पूर्व प्राचार्या प्रो. उषा किरण शर्मा के निधन पर श्रद्धांजलि सभा, महाविद्यालय परिवार शोकाकुल हाटा (कुशीनगर)। राजकीय महाविद्यालय ढाढा बुजुर्ग की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर उषा किरण शर्मा के आकस्मिक निधन का समाचार क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा गया। उनका निधन गोरखपुर स्थित उनके आवास पर हुआ। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से महाविद्यालय परिवार सहित शिक्षा जगत को गहरी क्षति पहुँची है। उनकी पावन स्मृति में महाविद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चैतन्य कुमार ने कहा कि प्रो. उषा किरण शर्मा अत्यंत सरल, सौम्य, कर्मठ और संवेदनशील व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने अपने कार्यकाल में महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका प्रशासनिक कौशल, शैक्षिक प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के प्रति मातृवत स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण—डॉ. देवेश मणि त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. दुर्गेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. सुब्बाराव, डॉ. तनु श्रीवास्तव, डॉ. कुंज लाल सिंह, डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. दीपक कुमार भारती एवं डॉ. मनोज कुमार सहित समस्त कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। श्रद्धांजलि सभा का समापन शांत वातावरण में हुआ। उपस्थित सभी जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और शिक्षण मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
पूर्व प्राचार्या प्रो. उषा किरण शर्मा के निधन पर श्रद्धांजलि सभा, महाविद्यालय परिवार शोकाकुल हाटा (कुशीनगर)। राजकीय महाविद्यालय ढाढा बुजुर्ग की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर उषा किरण शर्मा के आकस्मिक निधन का समाचार क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा गया। उनका निधन गोरखपुर स्थित उनके आवास पर हुआ। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से महाविद्यालय परिवार सहित शिक्षा जगत को गहरी क्षति पहुँची है। उनकी पावन स्मृति में महाविद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चैतन्य कुमार ने कहा कि प्रो. उषा किरण शर्मा अत्यंत सरल, सौम्य, कर्मठ और संवेदनशील व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने अपने कार्यकाल में महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका प्रशासनिक कौशल, शैक्षिक
प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के प्रति मातृवत स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण—डॉ. देवेश मणि त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. दुर्गेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. सुब्बाराव, डॉ. तनु श्रीवास्तव, डॉ. कुंज लाल सिंह, डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. दीपक कुमार भारती एवं डॉ. मनोज कुमार सहित समस्त कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। श्रद्धांजलि सभा का समापन शांत वातावरण में हुआ। उपस्थित सभी जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और शिक्षण मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
- कुशीनगर: प्लास्टिक के गोदाम में लगी आग लाखों का सामान जलकर राख शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका आग बुझाने में जुटी दमकल की टीम पडरौना नगर क्षेत्र की घटना1
- हाटा (कुशीनगर)। राजकीय महाविद्यालय ढाढा बुजुर्ग की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर उषा किरण शर्मा के आकस्मिक निधन का समाचार क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा गया। उनका निधन गोरखपुर स्थित उनके आवास पर हुआ। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके निधन से महाविद्यालय परिवार सहित शिक्षा जगत को गहरी क्षति पहुँची है। उनकी पावन स्मृति में महाविद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चैतन्य कुमार ने कहा कि प्रो. उषा किरण शर्मा अत्यंत सरल, सौम्य, कर्मठ और संवेदनशील व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने अपने कार्यकाल में महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका प्रशासनिक कौशल, शैक्षिक प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के प्रति मातृवत स्नेह सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण—डॉ. देवेश मणि त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. दुर्गेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. सुब्बाराव, डॉ. तनु श्रीवास्तव, डॉ. कुंज लाल सिंह, डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. दीपक कुमार भारती एवं डॉ. मनोज कुमार सहित समस्त कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। श्रद्धांजलि सभा का समापन शांत वातावरण में हुआ। उपस्थित सभी जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और शिक्षण मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।2
- चोरी का आरोप लगाते हुए चीनी पुरुषों ने एक युवती को बिजली के झटके देकर प्रताड़ित किया, जबकि वह उनसे तर्क करने और उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी।1
- असलहा लहराकर लूट की कोशिश देवरिया: सलेमपुर थाना क्षेत्र के किशोरगंज वार्ड नंबर 10 स्थित “विशाल ज्वेलर्स” में दिनदहाड़े असलहा दिखाकर लूट की कोशिश का मामला सामने आया है। बदमाश ग्राहक बनकर दुकान में घुसा और पिस्टल दिखाकर दुकानदार को धमकाने लगा। स्थिति भांपते हुए स्वर्ण व्यवसायी ध्रुव कुमार वर्मा तिजोरी कक्ष में घुस गए और अंदर से दरवाजा बंद कर शोर मचाया, जिससे घबराकर आरोपी मौके से फरार हो गया। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। घटना के बाद व्यापारियों में दहशत का माहौल है, वहीं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- Post by विजय कुमार1
- लोकेशन देवरिया बच्चों ने जेईई - मेन्स में मचाया धमाल सफलता एक दिन में नहीं, परन्तु एक दिन जरूर मिलती है: चेयरमैन एम एन त्रिपाठी एंकर, आपको बता दें कि गौरी बाजार के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एस बी टी पब्लिक स्कूल विशुनपुरा बखरा के दस बच्चों ने पहली बार में इन्टरमीडिएट की पढ़ाई करते हुए जेईई मेन्स की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण किया। इनमें सत्यम सिंह 98.1, अर्पित सागर 95.5, आयुष्मान 90, कल्पना विश्वकर्मा 90,दीक्षा मद्धेशिया 85.7, विवेक व रंजीत 85 , सारांश 84,श्रेया राय 83,शिवेंद्र 82.6 ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT's) का मार्ग भी प्रशस्त किया।इस सफलता पर विद्यालय के चेयरमैन एम एन त्रिपाठी ने बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं व बधाइयां दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की स्थापना कुछ वर्षों पहले इस ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को डाक्टर, इंजीनियर व अन्य क्षेत्र में विशेष उपलब्धि पाने के उद्देश्य से की गई जो आज पूरी होती नजर आ रही है। यह उपलब्धि सिर्फ एस बी टी की ही नहीं बल्कि इस क्षेत्र के निवासी हर माता पिता की है जिन्होंने हर तरह से विद्यालय का समर्थन किया। ऐसे ही सबका प्यार और आशीर्वाद बना रहा तो यह विद्यालय हर घर को एक डॉक्टर, इंजीनियर व प्रशासनिक अधिकारी देगा। उन्होंने उन विशेष अध्यापकों का भी आभार प्रकट किया जिन्होंने पूरी तन्मयता के साथ बच्चों और विद्यालय को इस तरह की सफलता दिलाने में भरपूर सहयोग किया।आने वाले समय में एस बी टी हर क्षेत्र में कर्मयोद्धाओं को तैयार करेगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य दिवाकर पाण्डेय ने भी उनके सुखद व उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्य समन्वयक अंबरीश त्रिपाठी ने भी शुभकामनाएं व बधाइयां देते हुए कहा कि आने वाले समय में एस बी टी एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। छात्र छात्राओं के इस उपलब्धि पर प्रशासक अबू दानिश,निरंजय दूबे, अतुल श्रीवास्तव, अंबरीश सिंह, आनंद विश्वकर्मा, अंकित शाही,रजनी मिश्रा व अन्य सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। Bite-- एम एन त्रिपाठी चेयरमैन एसबीटी पब्लिक स्कूल Bite-- दिवाकर पांडेय प्रिंसिपल Bite-- अध्यापक Bite-- छात्र-छात्राएं1
- आज की सच्चाई1
- सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के पैकौली ग्राम सभा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित कचरा प्रबंधन केंद्र अपनी उपयोगिता साबित करने में नाकाम दिखाई दे रहा है। केंद्र के संचालन के दावों के बावजूद गांव की सड़कों के किनारे जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्वच्छता अभियान की हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों से गांव में नियमित कचरा उठान की व्यवस्था नहीं है। स्थानीय निवासी शंकर, दूधनाथ यादव, बिकाऊ अंसारी और जावेद अंसारी ने बताया कि घरों से निकलने वाला कचरा आज भी सड़क किनारे ही फेंका जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा प्रत्येक गांव में कचरा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने का उद्देश्य स्वच्छ वातावरण बनाना था, लेकिन पैकौली में यह व्यवस्था कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। ग्रामीणों ने इसे शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताते हुए आरोप लगाया कि यदि केंद्र सही तरीके से संचालित होता तो गांव में गंदगी की यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सड़क किनारे जमा कचरे से दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जब ‘दैनिक भास्कर’ की टीम ने ग्राम सचिव से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि शिकायत की जानकारी मिली है और जांच कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही नियमित कचरा उठान सुनिश्चित किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वच्छता को लेकर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, बावजूद इसके यदि जमीनी स्तर पर योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही हैं तो यह चिंताजनक है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग कब तक स्थायी समाधान सुनिश्चित करता है और कचरा प्रबंधन केंद्र को पूरी क्षमता से संचालित कर ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।1