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मेहनत रंग लाई: मंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त आदेश, ड्राइवरों के लिए बड़ी खुशखबरी!
AMIT KUMAR
मेहनत रंग लाई: मंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त आदेश, ड्राइवरों के लिए बड़ी खुशखबरी!
- RANJIT KEVATअतरी, गया, बिहारsir thikedari ko hamesha ke liye katm kiya jaaye. hamlog auto ,toto, picup waale jab raste chalte thikedari nahi Dene ki baat karte hai to ,jabab me milta hai gaali dande se maar. is thikedari kohamesha ke liye samapt kiya jaye sarkar ka abhaar avyakt karenge.on 11 March
- User4115Manpur, Gaya👏on 12 March
- User4115Manpur, Gaya😂on 12 March
- User1776Gaya, Bihar💣on 12 March
- Ajeet Rdमानपुर, गया, बिहार🙏on 11 March
More news from Manpur and nearby areas
- Post by Ashutosh kumar1
- **प्रेस विज्ञप्ति** **पटना एवं मुजफ्फरपुर के बाद गया में कामकाजी महिला छात्रावास ‘आकांक्षा–सह–सखी निवास’ का उद्घाटन** **दिनांक:** 16.04.26 **स्थान:** पटना/गया, बिहार महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सुरक्षित आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एककामकाजी महिला महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत गया में “कामकाजी महिला छात्रावास (आकांक्षा–सह–सखी निवास)” का उद्घाटन आज वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर **समाज कल्याण विभाग की सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी** द्वारा पटना से वर्चुअल माध्यम से छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गया में राज्य प्रतिनिधि कार्यक्रम प्रबंधक विनय एस पी सिंह एवं राज्य परियोजना प्रबंधक अंकिता कश्यप एवं ज़िला प्रतिनिधि डॉ रश्मि वर्मा ज़िला प्रोग्राम पदाधिकारी गया, नैना कुमारी अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सदर गया एवं महिला एवं बाल विकाश निगम की परियोजना प्रबंधक, जयवन्ती सिन्हा, सुशांत आनंद विशाल कुमार वर्मा, आरती कुमारी केंद्र प्रशासक द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद् एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। यह छात्रावास राज्य सरकार की **“मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना”** एवं केंद्र सरकार की **“मिशन शक्ति योजना”** के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं किफायती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में बढ़ती सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए कार्यस्थल के निकट सुरक्षित एवं सुलभ आवास की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस छात्रावास की स्थापना की गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल है। छात्रावास में कुल 50 कामकाजी महिलाओं के आवास की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षित आवास के साथ-साथ भोजन की सुविधा भी मात्र ₹3000 प्रतिमाह की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगी, जो अपने गृह जिले से बाहर रहकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास निगम एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा पूर्व से ही पटना एवं मुजफ्फरपुर में इस प्रकार के छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। गया में इस छात्रावास की स्थापना इस पहल का महत्वपूर्ण विस्तार है। छात्रावास के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की गई है, जिसमें अधीक्षिका, उपाधीक्षिका, सुरक्षा कर्मी, रसोइया, बहुउद्देश्यीय कर्मी एवं सफाईकर्मी सम्मिलित हैं। उद्घाटन अवसर पर गया में उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह छात्रावास महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित करेगा। यह परियोजना महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।1
- गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल केंद्रीय कारा कराने हेतु केंद्रीय कारा के उत्तरी गेट पर अनशन कार्यक्रम गया केंद्रीय कारा का नामकरण महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांति वीर योद्धा शहीद बैकुंठ शुक्ल के नाम पर करवाने हेतु वर्षो से की जा रही मांग को बिहार सरकार द्वारा अभी तक अनसुनी करने के खिलाफ गया जिला के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र - नौजवानों के आह्वान पर शहीद बैकुंठ शुल्क विचार मंच के बैनर तले 10 मई 2026 से केंद्रीय कारा के उत्तरी गेट पर शांतिपूर्ण अनशन देने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शहीद बैकुंठ शुक्ल विचार मंच से जुड़े कॉंग्रेस नेता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, रंजीत कुमार, पूर्व वार्ड पार्षद लालजी प्रसाद, वार्ड पार्षद गजेंद्र सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, सुधीर कुमार, राधे कांत शर्मा, टिंकू गिरी, आदि ने कहा कि गया, मगध एवं बिहार के लोगों के लगातार मांग के बाद भी महान क्रांति वीर बैकुंठ शुक्ल जिन्होंने शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के फांसी की सजा में मुखबिरी एवं इकबालिया गवाह देने वाला बेतीया निवासी फनीनद्र नाथ घोष को मौत की नींद सुलाने के जुल्म में उन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने 14 मई 1934 को गया केंद्रीय कारा में फांसी की सजा देने का काम किया था। नेताओं ने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में खुदी राम बोस को फांसी की सजा होने के कारण उसका नाम शहीद खुदी राम बोस केंद्रीय कारा है, तो भागलपुर केंद्रीय कारा में जुबा सहनी को फांसी की सजा होने के कारण इसका नाम शहीद जुबा सहनी केंद्रीय कारा है, परंतु गया केंद्रीय कारा में बैकुंठ शुक्ल की फांसी की सजा मिलने के 92 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुल्क केंद्रीय कारा नहीं हुआ है, जिससे राज्य की जनमानस में काफी आक्रोश है। नेताओं ने कहा विगत 30 वर्षों से लगातार प्रति वर्ष बैकुंठ शुक्ल के शहादत दिवस 14 मई को शहीद बैकुंठ शुक्ल विचार मंच के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार को विस्तृत ज्ञापन भेज कर गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल केंद्रीय कारा करने, इनके नाम पर गया गांधी मैदान के दक्षिण _ पूर्व में बने द्वार का जीर्णोद्धार करने, इनके नाम पर गया के चाणक्यपुरी में बने पार्क में इनकी आदम कद प्रतिमा लगाने की मांग लगातार करने के बाद भी राज्य सरकार के कान पर जू तक नहीं रेंग रहा है, । नेताओं ने कहा कि इस बार भी अब 14 मई आने में एक माह की देरी है, परंतु अभी तक जिला एवं जेल प्रशासन द्वारा कई बार केंद्रीय कारा गया का नामकरण शहीद बैकुंठ शुल्क करने की अनुशंसा एवं सरकार को सभी प्रकार की जानकारी भेजे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी मायूसी है, इसलिए बैकुंठ शुक्ल विचार मंच से जुड़े सभी लोगों ने यह फैसला लिया कि 10 मई 2026 से लगातार अनशन का कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार के कुंभकर्णी निद्रा को तोड़वाने तथा जब तक गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल नहीं होता तब तक अनशन जारी रहेगा। ,भवदीय विजय कुमार मिट्ठू1
- Post by Gulesh kumar3
- रफीगंज (औरंगाबाद)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 15 अप्रैल 2026 को घोषित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सफल हुए। इस अवसर पर रफीगंज प्रखंड के राजाबगीचा स्थित कॉन्सेप्ट क्लासेस के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का नाम रोशन किया। संस्थान के निदेशक रौशन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष भी छात्रों ने शानदार परिणाम हासिल किया है। संस्थान के छात्र सोनू कुमार ने सर्वाधिक 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं पियूष कुमार ने 92 प्रतिशत, रीत कुमारी ने 87 प्रतिशत, फैज़ान अकरम ने 85.6 प्रतिशत, रिशु कुमारी ने 84 प्रतिशत तथा आस्था ने 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके अलावा सभी अन्य छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं। इस सफलता के उपलक्ष्य में संस्थान में एक छोटा सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर एवं पाठन सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। निदेशक ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की और इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।1
- Post by MD aurangzeb3
- आमस के विभिन्न विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा किया गया स्वास्थ्य जांच आमस प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बनकट में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का स्वास्थ्य जांच कर बच्चों में मिलने वाली गंभीर बीमारियों का इलाज मुफ्त में सरकारी अस्पतालों में कराया जाता है। जिसको लेकर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रखंड ने प्राथमिक विद्यालय बनकट सहित कई सरकारी विद्यालयों में पहुंच कर बच्चों की जांच की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुख्य रूप से बच्चों में बहरापन, आंख से कम दिखाई देना, दिव्यांगता, दांत व हृदय से संबंधित गंभीर बीमारियों की जांच की गई। इस दौरान डॉ. शालिनी कुमारी ने कही कि बच्चों में गंभीर बीमारी का लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों का इलाज तथा उसका आपरेशन मुफ्त में किया जायेगा।1
- गया। गया महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले गोद ली गई स्लम बस्ती, पुलिस लाइन ग्वालबीघा में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य सतीश सिंह चंद्र उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बाबा साहब के विचारों को आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता के रूप में मगध विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. पिंटू कुमार ने बाबा साहब के संघर्षपूर्ण जीवन, संविधान निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान तथा सामाजिक परिवर्तन में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचार युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम के संयोजक एवं गया कॉलेज के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वयंसेवकों को समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी । इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक—सौरव, इस्तियाक, खुशबू, अभिषेक, प्रेम, सावन, पूजा,शुभम ,रंजना एवं सृष्टि—की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों के बीच जागरूकता फैलाना तथा बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात कर एक समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना रहा।1