logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

शेरपुर कम्पलेक्स संसाधन केंद्र में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू, 24 मार्च तक चलेगा कार्य गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत कम्पलेक्स संसाधन केंद्र, मध्य विद्यालय शेरपुर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक सह कोऑर्डिनेटर श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस प्रक्रिया में प्रखंड के पांच मध्य विद्यालयों एवं पांच प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में दो मुख्य परीक्षक, 20 सहायक परीक्षक एवं दो टैबुलेटर सहित कुल 24 शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि कुल 6 हजार छात्र छात्राओ का मुल्याकण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कम्पलेक्स सेंटर के संचालक सच्चिदानंद शाही ने कहा कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर शिक्षिका स्वेता सुमन, मुख्य परीक्षक अशोक कुमार चौधरी, अक्षय कुमार, गौरव कुमार, रंधीर कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित है।

4 hrs ago
user_Prem Kr. Mishra
Prem Kr. Mishra
Astrologer गुरुआ, गया, बिहार•
4 hrs ago

शेरपुर कम्पलेक्स संसाधन केंद्र में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू, 24 मार्च तक चलेगा कार्य गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत कम्पलेक्स संसाधन केंद्र, मध्य विद्यालय शेरपुर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक सह कोऑर्डिनेटर श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस प्रक्रिया में प्रखंड के पांच मध्य विद्यालयों एवं पांच प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में दो मुख्य परीक्षक, 20 सहायक परीक्षक एवं दो टैबुलेटर सहित कुल 24 शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि कुल 6 हजार छात्र छात्राओ का मुल्याकण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कम्पलेक्स सेंटर के संचालक सच्चिदानंद शाही ने कहा कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर शिक्षिका स्वेता सुमन, मुख्य परीक्षक अशोक कुमार चौधरी, अक्षय कुमार, गौरव कुमार, रंधीर कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित है।

More news from बिहार and nearby areas
  • गया जिले के गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते ही तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही बाजार में मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। खासकर ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ हो जाने से लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत हुई। अचानक बदले मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में रखी फसल और अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम के इस अचानक बदलाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
    1
    गया जिले के गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते ही तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश शुरू होते ही बाजार में मौजूद लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। खासकर ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ हो जाने से लोगों को चलने-फिरने में दिक्कत हुई।
अचानक बदले मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में रखी फसल और अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम के इस अचानक बदलाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
    user_Prem Kr. Mishra
    Prem Kr. Mishra
    Astrologer गुरुआ, गया, बिहार•
    4 hrs ago
  • 2 घंटे तक गायब रहे डॉक्टर, लाइन में तड़पते रहे लोग — गया चाकन अस्पताल में लापरवाही उजागर
    1
    2 घंटे तक गायब रहे डॉक्टर, लाइन में तड़पते रहे लोग — गया चाकन अस्पताल में लापरवाही उजागर
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    2 hrs ago
  • देव में बनेगा मेडिकल कॉलेज।
    1
    देव में बनेगा मेडिकल कॉलेज।
    user_भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार
    भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार
    Press advisory औरंगाबाद, औरंगाबाद, बिहार•
    2 hrs ago
  • गया शहर के वार्ड संख्या 44 में नगर निगम गयाजी द्वारा गदा लोल सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य करीबन 80 लाख के लागत से कार्य जारी है। गया शहर के गदालोल सरोवर एक प्रमुख धार्मिक सरोवर है। इस सरोवर का जिक्र वायु पुराण में है। मान्यता है की भगवान विष्णु ने गया जी पहुंचकर हैती दैत्य को मारे थे और अपना गदा को इसी सरोवर धोये तब से इस सरोवर का नाम गदालोल सरोवर हुआ। विष्णु नगरी गया जी में गदा लोल सरोवर की अपनी बड़ी धार्मिक महता है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह गदालोल सरोवर उपेक्षित था और धार्मिक पहचान विलुप्त होते जा रहा था। पूरा तालाब जलकुंभी से घिर गया था। वार्ड संख्या 44 के पार्षद संगीता देवी एवं पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव के तत्परता से नगर निगम गयाजी द्वारा 80 लाख के लागत से सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है।
    1
    गया शहर के वार्ड संख्या 44 में नगर निगम गयाजी द्वारा गदा लोल सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य करीबन 80 लाख के लागत से कार्य जारी है। गया शहर के गदालोल सरोवर एक प्रमुख धार्मिक सरोवर है। इस सरोवर का जिक्र वायु पुराण में है। मान्यता है की भगवान विष्णु ने गया जी पहुंचकर हैती दैत्य को मारे थे और अपना गदा को इसी सरोवर धोये तब से इस सरोवर का नाम गदालोल सरोवर हुआ। विष्णु नगरी गया जी में गदा लोल सरोवर की अपनी बड़ी धार्मिक महता है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह गदालोल सरोवर उपेक्षित था और धार्मिक पहचान विलुप्त होते जा रहा था। पूरा तालाब जलकुंभी से घिर गया था। वार्ड संख्या 44 के पार्षद संगीता देवी एवं पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव के तत्परता से नगर निगम गयाजी द्वारा 80 लाख के लागत से सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    2 hrs ago
  • औरंगाबाद : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान आज औरंगाबाद पहुंचे.बारुण के मुंशी बिगहा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 में हमारी सरकार बनी.उसके पहले बिहार का बुरा हाल था.लोग शाम के वक्त घरों से बाहर नहीं निकलते थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क का बुरा हाल था.बिहार में विकास के मामले में कीर्तिमान स्थापित किया है. हमने 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया है। आने वाले 5 सालों में हमने 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है.अबकी बार युवाओं को नौकरी-रोजगार का लक्ष्य और बढ़ाएंगे.श्री कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के तहत औरंगाबाद जिले के बारून प्रखंड के मुंशी बिगहा में जन संवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार ने स्वास्थ्य और शिक्षा समेत हर क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है और हमने तेजी से आम जन को बुनियादी सुविधाएं सुलभ करायी है. मुख्यमंत्री ने जिले में 555 करोड रुपए की लागत वाली 262 विकास योजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करते हुए कहा कि औरंगाबाद में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार ने 441 करोड रुपए की मंजूरी पहले ही प्रदान कर दी है.उन्होंने कहा कि 2005 में जब हमारी सरकार बनी उसे समय राज्य की स्थिति बिल्कुल खराब थी लेकिन हमने सड़क बिजली स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा कानून व्यवस्था आदि के क्षेत्र में कार्य योजना बनाकर तेजी से काम करना शुरू किया. परिणाम यह हुआ कि राज्य में सभी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो गई। श्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार को केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है तथा आने वाले वर्षों में यह राज्य और तरक्की करेगा.बिहार में पहले बिजली का बहुत बुरा हाल था.आज देखिए हम आपको मुफ्त बिजली दे रहे हैं.गांव-गांव तक बिजली पहुंचा दी गई है.अब आपकी छतों पर सोलर लगा रहे हैं.इसके लिए भी आपको कुछ खर्च नहीं आएगा.सब काम सरकार करवा रही है. समारोह को उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया.आगतों का स्वागत जिलाधिकारी अभिलाष शर्मा ने किया मुख्यमंत्री ने बारून में बन रही जलापूर्ति योजना का भी निरीक्षण किया.
    1
    औरंगाबाद : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान आज औरंगाबाद पहुंचे.बारुण के मुंशी बिगहा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 में हमारी सरकार बनी.उसके पहले बिहार का बुरा हाल था.लोग शाम के वक्त घरों से बाहर नहीं निकलते थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क का बुरा हाल था.बिहार में विकास के मामले में कीर्तिमान स्थापित किया है.
हमने 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया है। आने वाले 5 सालों में हमने 1 करोड़ नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है.अबकी बार युवाओं को नौकरी-रोजगार का लक्ष्य और बढ़ाएंगे.श्री कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के तहत औरंगाबाद जिले के बारून प्रखंड के मुंशी बिगहा में जन संवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार ने स्वास्थ्य और शिक्षा समेत हर क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है और हमने तेजी से आम जन को बुनियादी सुविधाएं सुलभ करायी है.
मुख्यमंत्री ने जिले में 555 करोड रुपए की लागत वाली 262 विकास योजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करते हुए कहा कि औरंगाबाद में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार ने 441 करोड रुपए की मंजूरी पहले ही प्रदान कर दी है.उन्होंने कहा कि 2005 में जब हमारी सरकार बनी उसे समय राज्य की स्थिति बिल्कुल खराब थी लेकिन हमने सड़क बिजली स्वास्थ्य सुविधा सुरक्षा कानून व्यवस्था आदि के क्षेत्र में कार्य योजना बनाकर तेजी से काम करना शुरू किया.
परिणाम यह हुआ कि राज्य में सभी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो गई। श्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार को केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है तथा आने वाले वर्षों में यह राज्य और तरक्की करेगा.बिहार में पहले बिजली का बहुत बुरा हाल था.आज देखिए हम आपको मुफ्त बिजली दे रहे हैं.गांव-गांव तक बिजली पहुंचा दी गई है.अब आपकी छतों पर सोलर लगा रहे हैं.इसके लिए भी आपको कुछ खर्च नहीं आएगा.सब काम सरकार करवा रही है.
समारोह को उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया.आगतों का स्वागत जिलाधिकारी अभिलाष शर्मा ने किया  मुख्यमंत्री ने बारून में बन रही जलापूर्ति योजना का भी निरीक्षण किया.
    user_Md safe Alam Guddu
    Md safe Alam Guddu
    पत्रकार औरंगाबाद, औरंगाबाद, बिहार•
    4 hrs ago
  • संख्या-cm-181 20/03/2025 पटना, 20 मार्च 2026 : मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज गया के मायापुर के टनकुप्पा स्थित बिहार पोषक अनाज एवं मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र परिसर में बने कार्यक्रम स्थल पर समृद्धि यात्रा, 2026 के तहत जिले से संबंधित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा बैठक के दौरान गया जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने जिले में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, इससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर, 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के प्रमुख उद्देश्यों में एक उद्देश्य मजबूत आधार आधुनिक विस्तार है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। साथ ही, राज्य में नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जा रहा है। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अतिरिक्त बिजली से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। साथ ही इको टूरिज्म के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जनहित में किये गये कार्यों को जनता तक पहुंचायें। समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री जीतनराम मांझी, उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मगध प्रमंडल की आयुक्त श्रीमती सफीना ए०एन०, मगध प्रमंडल के पुलिस महानिरीक्षक श्री क्षत्रनील सिंह, गया जिला के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर, गया जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
    1
    संख्या-cm-181
20/03/2025
पटना, 20 मार्च 2026 : मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज गया के मायापुर के टनकुप्पा स्थित बिहार पोषक अनाज एवं मूल्य श्रृंखला उत्कृष्टता केंद्र परिसर में बने कार्यक्रम स्थल पर समृद्धि यात्रा, 2026 के तहत जिले से संबंधित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा बैठक के दौरान गया जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं, सात निश्चय-2 की योजनाओं तथा सात निश्चय-3 की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने जिले में किए जा रहे अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। राज्य में उद्योग लगाने और स्वरोजगार करने वालों को कई प्रकार की सुविधायें देकर सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। बिहार में उद्योग लगाने के लिये उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, इससे राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को काफी मदद मिलेगी। उद्योग लगाने के लिये सभी जिलों में सुविधायें दी जा रही हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष एवं आत्मनिर्भर हों तथा उन्हें अधिक से अधिक रोजगार मिल सके एवं उनका भविष्य सुरक्षित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर, 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के प्रमुख उद्देश्यों में एक उद्देश्य मजबूत आधार आधुनिक विस्तार है। इसके तहत राज्य में शहरी क्षेत्रों का विस्तार एवं नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। साथ ही, राज्य में नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास किया जा रहा है। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणबद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अतिरिक्त बिजली से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट में सभी प्रकार की पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। साथ ही इको टूरिज्म के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जनहित में किये गये कार्यों को जनता तक पहुंचायें।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री जीतनराम मांझी, उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मगध प्रमंडल की आयुक्त श्रीमती सफीना ए०एन०, मगध प्रमंडल के पुलिस महानिरीक्षक श्री क्षत्रनील सिंह, गया जिला के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर, गया जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    4 hrs ago
  • लोकतंत्र की आवाज़ निशांत तिवारी प्रभारी झारखंड चतरा (झारखंड):-चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी कला पंचायत के ग्राम बेला में बीते कई महीनों से क्रेशर एवं माइंस संचालकों द्वारा की जा रही अनियंत्रित और भयावह ब्लास्टिंग ने आम जनजीवन को गहरे संकट में डाल दिया है। आज दिनांक 20 मार्च 2026 को हुए एक अत्यंत खतरनाक और जोरदार विस्फोट (ब्लास्ट) ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना कोई एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार हो रही अवैध गतिविधियों का परिणाम है, जिससे ग्राम बेला के सैकड़ों परिवार भय, असुरक्षा और प्रशासनिक उपेक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। आज हुए इस भीषण ब्लास्टिंग के कारण ग्राम बेला निवासी श्री उमेश कुमार यादव के कच्चे (मिट्टी के) घर को गंभीर क्षति पहुँची है। उनके घर की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे उनका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को विवश हो सकता है। इतना ही नहीं, विस्फोट के कारण पत्थरों के बड़े-बड़े टुकड़े उछलकर उनके घर के आंगन और छत पर गिरे, जिससे जान-माल की भारी क्षति होते-होते बची। यदि यह पत्थर सीधे घर के अंदर गिरते, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के पहले डुमरी कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जो स्वयं को संचालनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं,ग्राम बेला में घुसकर आए और उमेश यादव के परिवार सहित अन्य ग्रामीणों को धमकी भरे लहजे में घर खाली करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "ब्लास्ट होने वाला है, तुम लोग घर से बाहर निकल जाओ। अगर घर दब गया या कोई नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी हम लोग नहीं लेंगे।" यह कथन न केवल अमानवीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि किस प्रकार प्रशासनिक संरक्षण में अवैध खनन और ब्लास्टिंग को खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। एक ओर ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक पत्थर निकालकर मुनाफा कमाने की होड़ ने मानव जीवन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी प्रकार की ब्लास्टिंग की गई है, जिससे घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, दीवारें कमजोर हो गई हैं और लोग मानसिक तनाव में जी रहे हैं। बच्चों में भय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे दस्त (डायरिया) जैसी बीमारियाँ भी बढ़ने लगी हैं, जो इस प्रदूषित और असुरक्षित वातावरण का परिणाम है। ग्राम बेला के गरीब और असहाय ग्रामीणों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन हर बार उन्हें दबाने और शांत कराने का प्रयास किया गया। मौके पर कुछ तथाकथित "मैनेजिंग करने वाले लोग" पहुँचते हैं और मामले को दबाने का प्रयास करते हैं, जिससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती। यह पूरी व्यवस्था एक संगठित तरीके से काम कर रही है, जिसमें स्थानीय प्रभावशाली लोग, क्रेशर संचालक और माइंस संचालक शामिल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि डुमरी कला पंचायत के ही निवासी श्री श्रीराम पांडेय जी द्वारा इस गंभीर मुद्दे को लेकर कई बार लिखित आवेदन जिला प्रशासन, उपायुक्त (डीसी) तथा संबंधित पदाधिकारियों को दिए जा चुके हैं। ईमेल के माध्यम से भी लगातार शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रशासनिक उदासीनता और निष्क्रियता को उजागर करता है, जो सीधे-सीधे आम जनता के जीवन को खतरे में डाल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया प्रतिनिधि द्वारा खुलेआम यह कहा जाता है कि "जो करना है कर लो, जो उखाड़ना है उखाड़ लो, यहां ब्लास्टिंग होगा और तुम लोगों को कहीं और जाना है तो जाओ, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" यह बयान न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का भय नहीं है। यह पूरा मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है— क्या इन क्रेशर और माइंस संचालकों के पास वैध लाइसेंस और पर्यावरणीय अनुमति (Environment Clearance) है? क्या ब्लास्टिंग के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग इस अवैध गतिविधि से अनभिज्ञ है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है? क्या ग्रामीणों के जीवन और संपत्ति की कोई कीमत नहीं है? यह स्पष्ट है कि ग्राम बेला और डुमरी कला पंचायत में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यहां के ग्रामीणों को यह मूल अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है। अतः इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हम जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों से निम्नलिखित मांगें करते हैं— 1. ग्राम बेला में चल रहे सभी अवैध क्रेशर और माइंस संचालन की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। 2. ब्लास्टिंग की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए जब तक कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित न हो जाए। 3. जिन अधिकारियों ने अब तक शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। 4. प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा (compensation) दिया जाए और उनके घरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए। 5. ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। 6. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। यदि शीघ्र ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्राम बेला और आसपास के ग्रामीण व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह केवल एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में फैल रही अवैध खनन माफिया की समस्या है, जो धीरे-धीरे ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और सामाजिक व्यवस्था को नष्ट कर रही है। आज जरूरत है कि प्रशासन जागे, कानून का पालन सुनिश्चित करे और गरीब एवं असहाय जनता को न्याय दिलाए।
    2
    लोकतंत्र की आवाज़
निशांत तिवारी
प्रभारी झारखंड 
चतरा (झारखंड):-चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी कला पंचायत के ग्राम बेला में बीते कई महीनों से क्रेशर एवं माइंस संचालकों द्वारा की जा रही अनियंत्रित और भयावह ब्लास्टिंग ने आम जनजीवन को गहरे संकट में डाल दिया है। आज दिनांक 20 मार्च 2026 को हुए एक अत्यंत खतरनाक और जोरदार विस्फोट (ब्लास्ट) ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना कोई एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार हो रही अवैध गतिविधियों का परिणाम है, जिससे ग्राम बेला के सैकड़ों परिवार भय, असुरक्षा और प्रशासनिक उपेक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
आज हुए इस भीषण ब्लास्टिंग के कारण ग्राम बेला निवासी श्री उमेश कुमार यादव के कच्चे (मिट्टी के) घर को गंभीर क्षति पहुँची है। उनके घर की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे उनका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को विवश हो सकता है। इतना ही नहीं, विस्फोट के कारण पत्थरों के बड़े-बड़े टुकड़े उछलकर उनके घर के आंगन और छत पर गिरे, जिससे जान-माल की भारी क्षति होते-होते बची। यदि यह पत्थर सीधे घर के अंदर गिरते, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था।
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विस्फोट के पहले डुमरी कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जो स्वयं को संचालनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं,ग्राम बेला में घुसकर आए और उमेश यादव के परिवार सहित अन्य ग्रामीणों को धमकी भरे लहजे में घर खाली करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "ब्लास्ट होने वाला है, तुम लोग घर से बाहर निकल जाओ। अगर घर दब गया या कोई नुकसान हुआ तो इसकी जिम्मेदारी हम लोग नहीं लेंगे।"
यह कथन न केवल अमानवीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि किस प्रकार प्रशासनिक संरक्षण में अवैध खनन और ब्लास्टिंग को खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। एक ओर ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक पत्थर निकालकर मुनाफा कमाने की होड़ ने मानव जीवन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी प्रकार की ब्लास्टिंग की गई है, जिससे घरों में दरारें पड़ चुकी हैं, दीवारें कमजोर हो गई हैं और लोग मानसिक तनाव में जी रहे हैं। बच्चों में भय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे दस्त (डायरिया) जैसी बीमारियाँ भी बढ़ने लगी हैं, जो इस प्रदूषित और असुरक्षित वातावरण का परिणाम है।
ग्राम बेला के गरीब और असहाय ग्रामीणों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन हर बार उन्हें दबाने और शांत कराने का प्रयास किया गया। मौके पर कुछ तथाकथित "मैनेजिंग करने वाले लोग" पहुँचते हैं और मामले को दबाने का प्रयास करते हैं, जिससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती। यह पूरी व्यवस्था एक संगठित तरीके से काम कर रही है, जिसमें स्थानीय प्रभावशाली लोग, क्रेशर संचालक और माइंस संचालक शामिल हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि डुमरी कला पंचायत के ही निवासी श्री श्रीराम पांडेय जी द्वारा इस गंभीर मुद्दे को लेकर कई बार लिखित आवेदन जिला प्रशासन, उपायुक्त (डीसी) तथा संबंधित पदाधिकारियों को दिए जा चुके हैं। ईमेल के माध्यम से भी लगातार शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह प्रशासनिक उदासीनता और निष्क्रियता को उजागर करता है, जो सीधे-सीधे आम जनता के जीवन को खतरे में डाल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया प्रतिनिधि द्वारा खुलेआम यह कहा जाता है कि "जो करना है कर लो, जो उखाड़ना है उखाड़ लो, यहां ब्लास्टिंग होगा और तुम लोगों को कहीं और जाना है तो जाओ, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।" यह बयान न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का भय नहीं है।
यह पूरा मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
क्या इन क्रेशर और माइंस संचालकों के पास वैध लाइसेंस और पर्यावरणीय अनुमति (Environment Clearance) है?
क्या ब्लास्टिंग के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है?
क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग इस अवैध गतिविधि से अनभिज्ञ है या जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है?
क्या ग्रामीणों के जीवन और संपत्ति की कोई कीमत नहीं है?
यह स्पष्ट है कि ग्राम बेला और डुमरी कला पंचायत में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। भारत के संविधान में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यहां के ग्रामीणों को यह मूल अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है।
अतः इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हम जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों से निम्नलिखित मांगें करते हैं—
1. ग्राम बेला में चल रहे सभी अवैध क्रेशर और माइंस संचालन की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. ब्लास्टिंग की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए जब तक कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित न हो जाए।
3. जिन अधिकारियों ने अब तक शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
4. प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा (compensation) दिया जाए और उनके घरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।
5. ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
6. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
यदि शीघ्र ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ग्राम बेला और आसपास के ग्रामीण व्यापक जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
यह केवल एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में फैल रही अवैध खनन माफिया की समस्या है, जो धीरे-धीरे ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और सामाजिक व्यवस्था को नष्ट कर रही है। आज जरूरत है कि प्रशासन जागे, कानून का पालन सुनिश्चित करे और गरीब एवं असहाय जनता को न्याय दिलाए।
    user_Nishant Tiwari
    Nishant Tiwari
    Local News Reporter शालिग्राम राम नारायणपुर (हंटरगंज), चतरा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत कम्पलेक्स संसाधन केंद्र, मध्य विद्यालय शेरपुर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक सह कोऑर्डिनेटर श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस प्रक्रिया में प्रखंड के पांच मध्य विद्यालयों एवं पांच प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में दो मुख्य परीक्षक, 20 सहायक परीक्षक एवं दो टैबुलेटर सहित कुल 24 शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि कुल 6 हजार छात्र छात्राओ का मुल्याकण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कम्पलेक्स सेंटर के संचालक सच्चिदानंद शाही ने कहा कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर शिक्षिका स्वेता सुमन, मुख्य परीक्षक अशोक कुमार चौधरी, अक्षय कुमार, गौरव कुमार, रंधीर कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित है।
    1
    गया जिले के गुरुआ प्रखंड अंतर्गत कम्पलेक्स संसाधन केंद्र, मध्य विद्यालय शेरपुर में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया गया है इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रधानाध्यापक सह कोऑर्डिनेटर श्याम किशोर प्रसाद ने बताया कि मूल्यांकन कार्य 19 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च तक चलेगा। इस प्रक्रिया में प्रखंड के पांच मध्य विद्यालयों एवं पांच प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में दो मुख्य परीक्षक, 20 सहायक परीक्षक एवं दो टैबुलेटर सहित कुल 24 शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं, जो पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि कुल 6 हजार छात्र छात्राओ का मुल्याकण कार्य प्रगति पर है। वहीं, कम्पलेक्स सेंटर के संचालक सच्चिदानंद शाही ने कहा कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है साथ ही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर शिक्षिका स्वेता सुमन, मुख्य परीक्षक अशोक कुमार चौधरी, अक्षय कुमार, गौरव कुमार, रंधीर कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित है।
    user_Prem Kr. Mishra
    Prem Kr. Mishra
    Astrologer गुरुआ, गया, बिहार•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.