बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में भीषण आग लगने से कम से कम 10 से 15 मरीजों की मौत की खबर है, जबकि 20 से अधिक मरीज बुरी तरह झुलस गए हैं। आग इतनी भीषण थी कि मरीजों को बचाने के लिए आईसीयू के खिड़की-दरवाजे तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के दौरान अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मरीजों को छोड़कर मौके से चले गए। परिजनों का दावा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ। दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में आग लगने की घटना के बाद अब बिहार के इस निजी अस्पताल में आईसीयू में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी मानकों और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है।
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में भीषण आग लगने से कम से कम 10 से 15 मरीजों की मौत की खबर है, जबकि 20 से अधिक मरीज बुरी तरह झुलस गए हैं। आग इतनी भीषण थी कि मरीजों को बचाने के लिए आईसीयू के खिड़की-दरवाजे तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के दौरान अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मरीजों को छोड़कर मौके से चले गए। परिजनों का दावा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ। दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में आग लगने की घटना के बाद अब बिहार के इस निजी अस्पताल में आईसीयू में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी मानकों और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है।
- बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में भीषण आग लगने से कम से कम 10 से 15 मरीजों की मौत की खबर है, जबकि 20 से अधिक मरीज बुरी तरह झुलस गए हैं। आग इतनी भीषण थी कि मरीजों को बचाने के लिए आईसीयू के खिड़की-दरवाजे तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के दौरान अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मरीजों को छोड़कर मौके से चले गए। परिजनों का दावा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ। दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में आग लगने की घटना के बाद अब बिहार के इस निजी अस्पताल में आईसीयू में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी मानकों और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है।2
- प्रातःकाल माँ शारदा मैया के दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए, जहाँ भक्तजन उनकी स्तुति करते हुए 'ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥' जैसे श्लोकों का पाठ कर रहे थे। भक्तों ने अपनी असीम श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि माँ शारदा मैया की कृपा से उनके सभी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो रहे हैं और उनका नाम भी रोशन हो रहा है। इस अवसर पर 'जय माँ शारदा भवानी', 'जय माई की', और 'जय हो माई शारदा की' जैसे जयघोषों से वातावरण गूंज उठा, जो मैया के प्रति गहरी भक्ति और कृतज्ञता दर्शाते हैं।2
- सतना जिला अस्पताल में एक कर्मचारी की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। डॉक्टर को दिखाने आई छात्राओं को ओपीडी के अंदर ही कैद कर लिया गया, जब कर्मचारी ने सारे गेट पर ताला जड़ दिया और खुद गायब हो गया। छात्राओं द्वारा शोर मचाए जाने के बाद, अन्य कर्मचारी ओपीडी पहुंचे और ताला खोलकर उन्हें बाहर निकाला।1
- मैहर माँ शारदा देवी धाम के समीप स्थित फलाहारी आश्रम के पास एक बार फिर तेंदुआ दिखाई देने से क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तेंदुआ पहले भी कई बार इस इलाके में देखा जा चुका है और इसकी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुकी हैं। क्षेत्र के लोग और श्रद्धालुओं का कहना है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी से आसपास के लोगों में दहशत व्याप्त है, जिसके कारण शाम होते ही वे घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। वहीं, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि वन विभाग और रेस्क्यू टीम को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक तेंदुए को पकड़ने या उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेजने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि बार-बार तेंदुए के दिखाई देने से रेस्क्यू अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि किसी बड़े हादसे से पहले तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की लगातार मांग कर रहे हैं।1
- आम आदमी पार्टी ने स्थानीय महत्व के मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन सरकार की नीतियों और स्थानीय समस्याओं के समाधान में कथित विफलता को लेकर आयोजित किया गया था।1
- राजस्थान के पाली में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्ट पटवारी के पकड़े जाने पर, स्थानीय ग्रामीणों ने ढोल बजाकर खुशी मनाई और जमकर जश्न मनाया। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लोगों को इससे किस कदर परेशानी उठानी पड़ती है, इसे उजागर करती है।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान अंतर्गत ग्राम सेमरा में अवैध शराब की बिक्री का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गांव के सेमरा मोड़ समेत कई दुकानों पर बिना लाइसेंस के खुलेआम शराब बेची जा रही है, जिसके चलते सामाजिक माहौल दिन-ब-दिन बिगड़ रहा है। शाम ढलते ही इन दुकानों पर शराब की बिक्री शुरू हो जाती है और देर रात तक नशे में धुत युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। इस स्थिति से गांव की शांति और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने बताया है कि शराबखोरी के कारण घरों में विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसका बच्चों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। बुजुर्गों का कहना है कि शाम के बाद महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांववासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस और मध्य प्रदेश आबकारी विभाग से मांग की है कि अवैध शराब बेचने वालों पर तत्काल छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीण फिलहाल संयुक्त कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, ताकि गांव में फिर से सुरक्षित और शांत वातावरण स्थापित हो सके।1
- मैहर माँ शारदा देवी धाम के पास स्थित फलाहारी आश्रम के समीप एक बार फिर तेंदुआ दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना से गहरी दहशत है, खासकर इसलिए क्योंकि तेंदुआ पहले भी कई बार इस इलाके में देखा जा चुका है और इसकी वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई हैं। तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण शाम होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं, वहीं माँ शारदा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वन विभाग और रेस्क्यू टीम को इस संबंध में कई बार सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक तेंदुए को पकड़ने या उसे सुरक्षित जंगल क्षेत्र में भेजने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का यह भी कहना है कि बार-बार तेंदुए के दिखाई देने से बचाव अभियान की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जोर दिया है कि किसी बड़े हादसे से पहले तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और इलाके में निगरानी बढ़ाई जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की गुहार लगा रहे हैं।1
- गुरुवार दोपहर मैहर के बेरमा मंडी के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने साइकिल सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया गया। वहाँ डॉ. पृथ्वीराज ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस अब तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के फरार चालक की तलाश में गहनता से जुटी है।4