पारसनाथ कॉलेज में शांतिपूर्ण तरीके से चल रही स्नातक जेनेरिक परीक्षा डुमरी/गिरिडीह । विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग द्वारा आयोजित स्नातक जेनेरिक पेपर की परीक्षा पारसनाथ महाविद्यालय में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संचालित हो रही है।यह परीक्षा सत्र 2015-2018, 2016-2019, 2017-2020, 2018-2021 और 2019-2022 के परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गई है। विश्वविद्यालय ने इस केंद्र पर बोकारो जिले के 09, धनबाद जिले के 12 और गिरिडीह जिले के 04 महाविद्यालयों सहित कुल 25 महाविद्यालयों के परीक्षार्थियों का केंद्र निर्धारित किया है।31 जुलाई से शुरू हुई परीक्षाएं 04 अगस्त को समाप्त होंगी। प्रतिदिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थी समय पर परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त परीक्षा कराना महाविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।परीक्षा नियंत्रक यशवंत कुमार सिन्हा ने बताया कि परीक्षा विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार सुव्यवस्थित ढंग से चल रही है। परीक्षा कक्षों में पर्याप्त संख्या में वीक्षक तैनात किए गए हैं। सुरक्षा, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। परीक्षा के दौरान अनुशासन और गोपनीयता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।महाविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचें और विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन करें।परीक्षा को सफल बनाने में कॉलेज के प्रधान लिपिक संतोष पाठक के साथ परीक्षा विभाग के मनित कुमार, बिनोद कुमार, ज़फर अमान और आसिफ अंसारी सहायक के रूप में सहयोग कर रहे हैं।
पारसनाथ कॉलेज में शांतिपूर्ण तरीके से चल रही स्नातक जेनेरिक परीक्षा डुमरी/गिरिडीह । विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग द्वारा आयोजित स्नातक जेनेरिक पेपर की परीक्षा पारसनाथ महाविद्यालय में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संचालित हो रही है।यह परीक्षा सत्र 2015-2018, 2016-2019, 2017-2020, 2018-2021 और 2019-2022 के परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गई है। विश्वविद्यालय ने इस केंद्र पर बोकारो जिले के 09, धनबाद जिले के 12 और गिरिडीह जिले के 04 महाविद्यालयों सहित कुल 25 महाविद्यालयों के परीक्षार्थियों का केंद्र निर्धारित किया है।31 जुलाई से शुरू हुई परीक्षाएं 04 अगस्त को समाप्त होंगी। प्रतिदिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थी समय पर परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों का
पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त परीक्षा कराना महाविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।परीक्षा नियंत्रक यशवंत कुमार सिन्हा ने बताया कि परीक्षा विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार सुव्यवस्थित ढंग से चल रही है। परीक्षा कक्षों में पर्याप्त संख्या में वीक्षक तैनात किए गए हैं। सुरक्षा, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। परीक्षा के दौरान अनुशासन और गोपनीयता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।महाविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचें और विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन करें।परीक्षा को सफल बनाने में कॉलेज के प्रधान लिपिक संतोष पाठक के साथ परीक्षा विभाग के मनित कुमार, बिनोद कुमार, ज़फर अमान और आसिफ अंसारी सहायक के रूप में सहयोग कर रहे हैं।
- रोजगार के लिए गए काड़ामारा गांव के 35 वर्षीय युवक विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत। रोजगार की तलाश में पलायन करना चंद्रपुरा प्रखंड के एक और परिवार के लिए भारी पड़ गया। तुरियो पंचायत अंतर्गत काड़ामारा गांव निवासी 35 वर्षीय विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गया। जानकारी के अनुसार विजय सिंह पिछले तीन महीने से ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा में स्थित रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड स्टील प्लांट में मजदूरी का काम कर रहा था। परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। बुधवार को सुबह अस्पताल से ही उसने वीडियो कॉल के माध्यम से पत्नी से बातचीत भी की थी। शाम में उनकी मृत्यु हो जाने की सूचना दी। मृतक की पत्नी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण विजय रोजगार के लिए ओडिशा गया था। वह बहुत मेहनती था और परिवार का भरण-पोषण के लिए कठिन परिस्थितियों में भी काम करता था। उसका घर का भी स्थिति ठीक नहीं। खपरा का कच्चा मकान है। वह भी गिरने के कगार पर है। नतीजन वह अपने मायके में रहती थी। उनका शव गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि 2 बजे पैतृक गांव कांडामारा लाया गया। इधर विजय की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। चार छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने घर का इकलौता पुत्र था। उसके पिता भी 6 साल पहले मृत्यु हो गया है। शुक्रवार को उनका दाहसंस्कार किया जाएगा।1
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