिक जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है।"1
- राजस्थान के अलवर जिले के कठूमर उप-जिले में कीचड़ की समस्या ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गाव खेड़ामेड़ा कठूमर अलवर में कीचड़ की समस्या और निकासी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है और पानी भर रहा है। इस समस्या के कारण लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- 50 साल से जलभराव की मार! हजारों बीघा जमीन बंजर, आखिर जिम्मेदार कौन?" 50 साल से जलभराव की मार! हजारों बीघा जमीन बंजर, आखिर जिम्मेदार कौन?" अन्य वायरल टाइटल "गोवर्धन विधानसभा के कोयला अलीपुर में 50 साल से जलभराव, किसानों का फूटा गुस्सा!" "खेती हुई बर्बाद! हजारों बीघा जमीन जलभराव में डूबी, प्रशासन पर उठे सवाल" "आधी सदी से पानी में डूबी जमीन, किसानों ने मांगा स्थायी समाधान" "विकास के दावों के बीच 50 साल पुरानी जलभराव की समस्या!" --- 🎤 न्यूज़ स्क्रिप्ट एंकर इंट्रो: मथुरा जनपद की गोवर्धन विधानसभा के कोयला अलीपुर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि यहां पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। रिपोर्ट: ग्रामीणों और किसानों के अनुसार, जलभराव के कारण हजारों बीघा कृषि भूमि लंबे समय से खेती के योग्य नहीं रह गई है। उनका कहना है कि कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। किसानों का कहना है कि हर वर्ष जलभराव के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और उनकी आजीविका प्रभावित होती है। अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल निकासी की उचित व्यवस्था कर इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया जाए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मुद्दे पर कब तक ठोस कार्रवाई करते हैं। RPRNEWSTV DIGITAL | ब्रज की आवाज समाचार पत्र 📌 Hashtags #Mathura #Govardhan #KoylaAlipur #WaterLogging #Farmers #Agriculture #UPNews #GroundReport #RPRNEWSTV #BrajKiAwaaz #ViralNews #BreakingNews1
- मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित डीग प्रवास एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर मयंक मनीष एवं जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सोमवार को पूंछरी स्थित राजस्थान सीमा में पड़ने वाले सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हेलीपैड, श्रीनाथजी मंदिर, कच्चा परिक्रमा मार्ग, आश्रय स्थल, कंट्रोल रूम तथा अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए किसी भी प्रकार की कमी को तत्काल दूर किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वॉच टावर, पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग, टेंट-कनात एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। पूंछरी में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग एवं यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परिक्रमार्थियों की आवाजाही सुचारु एवं सुरक्षित बनी रहे। परिक्रमार्थियों के विश्राम के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर पेयजल, रोशनी, शौचालय तथा अन्य सुविधाओं के समुचित प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं के लिए अप्सरा कुंड एवं नवल कुंड क्षेत्र में स्नान एवं विश्राम की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आश्रय स्थलों पर निःशुल्क मसाज सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों को मजबूत ग्रिल से सुरक्षित किया गया है तथा आकर्षक पेंटिंग कर सौंदर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया है। आन्यौर द्वार, जतीपुरा द्वार एवं प्याऊ द्वार को आकर्षक सजावट एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीनाथजी मंदिर एवं मुकुट मुखारविंद को भी विशेष रूप से सजाया गया है। मानसून को देखते हुए जलभराव की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया गया है। नालों को सुरक्षित कवर से ढकने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पंपसेट एवं तकनीकी दल तैनात किए गए हैं, ताकि वर्षा की स्थिति में भी परिक्रमा मार्ग पर जलभराव न हो और श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध बनी रहे। मेले की व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए पूंछरी स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। राजस्व, पुलिस, नगर परिषद, नगरपालिका, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी राउंड-द-क्लॉक शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं ब्रज संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रही हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं तथा प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरतपुर मृदुल सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीग मोहन सिंह, उपखंड अधिकारी डीग अमित मीना, उपखंड अधिकारी कुम्हेर श्रेष्ठा श्री, तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग पूर्ण समन्वय एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करे।1
- रिपोर्टर राजेश चौधरी किशनगढ़(अजमेर) हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा टैंकर चालक की मौत नसीराबाद पुलिया नया गांव क्षेत्र में सीमेंट से भरा टैंकर आगे चल रहे कंटेनर ट्रक से जा टकराया हादसे में टैंकर की केबिन के उड़े परखच्चे चालक फंसा अंदर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकलवाया गम्भीर अवस्था मे पहुचाया अस्प्ताल चिकित्सकों ने चालक को मृत किया घोषित हादसे में मांडलगढ़ भीलवाड़ा क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय अजय नायक की हुई मौत मदनगंज थाना पुलिस जुटी मामले की जांच में रिपोर्टर राजेश चौधरी किशनगढ़(अजमेर) हाईवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा टैंकर चालक की मौत नसीराबाद पुलिया नया गांव क्षेत्र में सीमेंट से भरा टैंकर आगे चल रहे कंटेनर ट्रक से जा टकराया हादसे में टैंकर की केबिन के उड़े परखच्चे चालक फंसा अंदर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकलवाया गम्भीर अवस्था मे पहुचाया अस्प्ताल चिकित्सकों ने चालक को मृत किया घोषित हादसे में मांडलगढ़ भीलवाड़ा क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय अजय नायक की हुई मौत मदनगंज थाना पुलिस जुटी मामले की जांच में1