परिवार का दर्दनाक आरोप: डूबने से नहीं हुई मोहम्मद मोमीन की मौत, मारपीट के बाद पानी में फेंके जाने की आशंका प्रयागराज। मोहम्मद मोमीन पुत्र मुर्तुज़ा, निवासी जाहिराबाद, नैनी, प्रयागराज की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक परिवार ने अपना बेटा, अपना भाई और अपना सहारा खो दिया है, लेकिन परिवार का कहना है कि मोमीन की मौत की असली सच्चाई अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है, लेकिन पीड़ित परिवार इस बात से सहमत नहीं है। परिवार का गंभीर एवं स्पष्ट आरोप है कि मोहम्मद मोमीन की मौत महज डूबने से नहीं हुई, बल्कि उसके साथ पहले मारपीट की गई और उसके बाद उसे पानी में फेंक दिया गया। परिवार का कहना है कि उपलब्ध तस्वीरों में मोमीन के गर्दन, कान और सिर के आसपास चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। इन चोटों ने परिवार के मन में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का दर्द है कि आखिर यदि मोमीन की मौत केवल डूबने से हुई, तो उसके शरीर पर ये चोटें किन परिस्थितियों में आईं? एक परिवार अपने जवान बेटे की मौत का सच जानना चाहता है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाना नहीं है, बल्कि केवल यह जानना है कि उनके अपने मोमीन के साथ आखिर हुआ क्या था और उसकी मौत के पीछे वास्तविक सच्चाई क्या है। परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि “हमने अपना भाई खो दिया है, अब कम से कम हमें उसकी मौत का सच तो मिलना चाहिए।” पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार चाहता है कि मौत की निष्पक्ष जांच हो और हत्या की आशंका के एंगल से भी गंभीरता से जांच की जाए। परिवार ने मांग की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल एवं फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच कराई जाए, ताकि हर सवाल का जवाब मिल सके और वास्तविक सच्चाई सामने आए। परिवार का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मोहम्मद मोमीन के साथ मारपीट की गई और उसे पानी में फेंका गया, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार की सबसे बड़ी गुहार यही है कि उनके दर्द को अनसुना न किया जाए। इस मामले में कोई लीपापोती न हो, किसी दबाव में जांच प्रभावित न हो और निष्पक्ष जांच के माध्यम से मोहम्मद मोमीन की मौत की सच्चाई सामने लाई जाए। परिवार का कहना है—हमें बदला नहीं, इंसाफ चाहिए; हमें किसी को फंसाना नहीं, अपने मोमीन की मौत का सच चाहिए।
परिवार का दर्दनाक आरोप: डूबने से नहीं हुई मोहम्मद मोमीन की मौत, मारपीट के बाद पानी में फेंके जाने की आशंका प्रयागराज। मोहम्मद मोमीन पुत्र मुर्तुज़ा, निवासी जाहिराबाद, नैनी, प्रयागराज की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक परिवार ने अपना बेटा, अपना भाई और अपना सहारा खो दिया है, लेकिन परिवार का कहना है कि मोमीन की मौत की असली सच्चाई अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है, लेकिन पीड़ित परिवार इस बात से सहमत नहीं है। परिवार का गंभीर एवं स्पष्ट आरोप है कि मोहम्मद मोमीन की मौत महज डूबने से नहीं हुई, बल्कि उसके साथ पहले मारपीट की गई और उसके बाद उसे पानी में फेंक दिया गया। परिवार का कहना है कि उपलब्ध तस्वीरों में मोमीन के गर्दन, कान और सिर के आसपास चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। इन चोटों ने परिवार के मन में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का दर्द है कि आखिर यदि मोमीन की मौत केवल डूबने से हुई, तो उसके शरीर पर ये चोटें किन परिस्थितियों में आईं? एक परिवार अपने जवान बेटे की मौत का सच जानना चाहता है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाना नहीं है, बल्कि केवल यह जानना है कि उनके अपने मोमीन के साथ आखिर हुआ क्या था और उसकी मौत के पीछे वास्तविक सच्चाई क्या है। परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि “हमने अपना भाई खो दिया है, अब कम से कम हमें उसकी मौत का सच तो मिलना चाहिए।” पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार चाहता है कि मौत की निष्पक्ष जांच हो और हत्या की आशंका के एंगल से भी गंभीरता से जांच की जाए। परिवार ने मांग की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल एवं फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच कराई जाए, ताकि हर सवाल का जवाब मिल सके और वास्तविक सच्चाई सामने आए। परिवार का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मोहम्मद मोमीन के साथ मारपीट की गई और उसे पानी में फेंका गया, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार की सबसे बड़ी गुहार यही है कि उनके दर्द को अनसुना न किया जाए। इस मामले में कोई लीपापोती न हो, किसी दबाव में जांच प्रभावित न हो और निष्पक्ष जांच के माध्यम से मोहम्मद मोमीन की मौत की सच्चाई सामने लाई जाए। परिवार का कहना है—हमें बदला नहीं, इंसाफ चाहिए; हमें किसी को फंसाना नहीं, अपने मोमीन की मौत का सच चाहिए।
- प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध लेटे बड़े हनुमान मंदिर परिसर में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे हनुमान जी का विग्रह जलमग्न हो गया है। त्रिवेणी बांध के नीचे की सड़कें और आसपास के पार्क भी पानी में डूब चुके हैं। छोटा बघाड़ा, सलोरी और अन्य कछारी बस्तियों के निचले हिस्सों में पानी का दायरा बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों और छात्रों को सतर्क किया जाने लगा है। मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के कैचमेंट एरिया में बारिश के साथ-साथ केन, बेतवा, टोंस और बेलन जैसी सहायक नदियों का पानी भी बढ़ने से मुख्य नदियों के प्रवाह पर असर पड़ रहा है। हालांकि नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और जल पुलिस की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया1
- प्रयागराज-मोहम्मद मोमीन की मौत पर उठे सवाल परिजनों ने मारपीट के बाद पानी में फेंके जाने की जताई आशंका प्रयागराज। नैनी थाना क्षेत्र के जाहिराबाद निवासी मोहम्मद मोमीन पुत्र मुर्तुज़ा की मौत को लेकर परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पुलिस की ओर से मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है, वहीं परिवार ने आशंका जताई है कि मोमीन के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसे पानी में फेंका गया। परिजनों का कहना है कि शव से संबंधित तस्वीरों में गर्दन, कान और सिर के आसपास चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं निशानों को लेकर परिवार घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहा है। परिजनों का सवाल है कि यदि मौत केवल डूबने से हुई है तो शरीर पर दिखाई दे रहे चोट के निशान किन परिस्थितियों में आए, इसकी भी जांच होनी चाहिए। परिवार ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाना नहीं, बल्कि मोहम्मद मोमीन की मौत की वास्तविक वजह सामने लाना है। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल एवं फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ घटनास्थल की जांच, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल फोन समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जांच में हत्या की आशंका के पहलू को भी शामिल किया जाए। यदि जांच में मारपीट कर पानी में फेंके जाने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजनों ने कहा कि उन्होंने अपना बेटा और भाई खोया है। उनकी मांग किसी से बदला लेने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए घटना की वास्तविक सच्चाई सामने लाने और न्याय दिलाने की है।1
- गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, बदरा–सोनौटी मार्ग का संपर्क टूटा सड़कें जलमग्न, नावों के सहारे हो रहा आवागमन; झूंसी के तटीय इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा प्रयागराज झूंसी, गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से झूंसी क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। बदरा–सोनौटी गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग पानी में डूब जाने से गांव का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। सड़कें जलमग्न होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक आवागमन और जरूरी सामान लाने-ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पानी सड़क के ऊपर बह रहा है, जिससे पैदल और वाहन दोनों का आवागमन बंद हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में कई नावें तैनात की हैं। नावों के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा दी जा रही है तथा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलमग्न क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए झूंसी समेत आसपास के तटीय इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।1
- प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, झूंसी-गारापुर मार्ग जलमग्न! प्रयागराज: लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण प्रयागराज के झूंसी-गारापुर संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है। पूरा मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य शहर से संपर्क कट गया है। सड़क पर कई फीट पानी तैरने के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी है, जिसके चलते लोग जान जोखिम में डालकर पैदल या वैकल्पिक रास्तों से निकलने को मजबूर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सूचित कर दिया गया है। पुलिस और आपदा राहत दल की टीमें प्रभावित इलाके का जायजा ले रही हैं। पानी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से इस मार्ग का प्रयोग न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है। राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।1
- बारा में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेहाल, भीषण बारिश में भी दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर प्रयागराजतहसील बारा के ग्राम सभा अमिलिया और नौढ़ीया तरहार में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हो गए हैं। भीषण बारिश के बीच भी किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं,लेकिन रात में आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर उनकी खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां 95 प्रतिशत लोग किसानी पर आश्रित हैं किसानों ने महंगाई के दौर में कर्ज लेकर रोपाई की, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी लेकिन आवारा पशु सब बर्बाद कर दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में एक भी पशु बाड़ा / गौशाला नहीं है और सरकार द्वारा इस पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे किसानों की लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है।किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो वे भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है।ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस ग्राम सभा में जल्द से जल्द गौशाला और पशु बाड़े की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिलाई जाए।1
- प्रयागराज के चौक क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मद अली पार्क के पास बिजली के तार की पेटी से तार चोरी करने आए दो नशेड़ी युवकों की करेंट लगने से मौत1
- परिवार का दर्दनाक आरोप: डूबने से नहीं हुई मोहम्मद मोमीन की मौत, मारपीट के बाद पानी में फेंके जाने की आशंका प्रयागराज। मोहम्मद मोमीन पुत्र मुर्तुज़ा, निवासी जाहिराबाद, नैनी, प्रयागराज की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक परिवार ने अपना बेटा, अपना भाई और अपना सहारा खो दिया है, लेकिन परिवार का कहना है कि मोमीन की मौत की असली सच्चाई अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है, लेकिन पीड़ित परिवार इस बात से सहमत नहीं है। परिवार का गंभीर एवं स्पष्ट आरोप है कि मोहम्मद मोमीन की मौत महज डूबने से नहीं हुई, बल्कि उसके साथ पहले मारपीट की गई और उसके बाद उसे पानी में फेंक दिया गया। परिवार का कहना है कि उपलब्ध तस्वीरों में मोमीन के गर्दन, कान और सिर के आसपास चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। इन चोटों ने परिवार के मन में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का दर्द है कि आखिर यदि मोमीन की मौत केवल डूबने से हुई, तो उसके शरीर पर ये चोटें किन परिस्थितियों में आईं? एक परिवार अपने जवान बेटे की मौत का सच जानना चाहता है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाना नहीं है, बल्कि केवल यह जानना है कि उनके अपने मोमीन के साथ आखिर हुआ क्या था और उसकी मौत के पीछे वास्तविक सच्चाई क्या है। परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि “हमने अपना भाई खो दिया है, अब कम से कम हमें उसकी मौत का सच तो मिलना चाहिए।” पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार चाहता है कि मौत की निष्पक्ष जांच हो और हत्या की आशंका के एंगल से भी गंभीरता से जांच की जाए। परिवार ने मांग की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल एवं फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल, CCTV फुटेज, मोबाइल एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच कराई जाए, ताकि हर सवाल का जवाब मिल सके और वास्तविक सच्चाई सामने आए। परिवार का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मोहम्मद मोमीन के साथ मारपीट की गई और उसे पानी में फेंका गया, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार की सबसे बड़ी गुहार यही है कि उनके दर्द को अनसुना न किया जाए। इस मामले में कोई लीपापोती न हो, किसी दबाव में जांच प्रभावित न हो और निष्पक्ष जांच के माध्यम से मोहम्मद मोमीन की मौत की सच्चाई सामने लाई जाए। परिवार का कहना है—हमें बदला नहीं, इंसाफ चाहिए; हमें किसी को फंसाना नहीं, अपने मोमीन की मौत का सच चाहिए।1
- जीआरपी प्रयागराज में चूहों को शिकार बनाने की फिराक में स्क्रैप मैटेरियल्स के बीच छिपा था... धारीदार विषधर राजेश सरकार प्रयागराज में GRP पुलिस लाइन के अंदर एक विशाल अजगर निकलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सर्प मित्र Ankit Tarzan मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। काफी सावधानी और सुरक्षित तरीके से अजगर का रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के दौरान अजगर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। बाद में उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। लोगों से अपील है कि घर या आसपास सांप अथवा अजगर दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उसे मारने या पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। सर्प मित्र Ankit Tarzan 📞 रेस्क्यू संपर्क: 73175225461
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