एक समय था जब महंगाई को लेकर तत्कालीन सरकार पर लगातार सवाल उठाए जाते थे और पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर व रसोई का बढ़ता खर्च चुनावी भाषणों का मुख्य मुद्दा हुआ करता था। लेकिन आज 2026 में महंगाई को लेकर जनता एक बार फिर सवाल पूछ रही है। सोशल मीडिया पर वर्ष 2013 और 2026 की कीमतों की तुलना करने वाले पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को दिखाया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग वर्षों की कीमतों की तुलना करते समय वैश्विक कच्चे तेल के दाम, टैक्स, आर्थिक परिस्थितियां और मुद्रास्फीति जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। इसके बावजूद, आम लोगों का साफ कहना है कि रसोई का खर्च बढ़ा है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है और आमदनी के मुकाबले उनके खर्च बहुत तेजी से बढ़े हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या महंगाई से जूझ रही जनता को वाकई कोई राहत मिलेगी या फिर किए गए वादे केवल चुनावी भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे? पहले जहां महंगाई को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया जाता था, वहीं आज 2026 के आंकड़े जनता के सामने हैं और लोग पूछ रहे हैं कि वादे पूरे हुए या सिर्फ भाषण बदल गए हैं।
एक समय था जब महंगाई को लेकर तत्कालीन सरकार पर लगातार सवाल उठाए जाते थे और पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर व रसोई का बढ़ता खर्च चुनावी भाषणों का मुख्य मुद्दा हुआ करता था। लेकिन आज 2026 में महंगाई को लेकर जनता एक बार फिर सवाल पूछ रही है। सोशल मीडिया पर वर्ष 2013 और 2026 की कीमतों की तुलना करने वाले पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को दिखाया जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग वर्षों की कीमतों की तुलना करते समय वैश्विक कच्चे तेल के दाम, टैक्स, आर्थिक परिस्थितियां और मुद्रास्फीति जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। इसके बावजूद, आम लोगों का साफ कहना है कि रसोई का खर्च बढ़ा है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है और आमदनी के मुकाबले उनके खर्च बहुत तेजी से बढ़े हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या महंगाई से जूझ रही जनता को वाकई कोई राहत मिलेगी या फिर किए गए वादे केवल चुनावी भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे? पहले जहां महंगाई को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया जाता था, वहीं आज 2026 के आंकड़े जनता के सामने हैं और लोग पूछ रहे हैं कि वादे पूरे हुए या सिर्फ भाषण बदल गए हैं।
- दतिया के भाजपा कार्यालय में मोदी जी के हमशक्ल एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जो यहाँ होने जा रहे उप चुनाव में लोगों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इस दौरान राजकुमार कुशवाह ने मोदी जी के इस हमशक्ल व्यक्ति से मुलाकात की। इस मुलाकात के अवसर पर मोदी जी के हमशक्ल से सवाल-जवाब भी किए गए।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 1,76,000 नौकरियों के लिए और पिछड़ा वर्ग के समर्थन में लाखों युवाओं ने मैदान में उतरकर 20 जुलाई 2026 को विधानसभा का घेराव किया। इस विशाल प्रदर्शन को भीम आर्मी और जयस आदिवासी संगठन का भी पूरा समर्थन मिला, जिसके बाद भारी संख्या में युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। ओबीसी महासभा की अगुवाई में हुए इस घेराव के दौरान तीन प्रमुख मांगें प्रमुखता से उठाई गईं, जिनमें 13% होल्ड हटाने, 27% आरक्षण लागू करने और पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना करवाकर उसके आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। आंदोलन के दौरान 'ओबीसी महासभा जिंदाबाद' के नारे गूंजते रहे, जिसमें राष्ट्रीय कर कमेटी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष, जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ा वर्ग, एससी और एसटी मध्य प्रदेश की सक्रिय भागीदारी रही।1
- भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यूसीसी (UCC) बिल पेश किया गया है। विधानसभा में इस विधेयक को मंत्री गौतम टेटवाल ने पेश किया।1
- मध्य प्रदेश में पूर्व गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के प्रति लोगों की जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। जनता के इस भारी उत्साह और डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा के प्रति समर्पण को देखते हुए यह साफ दावा किया जा रहा है कि यहाँ से वोट केवल आशुतोष तिवारी को ही जाएगा। लोगों का यह अनोखा लगाव सीधे तौर पर आशुतोष तिवारी के पक्ष में मतदान करने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के भितरवार में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक अधिवक्ता की दिनदहाड़े तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अधिवक्ता रतन सिंह यादव के रूप में हुई है। भितरवार-डबरा रोड स्थित न्यू आशा भोजनालय के पास उन्हें गर्दन के पास एक और छाती में दो गोलियां मारी गईं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें पहले भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, हरसी रोड स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, जिसमें न्यायालय का आदेश भी आ चुका था। रविवार को रतन सिंह यादव इस विवादित जमीन पर पहुंचे थे, जहां कथित रूप से उनका विवाद हुआ और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या का आरोप मृतक के चचेरे भाई राकेश यादव, भतीजे राहुल यादव और गब्बर सिंह रावत पर लगाया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद भितरवार अभिभाषक संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही भितरवार एसडीओपी गगन हनवत और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया रेलवे स्टेशन से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर को लेकर 'गजब प्रदेश' कहकर तीखा कटाक्ष किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार तेज हो गया है, जिसके तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह दतिया पहुंचे। उन्होंने जिला न्यायालय परिसर में जाकर अधिवक्ताओं से मुलाकात की और कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के पक्ष में मतदान करने की अपील की। डॉ. गोविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए योग्य और जनहित में कार्य करने वाले प्रतिनिधि का चुनाव आवश्यक है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने और अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। इस प्रचार के बाद अब बड़ा सवाल यह है कि क्या डॉ. गोविंद सिंह की यह अपील दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना पाएगी। इसका जवाब मतदान के दिन और चुनाव परिणामों में ही देखने को मिलेगा।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने चरित्र पर संदेह के चलते पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। डबरा सिटी पुलिस ने महिला की संदिग्ध मौत के मामले की गंभीरता से जांच कर इस हत्याकांड का खुलासा किया। दरअसल, 16 जुलाई 2026 को रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाली गीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस की शुरुआती पूछताछ में मृतका के पति धर्मेंद्र उर्फ टिल्लू जाटव ने दावा किया था कि तबीयत खराब होने और कोई गोली खाने के कारण उसकी मौत हुई है। लेकिन पुलिस को घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण में मृतका के सिर के नीचे रखे तकिये पर खून के धब्बे, नाक से खून बहने के निशान और शरीर पर चोटें मिलीं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय शर्मा के नेतृत्व में की गई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की मौत दम घुटने से हुई थी। मृतका के परिजनों ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी पति अक्सर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और उसके साथ मारपीट करता था, साथ ही पहले भी उसे जान से मारने की धमकी दे चुका था। घटना के समय बंद कमरे में सिर्फ मृतका, उसका पति और उनके बच्चे मौजूद थे। वैज्ञानिक साक्ष्यों और बयानों के आधार पर डबरा पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र उर्फ टिल्लू जाटव के खिलाफ अपराध क्रमांक 386/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ में आरोपी ने तकिये से मुंह दबाकर पत्नी की हत्या करने की बात कबूल कर ली है।4