₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का होगा ट्रायल? जानिए क्या बदल सकता है आपकी जेब में नई दिल्ली। भारत में करेंसी नोटों को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कम मूल्यवर्ग के नोटों को पॉलीमर सब्सट्रेट पर तैयार कर उनके फील्ड ट्रायल की योजना पर काम किया जा रहा है। पॉलीमर नोटों का उद्देश्य मुख्य रूप से करेंसी की उम्र बढ़ाना और बार-बार खराब होने वाले छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की जगह अधिक टिकाऊ नोट उपलब्ध कराना है। भारत सरकार और आरबीआई पहले भी ₹10 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल की योजना पर चर्चा कर चुके हैं। 2012 के राज्यसभा रिकॉर्ड में एक अरब ₹10 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल का उल्लेख है। क्या ₹10 और ₹20 के नोट पॉलीमर के होंगे? वर्तमान में सामने आई जानकारी में ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के ट्रायल की बात कही जा रही है। हालांकि, इन संख्याओं और स्वीकृति की 2026 की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध होने तक इसे अंतिम निर्णय के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए। पुराने कागजी नोट बंद होंगे? पॉलीमर नोटों का ट्रायल शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तत्काल बंद हो जाएंगे। किसी भी बदलाव की स्थिति में आरबीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दोनों प्रकार के नोट कुछ समय तक साथ-साथ चल सकते हैं। पॉलीमर नोट क्यों चर्चा में हैं? पॉलीमर नोटों को सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माना जाता है। इनमें पानी और नमी के प्रति बेहतर प्रतिरोध होता है और रोजमर्रा के इस्तेमाल में इनके लंबे समय तक चलने की संभावना रहती है। इनका एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलू पारदर्शी विंडो जैसे फीचर भी हैं, जिनका इस्तेमाल कई देशों की पॉलीमर करेंसी में किया जाता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पॉलीमर नोटों की नकल "नामुमकिन" है; बेहतर सुरक्षा फीचर नकली नोट बनाना कठिन बना सकते हैं। आरबीआई को क्या फायदा होगा? यदि छोटे मूल्यवर्ग के नोट ज्यादा समय तक चलते हैं तो पुराने और खराब नोटों को बार-बार बदलने तथा नए नोटों की छपाई की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे करेंसी प्रबंधन की लागत पर भी असर पड़ सकता है। कब तक बाजार में आ सकते हैं? पॉलीमर नोटों की वास्तविक उपलब्धता ट्रायल, सब्सट्रेट की खरीद, डिजाइन, सुरक्षा परीक्षण और आरबीआई की अंतिम प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसलिए जब तक आरबीआई या वित्त मंत्रालय की स्पष्ट आधिकारिक समयसीमा जारी न हो, इसे निश्चित तारीख के रूप में बताना उचित नहीं होगा। निष्कर्ष: भारत में पॉलीमर करेंसी को लेकर पहले भी फील्ड ट्रायल की योजना सामने आ चुकी है। अब यदि ₹10 और ₹20 के नोटों पर नया ट्रायल आगे बढ़ता है, तो इसका उद्देश्य मुख्य रूप से छोटे मूल्यवर्ग की करेंसी को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाना होगा।
₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का होगा ट्रायल? जानिए क्या बदल सकता है आपकी जेब में नई दिल्ली। भारत में करेंसी नोटों को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कम मूल्यवर्ग के नोटों को पॉलीमर सब्सट्रेट पर तैयार कर उनके फील्ड ट्रायल की योजना पर काम किया जा रहा है। पॉलीमर नोटों का उद्देश्य मुख्य रूप से करेंसी की उम्र बढ़ाना और बार-बार खराब होने वाले छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की जगह अधिक टिकाऊ नोट उपलब्ध कराना है। भारत सरकार और आरबीआई पहले भी ₹10 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल की योजना पर चर्चा कर चुके हैं। 2012 के राज्यसभा रिकॉर्ड में एक अरब ₹10 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल का उल्लेख है। क्या ₹10 और ₹20 के नोट पॉलीमर के होंगे? वर्तमान में सामने आई जानकारी में ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के ट्रायल की बात कही जा रही है। हालांकि, इन संख्याओं और स्वीकृति की 2026 की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध होने तक इसे अंतिम निर्णय के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए। पुराने कागजी नोट बंद होंगे? पॉलीमर नोटों का ट्रायल शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तत्काल बंद हो जाएंगे। किसी भी बदलाव की स्थिति में आरबीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दोनों प्रकार के नोट कुछ समय तक साथ-साथ चल सकते हैं। पॉलीमर नोट क्यों चर्चा में हैं? पॉलीमर नोटों को सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माना जाता है। इनमें पानी और नमी के प्रति बेहतर प्रतिरोध होता है और रोजमर्रा के इस्तेमाल में इनके लंबे समय तक चलने की संभावना रहती है। इनका एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलू पारदर्शी विंडो जैसे फीचर भी हैं, जिनका इस्तेमाल कई देशों की पॉलीमर करेंसी में किया जाता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पॉलीमर नोटों की नकल "नामुमकिन" है; बेहतर सुरक्षा फीचर नकली नोट बनाना कठिन बना सकते हैं। आरबीआई को क्या फायदा होगा? यदि छोटे मूल्यवर्ग के नोट ज्यादा समय तक चलते हैं तो पुराने और खराब नोटों को बार-बार बदलने तथा नए नोटों की छपाई की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे करेंसी प्रबंधन की लागत पर भी असर पड़ सकता है। कब तक बाजार में आ सकते हैं? पॉलीमर नोटों की वास्तविक उपलब्धता ट्रायल, सब्सट्रेट की खरीद, डिजाइन, सुरक्षा परीक्षण और आरबीआई की अंतिम प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इसलिए जब तक आरबीआई या वित्त मंत्रालय की स्पष्ट आधिकारिक समयसीमा जारी न हो, इसे निश्चित तारीख के रूप में बताना उचित नहीं होगा। निष्कर्ष: भारत में पॉलीमर करेंसी को लेकर पहले भी फील्ड ट्रायल की योजना सामने आ चुकी है। अब यदि ₹10 और ₹20 के नोटों पर नया ट्रायल आगे बढ़ता है, तो इसका उद्देश्य मुख्य रूप से छोटे मूल्यवर्ग की करेंसी को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाना होगा।
- बस अड्डे पर मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने 5 युवकों को शांतिभंग में किया गिरफ्तार The Aman Times | पौड़ी 🚨 बस अड्डे पर मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने 5 युवकों को शांतिभंग में किया गिरफ्तार पौड़ी/16 सितंबर 2026। पौड़ी के बस अड्डे पर दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के युवक आपस में मारपीट करने लगे। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। बस अड्डे के पास ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सार्वजनिक स्थान पर मारपीट करने एवं शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में पांच युवकों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवकों में दो कोटद्वार, दो श्रीनगर और एक पौड़ी निवासी है। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- हरिद्वार हर की पौड़ी पर बिकनी पहनकर स्नान कर रही वायरल वीडियो के बाद सामने आई महिला AI द्वारा जेनरेट फेक वीडियो का सच बताने और जनता से की यह अपील देख वायरल वीडियो।1
- मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार, कलियर पुलिस-STF ने दो तस्करों को दबोचा मूल पैकिंग और लेबल हटाकर बेचते थे नशीले कैप्सूल, 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल व 10 कोडीन कफ सिरप बरामद मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार, कलियर पुलिस-STF ने दो तस्करों को दबोचा मूल पैकिंग और लेबल हटाकर बेचते थे नशीले कैप्सूल, 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल व 10 कोडीन कफ सिरप बरामद कलियर (सुमित सैनी)। पिरान कलियर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित रूप से नशीली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कलियर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मोनी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 1150 अवैध/अनलेबल्ड Puroxiwin Spas कैप्सूल तथा 10 कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को एसटीएफ निरीक्षक भवानी शंकर पंत को सूचना मिली थी कि पिरान कलियर क्षेत्र में स्थित मोनी मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना पर एसटीएफ ने ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ संयुक्त टीम गठित की। इसके बाद टीम कलियर पुलिस को साथ लेकर सावरी नावेद टी स्टॉल के सामने स्थित मोनी मेडिकल स्टोर पहुंची। संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर की नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान काउंटर के ऊपरी रैक से Codectus TR कोडीन कफ सिरप की 10 शीशियां बरामद हुईं। इसके अलावा पारदर्शी और सिल्वर पैकिंग में रखे Puroxiwin Spas के कुल 1150 कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने कैप्सूल को ट्रामाडोल कैप्सूल बताया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे कैप्सूल की मूल पैकिंग और लेबल हटाकर उन्हें लूज में बेचते थे, ताकि पकड़े जाने से बच सकें। आरोपियों के पास इन दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई अभिलेख अथवा मौके पर चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन भी नहीं मिला।पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नशीले कैप्सूल और कोडीन सिरप को नशे के आदी लोगों को कथित तौर पर मोटे मुनाफे पर बेचते थे। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को धारा 8/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुर्बान अली पुत्र अब्दुल माजिद, निवासी महमूदपुर, कोतवाली पिरान कलियर, उम्र 40 वर्ष तथा आदिल पुत्र जिन्दा हसन, निवासी मुकरपुर, कोतवाली पिरान कलियर, उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मु0अ0सं0 212/2026, धारा 8/22/29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। संयुक्त कार्रवाई में यह टीम रही शामिल कार्रवाई में एसटीएफ देहरादून के निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल रवि पंत, कलियर थाने के एएसआई रामअवतार, हेड कांस्टेबल इसरार, हेड कांस्टेबल माजिद तथा ड्रग इंस्पेक्टर विनोद जगुड़ी और हरिद्वार के ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह शामिल रहे।2
- सहसपुर में 2,500 महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की बड़ी पहल! देहरादून के सहसपुर (शंकरपुर) में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को नई गति देते हुए स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र (Common Facility Centre) का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र से 223 स्वयं सहायता समूहों की करीब 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं, जो अब जूट बैग, कपड़े की थैलियां और सिलाई के अन्य उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा सकेंगी। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देगी, बल्कि सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प को भी बढ़ावा देगी। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि इस मॉडल को उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। वहीं, सीडीओ अभिनव शाह ने बताया कि जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने में पूरा सहयोग देगा।1
- घर पर गोलगप्पे बनाने से डर लगता है तो ये रेसिपी आपके लिए है।1
- देहरादून उत्तराखंड में फिल्म ‘हनुमान अंश’ हुई टैक्स फ्री सरकार ने फिल्म को प्रोत्साहित करने का लिया निर्णय महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने जारी किया पत्र मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में एसजीएसटी की होगी प्रतिपूर्ति दर्शकों से नहीं लिया जाएगा राज्य का एसजीएसटी राज्य सरकार वहन करेगी एसजीएसटी की राशि फिल्म को बढ़ावा देने के लिए लिया गया फैसला देहरादून उत्तराखंड में फिल्म ‘हनुमान अंश’ हुई टैक्स फ्री सरकार ने फिल्म को प्रोत्साहित करने का लिया निर्णय महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने जारी किया पत्र मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में एसजीएसटी की होगी प्रतिपूर्ति दर्शकों से नहीं लिया जाएगा राज्य का एसजीएसटी राज्य सरकार वहन करेगी एसजीएसटी की राशि फिल्म को बढ़ावा देने के लिए लिया गया फैसला1
- ग्रामीणों की समस्या पर मुख्यमंत्री धामी का तत्काल एक्शन, सकण्ड गांव की सड़क को लेकर तीन माह में कार्रवाई के निर्देश* *मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम पहुंची सकण्ड गांव* सीएम धामी के त्वरित संज्ञान पर ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी ने जताया आभार, कहा—मुख्यमंत्री जी और शासन-प्रशासन का धन्यवाद* चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के अंतर्गत सकण्ड (स्कंद) गांव में सड़क सुविधा को लेकर ग्रामीणों द्वारा स्वयं गेती, फावड़े और कुदाल उठाकर श्रमदान किए जाने की खबरों का मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सड़क निर्माण की कार्रवाई को तीन माह के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए गांवों का विकास और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ और विकास कार्य धरातल पर गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आज राजस्व विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम सकण्ड पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शुरू की। संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा तीन माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर ग्राम प्रधान श्रीमती शिवानी चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिए , जिसके क्रम में आज राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ग्राम सकण्ड पहुंची है। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा मामले में तीन माह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ शासन एवं जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।1
- पैर फिसलने से 50 मीटर गहरी खाई में गिरा चालक, SDRF ने बचाया The Aman Times | उत्तरकाशी पैर फिसलने से 50 मीटर गहरी खाई में गिरा चालक, SDRF ने बचाया उत्तरकाशी के राणाचट्टी-स्यानाचट्टी के बीच पैर फिसलने से वाहन चालक करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना पर जानकीचट्टी SDRF टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल की पहचान उपेंद्र (50), निवासी मेरठ के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।2
- बिना लाइसेंस चल रहे हुक्का बार की अब नहीं खैर, बिना लाइसेंस चल रहे बार का काटा चालान। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैफे आदि प्रतिष्ठानों में औचक चैकिंग/सत्यापन अभियान के दौरान कोतवाली गंगनहर पुलिस ने क्षेत्र में चलाए जा रहे हुक्का बार पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले तो सामने आया कि संचालक द्वारा उक्त बार बिना लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। साथ ही संचालक द्वारा बिना सत्यापन के ही नियुक्त किए गए स्टॉफ से काम लिया जा रहा था। नियमानुसार आरोपी संचालक के खिलाफ कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी का पुलिस अधिनियम के तहत ₹10000/- का चालान काटा। उक्त संचालक सहित अन्य होटल, ढाबो, बार के संचालकों को स्पष्ट शब्दों में बताया गया कि बिना वैध लाइसेंस न ऐसे बार संचालित किए जाएं न बिना वैध आईडी किसी व्यक्ति को रुकने दिया जाए। बिना सत्यापन कर्मचारी रखने पर भी कड़ी चालानी कार्रवाई करने की संबंधित को स्पष्ट चेतावनी दी गई। इसके साथ ही संचालकों को अपने प्रतिष्ठान में सी.सी.टी.वी. कैमरा और सुरक्षा उपकरण चालू दशा में रखने, एंट्री/ एग्जिट पॉइंट्स पर अच्छी गुणवत्ता के कैमरे लगाने एवं संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए। *विवरण आरोपी संचालक-* फहीम कुरेशी पुत्र तस्लीम कुरैशी निवासी रामपुर चुंगी1