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सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत आने वाले दिनों में पूरे देश में आपातकालीन स्थितियों के लिए अब एक ही इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर होगा। इस कदम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में अलग-अलग इमरजेंसी नंबर होने के कारण समय पर सही सहायता मिलने में होने वाली देरी को खत्म करना है। यह नया एकीकृत इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 होगा। वर्तमान में भारत में 100, 101, 102, 108, 1033 और 1091 जैसे कई अलग-अलग आपातकालीन नंबर प्रचलन में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी हेल्पलाइन नंबरों को 112 में विलय कर दिया जाएगा, जिससे पूरे देश में आपातकालीन सेवाओं तक पहुँच को सुव्यवस्थित किया जा सके।
जितेंद्र राय
सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत आने वाले दिनों में पूरे देश में आपातकालीन स्थितियों के लिए अब एक ही इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर होगा। इस कदम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में अलग-अलग इमरजेंसी नंबर होने के कारण समय पर सही सहायता मिलने में होने वाली देरी को खत्म करना है। यह नया एकीकृत इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 होगा। वर्तमान में भारत में 100, 101, 102, 108, 1033 और 1091 जैसे कई अलग-अलग आपातकालीन नंबर प्रचलन में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी हेल्पलाइन नंबरों को 112 में विलय कर दिया जाएगा, जिससे पूरे देश में आपातकालीन सेवाओं तक पहुँच को सुव्यवस्थित किया जा सके।
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- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) योजना के तहत, चित्रकूट सोनेपुर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके प्रभारी डॉक्टर पवन सिंह ने शनिवार दोपहर 12:00 बजे मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में यह केंद्र खुला हुआ है, जहाँ गंभीर रूप से कमजोर अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसमें भर्ती बच्चे के साथ उसकी माँ और एक अटेंडेंट को भी निःशुल्क इलाज और भोजन प्रदान किया जाता है। डॉक्टर पवन सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 45 बच्चों को केंद्र में भर्ती किया जा चुका है और यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है, खासकर गर्मियों के कारण इसमें और वृद्धि होती है। पोषण पुनर्वास केंद्र में 28 दिन से लेकर 5 वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।3
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