बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर
अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
- बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। बरही सीएचसी में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीज परेशान, सुबह 8 बजे से करते रहे इंतजार जनसंदेश टाइम्स चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। चौरी चौरा गोरखपुर। विकासखंड ब्रह्मपुर के बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गुरुवार सुबह इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि वे सुबह करीब 8 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन करीब 9:30 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं दिखाई दी। बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पांच डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बताई गई है। बावजूद इसके गुरुवार सुबह फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और स्टाफ नर्स को छोड़कर अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे प्रभु, दिवाकर, फूलमती समेत दर्जनभर मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से अस्पताल में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा से वार्ता की गई। उन्होंने कहा, “मैं इसको दिखाता हूं।” मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में निर्धारित समय पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।2
- कुशीनगर में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई आवाज1
- गोरखपुर में निकली भव्य तिरंगा रैली 🇮🇳 | CRD College की छात्राओं ने लगाए देशभक्ति के नारे | Har Ghar Tiranga1
- पीपराइच में चुनावी बिगुल, गर्माई सियासत,गाँव-चौराहों पर जनता ने खोला दिल का राज,2027 को लेकर जनता के मन में क्या है?,ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया पीपराइच का मूड! #UPबोलेगा2027तयकरेगा #ABCHindustan #UP2027 #उत्तरप्रदेशचुनाव2027 #यूपीकीसियासत #चुनावीरण #ग्राउंडरिपोर्ट #जनताकीआवाज #जनताकामूड #यूपीकीनब्ज़ #2027चुनाव #UPPolitics #Election2027 #Gorakhpur #Purvanchal1
- संत कबीर नगर में "हर घर तिरंगा" के तहत निकाली गई तिरंगा यात्रा, छात्राओं ने बढ़ाया देशभक्ति का जोश_____________________ राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर संत कबीर नगर, 13 अगस्त, 2026,सदस्य, उ0प्र0 राज्य महिला आयोग जनक नंदिनी के नेतृत्व में "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम के अन्तर्गत तिरंगा यात्रा/तिरंगा रैली निकाली गई। सदस्य, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग जनक नंदिनी के नेतृत्व में "हर घर तिरंगा कार्यक्रम" के अंतर्गत आज जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में "कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय" "खलीलाबाद" में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में "राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदनी जी" द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा हमारे स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक को गर्व के साथ अपने घरों पर तिरंगा फहराना चाहिए। इस अवसर पर छात्राओं को फ्लैग कोड आफ इंडिया 2002 के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में देश भक्ति गीत, नारे, तिरंगा रैली का आयोजन भी किया गया जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की कर्मचारी एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या, समस्त शिक्षकों के साथ छात्राएं आदि उपस्थित रहीं।2
- गोरखपुर ब्यूरो रिपोर्ट यूपी के पूर्वांचल में गुरुवार को मौसम बदल गया! गोरखपुर आजमगढ़ समेत 8 जिलों में बारिश हो रही है1
- गोरखपुर में निकली बाइक तिरंगा यात्रा 🇮🇳 | GRP पुलिस की भव्य Tiranga Yatra | Har Ghar Tiranga 20261
- ठगी का शिकार हुए,52 वर्षीय डॉक्टर ने 8वीं मंजिल से कूदकर दी जान,महिला ठग ने हड़पे थे 1.40 करोड़ रुपये,7 दिन पहले करवाई थी FIR; गोरखपुर में 52 साल के डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया।उन्होंने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल की छत से छलांग लगाई।डॉक्टर की पत्नी उन्हें अस्पताल ले गई।वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस के मुताबिक,डॉक्टर से एक महिला ठग ने 1.40 करोड़ रुपए की ठगी की थी।इसके बाद से वह सदमे में थे।पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह (52) ने 5 अगस्त को पीएचडी पास महिला ठग,उसके अफसर पिता और टीचर पति के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था।पुलिस महिला ठग और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।घटना गोरखनाथ क्षेत्र की है।सुबह करीब 9:13 बजे की बताई जा रही है।पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार ठगी करने वाली गरिमा सिंह को बताया है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वह मूल रूप से मऊ के रहने वाले थे।पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह गोरखनाथ क्षेत्र की राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इंक्लेव की दूसरी मंजिल पर रहते थे।परिवार में उनकी पत्नी डा.सुमित्रा सिंह, बेटा अरिहंत सिंह (12) और बेटी बिन्नी (7) हैं।वर्तमान में वह महराजगंज के नौतनवा में तैनात थे।डॉक्टर सुबह खाना खाने के बाद बिल्डिंग की आठवीं मंजिल की छत पर पहुंच गए।यहां करीब 15 मिनट तक टहलते रहे।फिर छत से नीचे छलांग लगा दी।घटना की सूचना मऊ में उनके घरवालों को दी गई।सूचना पर डॉक्टर के पिता पारस नाथ सिंह और मां कुंती सिंह रोते हुए मऊ से अपार्टमेंट पहुंची।डॉक्टर की पत्नी डॉ. सुमित्रा ने बताया कि बैंक से लगातार फोन आ रहे थे।इतना बड़ा अमाउंट है।कैसे भरेंगे?अभी तो केस दर्ज हुआ था। वो डिप्रेशन में थे।सवा लाख की सैलरी में 3 लाख की ईएमआई होगी तो क्या होगा? कैसे होगा।छह दिन में तो FIR मिली।जिनकी एक लाख सैलरी है,वो कैसे भरेंगे,इतना बड़ा अमाउंट।जिन लोगों के साथ ऐसा हुआ है,उसकी रिकवरी हो।आज इन्होंने ऐसा किया,कल को कई और करेगा।जिन लोगों के साथ उस महिला ने किया है,उस पर एक्शन हो।वो रोज नया-नया फंसाती है।5 अगस्त को पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपए की ठगी का केस दर्ज कराया था।उन्होंने बताया था कि सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह (55) अपनी बेटी गरिमा (29) के साथ मिलकर लोगों से रुपए ठगते थे।आरोपियों ने उनसे 1.40 करोड़ रुपए ठग लिए।जब उन्होंने पैसे मांगे तो उन्हें धमकी दी। पुलिस ने आरोपी पिता और बेटी को 3 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गोरखपुर में 52 साल के डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया।उन्होंने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल की छत से छलांग लगाई।डॉक्टर की पत्नी उन्हें अस्पताल ले गई।वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस के मुताबिक,डॉक्टर से एक महिला ठग ने 1.40 करोड़ रुपए की ठगी की थी।इसके बाद से वह सदमे में थे।पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह (52) ने 5 अगस्त को पीएचडी पास महिला ठग,उसके अफसर पिता और टीचर पति के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था।पुलिस महिला ठग और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।घटना गोरखनाथ क्षेत्र की है।सुबह करीब 9:13 बजे की बताई जा रही है।पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार ठगी करने वाली गरिमा सिंह को बताया है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वह मूल रूप से मऊ के रहने वाले थे।पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह गोरखनाथ क्षेत्र की राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित बसंत इंक्लेव की दूसरी मंजिल पर रहते थे।परिवार में उनकी पत्नी डा.सुमित्रा सिंह, बेटा अरिहंत सिंह (12) और बेटी बिन्नी (7) हैं।वर्तमान में वह महराजगंज के नौतनवा में तैनात थे।डॉक्टर सुबह खाना खाने के बाद बिल्डिंग की आठवीं मंजिल की छत पर पहुंच गए।यहां करीब 15 मिनट तक टहलते रहे।फिर छत से नीचे छलांग लगा दी।घटना की सूचना मऊ में उनके घरवालों को दी गई।सूचना पर डॉक्टर के पिता पारस नाथ सिंह और मां कुंती सिंह रोते हुए मऊ से अपार्टमेंट पहुंची।डॉक्टर की पत्नी डॉ. सुमित्रा ने बताया कि बैंक से लगातार फोन आ रहे थे।इतना बड़ा अमाउंट है।कैसे भरेंगे?अभी तो केस दर्ज हुआ था। वो डिप्रेशन में थे।सवा लाख की सैलरी में 3 लाख की ईएमआई होगी तो क्या होगा? कैसे होगा।छह दिन में तो FIR मिली।जिनकी एक लाख सैलरी है,वो कैसे भरेंगे,इतना बड़ा अमाउंट।जिन लोगों के साथ ऐसा हुआ है,उसकी रिकवरी हो।आज इन्होंने ऐसा किया,कल को कई और करेगा।जिन लोगों के साथ उस महिला ने किया है,उस पर एक्शन हो।वो रोज नया-नया फंसाती है।5 अगस्त को पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपए की ठगी का केस दर्ज कराया था।उन्होंने बताया था कि सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह (55) अपनी बेटी गरिमा (29) के साथ मिलकर लोगों से रुपए ठगते थे।आरोपियों ने उनसे 1.40 करोड़ रुपए ठग लिए।जब उन्होंने पैसे मांगे तो उन्हें धमकी दी। पुलिस ने आरोपी पिता और बेटी को 3 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।1