जैतारण से राधेश्याम दाधीच की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के ब्यावर जिला परिवहन कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय परमिटधारी भार वाहनों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की गई है। परिवहन आयुक्त, राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार जिन राष्ट्रीय परमिटधारी भार वाहनों में वीएलटी (Vehicle Location Tracking) डिवाइस स्थापित नहीं होने के कारण राष्ट्रीय परमिट नवीनीकरण के मामले लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार अस्थायी परमिट जारी किए जाएंगे। इस कार्य के सुचारू संचालन के लिए जिला परिवहन कार्यालय, ब्यावर दिनांक 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को भी खुला रहेगा ताकि वाहन स्वामियों और संचालकों को राहत मिल सके। जिला परिवहन कार्यालय एवं जिला परिवहन अधिकारी कुलज्योति ने सभी राष्ट्रीय परमिटधारी भार वाहन स्वामियों तथा संचालकों से अपील की है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों में कार्यालय में उपस्थित हों। उन्होंने वाहन स्वामियों से समय पर पहुंचकर इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने और नियमानुसार अस्थायी परमिट प्राप्त करने की कार्यवाही पूरी करने का आग्रह किया है, ताकि परमिट नवीनीकरण से जुड़े लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जा सके।
जैतारण से राधेश्याम दाधीच की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के ब्यावर जिला परिवहन कार्यालय द्वारा राष्ट्रीय परमिटधारी भार वाहनों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की गई है। परिवहन आयुक्त, राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार जिन राष्ट्रीय परमिटधारी भार वाहनों में वीएलटी (Vehicle Location Tracking) डिवाइस स्थापित नहीं होने के कारण राष्ट्रीय परमिट नवीनीकरण के मामले लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार अस्थायी परमिट जारी किए जाएंगे। इस कार्य के सुचारू संचालन के लिए जिला परिवहन कार्यालय, ब्यावर दिनांक 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को भी खुला रहेगा ताकि वाहन स्वामियों और संचालकों को राहत मिल सके। जिला परिवहन कार्यालय एवं जिला परिवहन अधिकारी कुलज्योति ने सभी राष्ट्रीय परमिटधारी भार वाहन स्वामियों तथा संचालकों से अपील की है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों में कार्यालय में उपस्थित हों। उन्होंने वाहन स्वामियों से समय पर पहुंचकर इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने और नियमानुसार अस्थायी परमिट प्राप्त करने की कार्यवाही पूरी करने का आग्रह किया है, ताकि परमिट नवीनीकरण से जुड़े लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जा सके।
- अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चावंडिया में ग्रामीण बुनियादी समस्याओं को लेकर बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य नाला क्षतिग्रस्त होने, तालाब के किनारे उगी बबूल की झाड़ियों और सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सूचित किए जाने के बावजूद अब तक इन जनसमस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का मुख्य नाला लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिससे आगामी बरसात के मौसम में जल निकासी बाधित होने और गांव की गलियों व आसपास के इलाकों में जलभराव होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, तालाब के किनारे उगी घनी बबूल की झाड़ियों के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और तालाब की सफाई व रखरखाव में भी बाधा आ रही है। सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क बनाने से पहले पुरानी सड़क को हटाया ही नहीं गया, बल्कि उसके ऊपर ही सीधे कंक्रीट की नई परत बिछाई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के निर्माण कार्य से भविष्य में सड़क की मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित होगी। स्थानीय निवासी और अजमेर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीनाराम धोलिया ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराने, तालाब किनारे की झाड़ियों को साफ करने और सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनहित में इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- अजमेर के पीसांगन में चित्तौड़गढ़ से ट्रांसफर होकर आए पुष्पेंद्र मेघवंशी ने नए अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय (ACBEO II) के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। उन्होंने पूर्व अधिकारी नरोत्तम गुर्जर का ट्रांसफर होने के बाद खाली हुए इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। पुष्पेंद्र मेघवंशी के कार्यभार संभालने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) वीना अग्रावत और कार्यालय के स्टाफ महेंद्र, प्रेमचंद, लक्ष्मण, राजकुमार, नरेंद्र और दामोदर ने गुलदस्ता भेंट कर और मुंह मीठा करवाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। माना जा रहा है कि इस प्रशासनिक बदलाव से पीसांगन ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी।2
- Post by User7241नाथुरामनायक1
- मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला कमाल मौला परिसर को लेकर आए हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य कर दिया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद जिले के पुलिस कप्तान IPS सचिन शर्मा ने मीडिया के सामने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। एसपी सचिन शर्मा ने उन लोगों को सीधे लहजे में चेतावनी दी है जो अदालत के फैसले को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने में जुटे हैं। उन्होंने बेहद सख्त अंदाज में कहा कि जो लोग सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय का गलत इंटरप्रिटेशन (अनुवाद) कर रहे हैं, उन्हें वह आखिरी बार समझाइश देने आए हैं। उन्होंने साफ किया कि गुरुवार शाम तक का समय उनका था, लेकिन अब सिर्फ और सिर्फ कानून का पालन कराया जाएगा।1
- पुष्कर से पीसांगन को जोड़ने वाली नई सड़क पर वाटर वर्क्स के पास आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस मार्ग पर आने-जाने में हो रही दिक्कतों को लेकर खासे परेशान हैं, क्योंकि इस मार्ग के अलावा आवागमन के लिए कोई अन्य वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है। आम जनता की इन समस्याओं को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि इस सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि राहगीरों को राहत मिल सके।1
- राजसमंद के भीम स्थित गोहाना रिको कॉटन मिल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण भीषण आग लग गई। इस हादसे के बाद भारी मशक्कत की गई और करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया।1