सीतापुर: टाउन हॉल की बेशकीमती नजूल भूमि पर बड़ा एक्शन, सपा कार्यालय समेत कई पट्टे निरस्त सीतापुर: टाउन हॉल की बेशकीमती नजूल भूमि पर बड़ा एक्शन, सपा कार्यालय समेत कई पट्टे निरस्त संवाददाता, नरेश गुप्ता सीतापुर प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद ने शहर के सिविल लाइन स्थित टाउन हॉल परिसर में वर्षों से काबिज अवैध कब्जों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। 8 अप्रैल 2026 को बोर्ड बैठक में लिए गए कड़े निर्णय के बाद, पालिका प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय सहित कई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के पट्टे निरस्त कर बेदखली का नोटिस थमा दिया है। कार्रवाई के मुख्य बिंदु: सपा कार्यालय पर संकट: नजूल भूखंड संख्या 1437 पर स्थित सपा के जिला कार्यालय का पट्टा (जो 15 जनवरी 2005 को आवंटित हुआ था) तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित कर निरस्त कर दिया गया है। स्वामित्व का विवाद: जांच में पाया गया कि यह भूमि राज्य सरकार की नजूल संपत्ति है। स्थानीय निकाय के पास इसका स्वामित्व नहीं, बल्कि केवल प्रबंधन का अधिकार है, इसलिए निकाय द्वारा किए गए पुराने आवंटन विधिक रूप से शून्य माने गए। अन्य कब्जेदारों पर गाज: नरेश कुमार: 30 वर्षीय किरायानामा (24 जून 1991) समाप्त होने के कारण अब उनका कब्जा अवैध श्रेणी में है। श्रीमती मिथलेश गुप्ता: इनके नाम दर्ज भूमि इंद्राज को भी यह कहते हुए निरस्त किया गया कि निकाय को स्वामित्व दर्ज करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। प्रशासन की सख्त तैयारी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने इस कार्रवाई की आधिकारिक रिपोर्ट जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी सदर को भेज दी है। पालिका प्रशासन ने इस बार पूरी कानूनी घेराबंदी की है ताकि पिछली बार की तरह न्यायालय के स्थगन आदेशों के चलते अभियान में रुकावट न आए। बड़ी कार्रवाई की आहट: टाउन हॉल परिसर में मचे इस हड़कंप के बीच माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाकर करोड़ों की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा सकता है।
सीतापुर: टाउन हॉल की बेशकीमती नजूल भूमि पर बड़ा एक्शन, सपा कार्यालय समेत कई पट्टे निरस्त सीतापुर: टाउन हॉल की बेशकीमती नजूल भूमि पर बड़ा एक्शन, सपा कार्यालय समेत कई पट्टे निरस्त संवाददाता, नरेश गुप्ता सीतापुर प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद ने शहर के सिविल लाइन स्थित टाउन हॉल परिसर में वर्षों से काबिज अवैध कब्जों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। 8 अप्रैल 2026 को बोर्ड बैठक में लिए गए कड़े निर्णय के बाद, पालिका प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय सहित कई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के पट्टे निरस्त कर बेदखली का नोटिस थमा दिया है। कार्रवाई के मुख्य बिंदु: सपा कार्यालय पर संकट: नजूल भूखंड संख्या 1437 पर स्थित सपा के जिला कार्यालय का पट्टा (जो 15 जनवरी 2005 को आवंटित हुआ था) तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित कर निरस्त कर दिया गया है। स्वामित्व का विवाद: जांच में पाया गया कि यह भूमि राज्य सरकार की नजूल संपत्ति है। स्थानीय निकाय के
पास इसका स्वामित्व नहीं, बल्कि केवल प्रबंधन का अधिकार है, इसलिए निकाय द्वारा किए गए पुराने आवंटन विधिक रूप से शून्य माने गए। अन्य कब्जेदारों पर गाज: नरेश कुमार: 30 वर्षीय किरायानामा (24 जून 1991) समाप्त होने के कारण अब उनका कब्जा अवैध श्रेणी में है। श्रीमती मिथलेश गुप्ता: इनके नाम दर्ज भूमि इंद्राज को भी यह कहते हुए निरस्त किया गया कि निकाय को स्वामित्व दर्ज करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। प्रशासन की सख्त तैयारी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने इस कार्रवाई की आधिकारिक रिपोर्ट जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी सदर को भेज दी है। पालिका प्रशासन ने इस बार पूरी कानूनी घेराबंदी की है ताकि पिछली बार की तरह न्यायालय के स्थगन आदेशों के चलते अभियान में रुकावट न आए। बड़ी कार्रवाई की आहट: टाउन हॉल परिसर में मचे इस हड़कंप के बीच माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाकर करोड़ों की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा सकता है।
- सिधौली तहसील में भ्रष्टाचार पर बड़ा वार: एक लाख घूस लेते SDM के पेशकार रंगे हाथ गिरफ्तार लखनऊ एंटी करप्शन टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दाखिल-खारिज के नाम पर वसूली का खुलासा संवाददाता,,नरेश गुप्ता सिधौली/सीतापुर। तहसील सिधौली में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम के पेशकार (वरिष्ठ बाबू) अनुपम श्रीवास्तव को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले पेशकार द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोपी ने कुल ₹1,00,000 की रकम तय की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तहसील परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। शिकायतकर्ता जय प्रकाश मिश्रा निवासी ग्राम मऊ की सतर्कता से यह कार्रवाई संभव हो सकी। पहले भी विवादों में रहा आरोपी सूत्रों के अनुसार, अनुपम श्रीवास्तव का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले जब वह सदर तहसील में तैनात था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार शिकायतों के चलते उसे वहां से हटाकर सिधौली भेजा गया था, लेकिन यहां भी उसकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। तहसील में सन्नाटा, कर्मचारियों में खौफ अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होते नजर आए। एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने साथ लखनऊ ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ा संदेश: इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन अब पूरी तरह सख्त है और रिश्वतखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फैक्ट बॉक्स ▪️ स्थान: तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर ▪️ आरोपी: अनुपम श्रीवास्तव (पेशकार) ▪️ मामला: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत ▪️ राशि: ₹1,00,000 ▪️ शिकायतकर्ता: अटरिया क्षेत्र का किसान (जय प्रकाश मिश्रा) ▪️ कार्रवाई: लखनऊ एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तारी ▪️ तरीका: शिकायत के बाद ट्रैप ऑपरेशन ▪️ पुराना रिकॉर्ड: ठगी व भ्रष्टाचार के आरोप, सदर तहसील से हटाया जा चुका ▪️ वर्तमान स्थिति: आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी1
- सिधौली तहसील में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई, एसडीएम का पेशकार गिरफ्तार रिपोर्ट: स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश, अरुण कुमार यादव अपना रिपोर्टर अशोक यादव सीतापुर जनपद की सिधौली तहसील में बुधवार को एंटी करप्शन टीम, लखनऊ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय में तैनात पेशकार (वरिष्ठ बाबू) को ₹1.07 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान से भूमि के दाखिल-खारिज (नामांतरण) के नाम पर यह रकम मांगी गई थी। किसान की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बताया।2
- सिधौली तहसील में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई, एसडीएम का पेशकार गिरफ्तार रिपोर्ट: स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश, अरुण कुमार यादव सीतापुर जनपद की सिधौली तहसील में बुधवार को एंटी करप्शन टीम, लखनऊ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय में तैनात पेशकार (वरिष्ठ बाबू) को ₹1.07 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान से भूमि के दाखिल-खारिज (नामांतरण) के नाम पर यह रकम मांगी गई थी। किसान की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बताया।1
- सीतापुर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी अंकुर अग्रवाल के कड़े निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने एक ऐसे शातिर चोर को दबोचा है, जिसने न केवल सीतापुर बल्कि हरदोई, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी तक अपनी दहशत फैला रखी थी।"1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ हरदोई। जिले के लोनार थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बावन कस्बे के पास झाड़ियों में एक किशोरी गंभीर हालत में खून से लथपथ मिली। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। बताया जा रहा है कि झाड़ियों के पास पड़ी किशोरी को सबसे पहले स्थानीय लोगों ने देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किशोरी को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना स्थल चौकी से कुछ ही दूरी पर होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, किशोरी की हालत को देखते हुए लोगों में दरिंदगी की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी तरह की पुष्टि नहीं की है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि लोनार थाना क्षेत्र में एक किशोरी के घायल अवस्था में मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में जांच तेज कर दी है और संदिग्धों की तलाश के साथ ही घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।1
- jhopadiyon mein Aag lag Gai2
- Post by मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी1
- सिधौली तहसील में घूसखोरी पर बड़ा प्रहार: 1.07 लाख लेते एस डी एम के पेशकार रंगे हाथ गिरफ्तार, लखनऊ टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई संवाददाता,, नरेश गुप्ता सिधौली/सीतापुर। तहसील सिधौली में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई, जब लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एक वरिष्ठ बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से खिसकते नजर आए। *दाखिल-खारिज के नाम पर मांगी थी मोटी रकम* जानकारी के अनुसार, अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले तहसील में तैनात बाबू अनुपम श्रीवास्तव लगातार रिश्वत की मांग कर रहा है। बाबू द्वारा कुल 1 लाख 7 हजार रुपये की डिमांड की गई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर तहसील परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही बाबू ने किसान से रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। *पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप* अनुपम श्रीवास्तव का विवादों से पुराना रिश्ता बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जब वह सीतापुर सदर तहसील में तैनात था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार और ठगी के कई आरोप लगे थे। आरोप है कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये वसूले थे। लगातार शिकायतों के चलते उसे सदर तहसील से हटाकर सिधौली भेजा गया था, लेकिन यहां भी उसकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। *तहसील में सन्नाटा, कर्मचारियों में दहशत* अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होते दिखे। गिरफ्तार बाबू को एंटी करप्शन टीम अपने साथ लखनऊ ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ा संदेश: इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब रिश्वतखोरी करने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। ( बॉक्स) ▪️ स्थान: तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर ▪️ आरोपी: बाबू अनुपम श्रीवास्तव ▪️ मामला: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत ▪️ रिश्वत राशि: ₹1,07,000 ▪️ शिकायतकर्ता: अटरिया क्षेत्र का किसान ▪️ कार्रवाई: लखनऊ एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया ▪️ तरीका: पहले शिकायत, फिर जाल बिछाकर ट्रैप ▪️ पुराना रिकॉर्ड: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप, सदर तहसील से हटाया जा चुका ▪️ वर्तमान स्थिति: आरोपी को लखनऊ ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी3