अलीगढ़ में बिजली विभाग की ओर से प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने के बाद उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। विभाग ने पहले आश्वासन दिया था कि समायोजित की गई सुरक्षा राशि की वसूली चार आसान मासिक किस्तों में की जाएगी, लेकिन जुलाई माह के बिलों में पूरी राशि एकमुश्त जोड़ दी गई है। जिले में करीब 3.50 लाख उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से प्रभावित हैं। क्वार्सी और घंटाघर क्षेत्र के कई घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके बिजली बिलों में सुरक्षा राशि जुड़ने के कारण बिल की राशि अचानक बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि पोस्टपेड व्यवस्था में सुरक्षा राशि लेना नियमों के तहत अनिवार्य है और प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तन के कारण यह वसूली की जा रही है। वहीं, बिजली विभाग ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए किस्तों का विकल्प उपलब्ध न हो पाने की बात कही है। इस कारण उपभोक्ताओं को अब कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और वे विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए राहत की मांग कर रहे हैं।
अलीगढ़ में बिजली विभाग की ओर से प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने के बाद उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। विभाग ने पहले आश्वासन दिया था कि समायोजित की गई सुरक्षा राशि की वसूली चार आसान मासिक किस्तों में की जाएगी, लेकिन जुलाई माह के बिलों में पूरी राशि एकमुश्त जोड़ दी गई है। जिले में करीब 3.50 लाख उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से प्रभावित हैं। क्वार्सी और घंटाघर क्षेत्र के कई घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके बिजली बिलों में सुरक्षा राशि जुड़ने के कारण बिल की राशि अचानक बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि पोस्टपेड व्यवस्था में सुरक्षा राशि लेना नियमों के तहत अनिवार्य है और प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तन के कारण यह वसूली की जा रही है। वहीं, बिजली विभाग ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए किस्तों का विकल्प उपलब्ध न हो पाने की बात कही है। इस कारण उपभोक्ताओं को अब कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और वे विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए राहत की मांग कर रहे हैं।
- अलीगढ़ में बिजली विभाग की ओर से प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने के बाद उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। विभाग ने पहले आश्वासन दिया था कि समायोजित की गई सुरक्षा राशि की वसूली चार आसान मासिक किस्तों में की जाएगी, लेकिन जुलाई माह के बिलों में पूरी राशि एकमुश्त जोड़ दी गई है। जिले में करीब 3.50 लाख उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से प्रभावित हैं। क्वार्सी और घंटाघर क्षेत्र के कई घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके बिजली बिलों में सुरक्षा राशि जुड़ने के कारण बिल की राशि अचानक बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि पोस्टपेड व्यवस्था में सुरक्षा राशि लेना नियमों के तहत अनिवार्य है और प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तन के कारण यह वसूली की जा रही है। वहीं, बिजली विभाग ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए किस्तों का विकल्प उपलब्ध न हो पाने की बात कही है। इस कारण उपभोक्ताओं को अब कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और वे विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए राहत की मांग कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट कर दिया गया है, जिसके तहत अब चालकों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेना होगा। इसके अतिरिक्त, मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल, इस नई व्यवस्था को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान जनता से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार करते हुए मौके पर ही आवश्यक सुधार और बदलाव किए जाएंगे।1
- अलीगढ़ के थाना गांधीपार्क क्षेत्र में एक अनुसूचित जाति (जाटव) महिला के साथ कथित रूप से एक ब्राह्मण आरोपी द्वारा बर्बरता की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे जातिसूचक गालियां दीं, उसके बाल पकड़कर बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने थाना गांधीपार्क में नामजद तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी। भारतीय जाटव महासभा ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गहरा आक्रोश जताया है। संगठन का कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के बजाय आरोपी के खिलाफ केवल शांति भंग की कार्रवाई कर उसे छोड़ दिया। संस्था के संस्थापक हरनाम सिंह प्रधान ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारतीय जाटव महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और मांग की है कि दोषी आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। संगठन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ से अपील की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के विरुद्ध एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उपयुक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। महासभा का तर्क है कि कानून के अनुरूप कार्रवाई न होने से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास प्रभावित होता है।2
- सम्भल जिले में पतित पावनी गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। जलस्तर में हुई इस वृद्धि के कारण सप्त ऋषि साधु मणि धाम का परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है।1
- अलीगढ़ के अतरौली कोतवाली क्षेत्र स्थित पैंठ चौराहा रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार देर रात करीब 8:30 बजे मारपीट की एक घटना सामने आई है। मोहल्ला भोला नगर के निवासी बिट्टू शर्मा पुत्र राम किशोर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह बस स्टैंड पर बच्चों के लिए चिप्स खरीदने गए थे, तभी वहां मौजूद अतरौली के ही एक व्यक्ति और तीन अज्ञात युवकों ने अचानक उन्हें गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने बिट्टू शर्मा के साथ लात-घूंसे और थप्पड़ों से मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही बिट्टू शर्मा के भाई सोनू शर्मा वहां पहुंचे, तो दबंगों ने उन्हें भी अपना शिकार बनाया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। बिट्टू शर्मा ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके आधार पर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।1