कोटा के उद्योग नगर स्थित, 1997 में बंद हुई जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के पूर्व 4200 मजदूर, अपने 260 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 18% ब्याज सहित इस भुगतान की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले यह धरना 18 फरवरी 2025 से जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने चल रहा है और आज इसका 464वां दिन है। इस आंदोलन का संयुक्त नेतृत्व तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों, कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्रसिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों मजदूर और महिलाएं शामिल हैं। कामरेड अली मोहम्मद ने जानकारी देते हुए बताया कि मजदूरों के धरने के दबाव में सरकार ने 24 जून 2025 को फैक्ट्री प्लांट की जमीन का अधिग्रहण कर उसे अपने कब्जे में ले लिया था। यह अधिग्रहण मजदूरों के बकाया वेतन भुगतान की शर्त पर किया गया था, लेकिन सरकार ने बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए ही जमीन को केडीए को सौंप दिया। सरकार के इस कदम से धरने में उपस्थित मजदूरों और महिलाओं के साथ-साथ कोटा शहर की आम जनता में भी सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भुगतान में की जा रही देरी को लेकर मजदूर नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह और कामरेड उमाशंकर ने प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड शिशुपाल, कामरेड मोहम्मद मंसूरी, कामरेड अब्दुल सलाम, कामरेड बनेसिंह, कामरेड बच्चन जयसवाल, कामरेड मलखान सिंह यादव, कामरेड छीतर लाल, कामरेड गणेशप्रसाद, कामरेड रामफूल, कामरेड जेठाराम, कामरेड गिरजासंकर, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड भावरलाल, कामरेड लटूर लाल, और महिला मजदूर नेता कामरेड निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी, शकीला, मंजू कश्यप, बदाम बाई, मोडी बाई, मूर्ति बाई, कबूतरी बाई, धन्नी बाई, मोतिया बाई सहित सैकड़ों मजदूर और सीटू कार्यकर्ता 16 महीनों से जिला कलेक्ट्रेट गेट पर डटे हुए हैं। अपने 464वें दिन भी बकाया वेतन भुगतान को लेकर जेके सिंथेटिक मजदूरों का धरना जारी रहा।
कोटा के उद्योग नगर स्थित, 1997 में बंद हुई जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के पूर्व 4200 मजदूर, अपने 260 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 18% ब्याज सहित इस भुगतान की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले यह धरना 18 फरवरी 2025 से जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने चल रहा है और आज इसका 464वां दिन है। इस आंदोलन का संयुक्त नेतृत्व तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों, कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्रसिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों मजदूर और महिलाएं शामिल हैं। कामरेड अली मोहम्मद ने जानकारी देते हुए बताया कि मजदूरों के धरने के दबाव में सरकार ने 24 जून 2025 को फैक्ट्री प्लांट की जमीन का अधिग्रहण कर उसे अपने कब्जे में ले लिया था। यह अधिग्रहण मजदूरों के बकाया वेतन भुगतान की शर्त पर किया गया था, लेकिन सरकार ने बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए ही जमीन को केडीए को सौंप दिया। सरकार के इस कदम से धरने में उपस्थित मजदूरों और महिलाओं के साथ-साथ कोटा शहर की आम जनता में भी सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भुगतान में की जा रही देरी को लेकर मजदूर नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह और कामरेड उमाशंकर ने प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड शिशुपाल, कामरेड मोहम्मद मंसूरी, कामरेड अब्दुल सलाम, कामरेड बनेसिंह, कामरेड बच्चन जयसवाल, कामरेड मलखान सिंह यादव, कामरेड छीतर लाल, कामरेड गणेशप्रसाद, कामरेड रामफूल, कामरेड जेठाराम, कामरेड गिरजासंकर, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड भावरलाल, कामरेड लटूर लाल, और महिला मजदूर नेता कामरेड निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी, शकीला, मंजू कश्यप, बदाम बाई, मोडी बाई, मूर्ति बाई, कबूतरी बाई, धन्नी बाई, मोतिया बाई सहित सैकड़ों मजदूर और सीटू कार्यकर्ता 16 महीनों से जिला कलेक्ट्रेट गेट पर डटे हुए हैं। अपने 464वें दिन भी बकाया वेतन भुगतान को लेकर जेके सिंथेटिक मजदूरों का धरना जारी रहा।
- कोटा के उद्योग नगर स्थित, 1997 में बंद हुई जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के पूर्व 4200 मजदूर, अपने 260 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 18% ब्याज सहित इस भुगतान की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले यह धरना 18 फरवरी 2025 से जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने चल रहा है और आज इसका 464वां दिन है। इस आंदोलन का संयुक्त नेतृत्व तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों, कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्रसिंह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों मजदूर और महिलाएं शामिल हैं। कामरेड अली मोहम्मद ने जानकारी देते हुए बताया कि मजदूरों के धरने के दबाव में सरकार ने 24 जून 2025 को फैक्ट्री प्लांट की जमीन का अधिग्रहण कर उसे अपने कब्जे में ले लिया था। यह अधिग्रहण मजदूरों के बकाया वेतन भुगतान की शर्त पर किया गया था, लेकिन सरकार ने बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए ही जमीन को केडीए को सौंप दिया। सरकार के इस कदम से धरने में उपस्थित मजदूरों और महिलाओं के साथ-साथ कोटा शहर की आम जनता में भी सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भुगतान में की जा रही देरी को लेकर मजदूर नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह और कामरेड उमाशंकर ने प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड शिशुपाल, कामरेड मोहम्मद मंसूरी, कामरेड अब्दुल सलाम, कामरेड बनेसिंह, कामरेड बच्चन जयसवाल, कामरेड मलखान सिंह यादव, कामरेड छीतर लाल, कामरेड गणेशप्रसाद, कामरेड रामफूल, कामरेड जेठाराम, कामरेड गिरजासंकर, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड भावरलाल, कामरेड लटूर लाल, और महिला मजदूर नेता कामरेड निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू वर्मा, जाहिदा बानो, नजमा बेगम, बानोबी, शकीला, मंजू कश्यप, बदाम बाई, मोडी बाई, मूर्ति बाई, कबूतरी बाई, धन्नी बाई, मोतिया बाई सहित सैकड़ों मजदूर और सीटू कार्यकर्ता 16 महीनों से जिला कलेक्ट्रेट गेट पर डटे हुए हैं। अपने 464वें दिन भी बकाया वेतन भुगतान को लेकर जेके सिंथेटिक मजदूरों का धरना जारी रहा।1
- श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा ने हाल ही में धरना स्थल का दौरा किया और मृतक देवेंद्र गोयल के परिवारजनों से बातचीत की। यह दौरा तहसीलदार मनीषा मिश्रा द्वारा देवेंद्र गोयल के परिवार के प्रति संवेदनहीनता दिखाने के बाद किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप कलेक्टर ने उन पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद, तहसीलदार मनीषा मिश्रा को उनके पद से हटा दिया गया है और उनके निलंबन के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिवार को तत्काल 2 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है, और उन्हें नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।1
- विधायक बाबू झंडेल ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। अपने बयान में, उन्होंने बीजेपी के ओबीसी नेता को लेकर एक बात कही, जिसकी शुरुआत 'अगर' शब्द से हुई है। हालाँकि, विधायक के बयान का पूरा विवरण या आगे का हिस्सा स्रोत में नहीं दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में प्रशासन की कथित अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने, जो प्रशासन की उपेक्षा के कारण कथित तौर पर टूट गया था, कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर जहर खा लिया। जहर के सेवन के बाद, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।1
- चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत मंगलवार को रतनपुरा गांव में वर्षों पुराने अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई। तहसीलदार नीरज सिंह के निर्देश पर देवनाड़ा से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते से अवैध कब्जा हटाकर मार्ग को फिर से सुचारू किया गया। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से अतिक्रमण हटाया। पटवारी सियाराम गुर्जर ने बताया कि यह श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता पिछले लगभग 10 वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में था, जिससे ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक पहुँचने में भारी परेशानी हो रही थी। उन्हें दूसरे किसानों के खेतों से होकर गुजरना पड़ता था, जिसके कारण कई बार विवाद भी होते थे। ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और यह कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और गिरदावर रामस्वरूप बैरवा भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में गहरा संतोष देखा गया।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- बुधवार को शाहाबाद उपखंड मुख्यालय पर शाहाबाद पुलिस ने आगामी त्योहारों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, थानाधिकारी रामकेश मीणा की अगुवाई में यह फ्लैग मार्च बुधवार देर शाम को निकाला गया, जिसका मुख्य फोकस आगामी ईद के त्योहार पर शांति सुनिश्चित करना था। पुलिस के जवानों द्वारा यह फ्लैग मार्च नए बस स्टैंड से मुख्य बाजार होते हुए जमा मस्जिद से नरियां मोहल्ला से पुराने बस स्टैंड तक निकाला गया। इसमें थानाधिकारी रामकेश मीणा के साथ एएसआई रामचंद्र मीणा, हेड कांस्टेबल शेर सिंह, रमेशचंद और बाबूलाल, तथा कांस्टेबल प्रेम प्रकाश, विकास, शीशराम, लाखन सिंह सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने विशेष रूप से ईद के त्योहार पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए यह मार्च निकाला।4
- श्योपुर में चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच कलेक्टर और एसपी धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिवारजनों से चर्चा की और उन्हें हर संभव मदद के साथ-साथ उचित प्रयास का भी भरोसा दिलाया। प्रशासन लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1