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आदिवासी समुदाय खुद को हिंदू या ईसाई नहीं मानता, बल्कि इस धरती के मूल निवासी समुदाय के रूप में अपनी हजारों वर्षों से चली आ रही अलग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान पर जोर देता है। आदिवासी समाज प्रकृति पूजक है, जो जल, जंगल, जमीन, पहाड़, नदी, सूर्य और धरती को जीवनदाता मानकर उनकी पूजा करता है। उनकी परंपराएं, रीति-रिवाज, त्योहार, बोली-भाषाएं और जीवन पद्धति किसी बाहरी धर्म की देन नहीं, बल्कि उनकी अपनी सभ्यता और इतिहास का अविभाज्य हिस्सा हैं। सदियों से आदिवासी पहचान को मिटाने के प्रयास किए गए हैं, कभी उन्हें हिंदू बताकर तो कभी धर्मांतरण की राजनीति के माध्यम से। इसके बावजूद, आदिवासी समाज अपनी स्वतंत्र अस्मिता और संस्कृति को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। यह लड़ाई किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है, बल्कि अपनी पहचान, अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की है। इसी क्रम में, आदिवासी समाज लगातार सरना धर्म कोड और अपनी अलग धार्मिक मान्यता की मांग कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश और दुनिया उनकी वास्तविक पहचान को समझे और उसका सम्मान करे।

2 hrs ago
user_Vijay thalapati
Vijay thalapati
Farmer अलवर, अलवर, राजस्थान•
2 hrs ago
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आदिवासी समुदाय खुद को हिंदू या ईसाई नहीं मानता, बल्कि इस धरती के मूल निवासी समुदाय के रूप में अपनी हजारों वर्षों से चली आ रही अलग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान पर जोर देता है। आदिवासी समाज प्रकृति पूजक है, जो जल, जंगल, जमीन, पहाड़, नदी, सूर्य और धरती को जीवनदाता मानकर उनकी पूजा करता है। उनकी परंपराएं, रीति-रिवाज, त्योहार, बोली-भाषाएं और जीवन पद्धति किसी बाहरी धर्म की देन नहीं, बल्कि उनकी अपनी सभ्यता और इतिहास का अविभाज्य हिस्सा हैं। सदियों से आदिवासी पहचान को मिटाने के प्रयास किए गए हैं,

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कभी उन्हें हिंदू बताकर तो कभी धर्मांतरण की राजनीति के माध्यम से। इसके बावजूद, आदिवासी समाज अपनी स्वतंत्र अस्मिता और संस्कृति को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। यह लड़ाई किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है, बल्कि अपनी पहचान, अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की है। इसी क्रम में, आदिवासी समाज लगातार सरना धर्म कोड और अपनी अलग धार्मिक मान्यता की मांग कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश और दुनिया उनकी वास्तविक पहचान को समझे और उसका सम्मान करे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान सरकार द्वारा जल संकट से निपटने और जल संरक्षण को जन-भागीदारी बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत 30 मई 2026 को खण्डार ब्लॉक में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जलग्रहण एवं भू संरक्षण विभाग द्वारा यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत सिंगोर कलां की श्री 108 नित्यानंद सरस्वती गौशाला, सिंगोर गांव में संपन्न हुआ। अभियान के अंतर्गत इस कार्यक्रम में जल पूजन, पीपल पूजन, 51 कलशों की कलश यात्रा, प्रतीकात्मक वृक्षारोपण और जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर खण्डार के प्रधान नरेंद्र चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि भाजपा मण्डल अध्यक्ष खण्डार महावीर चौधरी, उपखंड अधिकारी उपखंड खण्डार वर्षा मीणा, अधीक्षण अभियंता जल ग्रहण विकास एवं भू - संरक्षण सवाई माधोपुर संजय माथुर, तथा विकास अधिकारी पंचायत समिति खण्डार जगदीश प्रसाद मित्तल सहित समस्त ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में ग्राम सिंगार कलां का अथाह जन समूह भी मौजूद रहा।
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    राजस्थान सरकार द्वारा जल संकट से निपटने और जल संरक्षण को जन-भागीदारी बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत 30 मई 2026 को खण्डार ब्लॉक में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जलग्रहण एवं भू संरक्षण विभाग द्वारा यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत सिंगोर कलां की श्री 108 नित्यानंद सरस्वती गौशाला, सिंगोर गांव में संपन्न हुआ।

अभियान के अंतर्गत इस कार्यक्रम में जल पूजन, पीपल पूजन, 51 कलशों की कलश यात्रा, प्रतीकात्मक वृक्षारोपण और जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर खण्डार के प्रधान नरेंद्र चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि भाजपा मण्डल अध्यक्ष खण्डार महावीर चौधरी, उपखंड अधिकारी उपखंड खण्डार वर्षा मीणा, अधीक्षण अभियंता जल ग्रहण विकास एवं भू - संरक्षण सवाई माधोपुर संजय माथुर, तथा विकास अधिकारी पंचायत समिति खण्डार जगदीश प्रसाद मित्तल सहित समस्त ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में ग्राम सिंगार कलां का अथाह जन समूह भी मौजूद रहा।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • अब घरों के भीतर दुकानें खोली नहीं जा सकेंगी। इसके साथ ही, ई-मित्र सहित कुल 17 सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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    अब घरों के भीतर दुकानें खोली नहीं जा सकेंगी। इसके साथ ही, ई-मित्र सहित कुल 17 सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
    user_NEWS BANSUR
    NEWS BANSUR
    Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के कोटपुतली बहरोड़ जिले की बानसूर तहसील के चीपड़ी गांव, पोस्ट हरसौरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से, ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे पीसीसी (PCC) कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। जब इस संबंध में ठेकेदार के कर्मचारियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "यह ऐसे ही चलेगा और हम इसी तरीके से काम करेंगे।" इस जवाब से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है, जिन्होंने इस मामले में समाधान और हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
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    राजस्थान के कोटपुतली बहरोड़ जिले की बानसूर तहसील के चीपड़ी गांव, पोस्ट हरसौरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से, ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे पीसीसी (PCC) कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है।

जब इस संबंध में ठेकेदार के कर्मचारियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "यह ऐसे ही चलेगा और हम इसी तरीके से काम करेंगे।" इस जवाब से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है, जिन्होंने इस मामले में समाधान और हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
    user_Mahendra Singh Shekhawat
    Mahendra Singh Shekhawat
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा। धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं। जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
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    श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा।

धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं।

जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • अलवर में स्थित 'सिलीसेढ़ लेक पैलेस' अरावली की पहाड़ियों के मध्य एक बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थल है। यह अलवर शहर से लगभग 13-14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सरिस्का टाइगर रिजर्व के मार्ग में पड़ता है।
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    अलवर में स्थित 'सिलीसेढ़ लेक पैलेस' अरावली की पहाड़ियों के मध्य एक बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक स्थल है। यह अलवर शहर से लगभग 13-14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सरिस्का टाइगर रिजर्व के मार्ग में पड़ता है।
    user_NEWS BANSUR
    NEWS BANSUR
    Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • राजस्थान सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके निर्देशों के अनुसार अलवर जिले में दिन के समय दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बत्तियां बंद रहेंगी। इस निर्णय से आमजन को काफी राहत मिली है।
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    राजस्थान सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके निर्देशों के अनुसार अलवर जिले में दिन के समय दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बत्तियां बंद रहेंगी। इस निर्णय से आमजन को काफी राहत मिली है।
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    14 hrs ago
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