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पीलीभीत के रिछोला से गजरौला मार्ग की सड़क महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस मार्ग की इतनी दयनीय स्थिति ने इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसमें संभावित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह सड़क वास्तव में 'हाई-टेक्नोलॉजी' से बनाई गई थी, या फिर इसका निर्माण कार्य व्यापक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इतनी जल्दी सड़क का खराब होना जनता के मन में कई सवाल पैदा करता है, और लोगों से इस पर अपनी राय देने को कहा गया है कि इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर भ्रष्टाचार।

2 hrs ago
user_Naresh Mallick
Naresh Mallick
Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

पीलीभीत के रिछोला से गजरौला मार्ग की सड़क महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस मार्ग की इतनी दयनीय स्थिति ने इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसमें संभावित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह सड़क वास्तव में 'हाई-टेक्नोलॉजी' से बनाई गई थी, या फिर इसका निर्माण कार्य व्यापक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इतनी जल्दी सड़क का खराब होना जनता के मन में कई सवाल पैदा करता है, और लोगों से इस पर अपनी राय देने को कहा गया है कि इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर भ्रष्टाचार।

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  • पीलीभीत के रिछोला से गजरौला मार्ग की सड़क महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस मार्ग की इतनी दयनीय स्थिति ने इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसमें संभावित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह सड़क वास्तव में 'हाई-टेक्नोलॉजी' से बनाई गई थी, या फिर इसका निर्माण कार्य व्यापक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इतनी जल्दी सड़क का खराब होना जनता के मन में कई सवाल पैदा करता है, और लोगों से इस पर अपनी राय देने को कहा गया है कि इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर भ्रष्टाचार।
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    पीलीभीत के रिछोला से गजरौला मार्ग की सड़क महज एक साल के भीतर ही पूरी तरह से जर्जर हो गई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस मार्ग की इतनी दयनीय स्थिति ने इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसमें संभावित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह सड़क वास्तव में 'हाई-टेक्नोलॉजी' से बनाई गई थी, या फिर इसका निर्माण कार्य व्यापक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। इतनी जल्दी सड़क का खराब होना जनता के मन में कई सवाल पैदा करता है, और लोगों से इस पर अपनी राय देने को कहा गया है कि इसके लिए निर्माण की गुणवत्ता जिम्मेदार है या फिर भ्रष्टाचार।
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वैध अनुमति के बिना ही मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के एक ठेकेदार नरेंद्र पर गौशाला के नाम पर जारी रॉयल्टी का इस्तेमाल अन्य स्थानों पर मिट्टी पाटने के लिए करने का आरोप है। बताया गया है कि जिस गौशाला के लिए मिट्टी निकासी और परिवहन की अनुमति ली गई थी, वहां पिछले लगभग पांच दिनों से कोई पटान कार्य नहीं हो रहा है, बावजूद इसके मिट्टी से भरे डंपरों का संचालन लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि नसरुल्लापुर क्षेत्र से लाई गई मिट्टी का उपयोग बीसलपुर के अर्जुनपुर मोड़ के पास स्थित निजी प्लॉटों को पाटने में किया जा रहा है, जिससे गौशाला के नाम पर मिली रॉयल्टी और अनुमति का व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला में काम बंद है तो फिर मिट्टी का परिवहन किस आधार पर हो रहा है और उसका उपयोग कहां किया जा रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के कारण सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा धूल उड़ने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि गौशाला के नाम पर जारी रॉयल्टी का उपयोग वास्तव में कहां हो रहा है। उन्होंने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की है। समाचार में वर्णित आरोप स्थानीय लोगों एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा किया जाना शेष है।
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    पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वैध अनुमति के बिना ही मिट्टी से भरे ओवरलोड डंपर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के एक ठेकेदार नरेंद्र पर गौशाला के नाम पर जारी रॉयल्टी का इस्तेमाल अन्य स्थानों पर मिट्टी पाटने के लिए करने का आरोप है। बताया गया है कि जिस गौशाला के लिए मिट्टी निकासी और परिवहन की अनुमति ली गई थी, वहां पिछले लगभग पांच दिनों से कोई पटान कार्य नहीं हो रहा है, बावजूद इसके मिट्टी से भरे डंपरों का संचालन लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि नसरुल्लापुर क्षेत्र से लाई गई मिट्टी का उपयोग बीसलपुर के अर्जुनपुर मोड़ के पास स्थित निजी प्लॉटों को पाटने में किया जा रहा है, जिससे गौशाला के नाम पर मिली रॉयल्टी और अनुमति का व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला में काम बंद है तो फिर मिट्टी का परिवहन किस आधार पर हो रहा है और उसका उपयोग कहां किया जा रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के कारण सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा धूल उड़ने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि गौशाला के नाम पर जारी रॉयल्टी का उपयोग वास्तव में कहां हो रहा है। उन्होंने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की है। समाचार में वर्णित आरोप स्थानीय लोगों एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा किया जाना शेष है।
    user_Umang pathak
    Umang pathak
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी सप्लाई चेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अब देश के आम नागरिकों की रसोई पर सीधा असर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 7 जून से घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में प्रति सिलेंडर ₹29 का बड़ा इजाफा कर दिया है, जिससे जनता की परेशानी बढ़ गई है। यह बढ़ोतरी इस तिमाही की दूसरी बड़ी वृद्धि है, जो मार्च 2026 में हुए ₹60 के इजाफे के बाद आई है। इसके साथ ही, गैस बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है; अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग संभव नहीं होगी। घरेलू सिलेंडरों के दामों में वृद्धि से पहले, 1 जून को ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दाम भी ₹42 से ₹53 तक बढ़ा दिए गए थे, जिससे बाहर खाना-पीना भी महंगा हो गया है। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए दाम महानगरों में इस प्रकार हैं: दिल्ली में ₹942.00, मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968.00 और लखनऊ में ₹979.50। रसोई के बजट पर पड़ रहे इस सीधे असर से आम जनता खासी परेशान है, और लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी सप्लाई चेन संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अब देश के आम नागरिकों की रसोई पर सीधा असर दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 7 जून से घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में प्रति सिलेंडर ₹29 का बड़ा इजाफा कर दिया है, जिससे जनता की परेशानी बढ़ गई है।

यह बढ़ोतरी इस तिमाही की दूसरी बड़ी वृद्धि है, जो मार्च 2026 में हुए ₹60 के इजाफे के बाद आई है। इसके साथ ही, गैस बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है; अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग संभव नहीं होगी। घरेलू सिलेंडरों के दामों में वृद्धि से पहले, 1 जून को ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दाम भी ₹42 से ₹53 तक बढ़ा दिए गए थे, जिससे बाहर खाना-पीना भी महंगा हो गया है।

इस ताजा बढ़ोतरी के बाद, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए दाम महानगरों में इस प्रकार हैं: दिल्ली में ₹942.00, मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968.00 और लखनऊ में ₹979.50। रसोई के बजट पर पड़ रहे इस सीधे असर से आम जनता खासी परेशान है, और लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    Doctor पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जहानाबाद के गौनेरी गांव में एक बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में करंट लगने के कारण पिता और पुत्र दोनों की दुखद मौत हो गई।
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    जहानाबाद के गौनेरी गांव में एक बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में करंट लगने के कारण पिता और पुत्र दोनों की दुखद मौत हो गई।
    user_MOHD ARIF
    MOHD ARIF
    अमरिया, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में, जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम गौनेरी वदी में हाई टेंशन तारों के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसमें पिता-पुत्र, जो बस के ड्राइवर और कंडक्टर भी थे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब एक बस बरेली से बारात लेकर लौटी थी और बारातियों को उतारने के बाद वापस पीलीभीत की ओर जा रही थी। रास्ते में मोड़ते समय, बस बिजली के ढीले और लटकते हाई टेंशन तारों की चपेट में आ गई, जिससे बस में करंट फैल गया और दोनों की तत्काल मृत्यु हो गई। इस घटना ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर किया है, क्योंकि ग्रामीणों ने इन ढीले तारों को लेकर बिजली विभाग से कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन विभाग का कोई भी कर्मचारी आज तक उन्हें कसने के लिए नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस बड़े हादसे के लिए बिजली विभाग ही जिम्मेदार है, और उनमें बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में, जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम गौनेरी वदी में हाई टेंशन तारों के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसमें पिता-पुत्र, जो बस के ड्राइवर और कंडक्टर भी थे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब एक बस बरेली से बारात लेकर लौटी थी और बारातियों को उतारने के बाद वापस पीलीभीत की ओर जा रही थी। रास्ते में मोड़ते समय, बस बिजली के ढीले और लटकते हाई टेंशन तारों की चपेट में आ गई, जिससे बस में करंट फैल गया और दोनों की तत्काल मृत्यु हो गई।

इस घटना ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर किया है, क्योंकि ग्रामीणों ने इन ढीले तारों को लेकर बिजली विभाग से कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन विभाग का कोई भी कर्मचारी आज तक उन्हें कसने के लिए नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस बड़े हादसे के लिए बिजली विभाग ही जिम्मेदार है, और उनमें बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
    user_Zahid ali
    Zahid ali
    पत्रकार अमरिया, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पीलीभीत शहर में सड़क से तीन फीट ऊँचे नाले बनाए जाने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा सदमा और गुस्सा व्याप्त है। इन ऊँचे नालों के निर्माण के चलते अब घर, दुकानें और पूरी कॉलोनी ही जैसे गड्ढे में समा गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय लोगों में चेयरमैन के प्रति तीव्र नाराजगी है। उनका स्पष्ट मत है कि इस स्थिति के लिए चेयरमैन ही जिम्मेदार हैं, भले ही कार्य किसी और द्वारा किया गया हो। पीलीभीत नगर पालिका परिषद से संबंधित इस मामले में स्थानीय निवासी अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त कर रहे हैं।
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    पीलीभीत शहर में सड़क से तीन फीट ऊँचे नाले बनाए जाने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा सदमा और गुस्सा व्याप्त है। इन ऊँचे नालों के निर्माण के चलते अब घर, दुकानें और पूरी कॉलोनी ही जैसे गड्ढे में समा गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय लोगों में चेयरमैन के प्रति तीव्र नाराजगी है। उनका स्पष्ट मत है कि इस स्थिति के लिए चेयरमैन ही जिम्मेदार हैं, भले ही कार्य किसी और द्वारा किया गया हो। पीलीभीत नगर पालिका परिषद से संबंधित इस मामले में स्थानीय निवासी अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त कर रहे हैं।
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    Doctor पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जौनपुर जिले से एक युवक की बेल्ट से बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने खुद पिटाई का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। वायरल वीडियो में पिटने वाले युवक की पहचान शुभम सिंह और लोहा यादव के रूप में होने का दावा किया जा रहा है। यह घटना सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बरैया गांव की बताई जा रही है।
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    जौनपुर जिले से एक युवक की बेल्ट से बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने खुद पिटाई का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। वायरल वीडियो में पिटने वाले युवक की पहचान शुभम सिंह और लोहा यादव के रूप में होने का दावा किया जा रहा है। यह घटना सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बरैया गांव की बताई जा रही है।
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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