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मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था, मंगलवार और शनिवार को लगता है विशाल दरबार नांगल चौधरी क्षेत्र स्थित मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम आज श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दूर-दूर से आने वाले भक्त यहां माता रानी के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता की कृपा से अपनी समस्याओं का समाधान पाकर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इन दिनों मंदिर परिसर भक्तों की जयकारों और माता रानी के भजनों से पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि हरियाणा, राजस्थान और आसपास के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त अपनी पारिवारिक परेशानियों, बीमारी, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए माता रानी के चरणों में अरदास लगाते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी की असीम कृपा से उन्हें राहत और नया जीवन मार्ग प्राप्त होता है। मंगलवार और शनिवार को मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। भक्त नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर में भंडारे और धार्मिक आयोजनों का भी विशेष महत्व रहता है, जहां श्रद्धालु सेवा भाव से भाग लेते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। धाम में पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। लोगों का कहना है कि मां अन्नपूर्णा के दरबार में कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ही इस धाम की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों के कारण मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम क्षेत्र में लगातार प्रसिद्ध होता जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां माता रानी स्वयं अपने भक्तों की पीड़ा सुनती हैं और उन्हें संकटों से मुक्ति प्रदान करती हैं। यही वजह है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहां आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ता है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग जाता हैं ।

2 hrs ago
user_Joshila News Network
Joshila News Network
बहरोड़, अलवर, राजस्थान•
2 hrs ago

मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था, मंगलवार और शनिवार को लगता है विशाल दरबार नांगल चौधरी क्षेत्र स्थित मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम आज श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दूर-दूर से आने वाले भक्त यहां माता रानी के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता की कृपा से अपनी समस्याओं का समाधान पाकर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इन दिनों मंदिर परिसर भक्तों की जयकारों और माता रानी के भजनों से पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि हरियाणा, राजस्थान और आसपास के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त अपनी पारिवारिक परेशानियों, बीमारी, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए माता रानी के चरणों में अरदास लगाते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी की असीम कृपा से उन्हें राहत और नया जीवन मार्ग प्राप्त होता है। मंगलवार और शनिवार को मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। भक्त नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर में भंडारे और धार्मिक आयोजनों का भी विशेष महत्व रहता है, जहां श्रद्धालु सेवा भाव से भाग लेते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। धाम में पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। लोगों का कहना है कि मां अन्नपूर्णा के दरबार में कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ही इस धाम की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों के कारण मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम क्षेत्र में लगातार प्रसिद्ध होता जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां माता रानी स्वयं अपने भक्तों की पीड़ा सुनती हैं और उन्हें संकटों से मुक्ति प्रदान करती हैं। यही वजह है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहां आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ता है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग जाता हैं ।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एनसीसी कैडेट्स ने वीर शहीदों को किया नमन बहरोड़। National Cadet Corps के तत्वावधान में आज श्रीमती नारायणी देवी महिला महाविद्यालय बहरोड़ में “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और वीरता को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा एवं देशभक्ति का संकल्प लिया। साथ ही पहलगांव आतंकी हमले में जान गंवाने वाले मासूम नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस सामूहिक चर्चा में एनसीसी कैडेट्स ने भारतीय सेना की वीरता और राष्ट्र सुरक्षा में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देशवासियों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहती है और सैनिकों का त्याग व समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और राष्ट्रप्रेम विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर कैडेट्स ने “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ जीवन जीने तथा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने एकता, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता, निःस्वार्थ सेवा और साहस जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का प्रण भी लिया। सामूहिक चर्चा के दौरान कई कैडेट्स ने देशभक्ति से ओतप्रोत विचार प्रस्तुत किए और भारतीय सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में पहलगांव आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के विरुद्ध अपराध है और पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। कैडेट्स ने शहीदों एवं मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संदेश दिया। अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने सभी कैडेट्स को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति नारों और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
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    ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एनसीसी कैडेट्स ने वीर शहीदों को किया नमन
बहरोड़। National Cadet Corps के तत्वावधान में आज श्रीमती नारायणी देवी महिला महाविद्यालय बहरोड़ में “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और वीरता को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा एवं देशभक्ति का संकल्प लिया। साथ ही पहलगांव आतंकी हमले में जान गंवाने वाले मासूम नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस सामूहिक चर्चा में एनसीसी कैडेट्स ने भारतीय सेना की वीरता और राष्ट्र सुरक्षा में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देशवासियों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहती है और सैनिकों का त्याग व समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और राष्ट्रप्रेम विकसित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर कैडेट्स ने “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ जीवन जीने तथा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने एकता, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता, निःस्वार्थ सेवा और साहस जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का प्रण भी लिया। सामूहिक चर्चा के दौरान कई कैडेट्स ने देशभक्ति से ओतप्रोत विचार प्रस्तुत किए और भारतीय सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पहलगांव आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के विरुद्ध अपराध है और पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। कैडेट्स ने शहीदों एवं मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संदेश दिया।
अंत में महाविद्यालय प्रशासन ने सभी कैडेट्स को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति नारों और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
    user_Joshila News Network
    Joshila News Network
    बहरोड़, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • संपूर्ण जनशक्ति फाउंडेशन ट्रस्ट राजस्थान की ओर से शनिवार को राम मैरिज गार्डन में प्रतिभा सम्मान समारोह 2026-27 आयोजित किया गया।
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    संपूर्ण जनशक्ति फाउंडेशन ट्रस्ट राजस्थान की ओर से शनिवार को राम मैरिज गार्डन में प्रतिभा सम्मान समारोह 2026-27 आयोजित किया गया।
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli, Jaipur•
    1 hr ago
  • मुंडावर में धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती; विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने वीर शिरोमणि को दी श्रद्धांजलि मुंडावर में धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती; विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने वीर शिरोमणि को दी श्रद्धांजलि मुंडावर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के पावन अवसर पर आज मुंडावर क्षेत्र में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जसाई और आसपास के क्षेत्रों में समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान को याद किया। मुंडावर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच विरेन्द्र पंडित (अध्यक्ष, ब्राह्मण समाज मुंडावर) ने की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में समाजसेवी अभिमन्यु यादव (नारह खेड़ा) मौजूद रहे। इस दौरान मुंडावर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक सुर में महाराणा प्रताप के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। उपस्थिति इस गौरवमयी आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए, जिनमें मुख्य रूप से: सत्यनारायण शर्मा ईश्वर गौतम नीरज पंडित दीपक चौधरी कोनी पंडित समुन्दर चौधरी मुखराम, धर्मवीर, राजेन्द्र यादव, धर्मवीर चरण सिंह सहित अन्य ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे। वीरता और स्वाभिमान का संदेश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विरेन्द्र पंडित ने कहा कि महाराणा प्रताप किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनकी राष्ट्रभक्ति और घास की रोटी खाकर भी अधीनता स्वीकार न करने का जज्बा आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। वहीं अभिमन्यु यादव ने युवाओं से अपील की कि वे महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
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    मुंडावर में धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती; विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने वीर शिरोमणि को दी श्रद्धांजलि

मुंडावर में धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती; विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने वीर शिरोमणि को दी श्रद्धांजलि
मुंडावर 
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के पावन अवसर पर आज मुंडावर क्षेत्र में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जसाई और आसपास के क्षेत्रों में समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान को याद किया।
मुंडावर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच विरेन्द्र पंडित (अध्यक्ष, ब्राह्मण समाज मुंडावर) ने की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में समाजसेवी अभिमन्यु यादव (नारह खेड़ा) मौजूद रहे। इस दौरान मुंडावर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक सुर में महाराणा प्रताप के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।
उपस्थिति
इस गौरवमयी आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
सत्यनारायण शर्मा
ईश्वर गौतम
नीरज पंडित
दीपक चौधरी
कोनी पंडित
समुन्दर चौधरी
मुखराम, धर्मवीर, राजेन्द्र यादव, धर्मवीर चरण सिंह सहित अन्य ग्रामीण एवं युवा उपस्थित रहे।
वीरता और स्वाभिमान का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विरेन्द्र पंडित ने कहा कि महाराणा प्रताप किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनकी राष्ट्रभक्ति और घास की रोटी खाकर भी अधीनता स्वीकार न करने का जज्बा आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। वहीं अभिमन्यु यादव ने युवाओं से अपील की कि वे महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलकर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop Mandawar, Alwar•
    2 hrs ago
  • सच्चाई की गज़ल। जीवन के साथ साथ दिल को छूने वाली। सच्चाई की रूबरू साक्ष्य।
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    सच्चाई की गज़ल। जीवन के साथ साथ दिल को छूने वाली। सच्चाई की रूबरू साक्ष्य।
    user_Om Parkash
    Om Parkash
    Local News Reporter अटेली, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • नारनौल के 'दिल्ली वाली ढाणी' में सड़क पर लंबे समय से पानी जमा है। इस कारण गंदगी और मच्छरों से बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। स्थानीय लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
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    नारनौल के 'दिल्ली वाली ढाणी' में सड़क पर लंबे समय से पानी जमा है। इस कारण गंदगी और मच्छरों से बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। स्थानीय लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
    user_Sanjay
    Sanjay
    नारनौल, महेंद्रगढ़, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • शुक्रवार को राजस्थान के मुंडावर में बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अचानक धू-धू कर जल उठी। चालक और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने क्षेत्र में स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    शुक्रवार को राजस्थान के मुंडावर में बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अचानक धू-धू कर जल उठी। चालक और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने क्षेत्र में स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ त्वरित न्याय, हजारों मामलों का आपसी समझौते से निस्तारण किशनगढ़बास। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को खैरथल-तिजारा जिले में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास की अध्यक्षता में किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में जिलेभर में कुल 8 बेंचों का गठन किया गया। इनमें खैरथल जिला मुख्यालय पर तीन बेंच स्थापित की गईं, जबकि शेष बेंच विभिन्न तालुकाओं में संचालित रहीं। जिला मुख्यालय पर गठित प्रथम बेंच में जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के साथ उपखंड अधिकारी किशनगढ़बास मनीष कुमार जाटव एवं अधिवक्ता रामनिवास सदस्य के रूप में मौजूद रहे। द्वितीय बेंच में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 किशनगढ़बास के साथ नायब तहसीलदार हिमांशु मीणा एवं अधिवक्ता प्रताप सिंह सदस्य रहे। वहीं तृतीय बेंच में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश मीणा तथा अधिवक्ता दिनेश कुमार सैनी ने भागीदारी निभाई। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य मामलों का आपसी समझौते से समाधान किया गया। इसके अलावा बैंक, बिजली विभाग एवं टेलिफोन विभाग से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का भी मौके पर निस्तारण कर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रणवीर सिंह ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को सस्ता, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके। उन्होंने बताया कि इस पहल से न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन पूरे देश में एक साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुराने एवं लंबित मामलों का निपटारा कर लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया गया।
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    द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ त्वरित न्याय, हजारों मामलों का आपसी समझौते से निस्तारण
किशनगढ़बास। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को खैरथल-तिजारा जिले में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास की अध्यक्षता में किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में जिलेभर में कुल 8 बेंचों का गठन किया गया। इनमें खैरथल जिला मुख्यालय पर तीन बेंच स्थापित की गईं, जबकि शेष बेंच विभिन्न तालुकाओं में संचालित रहीं।
जिला मुख्यालय पर गठित प्रथम बेंच में जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के साथ उपखंड अधिकारी किशनगढ़बास मनीष कुमार जाटव एवं अधिवक्ता रामनिवास सदस्य के रूप में मौजूद रहे। द्वितीय बेंच में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 किशनगढ़बास के साथ नायब तहसीलदार हिमांशु मीणा एवं अधिवक्ता प्रताप सिंह सदस्य रहे। वहीं तृतीय बेंच में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश मीणा तथा अधिवक्ता दिनेश कुमार सैनी ने भागीदारी निभाई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य मामलों का आपसी समझौते से समाधान किया गया। इसके अलावा बैंक, बिजली विभाग एवं टेलिफोन विभाग से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का भी मौके पर निस्तारण कर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रणवीर सिंह ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को सस्ता, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके। उन्होंने बताया कि इस पहल से न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिलती है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन पूरे देश में एक साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुराने एवं लंबित मामलों का निपटारा कर लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया गया।
    user_Pramod Kewlani
    Pramod Kewlani
    Local News Reporter खैरथल, अलवर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था, मंगलवार और शनिवार को लगता है विशाल दरबार नांगल चौधरी क्षेत्र स्थित मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम आज श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दूर-दूर से आने वाले भक्त यहां माता रानी के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता की कृपा से अपनी समस्याओं का समाधान पाकर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इन दिनों मंदिर परिसर भक्तों की जयकारों और माता रानी के भजनों से पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि हरियाणा, राजस्थान और आसपास के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त अपनी पारिवारिक परेशानियों, बीमारी, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए माता रानी के चरणों में अरदास लगाते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी की असीम कृपा से उन्हें राहत और नया जीवन मार्ग प्राप्त होता है। मंगलवार और शनिवार को मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। भक्त नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर में भंडारे और धार्मिक आयोजनों का भी विशेष महत्व रहता है, जहां श्रद्धालु सेवा भाव से भाग लेते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। धाम में पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। लोगों का कहना है कि मां अन्नपूर्णा के दरबार में कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ही इस धाम की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों के कारण मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम क्षेत्र में लगातार प्रसिद्ध होता जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां माता रानी स्वयं अपने भक्तों की पीड़ा सुनती हैं और उन्हें संकटों से मुक्ति प्रदान करती हैं। यही वजह है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहां आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ता है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग जाता हैं ।
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    मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की आस्था, मंगलवार और शनिवार को लगता है विशाल दरबार
नांगल चौधरी क्षेत्र स्थित मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम आज श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। दूर-दूर से आने वाले भक्त यहां माता रानी के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और माता की कृपा से अपनी समस्याओं का समाधान पाकर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इन दिनों मंदिर परिसर भक्तों की जयकारों और माता रानी के भजनों से पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही कारण है कि हरियाणा, राजस्थान और आसपास के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त अपनी पारिवारिक परेशानियों, बीमारी, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए माता रानी के चरणों में अरदास लगाते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी की असीम कृपा से उन्हें राहत और नया जीवन मार्ग प्राप्त होता है।
मंगलवार और शनिवार को मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। भक्त नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर परिसर में भंडारे और धार्मिक आयोजनों का भी विशेष महत्व रहता है, जहां श्रद्धालु सेवा भाव से भाग लेते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धाम में पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां आकर उन्हें मानसिक शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। लोगों का कहना है कि मां अन्नपूर्णा के दरबार में कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ही इस धाम की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है।
धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों के कारण मां अन्नपूर्णा नगरकोट धाम क्षेत्र में लगातार प्रसिद्ध होता जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां माता रानी स्वयं अपने भक्तों की पीड़ा सुनती हैं और उन्हें संकटों से मुक्ति प्रदान करती हैं। यही वजह है कि प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यहां आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ता है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग जाता हैं ।
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    Joshila News Network
    बहरोड़, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
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