गुना में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने पुरानी गल्ला मंडी के साथ-साथ नानाखेड़ी खाद वितरण केंद्र पर प्रस्तावित नवीन सब्जी एवं फल मंडी का भी निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुरानी गल्ला मंडी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कन्याल ने निर्माणाधीन सड़क का अवलोकन किया और उसे उच्च गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी परिसर स्थित पार्क को सुव्यवस्थित करने, पार्क क्षेत्र में पेवर्स ब्लॉक लगाने और अतिक्रमण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु मंडी सचिव को व्यापारियों के सहयोग से एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने एकलव्य विद्यालय के सामने स्थापित होने वाली प्रस्तावित नवीन सब्जी एवं फल मंडी स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सब्जी मंडी क्षेत्र में अत्यधिक भीड़भाड़ और यातायात का दबाव रहता है, जिसके कारण नई मंडी की आवश्यकता है। नवीन मंडी के लिए लगभग 3.25 हेक्टेयर (करीब 16 बीघा) भूमि उपलब्ध कराई गई है और इसका लेआउट प्लान तैयार हो चुका है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस नवीन मंडी के विकसित होने से वर्तमान मंडी क्षेत्र पर दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा तथा किसानों, व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गुना में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने पुरानी गल्ला मंडी के साथ-साथ नानाखेड़ी खाद वितरण केंद्र पर प्रस्तावित नवीन सब्जी एवं फल मंडी का भी निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुरानी गल्ला मंडी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कन्याल ने निर्माणाधीन सड़क का अवलोकन किया और उसे उच्च गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी परिसर स्थित पार्क को सुव्यवस्थित करने, पार्क क्षेत्र में पेवर्स ब्लॉक लगाने और अतिक्रमण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु मंडी सचिव को व्यापारियों के सहयोग से एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने एकलव्य विद्यालय के सामने स्थापित
होने वाली प्रस्तावित नवीन सब्जी एवं फल मंडी स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सब्जी मंडी क्षेत्र में अत्यधिक भीड़भाड़ और यातायात का दबाव रहता है, जिसके कारण नई मंडी की आवश्यकता है। नवीन मंडी के लिए लगभग 3.25 हेक्टेयर (करीब 16 बीघा) भूमि उपलब्ध कराई गई है और इसका लेआउट प्लान तैयार हो चुका है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस नवीन मंडी के विकसित होने से वर्तमान मंडी क्षेत्र पर दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा तथा किसानों, व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- भोपाल में खनन माफिया के गुर्गों ने थाने के ठीक सामने एक महिला खनिज अधिकारी को सरेआम धमकाया। डंपर छुड़ाने आए इन बदमाशों ने अधिकारी को सीधे तौर पर कहा कि वे उनकी नौकरी खा जाएंगे और उन्हें देख लेंगे। इस घटना के दौरान, माफिया के गुर्गों ने रास्ता भी रोका और जमकर हंगामा किया। मौके पर पुलिस के साथ-साथ खनिज विभाग का अमला भी मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद बदमाश लगातार हंगामा करते रहे।1
- कस्बाथाना में वीतरागी वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर के शिष्य मुनि श्री 108 गुरुदत्त सागर ससंघ का भव्य प्रवास जारी है। सोमवार से मुनिश्री के सान्निध्य में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें प्रातःकाल मंदिर जी में अभिषेक, जिनवाणी श्रवण और शांतिधारा शामिल है, जिसके बाद दोपहर में जिनागम शिक्षा कक्षा का आयोजन होता है। सायंकाल में प्रवचन एवं प्रश्न मंच होते हैं, जहाँ विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाता है। शनिवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को मुनिश्री की आहारचर्या का पुण्य लाभ पदमचंद जैन एवं विपिन कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर स्थानीय जैन समाज ने सभी श्रद्धालुओं से मंदिर जी पहुंचकर मुनिश्री का आशीर्वाद लेने की अपील की है, जिसके बाद कस्बाथाना में मुनि गुरुदत्त सागर जी की आहारचर्या संपन्न होने पर जैन समाज उमड़ पड़ा।1
- शुक्रवार शाम बमोरी तहसील में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शाम करीब 5:00 बजे, बमोरी तहसील के दो दर्जन से अधिक गांवों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हुई। इस भीषण आंधी के कारण बमोरी तहसील के विभिन्न गांवों में कई बिजली के खंभे गिर गए, वहीं कई जगहों से पेड़ गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।1
- बिहार के पटना में एक ज्वेलरी शॉप को लूटने की कोशिश में दो युवतियों की चौंकाने वाली हरकत सामने आई है। मुंह पर मास्क लगाए ये युवतियां दुकान में दाखिल हुईं और पहले जेवर दिखाने के बहाने दुकानदार को बातचीत में उलझाया। इसी दौरान, एक युवती ने अचानक दुकानदार पर पेपर स्प्रे से हमला कर दिया। हमले के बाद उन्होंने लाखों रुपये के जेवर लूटने का प्रयास किया, लेकिन दुकानदार की सतर्कता और शोर मचाने के कारण उनकी यह योजना सफल नहीं हो पाई। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस अब इन आरोपियों की तलाश में जुट गई है।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा में एक चोरी हुए मोबाइल को खोजने में पुलिस को पूरे 6 साल लग गए, जहाँ यह मोबाइल 2021 में गुम हुआ था, उसकी FIR 2023 में दर्ज हुई और वह अंततः 2026 में जाकर बरामद हुआ। इस अवधि में सिविल लाइन थाने के पाँच थाना प्रभारी बदल गए, लेकिन कोई भी इस मोबाइल का पता नहीं लगा सका, जबकि पुलिस अधीक्षक ने 2023 में ही एक पत्र के माध्यम से चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन भी बताई थी। फरियादी राजेंद्र अहिरवार, जिनका मोबाइल 2022 में चोरी हो गया था, इस पूरे 6 साल के दौरान लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे। उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई और FIR की प्रति मांगी, लेकिन उन्हें दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। जब राजेंद्र ने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत विभाग से जानकारी मांगी, तो वह भी नहीं दी गई, जिसके चलते तत्कालीन थाना प्रभारी पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी और 5 हजार रुपये का आवागमन शुल्क भी लगाया गया। राजेंद्र का यह भी आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया है और उन्हें आज तक अपनी FIR और अपील से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं मिली है, जबकि उनका मोबाइल कर्नाटक से बरामद हो गया है। हालाँकि, हाल ही में सिविल लाइन थाने में नियुक्त हुए थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने उस मोबाइल को सिर्फ 7 दिनों के भीतर खोज निकाला, जिसे पूरा सिस्टम 2021 से ढूंढने में असमर्थ रहा था।4
- राजस्थान शहरी सेवा शिविर 2026 के अंतर्गत, राज्य में अवैध कॉलोनियों के नियमन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का आयोजन राजस्थान भर में 12 जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को नियमित करना है।1
- छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत समुद्र मंथन प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- बारां जिले के महोदरा गांव में मुख्य आम रास्ते पर फैले कीचड़ और गंदगी से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। शनिवार सुबह 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, महोदरा से सिरसौद व बरवन जाने वाला यह मार्ग जलभराव और कीचड़ के कारण बदहाल स्थिति में है। ग्रामीण विजय मेहता, दिलीप मेहता, भोला मेहता और मंजीत मेहता ने बताया कि इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण और स्कूली बच्चे गुजरते हैं, जिससे हर पल दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि समस्या के समाधान के लिए पंचायत प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस गंभीर परेशानी को लेकर ग्रामीणों ने अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने पंचायत प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग की सफाई करवाने और उसमें सुधार करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को इस दिक्कत से निजात मिल सके।1
- सागोद-खानपुर मुख्य मार्ग की बेहद जर्जर हालत स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह मौजूद गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां यातायात में बड़ी बाधाएँ पैदा कर रही हैं। संबंधित विभाग द्वारा चार बार पैचवर्क कराए जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। मेहंदडी निवासी चेतन शर्मा और धीरप वैष्णव ने बताया कि सड़क पर कई स्थानों पर नुकीली गिट्टियां और रोड बाहर निकल आए हैं, जिससे वाहनों के निचले हिस्से और चैम्बर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वाहन चालकों को निरंतर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंवरपुरा, बोहरा और जोलपा के ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर रात के समय मार्ग पर पर्याप्त रोशनी न होने से गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल मांग की है कि केवल लीपापोती करने के बजाय, सड़क का नए सिरे से स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।2