भीषण गर्मी के बीच सारण जिले में बाइक में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मंगलवार को जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर चलती और खड़ी दो बाइक में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, जिसमें दोनों वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए। पेट्रोल और वायरिंग को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। पहली घटना दरियापुर थाना क्षेत्र स्थित बेला रेल फैक्ट्री कारखाना के गेट नंबर-2 के सामने हुई। गड़़खा थाना क्षेत्र का एक युवक पटना से छपरा लौटते समय शौच के लिए सड़क किनारे धूप में अपनी बाइक खड़ी करके रुका था। इसी दौरान बाडक से अचानक चिंगारी निकली, जिससे पेट्रोल के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। वहीं, दूसरी घटना ईशुआपुर थाना क्षेत्र के झारखंड मोड़ के पास हुई, जहाँ छापिया गांव का एक युवक ईशुआपुर बाजार जाते समय चलती बाइक में अचानक आग लगने का शिकार हो गया। युवक ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बाइक सड़क किनारे रोकी और खुद उतरकर दूर भाग गया। आसपास मौजूद लोगों ने धूल और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका और करीब दस मिनट के अंदर बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचने के बाद पेट्रोल वाहनों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर पुरानी बाइकों या लंबे समय तक धूप में खड़ी रहने वाली गाड़ियों में वायरिंग गर्म होकर स्पार्किंग कर सकती है, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। ऑटोमोबाइल इंजीनियर आलोक कुमार ने वाहन चालकों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने लगातार लंबे समय तक बाइक चलाने से बचने, वाहन को तेज धूप में खड़ा न करने और समय-समय पर वायरिंग व पेट्रोल पाइप की जांच कराते रहने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
भीषण गर्मी के बीच सारण जिले में बाइक में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मंगलवार को जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर चलती और खड़ी दो बाइक में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, जिसमें दोनों वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए। पेट्रोल और वायरिंग को आग लगने की वजह बताया जा रहा है। पहली घटना दरियापुर थाना क्षेत्र स्थित बेला रेल फैक्ट्री कारखाना के गेट नंबर-2 के सामने हुई। गड़़खा थाना क्षेत्र का एक युवक पटना से छपरा लौटते समय शौच के लिए सड़क किनारे धूप में अपनी बाइक खड़ी करके रुका था। इसी दौरान बाडक से अचानक चिंगारी निकली, जिससे पेट्रोल के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। वहीं, दूसरी घटना ईशुआपुर थाना क्षेत्र के झारखंड मोड़ के पास हुई, जहाँ छापिया गांव का एक युवक ईशुआपुर बाजार जाते समय चलती बाइक में अचानक आग लगने का शिकार हो गया। युवक ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बाइक सड़क किनारे रोकी और खुद उतरकर दूर भाग गया। आसपास मौजूद लोगों ने धूल और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका और करीब दस मिनट के अंदर बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचने के बाद पेट्रोल वाहनों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर पुरानी बाइकों या लंबे समय तक धूप में खड़ी रहने वाली गाड़ियों में वायरिंग गर्म होकर स्पार्किंग कर सकती है, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। ऑटोमोबाइल इंजीनियर आलोक कुमार ने वाहन चालकों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने लगातार लंबे समय तक बाइक चलाने से बचने, वाहन को तेज धूप में खड़ा न करने और समय-समय पर वायरिंग व पेट्रोल पाइप की जांच कराते रहने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
- मुंगेर जिला प्रशासन ने जिले की ऐतिहासिक पहचान, विशेषकर किला परिसर, के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। डीएम मुंगेर ने स्पष्ट किया है कि किला परिसर की गरिमा और अखंडता को नुकसान पहुँचाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से निपटा जाएगा, ताकि इस ऐतिहासिक स्थल का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।1
- बकरीद के अवसर पर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी कड़ी में, परबत्ता से लेकर मड़ैया तक पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस की ओर से आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।2
- बेगूसराय जिले के पोखरिया स्थित एक घर में बेखौफ चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मौजूदगी के बावजूद गैस सिलेंडर चुरा लिया। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, क्योंकि चोर इतने बेपरवाह थे कि उन्होंने 'तीसरी आंख' की भी परवाह नहीं की और कैमरे के ठीक सामने से गैस सिलेंडर लेकर फरार हो गए। परिवार इस तरह की बार-बार हो रही चोरियों से बेहद परेशान है।1
- भागलपुर जिले के सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र के शाहकुंड प्रखंड में पत्रकार और यूट्यूबर रणवीर कुमार को लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। यह गंभीर स्थिति शाहकुंड के थानाध्यक्ष का वीडियो और ऑडियो वायरल करने के बाद पैदा हुई है, जिसके पीछे माफियाओं का हाथ बताया जा रहा है। रणवीर कुमार का कभी मोटरसाइकिल से तो कभी स्कॉर्पियो से पीछा किया जाता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व थानाध्यक्ष अनिल साव, जो निलंबित होने के बावजूद अभी तक शाहकुंड थाने में मौजूद हैं, माफियाओं के साथ मिलकर किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिलाने की साजिश रच रहे हैं। उन पर वायरल ऑडियो को डिलीट कराने के उद्देश्य से लगातार धमकी देने का भी आरोप है। शिवशंकरपुर और सुखसरोवर के बालू व मिट्टी माफिया तथा थाने के दलाल, जो पूर्व थानाध्यक्ष अनिल कुमार साव के साथ रहते थे, कुछ बाहरी लोगों के साथ मिलकर उजली स्कॉर्पियो से युट्यूबर रणवीर का पीछा कर रहे हैं और उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसके अतिरिक्त, शांतिनगर के वे लोग भी रात में रणवीर के घर के आसपास देखे जा रहे हैं, जिन्होंने पहले उनकी जमीन पर कब्जा कर मारपीट की घटना को अंजाम दिया था और इस घटना में भी शामिल थे। सवाल उठाया गया है कि अगर पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता अपनी सुरक्षा कैसे महसूस करेगी। रिपोर्ट में बिहार सरकार से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की मांग की गई है, क्योंकि बिहार में भू-माफिया और बालू-माफियाओं की कमी नहीं है, जो भी सच्चाई दिखाने की कोशिश करता है, उसके पीछे पड़ जाते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं।1
- राजस्थान के जैसलमेर से News28 India की ग्राउंड रिपोर्ट में 'गौमाता' की दर्दनाक बदहाली उजागर हुई है, जहां कचरे के ढेर पर दर्जनों गायें बेदम होकर अपनी आखिरी सांसें गिन रही हैं। ये तस्वीरें उन सरकारों के गौभक्ति के दावों की धज्जियां उड़ाती हैं, जो सनातन, धर्म और गौवंश के नाम पर सत्ता की कुर्सियों तक पहुंची हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में गायों को केवल 'वोटबैंक' के रूप में इस्तेमाल करती हैं। वीडियो में मीलों तक फैले प्लास्टिक, गंदगी और कूड़े के अंबार के बीच कई गायों के कंकाल नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य भूख और बीमारी से तड़प रही हैं। भारत की संस्कृति में पूजनीय मानी जाने वाली ये गायें अब भोजन की तलाश में जहरीला प्लास्टिक और कचरा चबाने को मजबूर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस त्रासदी की मुख्य वजह सरकारी नीतियां और बड़े कॉर्पोरेट घरानों की भूख है। सदियों से स्थानीय पशुपालकों के मवेशियों के लिए चरागाह रही 'ओरण' (पवित्र देव-भूमि) और 'गोचर' (चरागाह) भूमि को 'हरित ऊर्जा' और 'विकास' के नाम पर गुपचुप तरीके से बड़े उद्योगपतियों और सौर ऊर्जा कंपनियों को सौंप दिया गया है। इन चरागाहों के चारों ओर ऊंची बाड़ लगाए जाने से मवेशियों के लिए प्राकृतिक घास और पानी का मार्ग हमेशा के लिए बंद हो गया, जिसके चलते अपनी पारंपरिक जमीन से खदेड़ी गई गायें अब शहरों के बाहर डंपिंग यार्ड्स में कचरा खाने पर विवश हैं। News28 India ने इस बदहाली पर धर्म रक्षक और गौ रक्षक होने का दावा करने वाले नेताओं से जवाब मांगा है। जब गायों के लिए चरने की जमीन और घास ही छीन ली गई, तो कागजों पर चल रही "गौ संरक्षण" की योजनाएं और बड़े-बड़े नारे निरर्थक साबित हुए हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सत्ता हासिल करने के लिए सनातन और आस्था को केवल राजनीतिक हथियार बनाया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर संवेदनशीलता दिखाने की बारी आने पर पूरी व्यवस्था ने आंखें मूंद लीं। News28 India ने तीखा सवाल किया है कि आस्था के नाम पर जनता से छल करने वाली व्यवस्था आखिर इन बेजुबानों की मौत का हिसाब कब देगी, और कहा है कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को इस दर्दनाक मंजर को देखकर अब शर्म से डूब मरना चाहिए।1
- पत्रकार नेता अविनाश भट्ट के नेतृत्व में बेगूसराय के हड़ताली चौक पर एक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से यह स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि न्याय नहीं मिला, तो दिनकर की धरती बेगूसराय का ताप राजधानी को झेलना पड़ेगा।1
- मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत बिंदा दियारा हरिनमार गांव में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस घटना में मकई से लदे एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से 13 वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के तुरंत बाद चालक ट्रैक्टर सहित घटनास्थल से फरार हो गया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में गहरा शोक और आक्रोश का माहौल पसरा हुआ है।1
- मुंगेर में पड़ रही भीषण गर्मी का प्रकोप एक बार फिर सामने आया है। स्थानीय खबरों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण एक स्कूल में अचानक सात छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने क्षेत्र में पड़ रही तीव्र गर्मी की स्थिति को उजागर किया है।1
- खगड़िया जिले के परबत्ता अगुआनी गंगा घाट तक जाने वाला लोहे का पुल आज मंगलवार से पूरी तरह चालू कर दिया गया है। इस पुल पर आवागमन बहाल होने से घाट तक गाड़ियों की आवाजाही पुनः शुरू हो गई है। यह पुल पिछले कुछ दिनों से खगड़िया जिलाधिकारी के आदेश के बाद बंद कर दिया गया था, जिसे अब जनता के लिए खोल दिया गया है।4