जोधपुर में 31 मई को भोगीशैल परिक्रमा के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उम्मेद भवन पैलेस पहुँचकर महाराजा गज सिंह जी और महारानी हेमलता राज्ये जी का अपणायत के साथ अभिवादन किया। राज परिवार ने भी मुस्कुराते हुए उनके अभिवादन का उत्तर दिया और सभी को परिक्रमा पूरी होने की शुभकामनाएँ देकर घर के लिए विदा किया। इस अवसर पर सैनाचार्य अचलानन्द गिरी महाराज का भी सानिध्य रहा। राज परिवार से युवरानी गायत्री राज्ये जी, बाई जी लाल शिवरंजनी राज्ये जी, भंवर बाईजीलाल वाराह राज्ये और राज भंवर सिराज देव भी उपस्थित थे। इसी दिन, महारानी हेमलता राज्ये जी ने भी सैनाचार्य अचलानन्द गिरी महाराज के सानिध्य में परिक्रमा पूरी की। उन्होंने युवरानी गायत्री राज्ये जी, बाईजीलाल शिवरंजनी राज्ये जी, भंवर बाईजीलाल वाराह राज्ये और राज भंवर सिराज देव के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ सुबह 6:00 बजे शेखावतणी के तालाब स्थित हनुमान जी मंदिर से पहाड़ी रास्ते से होते हुए उम्मेद भवन पैलेस के सामने से गुजरकर रातानाडा गणेश जी मंदिर तक पदयात्रा की। वहाँ दर्शन कर उन्होंने मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना की और अपनी परिक्रमा पदयात्रा का समापन किया। महारानी हेमलता राज्ये जी पूरी परिक्रमा के दौरान पैदल चलीं और यात्रा के समापन के बाद उन्होंने उम्मेद भवन पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में महाराजा गज सिंह जी व सैनाचार्य जी के चरण छूकर आशीर्वाद लिया, जिन्होंने उनका स्वागत कर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने हिंदू सेवा मंडल व यात्रा से जुड़े सभी का आभार भी व्यक्त किया। परिक्रमा के समापन पर, सैकड़ों श्रद्धालु आस्था और परंपरा के साथ उम्मेद भवन पैलेस पहुँचे। उन्होंने महाराजा उमेद सिंह जी, महाराजा हनवन्त सिंह जी, राजदादीसा बदनकंवर जी और राजमाता कृष्णा कुमारी जी के चित्रों के समक्ष नमन किया, साथ ही पास बैठे महाराजा गज सिंह जी और महारानी हेमलता राज्ये जी का भी अभिवादन किया। सुबह से शुरू होकर 9:30 बजे तक श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। राज परिवार के प्रति यह आस्था और जुड़ाव उनके सम्मान को दर्शाता है। उम्मेद भवन पैलेस में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हाउसहोल्ड व पैलेस के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा मिल्क शेक, पानी और मिठाई के पैकेट वितरण की बेहतर व्यवस्था की गई थी। मदर वर्ल्ड फाउंडेशन ने एक मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया, जहाँ निःशुल्क दवाएँ वितरित की गईं। कार्यक्रम में हिंदू सेवा मंडल द्वारा ध्वज लेकर आने पर महाराजा गज सिंह जी ने ध्वज का पूजन किया। हिंदू सेवा मंडल के ध्वजवाहक ताराचंद शर्मा, संयोजक नरेश जाजड़ा, प्रधान महेश जाजड़ा, आयोजन सचिव विष्णु चंद्र प्रजापत, कोषाध्यक्ष कैलाश जाजू, राकेश गौड़, मदन सेन और जितेंद्र प्रजापत का साफा व माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस दौरान मेहरानगढ़ बैंड के बैंड मास्टर भंवरलाल और उनके साथियों ने अपनी स्वर लहरियाँ बिखेरीं, राज नगारची मोहम्मद उमर और रमजान ने शहनाई वादन किया, जबकि भजन मंडली के पुनाराम व उनके साथियों ने भजनों की प्रस्तुतियाँ दीं।
जोधपुर में 31 मई को भोगीशैल परिक्रमा के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उम्मेद भवन पैलेस पहुँचकर महाराजा गज सिंह जी और महारानी हेमलता राज्ये जी का अपणायत के साथ अभिवादन किया। राज परिवार ने भी मुस्कुराते हुए उनके अभिवादन का उत्तर दिया और सभी को परिक्रमा पूरी होने की शुभकामनाएँ देकर घर के लिए विदा किया। इस अवसर पर सैनाचार्य अचलानन्द गिरी महाराज का भी सानिध्य रहा। राज परिवार से युवरानी गायत्री राज्ये जी, बाई जी लाल शिवरंजनी राज्ये जी, भंवर बाईजीलाल वाराह राज्ये और राज भंवर सिराज देव भी उपस्थित थे। इसी दिन, महारानी हेमलता राज्ये जी ने भी सैनाचार्य अचलानन्द गिरी महाराज के सानिध्य में परिक्रमा पूरी की। उन्होंने युवरानी गायत्री राज्ये जी,
बाईजीलाल शिवरंजनी राज्ये जी, भंवर बाईजीलाल वाराह राज्ये और राज भंवर सिराज देव के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ सुबह 6:00 बजे शेखावतणी के तालाब स्थित हनुमान जी मंदिर से पहाड़ी रास्ते से होते हुए उम्मेद भवन पैलेस के सामने से गुजरकर रातानाडा गणेश जी मंदिर तक पदयात्रा की। वहाँ दर्शन कर उन्होंने मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना की और अपनी परिक्रमा पदयात्रा का समापन किया। महारानी हेमलता राज्ये जी पूरी परिक्रमा के दौरान पैदल चलीं और यात्रा के समापन के बाद उन्होंने उम्मेद भवन पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में महाराजा गज सिंह जी व सैनाचार्य जी के चरण छूकर आशीर्वाद लिया, जिन्होंने उनका स्वागत कर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने हिंदू सेवा मंडल व यात्रा से
जुड़े सभी का आभार भी व्यक्त किया। परिक्रमा के समापन पर, सैकड़ों श्रद्धालु आस्था और परंपरा के साथ उम्मेद भवन पैलेस पहुँचे। उन्होंने महाराजा उमेद सिंह जी, महाराजा हनवन्त सिंह जी, राजदादीसा बदनकंवर जी और राजमाता कृष्णा कुमारी जी के चित्रों के समक्ष नमन किया, साथ ही पास बैठे महाराजा गज सिंह जी और महारानी हेमलता राज्ये जी का भी अभिवादन किया। सुबह से शुरू होकर 9:30 बजे तक श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। राज परिवार के प्रति यह आस्था और जुड़ाव उनके सम्मान को दर्शाता है। उम्मेद भवन पैलेस में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हाउसहोल्ड व पैलेस के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा मिल्क शेक, पानी और मिठाई के पैकेट वितरण की बेहतर व्यवस्था की
गई थी। मदर वर्ल्ड फाउंडेशन ने एक मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया, जहाँ निःशुल्क दवाएँ वितरित की गईं। कार्यक्रम में हिंदू सेवा मंडल द्वारा ध्वज लेकर आने पर महाराजा गज सिंह जी ने ध्वज का पूजन किया। हिंदू सेवा मंडल के ध्वजवाहक ताराचंद शर्मा, संयोजक नरेश जाजड़ा, प्रधान महेश जाजड़ा, आयोजन सचिव विष्णु चंद्र प्रजापत, कोषाध्यक्ष कैलाश जाजू, राकेश गौड़, मदन सेन और जितेंद्र प्रजापत का साफा व माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस दौरान मेहरानगढ़ बैंड के बैंड मास्टर भंवरलाल और उनके साथियों ने अपनी स्वर लहरियाँ बिखेरीं, राज नगारची मोहम्मद उमर और रमजान ने शहनाई वादन किया, जबकि भजन मंडली के पुनाराम व उनके साथियों ने भजनों की प्रस्तुतियाँ दीं।
- जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदेलाव में 31 मई 2026 को "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अभियान के तहत गंवाई कुआं के पास स्थित पानी खेली की गहन साफ-सफाई कर उसमें पानी भरा गया। इस कार्य में सभी ग्रामवासियों का सामूहिक सहयोग रहा, जिसके लिए ग्रामीणों को बधाई दी गई है। यह भी बताया गया है कि पुराने जल स्त्रोतों के संरक्षण का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस प्रयास के साथ "जल है तो कल है, जल ही जीवन है, जल अनमोल है, अतः जल संरक्षण अति जरूरी है" जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को रेखांकित किया गया।1
- जोधपुर जिले के तिनवरी क्षेत्र में देर रात आए तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस तूफान के कारण कई पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।1
- तिंवरी क्षेत्र में इस समय बहुत ही भयानक तूफान और बारिश का प्रकोप देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।1
- प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे "वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत रविवार को ब्यावर जिला पुलिस ने जिलेभर में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। जिला मुख्यालय, पुलिस लाइन, सभी थाना परिसरों और अन्य पुलिस कार्यालयों में आयोजित इस विशेष अभियान में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया के सुपरविजन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने कार्यालय परिसरों, थाना भवनों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों की गहन साफ-सफाई की। अभियान के दौरान प्लास्टिक कचरे, अनुपयोगी सामग्री और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्र कर उनका उचित निस्तारण किया गया। कई स्थानों पर साफ-सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के प्रति जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जहाँ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया और इसे जीवन का आधार बताया। उन्होंने दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को अपनाने का आह्वान किया। अभियान के तहत यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह बल दिया गया कि यदि समाज के सभी वर्ग स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर कार्य करें तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने आमजन से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर इस जन-अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रशासन 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान की अवधि के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता रहेगा, जो जिले में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की एक कड़ी है।2
- एक धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली के ख्यातनाम झांकी कलाकारों (मनोज रिया एंड पार्टी) द्वारा महाकाल भस्म आरती और राम दरबार की शानदार झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस आयोजन में राजू माली ने कुशल मंच संचालन किया, जिसके तहत मशहूर भजन गायक प्रकाश माली, भगवत सुथार, श्याम पालीवाल और गायिका मधुबाला राव ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर राजू माली ने मंच से सभी दानदाताओं और प्रवासियों का सम्मान भी किया।1
- पाली जिले के कूरना गांव में एक भयंकर तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इस भीषण तूफान के कारण एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे उस ओर का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। तूफान के चलते किसी व्यक्ति के छठ के ऊपर पत्र (दस्तावेज़) भी गिर गए।1
- राजस्थान के पाली जिले में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जहाँ भीषण गर्मी के बीच 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से धूल भरी आंधी ने दस्तक दी। आंधी के तुरंत बाद जिले भर में तेज बारिश का दौर भी शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। पाली शहर के साथ-साथ रोहट और आसपास के अन्य इलाकों से भी भारी आंधी और नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। एहतियात के तौर पर पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, ताकि फॉल्ट या शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसों को टाला जा सके। तेज अंधड़ के कारण शहर के कई स्थानों पर बिजली के पोल, दुकानों के टिन शेड और पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अचानक हुए मौसमी बदलाव से जहाँ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 3 घंटों के लिए क्षेत्र में तेज आंधी का अलर्ट भी जारी किया है।1
- नेवर के अंदर तेज़ी से तूफान और बारिश का अनुभव किया गया है, जिसकी तीव्रता को 'कलयुग के जैसी आंधी' के समान बताया जा रहा है।1