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धनबाद जिले के निरसा अनुमंडल के गल्फरबाड़ी ओपी अंतर्गत दूधिया पानी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ स्थानीय महिलाओं का सब्र आखिरकार टूट गया। लाठी-डंडे और पत्थर लेकर उतरीं इन महिलाओं ने अवैध रूप से कोयला निकाल रहे माफियाओं को दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ दिया, जिसके बाद सभी कोयला चोर जैसे-तैसे वहाँ से भाग निकले। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में लगभग 20-25 अवैध कुआँ खदानें संचालित बताई जा रही हैं, जिनसे रोजाना करीब 500 ट्रैक्टर कोयले की अवैध तस्करी की जाती है। इस बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन के कारण हावड़ा-दिल्ली रेल लाइन पर भी लगातार 'मौत का साया' मंडरा रहा है, जो सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
Manoj Kumar
धनबाद जिले के निरसा अनुमंडल के गल्फरबाड़ी ओपी अंतर्गत दूधिया पानी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ स्थानीय महिलाओं का सब्र आखिरकार टूट गया। लाठी-डंडे और पत्थर लेकर उतरीं इन महिलाओं ने अवैध रूप से कोयला निकाल रहे माफियाओं को दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ दिया, जिसके बाद सभी कोयला चोर जैसे-तैसे वहाँ से भाग निकले। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में लगभग 20-25 अवैध कुआँ खदानें संचालित बताई जा रही हैं, जिनसे रोजाना करीब 500 ट्रैक्टर कोयले की अवैध तस्करी की जाती है। इस बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन के कारण हावड़ा-दिल्ली रेल लाइन पर भी लगातार 'मौत का साया' मंडरा रहा है, जो सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
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- रामगढ़ के पतरातु में एकल अभियान दक्षिण झारखंड संभाग के अंतर्गत नेतुवा विद्यालय ग्राम में रविवार को बहावलपुरी समाज राँची के सहयोग से ग्राम तीर्थ यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पतरातु डेम स्थित टापू में संपन्न हुआ, जहाँ ग्रामीणों ने अतिथियों का ढोल-नगाड़ों, तिलक-चंदन एवं पुष्पमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों ने ओंकार, गायत्री मंत्र, सरस्वती वंदना और हनुमान चालीसा की सामूहिक प्रस्तुति दी। साथ ही, आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और बच्चों को योग, प्राणायाम एवं व्यायाम का अभ्यास भी कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्चों और तीर्थ यात्रियों के बीच चना-सत्तू का जलपान भी वितरित किया गया। राँची चैप्टर के अध्यक्ष अंचल किंगर ने एकल अभियान के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीणों से इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया। कार्यक्रम में लक्ष्मण दास मिढा, मुकेश कुमार बजाज, डॉ. सतीश मिढा, भगवान सिंह वेदी, अश्विनी सुखीजा, मोहन खिरवा, कवलजीत मिढा, सुशील पपनेजा, संतोष किंगर, चन्द्रशेखर कुमार, खिरेंद्र कुमार, नागेश्वर महतो, शांति देवी, राजेंद्र ठाकुर, दिलेश्वर मुण्डा, मनेश मुण्डा, सुदर्शन मुण्डा, महादेव मुण्डा, सपना देवी, पदीना देवी, सुशीला देवी, आरती कुमारी, सुनीता देवी, सुमंती देवी, पियाशो देवी, मालती देवी, प्रिया देवी, आशा देवी, कौशल्या देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और एकल विद्यालय के बच्चे उपस्थित थे।7
- धनबाद जिले के निरसा में डांगापाड़ा गांव स्थित एक कुएं से चार संदिग्ध बोरियां मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इन बोरियों से लगातार आ रही भयंकर बदबू की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने बोरियों को कुएं से बाहर निकलवाकर जब खुलवाया तो उसमें जानवरों के अवशेष पाए गए। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस ने नीलकुठी मोड़ के पास हुई इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है।1
- भोजपुरी स्टार पवन सिंह का एक बेहद भावुक बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अपनी अटूट निष्ठा को दृढ़ता से दोहराया है। अपने इस बयान में, सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'पार्टी मेरी मां है', और उन्होंने संकल्प लिया कि वह 'जीवनभर भाजपा का कार्यकर्ता था, हूं और रहूंगा'। उनका यह बयान इंटरनेट पर आते ही तुरंत चर्चा का एक प्रमुख विषय बन गया है, जो राजनीतिक हलकों और उनके प्रशंसकों के बीच तेज़ी से फैल रहा है।1
- धनबाद जिले के निरसा अनुमंडल के गल्फरबाड़ी ओपी अंतर्गत दूधिया पानी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ स्थानीय महिलाओं का सब्र आखिरकार टूट गया। लाठी-डंडे और पत्थर लेकर उतरीं इन महिलाओं ने अवैध रूप से कोयला निकाल रहे माफियाओं को दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ दिया, जिसके बाद सभी कोयला चोर जैसे-तैसे वहाँ से भाग निकले। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में लगभग 20-25 अवैध कुआँ खदानें संचालित बताई जा रही हैं, जिनसे रोजाना करीब 500 ट्रैक्टर कोयले की अवैध तस्करी की जाती है। इस बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन के कारण हावड़ा-दिल्ली रेल लाइन पर भी लगातार 'मौत का साया' मंडरा रहा है, जो सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।1
- धनबाद के गोविंदपुर में ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जो तालाब कभी लगभग 27 एकड़ में फैला हुआ था, वह अब सिकुड़कर मात्र 17-18 एकड़ में सिमट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की ज़मीन पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है, जिसके ख़िलाफ़ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी शिकायत की है कि आम लोगों के उपयोग में आने वाले रास्तों को बंद किया जा रहा है।1
- बिहार के न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि पटना हाईकोर्ट की कमान पहली बार एक महिला चीफ जस्टिस के हाथों में आई है। यह घटनाक्रम बिहार के लिए पहली महिला चीफ जस्टिस की नियुक्ति का प्रतीक है, जो न्यायपालिका के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।1
- सर्रा क्षेत्र में पिछले कुछ घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात के बीच कुछ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई हैं। सर्रा के मुख्य बाजार और सड़कों पर घुटनों तक बह रहे तेज पानी के वीभत्स रूप के कारण स्थानीय लोगों का कीमती सामान और फुटवियर (चप्पल-जूते) बहने की खबरें आ रही हैं। ऐसी ही एक घटना आज दोपहर सर्रा के मुख्य चौराहे पर देखने को मिली, जब सड़क पार करते समय एक राहगीर का संतुलन बिगड़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि उसकी कीमती चप्पलें देखते ही देखते पैर से निकलकर पानी में तैरती हुई आगे बढ़ गईं। पीड़ित राहगीर असहाय होकर चिल्लाता रहा, "वह गया दो, चप्पल!", लेकिन पानी की रफ्तार के आगे उसकी एक न चली। आस-पास खड़े लोग भी इस नजारे को देखकर हैरान रह गए। यह घटना अब पूरे इलाके में इस बात को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है कि बारिश ने लोगों को पैदल चलने लायक भी नहीं छोड़ा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सर्रा की सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। जल निकासी प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) फेल होने की वजह से पानी अब दुकानों और घरों के अंदर प्रवेश कर रहा है, जिससे दुकानदारों को लाखों के सामान के बर्बाद होने का डर सता रहा है। पैदल चलने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है, क्योंकि सड़कों पर गड्ढे नहीं दिख रहे और पानी का तेज करंट उन्हें फिसलने पर मजबूर कर रहा है, जिससे उनके जूते-चप्पल बह रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निकाय और प्रशासन से तत्काल सड़कों पर जमे पानी को निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पानी का स्तर कम नहीं होता, तब तक लोगों का घरों से निकलना और सुरक्षित वापस आना मुश्किल रहेगा। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।1
- निरसा थाना क्षेत्र के बिरसिंहपुर पंचायत अंतर्गत डांगापाड़ा गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कुएं से चार संदिग्ध बोरियां मिलीं। इन बोरियों में जानवरों के अवशेष पाए गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना का खुलासा रविवार सुबह तब हुआ जब डांगापाड़ा निवासी बादल रविदास के नीलकुठी मोड़ के समीप स्थित आम बागान के कुएं से अत्यधिक दुर्गंध आने लगी। बदबू की वजह जानने के लिए बादल रविदास ने मौके पर जाकर देखा तो कुएं के अंदर चार बोरियां पड़ी थीं, जिनसे तीव्र दुर्गंध आ रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बादल रविदास ने तत्काल निरसा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची और कुएं से चारों बोरियों को बाहर निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की। बोरियों को खोले जाने पर उनमें जानवरों के अवशेष मिले। इस घटना की खबर क्षेत्र में तेजी से फैल गई, जिसके बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह आशंका भी जताई कि बरामद अवशेष प्रतिबंधित मांस या किसी प्रतिबंधित जानवर के हो सकते हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने सभी बोरियों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बरामद अवशेष किस जानवर के हैं, इसकी पुष्टि जांच और आवश्यक परीक्षण के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।7