मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक धरोहर नरवर किले से 16वीं सदी की एक दुर्लभ अष्टधातु की तोप चोरी होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शुरुआत में दावा किया गया था कि 25 से 30 हथियारबंद बदमाश इस तोप को लूटकर ले गए हैं, लेकिन पुलिस की जांच में पूरा घटनाक्रम ही बदल गया। अब यह खुलासा हुआ है कि वारदात के समय किले पर चौकीदार मौजूद ही नहीं था और अज्ञात चोर नीचे रखी तोप को उठाकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने खुद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। इस बड़ी लापरवाही के बाद पुरातत्व विभाग ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और अज्ञात आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर देश की ऐतिहासिक धरोहरें इतनी असुरक्षित कैसे हो गईं, सुरक्षा में यह बड़ी चूक किसकी है और करोड़ों रुपये की इस ऐतिहासिक विरासत पर आखिर किसकी नजर थी।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक धरोहर नरवर किले से 16वीं सदी की एक दुर्लभ अष्टधातु की तोप चोरी होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शुरुआत में दावा किया गया था कि 25 से 30 हथियारबंद बदमाश इस तोप को लूटकर ले गए हैं, लेकिन पुलिस की जांच में पूरा घटनाक्रम ही बदल गया। अब यह खुलासा हुआ है कि वारदात
के समय किले पर चौकीदार मौजूद ही नहीं था और अज्ञात चोर नीचे रखी तोप को उठाकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने खुद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। इस बड़ी लापरवाही के बाद पुरातत्व विभाग ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अपनी जांच शुरू कर दी
है। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और अज्ञात आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर देश की ऐतिहासिक धरोहरें इतनी असुरक्षित कैसे हो गईं, सुरक्षा में यह बड़ी चूक किसकी है और करोड़ों रुपये की इस ऐतिहासिक विरासत पर आखिर किसकी नजर थी।
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में पंचायत की नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन काटे जाने के कारण पेयजल संकट बेहद गहरा हो गया है। इस योजना के पूरी तरह ठप होने की वजह से स्थानीय ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या के विरोध में ग्राम पंचायत के सरपंच अंतरसिंह लोधी शनिवार रात 8 बजे से सिरसौद-पिछोर मार्ग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम करेंगे। इसके साथ ही, परेशान ग्रामीणों ने भी प्रशासन से नल-जल योजना की बिजली तत्काल चालू कराने की पुरजोर मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर थाना पुलिस ने फर्जी शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। यह गिरोह लोगों को शादी का झांसा देकर ठगने का काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले शादी कराने के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम ऐंठते थे और फिर उनके साथ मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे।2
- मध्य प्रदेश के करेरा क्षेत्र में स्थित नरवर किले से 16वीं शताब्दी की अष्टधातु की तोप चोरी होने का मामला सामने आया है। इस ऐतिहासिक धरोहर की चोरी के बाद से किले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खबर भारत 360 न्यूज के रिपोर्टर कमलेश तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, इतनी महत्वपूर्ण और प्राचीन तोप का चोरी होना सुरक्षा इंतजामों की एक बड़ी विफलता को दर्शाता है।1
- शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के दिनारा वृत्त में पदस्थ नायब तहसीलदार लज्जाराम राजोरिया पर किसान पुष्पेंद्र सिंह लोधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि 181 शिकायत के संबंध में उन्हें फोन कर करेरा तहसील बुलाया गया था, जहां उनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) को अप्रूव किए बिना ही शिकायत बंद कराने का दबाव बनाया गया। किसान का आरोप है कि जब उन्होंने शिकायत बंद कराने से साफ इनकार कर दिया, तो नायब तहसीलदार ने उन्हें थप्पड़ मारने जैसी बात कहकर धमकाया।1
- शिवपुरी जिले की नरवर नगर परिषद क्षेत्र के लोड़ी माता बस स्टैंड पर शुक्रवार की रात करीब 11 बजे एक दुकान में अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हादसे की सूचना तत्काल नगर परिषद नरवर को दी गई, जिसके बाद परिषद की दमकल गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। देर रात तक दमकल कर्मियों द्वारा आग बुझाने का कार्य किया जाता रहा। इस घटना में दुकान को कितना आर्थिक नुकसान पहुंचा है और आग लगने का मुख्य कारण क्या था, इसका पता अभी तक नहीं चल सका है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सलैया और सिरसौद में शनिवार की दोपहर 2 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-(NH-27) की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईवे प्रशासन ने अभियान चलाया। कॉरिडोर मैनेजर के निर्देशन में टीम ने सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जे और मिट्टी डालकर बनाए गए अवैध रास्तों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान हाईवे का बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण साफ किया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस पूरी मुहिम के दौरान पेट्रोलिंग अधिकारी लखन चौधरी सहित हाईवे टीम के अन्य सदस्य मौके पर मौजूद रहे।1
- शिवपुरी जिले के करैरा-झांसी मार्ग पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों से करैरा नगर में पढ़ाई और ट्यूशन के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय निजी बसों के गेट पर लटककर अपनी जान जोखिम में डालते हुए यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिवपुरी-करैरा-झांसी मार्ग पर संचालित इन बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह दृश्य रोजाना संबंधित थानों और प्रशासनिक कार्यालयों के सामने से गुजरने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर चलने वाली कई बसों की स्थिति पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और उनका रंग-रोगन तक उड़ चुका है। अनेक बसों की नंबर प्लेट भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन की पहचान करना तक कठिन हो जाता है। इसके बावजूद ये वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से दौड़ रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन सुरक्षा उपकरण और वृद्धजनों व दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटें भी उपलब्ध नहीं हैं। भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग पर संचालित बसों का विशेष अभियान चलाकर सघन निरीक्षण किया जाए और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि स्कूली बच्चों और आम यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सके।2