महदेइया रेलवे साइडिंग पर कोयले के खेल का खुलासा? घटिया गुणवत्ता से उद्योगों में हड़कंप। सिंगरौली। ऊर्जाधानी के नाम से विख्यात सिंगरौली जिले में कोयले की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ताजा मामला महदेइया रेलवे साइडिंग का है, जहाँ से लोड होने वाले कोयले की क्वालिटी पर अब गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं। स्थानीय सूत्रों और उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि यहाँ से भेजा जा रहा कोयला मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है, जिससे उद्योगों को भारी चपत लग रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ताओं का दावा है कि महदेइया साइडिंग पर कोयले के साथ बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि: निम्न गुणवत्ता: पावर प्लांटों और अन्य उद्योगों को जो कोयला भेजा जा रहा है, वह निर्धारित कैलोरिफिक वैल्यू (Grade) से काफी नीचे है। बिजली उत्पादन पर असर: बिजली उत्पादन इकाइयों में घटिया कोयला पहुँचने से मशीनों की कार्यक्षमता गिर रही है और उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। आर्थिक नुकसान: जो उद्योग उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का भुगतान कर रहे हैं, उन्हें पत्थर और धूल मिला हुआ कोयला मिल रहा है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल हैरानी की बात यह है कि कोयले की इस 'ग्रेडिंग' में हो रही कथित हेराफेरी के बावजूद नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि बिना विभागीय सांठगांठ के इतने बड़े पैमाने पर गुणवत्ता से समझौता करना मुमकिन नहीं है। कार्रवाई का इंतज़ार सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह मामला गरमाने के बाद अब सबकी नज़रें सिंगरौली कलेक्टर और एनसीएल प्रबंधन पर टिकी हैं। क्या जिला प्रशासन इसकी निष्पक्ष जाँच कराएगा या फिर कागजों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? बड़ा सवाल: क्या सीएम डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश गृह विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर कोयला माफियाओं के गठजोड़ पर लगाम लगाएंगे?
महदेइया रेलवे साइडिंग पर कोयले के खेल का खुलासा? घटिया गुणवत्ता से उद्योगों में हड़कंप। सिंगरौली। ऊर्जाधानी के नाम से विख्यात सिंगरौली जिले में कोयले की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ताजा मामला महदेइया रेलवे साइडिंग का है, जहाँ से लोड होने वाले कोयले की क्वालिटी पर अब गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं। स्थानीय सूत्रों और उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि यहाँ से भेजा जा रहा कोयला मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है, जिससे उद्योगों को भारी चपत लग रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ताओं का दावा है कि महदेइया साइडिंग पर कोयले के साथ बड़े पैमाने पर
मिलावट का खेल चल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि: निम्न गुणवत्ता: पावर प्लांटों और अन्य उद्योगों को जो कोयला भेजा जा रहा है, वह निर्धारित कैलोरिफिक वैल्यू (Grade) से काफी नीचे है। बिजली उत्पादन पर असर: बिजली उत्पादन इकाइयों में घटिया कोयला पहुँचने से मशीनों की कार्यक्षमता गिर रही है और उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। आर्थिक नुकसान: जो उद्योग उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का भुगतान कर रहे हैं, उन्हें पत्थर और धूल मिला हुआ कोयला मिल रहा है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल हैरानी की बात यह है कि कोयले की इस 'ग्रेडिंग' में हो रही कथित हेराफेरी के बावजूद नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL)
और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि बिना विभागीय सांठगांठ के इतने बड़े पैमाने पर गुणवत्ता से समझौता करना मुमकिन नहीं है। कार्रवाई का इंतज़ार सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह मामला गरमाने के बाद अब सबकी नज़रें सिंगरौली कलेक्टर और एनसीएल प्रबंधन पर टिकी हैं। क्या जिला प्रशासन इसकी निष्पक्ष जाँच कराएगा या फिर कागजों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? बड़ा सवाल: क्या सीएम डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश गृह विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर कोयला माफियाओं के गठजोड़ पर लगाम लगाएंगे?
- सिंगरौली। ऊर्जाधानी के नाम से विख्यात सिंगरौली जिले में कोयले की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ताजा मामला महदेइया रेलवे साइडिंग का है, जहाँ से लोड होने वाले कोयले की क्वालिटी पर अब गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं। स्थानीय सूत्रों और उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि यहाँ से भेजा जा रहा कोयला मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है, जिससे उद्योगों को भारी चपत लग रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ताओं का दावा है कि महदेइया साइडिंग पर कोयले के साथ बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चल रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि: निम्न गुणवत्ता: पावर प्लांटों और अन्य उद्योगों को जो कोयला भेजा जा रहा है, वह निर्धारित कैलोरिफिक वैल्यू (Grade) से काफी नीचे है। बिजली उत्पादन पर असर: बिजली उत्पादन इकाइयों में घटिया कोयला पहुँचने से मशीनों की कार्यक्षमता गिर रही है और उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। आर्थिक नुकसान: जो उद्योग उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का भुगतान कर रहे हैं, उन्हें पत्थर और धूल मिला हुआ कोयला मिल रहा है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल हैरानी की बात यह है कि कोयले की इस 'ग्रेडिंग' में हो रही कथित हेराफेरी के बावजूद नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि बिना विभागीय सांठगांठ के इतने बड़े पैमाने पर गुणवत्ता से समझौता करना मुमकिन नहीं है। कार्रवाई का इंतज़ार सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह मामला गरमाने के बाद अब सबकी नज़रें सिंगरौली कलेक्टर और एनसीएल प्रबंधन पर टिकी हैं। क्या जिला प्रशासन इसकी निष्पक्ष जाँच कराएगा या फिर कागजों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? बड़ा सवाल: क्या सीएम डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश गृह विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर कोयला माफियाओं के गठजोड़ पर लगाम लगाएंगे?3
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- सोनभद्र/दिनांक 04 मई,2026 मण्डलायुक्त विन्ध्यांचल मण्डल श्री राजेश प्रकाश ने जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। मण्डलायुक्त ने 48 आईआर वाहिनी परिसर में टाइप-ए के 16 आवासों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग एवं तकनीकी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने यू0पी0आर0एन0एन0 उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम के अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कार्य में देरी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा। इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय भवन के निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु उन्होंने श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ग्राम पंचायत नई पहुंचे, जहां उन्होंने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पशुओं के रख-रखाव, साफ-सफाई, पेयजल एवं चारे की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल एवं भूसा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देकर हरे चारे की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे गोवंश के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार हो सके। मण्डलायुक्त ने पटवध पेयजल समूह योजना, हिन्दुआरी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गांवों में नियमित, स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जहां कहीं भी तकनीकी या संचालन संबंधी समस्याएं हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मण्डलायुक्त ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें, प्रगति की सतत समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि विकास कार्यों का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी श्री हेमन्त कुमार सिंह, डी0सी0 मनरेगा श्री रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा, संयुक्त विकास आयुक्त श्री रमेश चन्द्र एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- विंध्य बलराम न्यूज. विंध्य क्षेत्र के सीधी जिले अंतर्गत रामपुर नैकिन तहसील के ग्राम तितिरा बघेलान में आज प्रकृति का एक रौद्र रूप देखने को मिला। आज दिनांक 4 मई 2026 को दोपहर 3:00 बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते आसमान में काले बादलों का डेरा जमा हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पहले हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, लेकिन कुछ ही पलों में वर्षा के साथ आसमान से बड़े-बड़े पत्थर (ओले) गिरने लगे। करीब आधे घंटे तक चली इस पत्थर रूपी मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया। दोपहर के समय हुए इस अचानक घटनाक्रम से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर इस बेमौसम पत्थरबाजी ने क्षेत्र के किसानों और आम जनमानस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थरों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया था और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अचानक हुई इस वर्षा और पत्थरबाजी से क्षेत्र की वनस्पति और कच्चे मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। समाचार लिखे जाने तक आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी है। विंध्य बलराम न्यूज की टीम स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील करती है।2
- Post by कालचिंतन समाचार1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1