संत कबीर नगर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार पर उनके प्रस्तावित 'गौ गर्जना' कार्यक्रम को अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर गौ संरक्षण और गौमाता के सम्मान से जुड़े पवित्र कार्यक्रमों को बाधित किया जा रहा है। शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार गौ संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर है, तो उसे ऐसे कार्यक्रमों को पूरा सहयोग देना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर सरकार की वर्तमान कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और स्पष्ट किया कि संत समाज इस विषय पर चुप नहीं बैठेगा और अपनी आवाज लगातार उठाता रहेगा। इस मामले में अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार या प्रशासन की ओर से कोई भी तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी शंकराचार्य और राज्य सरकार के बीच गौ संरक्षण और विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर मतभेद सामने आ चुके हैं, जब मार्च 2026 में लखनऊ प्रशासन ने उनके एक अन्य कार्यक्रम को 26 कड़ी शर्तों के साथ अनुमति दी थी।
संत कबीर नगर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार पर उनके प्रस्तावित 'गौ गर्जना' कार्यक्रम को अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर गौ संरक्षण और गौमाता के सम्मान से जुड़े पवित्र कार्यक्रमों को बाधित किया जा रहा है। शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार गौ संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर है, तो उसे ऐसे कार्यक्रमों को पूरा सहयोग देना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर सरकार की वर्तमान कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और स्पष्ट किया कि संत समाज इस विषय पर चुप नहीं बैठेगा और अपनी आवाज लगातार उठाता रहेगा। इस मामले में अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार या प्रशासन की ओर से कोई भी तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी शंकराचार्य और राज्य सरकार के बीच गौ संरक्षण और विभिन्न धार्मिक आयोजनों को लेकर मतभेद सामने आ चुके हैं, जब मार्च 2026 में लखनऊ प्रशासन ने उनके एक अन्य कार्यक्रम को 26 कड़ी शर्तों के साथ अनुमति दी थी।
- Rambahal ChaudharyBasti, Uttar Pradesh🙏🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️1 day ago
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जनपद के मगहर में स्थित संत कबीर कताई मिल में बालश्रम की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। यहाँ बिना किसी खौफ के नाबालिग बच्चे ईंटों की सफाई का काम कर रहे हैं, जिसके बदले उन्हें नाम मात्र का मेंहनताना दिया जा रहा है। जिन मासूमों के हाथों में इस उम्र में कॉपी-किताबें होनी चाहिए थीं, वे अपने घरों से दूर यहाँ आकर हथौड़े चलाने को मजबूर हैं। दरअसल, मगहर में पांच दशक पहले हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस कताई मिल की स्थापना की गई थी। लगभग दो दशक तक यह मिल शानदार तरीके से चली और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला, लेकिन साल 1997 में मजदूर और मिल प्रबंधन के बीच हुए विवाद के बाद यहाँ ताला लग गया। अब प्रदेश सरकार बंद पड़ी मिलों की कीमती जमीनों पर टेक्सटाईल पार्क बनाने का निर्णय ले चुकी है, जिसके तहत मिल के गोदामों व भवनों को तोड़ने और सफाई का काम चल रहा है। इसी सफाई कार्य में बड़े पैमाने पर बाल मजदूरों को काम पर लगाया गया है। मिल में ईंटों की सफाई कर रहे बाल मजदूरों ने बताया कि वे लखीमपुर खीरी से यहाँ मजदूरी करने आए हैं और उनकी संख्या करीब पचास है। इन बच्चों को दो हजार ईंटें साफ करने के बदले मजदूरी के रूप में मात्र छह सौ रुपये मिल रहे हैं। सरकार द्वारा बालश्रम रोकने के लिए तमाम तरह की योजनाएं और जागरूकता अभियान चलाने के दावों के बीच इस तरह खुलेआम नाबालिगों से काम कराया जाना कई सवाल खड़े करता है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इस बालश्रम का असली जिम्मेदार कौन है?1
- संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महुली पुलिस द्वारा विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को आईएसआई मानक का हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों तथा यात्रियों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, मोबाइल का प्रयोग न करने और गलत दिशा में वाहन न चलाने की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से अपील की कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं बल्कि जीवन बचाने वाला कवच है और सुरक्षित यातायात प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।3
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सहजनवा के हरपुर बुदहट स्थित अनंतपुर चौराहा पर सोमवार को दया शंकर मेडिकल स्टोर का भव्य उद्घाटन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहजनवा विधायक श्री प्रदीप शुक्ला ने फीता काटकर एवं विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ इस नए मेडिकल स्टोर का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक श्री प्रदीप शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्टोर के संचालकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। इस उद्घाटन समारोह में वर्तमान ग्राम प्रधान विजयी पासवान, पूर्व ग्राम प्रधान राममिलन यादव, अभिषेक पासवान, गब्बू पासवान, पवन पासवान, श्याम मिलन शर्मा, अरविन्द शर्मा, संकटा उपाध्याय, धनंजय पासवान तथा अनिल यादव सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त किया गया, जिसके बाद उपस्थित लोगों में मिष्ठान वितरण किया गया।4
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है, जिसका लोकार्पण 23 जुलाई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। हालांकि, इस फ्लाईओवर के बनने से जहां शहर से बाहर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी और वे तेजी से निकल सकेंगे, वहीं आसपास के मोहल्ले वालों के लिए नई समस्याएं खड़ी होने वाली हैं। जिन लोगों को फ्लाईओवर पर नहीं चढ़ना है और शहर के भीतर ही आना है, वे नीचे की सड़कों की बदहाली से परेशान होंगे। शहर के लोग पिछले दो साल से इस फ्लाईओवर के बनने का इंतजार कर रहे थे ताकि नीचे वाली सड़क भी दुरुस्त हो सके, लेकिन इसकी मरम्मत की झंझट किसी ने नहीं उठाई। इसे बनाने वाली फर्म अभी भी नाले बनाने में ही व्यस्त है, जिसके कारण लोग महीनों से माधो पेट्रोल पंप से देवरिया बाईपास, नहर रोड और रुस्तमपुर तक हिचकोले खाकर यात्रा करने को मजबूर हैं। गोरखपुर शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए पहले पैडलेगंज से नौसढ़ तक सिक्सलेन पास किया गया था। दावा था कि इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच नहर रोड, रुस्तमपुर, फलमंडी और ट्रांसपोर्टनगर चौराहों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए एक सीधा फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया था, जो अब बनकर तैयार हो चुका है।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल में 'आकाशवाणी' का संदर्भ देते हुए 21 जुलाई 2026 की तारीख के साथ स्वास्थ्य से जुड़े टिप्स साझा करने की बात कही गई है। इसमें लेखक ने स्पष्ट किया है कि वह इस संबंध में अपना निजी अनुभव साझा कर रहे हैं।1
- देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।1
- संसद में संजय सिंह को पुलिस द्वारा खड़े होने से रोके जाने का मामला सामने आया है। संसद परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों ने उन्हें खड़े होने से रोक दिया।1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 ने जंतर मंतर पर हुए लाठी चार्ज और आंसू गोले छोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। 'हर खबर पर नजर' रखने वाले सूर्यांश न्यूज़ 24 ने इस पूरी कार्रवाई के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है।1