श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा। धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं। जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा। धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं। जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
- श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा। धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं। जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।1
- खैरतल तिजारा जिले के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र में आज सुबह करीब 5 बजे भयंकर ओलावृष्टि हुई। यह ओलावृष्टि लगभग 20 मिनट तक जारी रही।2
- शुक्रवार को मुंडावर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों, बेरोजगारी और हाल ही में सामने आए NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ विशाल पैदल मार्च निकाला। क्षेत्रीय विधायक ललित यादव के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन पंचायत समिति स्थित आंबेडकर भवन से शुरू हुआ और कस्बे के मुख्य बाजारों से होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचा। इस दौरान भारी संख्या में युवाओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आमजन ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। उपखंड कार्यालय में प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच एसडीएम को महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। पैदल मार्च के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक ललित यादव ने सरकार की प्रशासनिक और शैक्षणिक विफलताओं पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं को दिन-रात मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के सपनों को चकनाचूर करने वाला बताया। यादव ने अलवर कॉलेज में एक ही वर्ष के भीतर तीन बार पेपर चोरी होने की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल करार दिया। आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों ने आम आदमी और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है, जबकि महंगाई चरम पर है और भारतीय रुपया अंतर्राष्ट्रीय बाजार के मुकाबले लगातार कमजोर होता जा रहा है। विधायक यादव ने सरकार के दावों पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार 'सब चंगा सी' का नारा देकर अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकती, क्योंकि जनता युवाओं के रोजगार, महंगाई से राहत और भ्रष्टाचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई को लेकर सीधे सवाल पूछ रही है। यह पैदल मार्च जब मुंडावर के मुख्य बाजारों से गुजरा, तो स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों ने भी इसे अपना व्यापक समर्थन दिया। मार्च के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ और युवाओं के हक में जोरदार नारेबाजी की। कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और अधिक उग्र व व्यापक किया जाएगा। इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में पीसीसी सचिव व मुंडावर प्रभारी पंकज दाधीच, पीसीसी महासचिव अजीत यादव, ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश कौशिक, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष गंगाराम पटेल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अशोक मुद्गल, नगर अध्यक्ष वेदप्रकाश सैनी, नगर अध्यक्ष दलीप जांगिड़, एससी प्रकोष्ठ ब्लॉक अध्यक्ष गिर्राज सामरिया, एडवोकेट राकेश यादव, पूर्व प्रधान रोहिताश चौधरी, पूर्व प्रधान प्रत्याशी धर्मसिंह चौधरी, जिला पार्षद बाबूलाल यादव, जिला पार्षद भीमराज यादव, जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया, आईवाईसी जिलाध्यक्ष प्रत्याशी सोनू गुर्जर, महेश प्रधान, सरपंच संदीप चौधरी, सरपंच जगदीश मीणा, पूर्व सरपंच शुभराम चौधरी, पूर्व सरपंच नेमीचंद गवारिया, पूर्व सरपंच सुभाष चौधरी, पूर्व सरपंच सूरजभान चौधरी, पूर्व सरपंच सोमदत्त शामदिया, पूर्व सरपंच शेरसिंह मेघवाल, पूर्व सरपंच जगराम गुर्जर, पूर्व सरपंच लीलाराम, पूर्व सरपंच देशराज यादव, एमपीएस रूपेश हवेली, एमपीएस ऋषिराज और पूर्व एमपीएस पृथ्वी चौहान सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।1
- मेवात (नूंह) क्षेत्र में शादियों के दौरान दूल्हे को लाखों रुपये के नोटों की माला पहनाने का एक बहुत बड़ा पारंपरिक चलन है। यह प्रथा समाज में एक तरह का दिखावा है, जहाँ दूल्हे को ₹10 लाख से लेकर ₹25 लाख तक के नोटों की माला पहनाई जाती है। ये मालाएं अक्सर ₹500 के नए नोटों से बनाई जाती हैं, और इनकी कीमत आमतौर पर ₹5 लाख से लेकर ₹25 लाख तक हो सकती है।1
- मौसम विभाग द्वारा जारी लगातार अलर्ट के बाद गुरुवार शाम डीग के सीकरी क्षेत्र में मौसम में अचानक बदलाव आ गया। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। इस दौरान कई स्थानों पर बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखी गईं, जिससे क्षेत्र के लोगों में सतर्कता बढ़ गई। मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार, अगले कुछ घंटों में क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। हवा की रफ्तार बढ़ने के साथ मौसम लगातार करवट ले रहा है। प्रशासन ने बिगड़ते मौसम को देखते हुए लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार मिल रहे अलर्ट के बाद अब आखिरकार मौसम का असर दिखाई देने लगा है और इस बारिश से भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।1
- राजस्थान सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके निर्देशों के अनुसार अलवर जिले में दिन के समय दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बत्तियां बंद रहेंगी। इस निर्णय से आमजन को काफी राहत मिली है।2