जनपद कानपुर देहात के विकास भवन सभागार में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के अंतर्गत एक सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने की। समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि नशे की समस्या सिर्फ व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करती है। उन्होंने 'नशे से दूर रहें, खुशहाल जीवन चुनें, स्वस्थ युवा, समृद्ध भारत' के संदेश को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने का आह्वान किया। विधान जायसवाल ने उपस्थित सभी लोगों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जनपद कानपुर देहात को नशा मुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध बनाने के लिए सभी की सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करना होगा। कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14446 के संबंध में भी जानकारी दी गई, जिस पर नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्ति अथवा उनके परिजन परामर्श एवं आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस समारोह में जनपद के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, विकास भवन के समस्त कर्मचारियों तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर जनपद को नशा मुक्त बनाने एवं समाज में जागरूकता फैलाने का दृढ़ संकल्प लिया।
जनपद कानपुर देहात के विकास भवन सभागार में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' के अंतर्गत एक सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने की। समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि नशे की समस्या सिर्फ व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करती है। उन्होंने 'नशे से दूर रहें, खुशहाल जीवन चुनें, स्वस्थ युवा, समृद्ध भारत' के संदेश को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने का आह्वान किया। विधान जायसवाल ने उपस्थित सभी लोगों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जनपद कानपुर देहात को नशा मुक्त, स्वस्थ एवं समृद्ध बनाने के लिए सभी की सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करना होगा। कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14446 के संबंध में भी जानकारी दी गई, जिस पर नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्ति अथवा उनके परिजन परामर्श एवं आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस समारोह में जनपद के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, विकास भवन के समस्त कर्मचारियों तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर जनपद को नशा मुक्त बनाने एवं समाज में जागरूकता फैलाने का दृढ़ संकल्प लिया।
- कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड के रतनियापुर गांव में नालियों की नियमित सफाई न होने से ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। गंदा पानी जमा होने के कारण पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल रही है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गांव के निवासी ओम प्रकाश, सीता देवी और दीपक सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं की गई है। इस गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों का घरों के बाहर बैठना मुश्किल हो गया है, और साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। उन्होंने प्रशासन और पंचायत विभाग से तत्काल नालियों की सफाई कराने की मांग की है, ताकि गांव में स्वच्छता व्यवस्था बहाल हो सके और उन्हें दुर्गंध व गंदगी से राहत मिल सके। इस संबंध में, एडीओ पंचायत अश्विनी कुमार ने बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और शीघ्र ही नालियों की सफाई कराई जाएगी।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित ठेनामऊ गांव में गुरुवार शाम एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बताया गया कि गांव निवासी नरेश की पुत्री सोनम अपने घर के भीतर अचेत अवस्था में फंदे से लटकी मिली। परिजनों ने तत्काल उसे नीचे उतारकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। सूचना पर मंगलपुर थाना प्रभारी महेश दुबे और झींझक चौकी प्रभारी अवनीश कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। झींझक चौकी प्रभारी अवनीश कुमार वर्मा ने शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय युवक कुलदीप की हत्या के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। कुलदीप, जो गजनेर थाना क्षेत्र के जसौरा गांव का निवासी था और रनिया क्षेत्र के खानचंद्रपुर रोड पर एक किराए के मकान में अपनी पत्नी पूजा और डेढ़ वर्षीय बेटे के साथ रहता था, गुरुवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुलदीप का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से विवाद हुआ था। आरोप था कि शराब के नशे में कुलदीप ने महिला का हाथ पकड़ लिया था, जिसके बाद महिला का पति नीलू मौके पर पहुंचा और कथित तौर पर किसी भारी वस्तु से कुलदीप के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कुलदीप को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। लेकिन देर रात इस मामले ने पूरी तरह नया रुख ले लिया, जब मृतक की पत्नी पूजा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में पड़ोसी नीलू को नहीं, बल्कि मकान मालिक राजीव और उसके दोनों बेटों सुनील व सुशील पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया। पत्नी का कहना है कि इन्हीं लोगों ने उसके पति की हत्या की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उसने यह भी बताया कि कुलदीप ही परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी मौत के बाद परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रनिया थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मकान मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए नीलू और उसकी पत्नी को छोड़ दिया गया है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की असली वजह और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरा मामला फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- इटावा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतिका औरैया जनपद के थाना अछल्दा की निवासी थी, जिसे परिजनों ने इटावा जनपद के भरथना चौराहे के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस घटना के बाद, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए, महिला के शव को अस्पताल के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह पूरा मामला इटावा जनपद के थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र का है।1
- कानपुर देहात से बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ भोगनीपुर पुलिस ने लूट और छिनैती की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि ये शातिर चोर छिनैती और लूट संबंधी अपराधों में लिप्त हैं, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए इन्हें धर दबोचा गया। पूछताछ के दौरान इन बदमाशों ने बताया कि उनका एक चोरों का गिरोह है जिसे 'चांद बाबू' चलाता है। यह गिरोह जनपद कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर, औरैया और आसपास के अन्य जिलों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए बताया कि वे दिन में सूने या ताला बंद घरों की पहचान करते थे और फिर रात में मिलकर इन्हीं चिन्हित घरों में मौका देखकर चोरी कर लेते थे। चोरी के लिए उपयोग होने वाले औजार भी वे अपने साथ ही रखते थे।1
- शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे सिकंदरा कस्बे में मोहर्रम का पर्व पुरानी परंपरा और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस दौरान कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से ताजिए निकाले गए, साथ ही मातमी जुलूस भी निकले, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में गम, श्रद्धा और धार्मिक आस्था का एक विशेष माहौल देखने को मिला। अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और जुलूसों के दौरान पूरी श्रद्धा व अनुशासन के साथ मातम किया। मोहर्रम की परंपरा के अनुसार, कई मुस्लिम परिवारों ने अपने घरों की छतों और दरवाजों से लंगर, शरबत और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया, जिसे जुलूस में शामिल लोगों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। इस सेवा कार्य में बच्चे, युवा और बुजुर्ग, सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था और जुलूसों के दौरान जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। कुल मिलाकर, इस वर्ष का मोहर्रम धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें हजरत इमाम हुसैन के प्रति अकीदतमंदों की अटूट श्रद्धा और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के गढ़ी महेरा गाँव में शुक्रवार सुबह एक वृद्ध किसान का शव झींझक नहर में उतराता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती तौर पर किसान की मौत नहर में गिरने के बाद डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गढ़ी महेरा गाँव निवासी 65 वर्षीय राजेंद्र सिंह सेंगर, जो स्वर्गीय मान सिंह के पुत्र थे, गुरुवार शाम धान की पौध में पानी लगाने के लिए अपने खेतों पर गए थे। जब देर रात तक वह घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने झींझक नहर में एक शव देखा और इसकी सूचना मृतक के बड़े पुत्र पुष्पेंद्र सेंगर को दी। पुष्पेंद्र ने ग्रामीणों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस और झींझक चौकी प्रभारी अवनीश वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। झींझक चौकी प्रभारी अवनीश वर्मा ने शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला नहर में गिरने के बाद डूबने से हुई मौत का लग रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस इस मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- औरैया में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को इमाम हुसैन की शहादत की याद में अकीदत और गमगीन माहौल के बीच ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिनके 'या हुसैन' के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। जुलूस की शुरुआत इमाम चौक पर नियाज़-फ़ातिहा के बाद हुई। यह जुलूस बजरिया, लेडीज़ मार्केट और होमगंज बाजार से होते हुए विभिन्न इमाम चौकों के ताजियों से मिला। इसके बाद कृष्ण टॉकीज, गंगाराम बजाज, शुक्ला टोला, पढ़ीन दरवाजा, दिल्ली दरवाजा और ठठराई मोहल्ला से गुजरते हुए गुरहाई पहुंचा, जहां पगड़ी रस्म अदा की गई। अंत में, संजय गेट से होकर यह जुलूस जमाल शाह दरगाह स्थित कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह हुसैनी लंगर लगाए गए थे, जहाँ शर्बत और प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने मन्नतें पूरी होने पर चादरपोशी, नियाज़ और फ़ातिहा का आयोजन भी किया। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात रहे। देर रात ताजियों के कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक होने के साथ ही पूरा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहाँ कांधी गांव के पास नेशनल हाईवे पर शुक्रवार दोपहर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अकबरपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, अजईपुर बनीपारा गांव निवासी शिवनाथ, राकेश और जगदीश शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बाइक से इटखुदा गांव निवासी अमर सिंह के यहाँ शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक कांधी गांव के पास नेशनल हाईवे पर पहुँची, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुँचे लोगों ने घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदरा पहुँचाया, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने जगदीश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, शिवनाथ और राकेश की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अकबरपुर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा अज्ञात वाहन की तलाश शुरू करते हुए मामले की जाँच में जुट गई है।1