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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोरौल के सोंन्धों अस्पताल में डॉ सत्यनारायण पासवान ने पौधारोपण किया।
Kaushal Kishor Singh
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोरौल के सोंन्धों अस्पताल में डॉ सत्यनारायण पासवान ने पौधारोपण किया।
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- मौसी भागना की शादी से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने इस विवाह में एक नया मोड़ ला दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसकी जानकारी मिली है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोरौल के सोंन्धों अस्पताल में डॉ सत्यनारायण पासवान ने पौधारोपण किया।1
- महुआ बाजार में भीषण गर्मी के बीच भी लोगों को मुफ्त पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। नगर परिषद द्वारा लगाई गई निःशुल्क पेयजल व्यवस्था केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है, जिसके कारण प्यासे राहगीरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोग इस स्थिति से काफी नाराज हैं और लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उन्हें इस भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या से कब राहत मिलेगी।1
- लगभग दस साल के लंबे अंतराल के बाद बसहा बाबा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इससे पहले, भक्तों को हर महीने या दो महीने पर उनके दर्शन का अवसर मिल जाता था, लेकिन अब यह सौभाग्य इतने लंबे समय बाद मिला है।2
- वैशाली जिले के हिलालपुर वार्ड नंबर 3 में ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। बिजली न होने के कारण स्थानीय लोग भीषण गर्मी से त्रस्त और बेहद परेशान हैं।1
- महुआ-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय चौक पर सड़क के दोनों किनारों पर टूटी हुई नालियां गंभीर खतरा बनी हुई हैं, जिन्हें "मौत का पैगाम" बताया जा रहा है। इस चौक पर पेट्रोल पंप और विद्यालय के पास होने के कारण राहगीरों और वाहनों का आवागमन काफी तेज़ रफ्तार से होता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने इस जानलेवा स्थिति को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया है।1
- समस्तीपुर सहित पूरे बिहार में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या राज्य में 'बहार' है या यह भ्रष्टाचार की 'बौछार' है। इन घटनाओं से अस्पतालों की व्यवस्था, होटल सुरक्षा, थानों की कार्यशैली और प्रशासनिक जवाबदेही पर जनता सीधे तौर पर जवाब मांग रही है। यह रिपोर्ट किसी निष्कर्ष पर आधारित नहीं है, बल्कि उन ज्वलंत सवालों पर केंद्रित है जो आम लोग लगातार उठा रहे हैं। 'निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार' नामक मंच का दावा है कि वे ऐसी खबरें प्रस्तुत करते हैं जहाँ सच बिकता नहीं, बल्कि सीधा दिखता है, जो व्यवस्था पर उठ रही इन चिंताओं को प्रमुखता से दर्शाता है।1
- खान सर को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसके चलते हजारों की संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर आए हैं। यह व्यापक छात्र आंदोलन, जो युवा आवाज़ की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है, बिहार में हलचल मचा रहा है। छात्रों की एकता और आंदोलन का मुख्य केंद्र रोशन आनंद की तत्काल रिहाई की मांग बनी हुई है, जिसे लेकर वे सक्रिय रूप से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा संकट के बीच छात्रों की एकजुटता को दर्शाता है।1