जालौन के उरई में बुंदेलखंड राज्य के गठन की वर्षों पुरानी मांग को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है। अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रताप याज्ञिक ने पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत द्वारा उठाई गई बुंदेलखंड राज्य गठन की मांग का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत आवश्यक और सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। शैलेन्द्र प्रताप याज्ञिक ने जारी बयान में कहा कि अलग बुंदेलखंड राज्य का गठन केवल एक प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, सुशासन, युवाओं के रोजगार, किसानों की सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ा हुआ एक अत्यंत व्यापक मुद्दा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से अपेक्षित गति से न जुड़ पाने के कारण इस क्षेत्र की जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका मानना है कि अलग राज्य बनने के बाद ही क्षेत्र के जल, खनिज और कृषि जैसे प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग संभव हो सकेगा, जिससे विकास योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ के इस कदम को अलग राज्य की मांग के आंदोलन में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है। याज्ञिक ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन सदैव नागरिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़ा रहा है और बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी यह मांग जारी रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षा की है कि वह क्षेत्र के नागरिकों की भावनाओं और आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस और गंभीर पहल करेगी।
जालौन के उरई में बुंदेलखंड राज्य के गठन की वर्षों पुरानी मांग को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है। अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रताप याज्ञिक ने पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत द्वारा उठाई गई बुंदेलखंड राज्य गठन की मांग का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत आवश्यक और
सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। शैलेन्द्र प्रताप याज्ञिक ने जारी बयान में कहा कि अलग बुंदेलखंड राज्य का गठन केवल एक प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, सुशासन, युवाओं के रोजगार, किसानों की सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ा हुआ एक अत्यंत व्यापक मुद्दा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से अपेक्षित गति से न जुड़ पाने
के कारण इस क्षेत्र की जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका मानना है कि अलग राज्य बनने के बाद ही क्षेत्र के जल, खनिज और कृषि जैसे प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग संभव हो सकेगा, जिससे विकास योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ के इस कदम को अलग राज्य की मांग के आंदोलन में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हस्तक्षेप के
रूप में देखा जा रहा है। याज्ञिक ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन सदैव नागरिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़ा रहा है और बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी यह मांग जारी रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षा की है कि वह क्षेत्र के नागरिकों की भावनाओं और आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस और गंभीर पहल करेगी।
- जालौन के माधौगढ़ क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बंगरा की छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल, साफ-सफाई, छात्रावास, भोजन और सुरक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया है। इन सभी समस्याओं को लेकर छात्राओं ने एसडीएम को एक प्रार्थना पत्र सौंपा और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी माधौगढ़ ने तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत जालौन के उरई में आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ में विद्यार्थियों को सहजन (मोरिंगा) के पौधे वितरित किए गए। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सहजन के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वन विभाग की इस विशेष पहल में छात्र-छात्राओं को इन पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य वन संरक्षक एच. गिरीश ने सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सहजन पोषक तत्वों से भरपूर एक अत्यंत उपयोगी वृक्ष है। उन्होंने बच्चों से अपने घरों और आसपास सहजन के पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव ने विद्यार्थियों को सहजन के पौधे वितरित करते हुए इसके गुणों के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि सहजन में विटामिन ए, सी और ई, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम तथा प्रोटीन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सहजन का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र को बेहतर रखने तथा शरीर को पोषण प्रदान करने में सहायक माना जाता है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी रवी मोहन कटिहार, सुबोध कुमार शुक्ला, क्षेत्रीय वनाधिकारी ओम प्रकाश वर्मा, वन दरोगा सुनील कुमार, सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश उदैनिया, विद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।3
- जालौन के उरई में बुंदेलखंड राज्य के गठन की वर्षों पुरानी मांग को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है। अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रताप याज्ञिक ने पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत द्वारा उठाई गई बुंदेलखंड राज्य गठन की मांग का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत आवश्यक और सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। शैलेन्द्र प्रताप याज्ञिक ने जारी बयान में कहा कि अलग बुंदेलखंड राज्य का गठन केवल एक प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, सुशासन, युवाओं के रोजगार, किसानों की सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ा हुआ एक अत्यंत व्यापक मुद्दा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से अपेक्षित गति से न जुड़ पाने के कारण इस क्षेत्र की जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका मानना है कि अलग राज्य बनने के बाद ही क्षेत्र के जल, खनिज और कृषि जैसे प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग संभव हो सकेगा, जिससे विकास योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। अखिल भारतीय मानवाधिकार संघ के इस कदम को अलग राज्य की मांग के आंदोलन में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है। याज्ञिक ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन सदैव नागरिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़ा रहा है और बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी यह मांग जारी रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षा की है कि वह क्षेत्र के नागरिकों की भावनाओं और आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस और गंभीर पहल करेगी।4
- जालौन के उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर नशेबाजों के जमावड़े और खुलेआम शराबखोरी से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर प्लेटफॉर्म पर स्थित कैंटीन के संचालक ने रेलवे प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कराने और नशेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जनपद जालौन के थाना कदौरा के अंतर्गत शेखपुर अर्जग निवासी कैंटीन संचालक अभिषेक सेगर ने झांसी मंडल रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक को शिकायती पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो महीने से प्लेटफॉर्म-2 पर कैंटीन का संचालन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से कुछ लोग रेलवे लाइन के किनारे और पटरी पर बैठकर शराब पीते हैं तथा यात्रियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हैं। दो दिन पहले जब कैंटीन के एक कर्मचारी ने इन नशेड़ियों को वहां से हटने के लिए कहा, तो उन्होंने उसके साथ कथित रूप से मारपीट कर दी। इस घटना के बाद से कैंटीन के कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। कैंटीन संचालक का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर नशेबाजों की इस गुंडागर्दी के कारण यात्रियों में डर बना रहता है, जिससे कैंटीन के व्यापार पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है। अभिषेक सेगर ने रेलवे प्रशासन से प्लेटफॉर्म-2 पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने, नियमित गश्त लगाने, नशेबाजों पर सख्त कार्रवाई करने तथा यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस शिकायत पर कितनी तेजी से एक्शन लेता है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन में अब निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। अगर आपका बच्चा किसी निजी विद्यालय में पढ़ता है और स्कूल आपको केवल एक ही दुकान से किताबें, ड्रेस या बैग खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो अब सावधान हो जाइए। जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों की सुविधा और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए BSA ने साफ कर दिया है कि अध्ययन सामग्री एक से अधिक दुकानों पर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस आदेश का उल्लंघन कर नियम तोड़ने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- जालौन में शिक्षा विभाग के एबीएसए ज्ञान प्रकाश अवस्थी ने भारत सरकार के नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (उल्लास) के अंतर्गत सभी शिक्षकों को अपने विद्यालयीय क्षेत्र में 18 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर वयस्कों का चिन्हांकन कर उनका उल्लास ऐप पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। विकास खंड स्तर पर 1,000 से अधिक निरक्षर वयस्कों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 1 अप्रैल से संचालित इस अभियान के तहत अब तक लगभग 600 पंजीकरण किए जा चुके हैं। एबीएसए ने 13 जुलाई को पुनः निर्देश जारी कर अभियान में तेजी लाने को कहा है और प्रत्येक विद्यालय को कम से कम 20 पंजीकरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। एबीएसए ज्ञान प्रकाश अवस्थी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों ने अभी तक एक भी पंजीकरण नहीं किया है, उन शून्य पंजीकरण वाले विद्यालयों के विरुद्ध नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से पंजीकृत निरक्षर वयस्कों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री दी जाएगी, जिसके बाद उनकी परीक्षा आयोजित कर सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों से इस निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने की अपील की है।1
- जालौन तहसील परिसर में रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के कार्यों में रिश्वतखोरी का आरोप लगा है। यहाँ सरकारी कामों को आगे बढ़ाने के लिए अवैध रूप से रिश्वत की मांग की जा रही है। इस मामले में तहसील परिसर के भीतर पेशगार से जुड़े कार्यों के लिए एक निजी व्यक्ति द्वारा रिश्वत ली जा रही है। इस बीच, तहसील परिसर में निजी व्यक्ति द्वारा रिश्वत लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद, अब अधिकारी इस वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं।1