बसवा बाजार में अवैध बजरी परिवहन करते ट्रैक्टर ड्राइवर का हंगामा। खतरनाक हरकतें करते देखा बाजार में अपराध अफरा - तफरी का माहौल बना। बसवा(दौसा)। कस्बे के मुख्य बाजार में अवैध बजरी से भरे एक ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए हंगामा किया। झाझी रामपुरा दरवाजे के पास हुई इस घटना में ड्राइवर खतरनाक हरकतें करता दिखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर को कभी ऊपर उठाया गया तो कभी उसे दीवार पर चढ़ाने का प्रयास किया गया। इस दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए। मोहल्ला निवासी चितरंजन अवस्थी ने बताया कि ड्राइवर की इस लापरवाही से कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर चालक बाजार के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से वाहन चला रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बसवा पुलिस थाने में इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। आरोप है कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर इसी तरह सरपट दौड़ लगाते हैं तो वहीं ड्राइवरों को किसी का डर नहीं रहता है । *समझने के बाद भी नहीं माना।* ड्राइवर लोगों के समझाने के बाद भी नहीं माना और बाजार के बीचों-बीच यह हरकत करता रहा बजरी को पूरी तरह से ढका हुआ था । इस घटना से बाजार का रास्ता बंद हो गया और दोनो तरफ से लोग देखते रहे और रास्ता बंद हो गया।
बसवा बाजार में अवैध बजरी परिवहन करते ट्रैक्टर ड्राइवर का हंगामा। खतरनाक हरकतें करते देखा बाजार में अपराध अफरा - तफरी का माहौल बना। बसवा(दौसा)। कस्बे के मुख्य बाजार में अवैध बजरी से भरे एक ट्रैक्टर चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए हंगामा किया। झाझी रामपुरा दरवाजे के पास हुई इस घटना में ड्राइवर खतरनाक हरकतें करता दिखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर को कभी ऊपर उठाया गया तो कभी उसे दीवार पर चढ़ाने का प्रयास किया गया। इस दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए। मोहल्ला निवासी चितरंजन अवस्थी ने बताया कि ड्राइवर की इस लापरवाही से कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर चालक बाजार के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से वाहन चला रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बसवा पुलिस थाने में इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। आरोप है कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर इसी तरह सरपट दौड़ लगाते हैं तो वहीं ड्राइवरों को किसी का डर नहीं रहता है । *समझने के बाद भी नहीं माना।* ड्राइवर लोगों के समझाने के बाद भी नहीं माना और बाजार के बीचों-बीच यह हरकत करता रहा बजरी को पूरी तरह से ढका हुआ था । इस घटना से बाजार का रास्ता बंद हो गया और दोनो तरफ से लोग देखते रहे और रास्ता बंद हो गया।
- बांदीकुई।। एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को सोमवार दोपहर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) टीम ने 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कर्मचारी को जमीन संबंधी मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया। अलवर एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया- एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 17 अप्रैल को शिकायत मिली थी कि जमीन पर स्टे देने की कार्रवाई में एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी आदित्य शर्मा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी की टीम की ओर से मामले की जांच की गई। जिस पर इसकी पुष्टि होना पाया गया। एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई। एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई। 15 हजार की रिश्वत देते हुए किया गिरफ्तार इसके बाद सौदा 20 हजार रुपए तय हो गया। सोमवार को एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी ने परिवादी को रिश्वत लेकर बुलाया गया। इस पर सोमवार को परिवादी ने 15 हजार रुपए की रिश्वत दी। इस पर एसीबी की टीम ने कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम की भूमिका की हो रही जांच डीएसपी ने बताया-परिवादी द्वारा दी गई शिकायत में बताया कि कर्मचारी यह रिश्वत की राशि एसडीएम के नाम से मांग रहा है। ऐसे में एसडीएम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी आदित्य शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बसवा में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। जिसे साल 2020 से यहां एसडीएम कार्यालय में डेपुटेशन पर लगा रखा है।1
- आज दिनांक 20 अप्रैल 2026 सोमवार को महाराजा सूरजमल सभागार भरतपुर में अधिवक्ता परिषद राजस्थान जिला भरतपुर इकाई द्वारा अक्षय तृतीया एवं भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष में समय दोपहर 11:00 से 2:00 तक अधिवक्ता मिलन एवं स्नेह भोज का आयोजन किया गया जिसका विधिवत प्रारंभ भगवान श्री राधा कृष्ण एवं भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं भोग अर्पण कर किया गया उक्त कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद के समस्त कार्यकर्ता एवं अन्य सभी अधिवक्ता साथियों ने स्नेह भोज का आनंद लिया वह सहभागी रहे उक्त जानकारी अधिवक्ता परिषद के प्रदेश मंत्री चंद्र किशोर भारद्वाज द्वारा दी गई4
- Post by Ganesh Yogi1
- 20 अप्रैल 2026। राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उद्घाटन से एक दिन पहले हुई, जिसमें नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना थी। आग लगते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की इस महत्वपूर्ण परियोजना में आग लगने से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। क्या हम वाकई जागृत हैं? "अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग, मचा हड़कंप पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया और करीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। किसी के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 📍 अपडेट का इंतजार जारी... #VkNewsRajasthan #PachpadraRefinery #BreakingNews #Barmer #FireIncident1
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