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शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में पंचायत की नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन काटे जाने के कारण पेयजल संकट बेहद गहरा हो गया है। इस योजना के पूरी तरह ठप होने की वजह से स्थानीय ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या के विरोध में ग्राम पंचायत के सरपंच अंतरसिंह लोधी शनिवार रात 8 बजे से सिरसौद-पिछोर मार्ग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम करेंगे। इसके साथ ही, परेशान ग्रामीणों ने भी प्रशासन से नल-जल योजना की बिजली तत्काल चालू कराने की पुरजोर मांग की है।

4 hrs ago
user_Sachin jha
Sachin jha
दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में पंचायत की नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन काटे जाने के कारण पेयजल संकट बेहद गहरा हो गया है। इस योजना के पूरी तरह ठप होने की वजह से स्थानीय ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या के विरोध में ग्राम पंचायत के सरपंच अंतरसिंह लोधी शनिवार रात 8 बजे से सिरसौद-पिछोर मार्ग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम करेंगे। इसके साथ ही, परेशान ग्रामीणों ने भी प्रशासन से नल-जल योजना की बिजली तत्काल चालू कराने की पुरजोर मांग की है।

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  • शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में पंचायत की नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन काटे जाने के कारण पेयजल संकट बेहद गहरा हो गया है। इस योजना के पूरी तरह ठप होने की वजह से स्थानीय ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस समस्या के विरोध में ग्राम पंचायत के सरपंच अंतरसिंह लोधी शनिवार रात 8 बजे से सिरसौद-पिछोर मार्ग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम करेंगे। इसके साथ ही, परेशान ग्रामीणों ने भी प्रशासन से नल-जल योजना की बिजली तत्काल चालू कराने की पुरजोर मांग की है।
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    शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में पंचायत की नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन काटे जाने के कारण पेयजल संकट बेहद गहरा हो गया है। इस योजना के पूरी तरह ठप होने की वजह से स्थानीय ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।

इस समस्या के विरोध में ग्राम पंचायत के सरपंच अंतरसिंह लोधी शनिवार रात 8 बजे से सिरसौद-पिछोर मार्ग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम करेंगे। इसके साथ ही, परेशान ग्रामीणों ने भी प्रशासन से नल-जल योजना की बिजली तत्काल चालू कराने की पुरजोर मांग की है।
    user_Sachin jha
    Sachin jha
    दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर थाना पुलिस ने फर्जी शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। यह गिरोह लोगों को शादी का झांसा देकर ठगने का काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले शादी कराने के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम ऐंठते थे और फिर उनके साथ मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे।
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    मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर थाना पुलिस ने फर्जी शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को जेल भेज दिया है।

यह गिरोह लोगों को शादी का झांसा देकर ठगने का काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले शादी कराने के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम ऐंठते थे और फिर उनके साथ मारपीट और लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे।
    user_Ranu rajput पत्रकार
    Ranu rajput पत्रकार
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के करेरा क्षेत्र में स्थित नरवर किले से 16वीं शताब्दी की अष्टधातु की तोप चोरी होने का मामला सामने आया है। इस ऐतिहासिक धरोहर की चोरी के बाद से किले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खबर भारत 360 न्यूज के रिपोर्टर कमलेश तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, इतनी महत्वपूर्ण और प्राचीन तोप का चोरी होना सुरक्षा इंतजामों की एक बड़ी विफलता को दर्शाता है।
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    मध्य प्रदेश के करेरा क्षेत्र में स्थित नरवर किले से 16वीं शताब्दी की अष्टधातु की तोप चोरी होने का मामला सामने आया है। इस ऐतिहासिक धरोहर की चोरी के बाद से किले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खबर भारत 360 न्यूज के रिपोर्टर कमलेश तिवारी की रिपोर्ट के अनुसार, इतनी महत्वपूर्ण और प्राचीन तोप का चोरी होना सुरक्षा इंतजामों की एक बड़ी विफलता को दर्शाता है।
    user_Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा
    Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा
    पत्रकारता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भितरवार नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 के करहिया रोड़ स्थित शासकीय भूमि पर अवैध रूप से निर्माण किए जाने की शिकायत मिलने पर प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। शुक्रवार दोपहर भितरवार एसडीएम और तहसीलदार को करहिया रोड स्थित मुख्य सड़क मार्ग की भूमि सर्वे क्रमांक 1694 पर निर्माण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नवागत नायब तहसीलदार महाराज सिंह सगर और राजस्व निरीक्षक नंदकिशोर गुप्ता ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। अधिकारियों ने निर्माणकर्ता को निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया और भूमि के स्वामित्व व आधिपत्य से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तहसील कार्यालय में जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा। दूसरी ओर, वार्ड क्रमांक 3 भितरवार निवासी निर्माणकर्ता बाबू पुत्र काईचंद जाटव ने इस भूमि को अपनी मिल्कियत बताया है। बाबू जाटव का दावा है कि सर्वे नंबर 1694 के 0.523 रकबा की यह भूमि शासन द्वारा वर्ष 1980 में उन्हें पट्टे पर दी गई थी। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल 1980 को प्रकरण क्रमांक 88/79-80 अ 19 के तहत पारित आदेश से उन्हें इस भूमि का स्वामित्व मिला था, और वे स्वामित्व मिलने से पहले से ही इस पर कृषि कार्य कर रहे हैं। संबंधित कृषक ने समय-समय पर शासन को दिया जाने वाला जुर्माना भी जमा किया है। बाबू जाटव द्वारा ये सभी दस्तावेज तत्काल तहसील न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए गए हैं, जिसके आधार पर तहसीलदार मामले की जांच कर रहे हैं। तहसीलदार ने निर्देश दिया है कि जब तक भूमि के स्वामित्व की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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    भितरवार नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 9 के करहिया रोड़ स्थित शासकीय भूमि पर अवैध रूप से निर्माण किए जाने की शिकायत मिलने पर प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। शुक्रवार दोपहर भितरवार एसडीएम और तहसीलदार को करहिया रोड स्थित मुख्य सड़क मार्ग की भूमि सर्वे क्रमांक 1694 पर निर्माण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नवागत नायब तहसीलदार महाराज सिंह सगर और राजस्व निरीक्षक नंदकिशोर गुप्ता ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। अधिकारियों ने निर्माणकर्ता को निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया और भूमि के स्वामित्व व आधिपत्य से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तहसील कार्यालय में जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा।

दूसरी ओर, वार्ड क्रमांक 3 भितरवार निवासी निर्माणकर्ता बाबू पुत्र काईचंद जाटव ने इस भूमि को अपनी मिल्कियत बताया है। बाबू जाटव का दावा है कि सर्वे नंबर 1694 के 0.523 रकबा की यह भूमि शासन द्वारा वर्ष 1980 में उन्हें पट्टे पर दी गई थी। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल 1980 को प्रकरण क्रमांक 88/79-80 अ 19 के तहत पारित आदेश से उन्हें इस भूमि का स्वामित्व मिला था, और वे स्वामित्व मिलने से पहले से ही इस पर कृषि कार्य कर रहे हैं। संबंधित कृषक ने समय-समय पर शासन को दिया जाने वाला जुर्माना भी जमा किया है। बाबू जाटव द्वारा ये सभी दस्तावेज तत्काल तहसील न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए गए हैं, जिसके आधार पर तहसीलदार मामले की जांच कर रहे हैं। तहसीलदार ने निर्देश दिया है कि जब तक भूमि के स्वामित्व की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
    user_KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    पत्रकार भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के दिनारा वृत्त में पदस्थ नायब तहसीलदार लज्जाराम राजोरिया पर किसान पुष्पेंद्र सिंह लोधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि 181 शिकायत के संबंध में उन्हें फोन कर करेरा तहसील बुलाया गया था, जहां उनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) को अप्रूव किए बिना ही शिकायत बंद कराने का दबाव बनाया गया। किसान का आरोप है कि जब उन्होंने शिकायत बंद कराने से साफ इनकार कर दिया, तो नायब तहसीलदार ने उन्हें थप्पड़ मारने जैसी बात कहकर धमकाया।
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    शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के दिनारा वृत्त में पदस्थ नायब तहसीलदार लज्जाराम राजोरिया पर किसान पुष्पेंद्र सिंह लोधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि 181 शिकायत के संबंध में उन्हें फोन कर करेरा तहसील बुलाया गया था, जहां उनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) को अप्रूव किए बिना ही शिकायत बंद कराने का दबाव बनाया गया। किसान का आरोप है कि जब उन्होंने शिकायत बंद कराने से साफ इनकार कर दिया, तो नायब तहसीलदार ने उन्हें थप्पड़ मारने जैसी बात कहकर धमकाया।
    user_Narendra lodhi pichhore
    Narendra lodhi pichhore
    Social worker पिछोर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सलैया और सिरसौद में शनिवार की दोपहर 2 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-(NH-27) की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईवे प्रशासन ने अभियान चलाया। कॉरिडोर मैनेजर के निर्देशन में टीम ने सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जे और मिट्टी डालकर बनाए गए अवैध रास्तों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान हाईवे का बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण साफ किया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस पूरी मुहिम के दौरान पेट्रोलिंग अधिकारी लखन चौधरी सहित हाईवे टीम के अन्य सदस्य मौके पर मौजूद रहे।
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    शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सलैया और सिरसौद में शनिवार की दोपहर 2 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-(NH-27) की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईवे प्रशासन ने अभियान चलाया। कॉरिडोर मैनेजर के निर्देशन में टीम ने सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जे और मिट्टी डालकर बनाए गए अवैध रास्तों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान हाईवे का बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण साफ किया गया।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस पूरी मुहिम के दौरान पेट्रोलिंग अधिकारी लखन चौधरी सहित हाईवे टीम के अन्य सदस्य मौके पर मौजूद रहे।
    user_Sachin jha
    Sachin jha
    दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के करैरा-झांसी मार्ग पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों से करैरा नगर में पढ़ाई और ट्यूशन के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय निजी बसों के गेट पर लटककर अपनी जान जोखिम में डालते हुए यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिवपुरी-करैरा-झांसी मार्ग पर संचालित इन बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह दृश्य रोजाना संबंधित थानों और प्रशासनिक कार्यालयों के सामने से गुजरने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर चलने वाली कई बसों की स्थिति पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और उनका रंग-रोगन तक उड़ चुका है। अनेक बसों की नंबर प्लेट भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन की पहचान करना तक कठिन हो जाता है। इसके बावजूद ये वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से दौड़ रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन सुरक्षा उपकरण और वृद्धजनों व दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटें भी उपलब्ध नहीं हैं। भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग पर संचालित बसों का विशेष अभियान चलाकर सघन निरीक्षण किया जाए और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि स्कूली बच्चों और आम यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सके।
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    शिवपुरी जिले के करैरा-झांसी मार्ग पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों से करैरा नगर में पढ़ाई और ट्यूशन के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय निजी बसों के गेट पर लटककर अपनी जान जोखिम में डालते हुए यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिवपुरी-करैरा-झांसी मार्ग पर संचालित इन बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह दृश्य रोजाना संबंधित थानों और प्रशासनिक कार्यालयों के सामने से गुजरने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर चलने वाली कई बसों की स्थिति पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और उनका रंग-रोगन तक उड़ चुका है। अनेक बसों की नंबर प्लेट भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन की पहचान करना तक कठिन हो जाता है। इसके बावजूद ये वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से दौड़ रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन सुरक्षा उपकरण और वृद्धजनों व दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटें भी उपलब्ध नहीं हैं।

भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग पर संचालित बसों का विशेष अभियान चलाकर सघन निरीक्षण किया जाए और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि स्कूली बच्चों और आम यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सके।
    user_Hemant Kumar bhargav
    Hemant Kumar bhargav
    Karera, Shivpuri•
    12 hrs ago
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