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संतकबीरनगर में कानून व्यवस्था की लचर स्थिति और भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते अत्याचारी, धनबली और प्रभावशाली लोगों का बोलबाला कायम है। सितंबर 2025 से आज तक, पुलिस-गठजोड़ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भेदभावपूर्ण रवैया शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शिक्षा विभाग में, जो दलालों के माध्यम से भ्रष्ट सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं, उनकी फर्जी रिपोर्टें भी 'सही' मान ली जाती हैं। वहीं, जो जनहित में मुखर होते हैं, उनके साथ प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन आम बात है। पुलिस महकमा भी न्याय से विमुख है, जहाँ पैसा रखने वाले अन्याय को भी न्याय में बदल देते हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति न्याय के लिए दर-दर भटकता रहता है और उसकी कोई सुनवाई नहीं होती। सरकार की PMOPG/IGRS शिकायत निवारण प्रणाली, जो 'पीड़ित को घर बैठे सुलभ न्याय' देने का दावा करती है, वह भी संबंधित जांच अधिकारी के स्तर पर आकर अटक जाती है। जांच रिपोर्टें हमेशा सत्ता की राजनीति में माहिर, अत्याचारी और धनबली प्रभावशालियों के इशारे पर तैयार की जाती हैं, जिससे कागजी निस्तारण का खेल धड़ल्ले से चलता रहता है, भले ही मौके पर समस्या जस की तस बनी रहे। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स के सभी साक्ष्य और सबूत उपलब्ध हैं, जिनकी पुष्टि कोई भी कर सकता है। वे किसी पार्टी विशेष से वास्ता नहीं रखते और भारतीय संविधान को साक्षी मानकर, स्वाभिमान एवं अभिव्यक्ति की मौलिक आजादी के तहत निचले पायदान की सामूहिक लड़ाई लड़ने का प्रण लेते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष को बंद कराना किसी के बाप का बस का नहीं और यह 'आर-पार का संघर्ष' होगा। उन्होंने कभी किसी नेता, नगाड़ी, गुंडे, बदमाश, दलाल और फरेबी के आगे घुटने नहीं टेके, यही वजह है कि 'इच्छाधारी मठाधीशों' को अनिल प्रजापति और उनके परिजनों को नेस्तनाबूद करने की टीस बनी रहती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे भारतीय संविधान के बदौलत जीवित हैं, अन्यथा कब की हत्या हो गई होती। UPSC की तैयारी कर रहे बच्चों पर जानलेवा हमले के बाद, उन्हें कदम-कदम पर परेशान किया गया और उनका नवश्रृजित स्कूल तक अवैध रूप से सील करा दिया गया, जबकि शासन स्तर से की गई सीलिंग में उनके विद्यालय का नाम नहीं है। सितंबर 2025 से ही रक्षा-सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन को बार-बार पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह हैरत की बात है कि शिकायतकर्ता द्वारा शासन-प्रशासन और सरकार को दिए गए लगभग दो दर्जन ऑफलाइन/ऑनलाइन पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, लेकिन विरोधी शिक्षा/भू-माफिया की फर्जी शिकायतों पर उनके खिलाफ तेजी से एक्शन लिया जा रहा है, जिससे 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' वाली कहावत धरातल की सच्चाई मालूम पड़ती है।

1 hr ago
user_अनिल कुमार प्रजापति
अनिल कुमार प्रजापति
Voice of people घनघटा, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago
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संतकबीरनगर में कानून व्यवस्था की लचर स्थिति और भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते अत्याचारी, धनबली और प्रभावशाली लोगों का बोलबाला कायम है। सितंबर 2025 से आज तक, पुलिस-गठजोड़ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भेदभावपूर्ण रवैया शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शिक्षा विभाग में, जो दलालों के माध्यम से भ्रष्ट सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं, उनकी फर्जी रिपोर्टें भी 'सही' मान ली जाती हैं। वहीं, जो जनहित में मुखर होते हैं, उनके साथ प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन आम बात है। पुलिस महकमा भी न्याय से विमुख है, जहाँ पैसा रखने वाले अन्याय को भी न्याय में बदल देते हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति न्याय के लिए दर-दर भटकता रहता है और उसकी कोई सुनवाई नहीं होती। सरकार की PMOPG/IGRS शिकायत निवारण प्रणाली, जो 'पीड़ित को घर बैठे सुलभ न्याय' देने का दावा करती है, वह भी संबंधित जांच अधिकारी के स्तर पर आकर अटक जाती है। जांच रिपोर्टें हमेशा सत्ता की राजनीति में माहिर, अत्याचारी और धनबली प्रभावशालियों के इशारे पर तैयार की जाती हैं, जिससे कागजी निस्तारण का खेल धड़ल्ले से चलता रहता है, भले ही मौके पर समस्या जस की तस बनी रहे। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स के सभी साक्ष्य और सबूत उपलब्ध हैं, जिनकी पुष्टि कोई भी कर सकता है। वे किसी पार्टी विशेष से वास्ता नहीं रखते और भारतीय संविधान को साक्षी मानकर, स्वाभिमान एवं अभिव्यक्ति की मौलिक आजादी के तहत निचले पायदान की सामूहिक लड़ाई लड़ने का प्रण लेते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष को बंद कराना किसी के बाप का बस का नहीं और यह 'आर-पार का संघर्ष' होगा। उन्होंने कभी किसी नेता, नगाड़ी, गुंडे, बदमाश, दलाल और फरेबी के आगे घुटने नहीं टेके, यही वजह है कि 'इच्छाधारी मठाधीशों' को अनिल प्रजापति और उनके परिजनों को नेस्तनाबूद करने की टीस बनी रहती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे भारतीय संविधान के बदौलत जीवित हैं, अन्यथा कब की हत्या हो गई होती। UPSC की तैयारी कर रहे बच्चों पर जानलेवा हमले के बाद, उन्हें कदम-कदम पर परेशान किया गया और उनका नवश्रृजित स्कूल तक अवैध रूप से सील करा दिया गया, जबकि शासन स्तर से की गई सीलिंग में उनके विद्यालय का नाम नहीं है। सितंबर 2025 से ही रक्षा-सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन को बार-बार पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यह हैरत की बात है कि शिकायतकर्ता द्वारा शासन-प्रशासन और सरकार को दिए गए लगभग दो दर्जन ऑफलाइन/ऑनलाइन पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, लेकिन विरोधी शिक्षा/भू-माफिया की फर्जी शिकायतों पर उनके खिलाफ तेजी से एक्शन लिया जा रहा है, जिससे 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' वाली कहावत धरातल की सच्चाई मालूम पड़ती है।

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  • संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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    संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है।

पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं।

30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_S R Pandey
    S R Pandey
    उत्तर प्रदेश न्यूज़ ब्यूरो चीफ संत कबीर Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    25 min ago
  • संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।
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    संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।

संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है।

राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।
    user_राकेश यादव
    राकेश यादव
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • संतकबीरनगर जनपद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, बंदियों तथा आम नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं स्वयंसेवक शिवम गुप्ता के निर्देशन में जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधि के छात्रों सहित सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला जज रणधीर सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर बल दिया और इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को समय की आवश्यकता करार दिया। मगहर स्थित कबीर चौरा में वन विभाग द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, जहाँ प्रभागीय वन अधिकारी हरिकेश नारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षक सुनील गुप्ता एवं रोहन गुप्ता के निर्देशन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के बाद गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में सामूहिक ध्यान भी कराया गया, और कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया। इसी कड़ी में, जिला कारागार में विनीत चड्ढा एवं राजन गुप्ता ने लगभग 200 बंदियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं महिला कारागार में रीतू जैन एवं नमिता चड्ढा ने करीब 30 महिला बंदियों को योग के विभिन्न अभ्यास कराते हुए तनावमुक्त जीवन के लिए योग का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त, महुली स्थित श्रीजा मैरिज हॉल में छोटेलाल वर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने योगाभ्यास किया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आर्ट ऑफ लिविंग के योगाचार्यों ने योग को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की आधारशिला बताते हुए जनपदवासियों से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
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    संतकबीरनगर जनपद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, बंदियों तथा आम नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं स्वयंसेवक शिवम गुप्ता के निर्देशन में जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधि के छात्रों सहित सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला जज रणधीर सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर बल दिया और इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को समय की आवश्यकता करार दिया।

मगहर स्थित कबीर चौरा में वन विभाग द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, जहाँ प्रभागीय वन अधिकारी हरिकेश नारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षक सुनील गुप्ता एवं रोहन गुप्ता के निर्देशन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के बाद गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में सामूहिक ध्यान भी कराया गया, और कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया। इसी कड़ी में, जिला कारागार में विनीत चड्ढा एवं राजन गुप्ता ने लगभग 200 बंदियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं महिला कारागार में रीतू जैन एवं नमिता चड्ढा ने करीब 30 महिला बंदियों को योग के विभिन्न अभ्यास कराते हुए तनावमुक्त जीवन के लिए योग का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त, महुली स्थित श्रीजा मैरिज हॉल में छोटेलाल वर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने योगाभ्यास किया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आर्ट ऑफ लिविंग के योगाचार्यों ने योग को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की आधारशिला बताते हुए जनपदवासियों से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक भूमि विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है, जहाँ ग्राम देवरिया गंगा निवासी प्रदीप गुप्ता ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रदीप गुप्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी जमीन की पक्की बाउंड्री को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब दस वर्ष पूर्व यह भूमि क्रय की थी, जिसकी पैमाइश और सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर बनी पक्की बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर अवैध कब्जा किया गया। इस घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पीड़ित का दावा है कि मौके पर जानकारी करने पर पता चला कि कथित रूप से ओम बस सर्विस से जुड़े आनंद यादव और प्रदीप यादव द्वारा यह अवैध कब्जा किया गया है। इस गंभीर आरोप के बाद प्रदीप गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भूमि कब्जे के इस आरोप ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की निगाहें पुलिस तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक भूमि विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है, जहाँ ग्राम देवरिया गंगा निवासी प्रदीप गुप्ता ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रदीप गुप्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी जमीन की पक्की बाउंड्री को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब दस वर्ष पूर्व यह भूमि क्रय की थी, जिसकी पैमाइश और सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर बनी पक्की बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर अवैध कब्जा किया गया। इस घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पीड़ित का दावा है कि मौके पर जानकारी करने पर पता चला कि कथित रूप से ओम बस सर्विस से जुड़े आनंद यादव और प्रदीप यादव द्वारा यह अवैध कब्जा किया गया है।

इस गंभीर आरोप के बाद प्रदीप गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भूमि कब्जे के इस आरोप ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की निगाहें पुलिस तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना पुलिस ने बभनी चौराहे पर हुई एक युवक की धारदार हथियार से हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई 24 घंटे के भीतर की, जिसमें नासिर, निरहू उर्फ साकिर अली और जैगम उर्फ अजमल हुसैन को अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में चलाया गया। पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को कोलकी चमरसन निवासी इंद्रेश ने बखिरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके 30 वर्षीय पुत्र आनंद की बभनी चौराहे पर जातिसूचक गालियां देते हुए धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में बखिरा थाने में मुकदमा संख्या 245/2026 दर्ज किया गया था, जिसमें SC/ST एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। बाद में, पुलिस ने मामले में धारा 3(5) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नासिर और निरहू उर्फ साकिर अली कुसम्हामाफी के निवासी हैं, जबकि जैगम उर्फ अजमल हुसैन जीवधरा का रहने वाला है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र, जिलाधिकारी संतकबीरनगर और पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने मौके का निरीक्षण भी किया था। पुलिस ने दावा किया है कि घटना में शामिल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के सफल अनावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।
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    संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना पुलिस ने बभनी चौराहे पर हुई एक युवक की धारदार हथियार से हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई 24 घंटे के भीतर की, जिसमें नासिर, निरहू उर्फ साकिर अली और जैगम उर्फ अजमल हुसैन को अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में चलाया गया।

पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को कोलकी चमरसन निवासी इंद्रेश ने बखिरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके 30 वर्षीय पुत्र आनंद की बभनी चौराहे पर जातिसूचक गालियां देते हुए धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में बखिरा थाने में मुकदमा संख्या 245/2026 दर्ज किया गया था, जिसमें SC/ST एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। बाद में, पुलिस ने मामले में धारा 3(5) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नासिर और निरहू उर्फ साकिर अली कुसम्हामाफी के निवासी हैं, जबकि जैगम उर्फ अजमल हुसैन जीवधरा का रहने वाला है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र, जिलाधिकारी संतकबीरनगर और पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने मौके का निरीक्षण भी किया था। पुलिस ने दावा किया है कि घटना में शामिल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के सफल अनावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।
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    खबरें 24
    Court reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।
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    राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।
    user_Vinay kumar giri
    Vinay kumar giri
    Reporter Vinay Kumar Giri सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया।
    user_BALRAM
    BALRAM
    पत्रकार Allapur, Ambedkar Nagar•
    12 hrs ago
  • संतकबीरनगर जनपद न्यायालय परिसर में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने की, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और एक सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह और अपर जिला जज (पॉक्सो एक्ट) कृष्ण कुमार ने भी योग के नियमित अभ्यास को स्वस्थ, तनावमुक्त और अनुशासित जीवन की कुंजी बताया। कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया, साथ ही उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस आयोजन में न्यायिक अधिकारी अशोक कसौधन, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव, केंद्रीय नाजिर बृजेश सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक रामभवन एवं जयशंकर प्रसाद, विभिन्न विधि महाविद्यालयों के इंटर्न छात्र-छात्राएं, बृजेश यादव, मनोज गुप्ता, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी और न्यायालय के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और नियमित योगाभ्यास को अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसने सभी को योग के प्रति प्रेरित किया।
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    संतकबीरनगर जनपद न्यायालय परिसर में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने की, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

इस दौरान जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और एक सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह और अपर जिला जज (पॉक्सो एक्ट) कृष्ण कुमार ने भी योग के नियमित अभ्यास को स्वस्थ, तनावमुक्त और अनुशासित जीवन की कुंजी बताया।

कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया, साथ ही उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस आयोजन में न्यायिक अधिकारी अशोक कसौधन, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव, केंद्रीय नाजिर बृजेश सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक रामभवन एवं जयशंकर प्रसाद, विभिन्न विधि महाविद्यालयों के इंटर्न छात्र-छात्राएं, बृजेश यादव, मनोज गुप्ता, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी और न्यायालय के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और नियमित योगाभ्यास को अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसने सभी को योग के प्रति प्रेरित किया।
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    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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