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भारतीय वायुसेना को शनिवार, 13 जून, 2026 को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स बेस पर एक दुखद हादसे का सामना करना पड़ा, जहाँ वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पाँच बहादुर जवानों ने देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे हुई। 43 स्क्वाड्रन का AN-32 विमान अरुणाचल प्रदेश से अपनी नियमित उड़ान पूरी कर जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग कर रहा था। लैंडिंग के दौरान अचानक विमान का संतुलन बिगड़ा और वह रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर दो हिस्सों में टूट गया। क्रैश के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे चारों तरफ लपटें उठने लगीं। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने शहादत प्राप्त की। हादसे में एक को-पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज जारी है। भारतीय वायुसेना ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें तकनीकी खामी, मौसम या मानवीय भूल जैसे हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है। इस दुखद खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वायुवीरों की सेवा व साहस को हमेशा याद रखा जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने भारतीय वायुसेना के पुराने हो चुके परिवहन बेड़े की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एयरबेस पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है और फिलहाल जांच जारी है।

21 hrs ago
user_रामानंद सागर
रामानंद सागर
Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
21 hrs ago

भारतीय वायुसेना को शनिवार, 13 जून, 2026 को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स बेस पर एक दुखद हादसे का सामना करना पड़ा, जहाँ वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पाँच बहादुर जवानों ने देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे हुई। 43 स्क्वाड्रन का AN-32 विमान अरुणाचल प्रदेश से अपनी नियमित उड़ान पूरी कर जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग कर रहा था। लैंडिंग के दौरान अचानक विमान का संतुलन बिगड़ा और वह रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर दो हिस्सों में टूट गया। क्रैश के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे चारों तरफ लपटें उठने लगीं। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने शहादत प्राप्त की। हादसे में एक को-पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज जारी है। भारतीय वायुसेना ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें तकनीकी खामी, मौसम या मानवीय भूल जैसे हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है। इस दुखद खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वायुवीरों की सेवा व साहस को हमेशा याद रखा जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने भारतीय वायुसेना के पुराने हो चुके परिवहन बेड़े की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एयरबेस पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है और फिलहाल जांच जारी है।

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  • बाराबंकी जिले में सरकारी योजनाओं और आवास (कॉलोनी) आवंटन में कथित धांधली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया है। हाल ही में आयोजित एक जन-संवाद कार्यक्रम (रात्रि चौपाल) के दौरान ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें रखते हुए आरोप लगाया कि पात्र लाभार्थियों को बिना सुविधा शुल्क (घूस) दिए आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कुछ बिचौलियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की मिलीभगत से आवास की सूची में हेरफेर की जा रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पात्र होने के बावजूद उनसे घर पास कराने के एवज में बड़ी रकम की मांग की जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवास आवंटन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और यदि कोई भी कर्मचारी या बिचौलिया रिश्वत की मांग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिले में हाल ही में हुई लेखपाल की गिरफ्तारी के मद्देनजर, अब ग्रामीण इलाकों में चल रही अन्य सरकारी परियोजनाओं की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों या एंटी-करप्शन हेल्पलाइन पर करें।
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    बाराबंकी जिले में सरकारी योजनाओं और आवास (कॉलोनी) आवंटन में कथित धांधली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया है। हाल ही में आयोजित एक जन-संवाद कार्यक्रम (रात्रि चौपाल) के दौरान ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें रखते हुए आरोप लगाया कि पात्र लाभार्थियों को बिना सुविधा शुल्क (घूस) दिए आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कुछ बिचौलियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की मिलीभगत से आवास की सूची में हेरफेर की जा रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पात्र होने के बावजूद उनसे घर पास कराने के एवज में बड़ी रकम की मांग की जाती है।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवास आवंटन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और यदि कोई भी कर्मचारी या बिचौलिया रिश्वत की मांग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस मामले के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिले में हाल ही में हुई लेखपाल की गिरफ्तारी के मद्देनजर, अब ग्रामीण इलाकों में चल रही अन्य सरकारी परियोजनाओं की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों या एंटी-करप्शन हेल्पलाइन पर करें।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही हजारों शिव भक्तों ने लोधेश्वर महादेव के स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की, जिससे पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा। शिव भक्तों ने अपने हाथों में जल से भरे लोटे, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और सुगंधित पुष्प लेकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचकर भगवान लोधेश्वर महादेव का अभिषेक किया। पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार के विशेष महत्व के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिनमें से कई ने मंदिर की लेटकर परिक्रमा भी की। मंदिर के मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी ने जानकारी दी कि पुरुषोत्तम मास का यह अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालु सुबह से देर रात तक भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि बाराबंकी के अलावा लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, उरई, जालौन, गोंडा, बहराइच, सुल्तानपुर, फतेहपुर और सीतापुर सहित कई जनपदों से शिव भक्त यहां पहुंचे हैं। मान्यता है कि लोधेश्वर महादेव स्वयंभू शिवलिंग हैं, जो धरती से प्रकट हुए थे। कथा के अनुसार, एक किसान लोधे राम अवस्थी अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे जब पानी बार-बार एक ही स्थान पर जा रहा था। जब उन्होंने वहां खुदाई की, तो शिवलिंग प्रकट हुआ और फावड़ा लगने से शिवलिंग से रक्त निकलने लगा। इस घटना से किसान आश्चर्यचकित रह गए और बाद में वहां एक मंदिर का निर्माण कराया गया। आज भी शिवलिंग पर फावड़े का निशान दिखाई देता है। श्रद्धालुओं की यह आस्था भी है कि यह शिवलिंग महाभारत कालीन है और पांडवों ने भी यहां पूजा-अर्चना की थी। वर्तमान समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से लोधेश्वर महादेव धाम के विकास और कॉरिडोर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। अपनी धार्मिक महत्ता के कारण यह तीर्थ स्थल देशभर में प्रसिद्ध हो रहा है।
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    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही हजारों शिव भक्तों ने लोधेश्वर महादेव के स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की, जिससे पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा। शिव भक्तों ने अपने हाथों में जल से भरे लोटे, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और सुगंधित पुष्प लेकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचकर भगवान लोधेश्वर महादेव का अभिषेक किया। पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार के विशेष महत्व के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिनमें से कई ने मंदिर की लेटकर परिक्रमा भी की।

मंदिर के मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी ने जानकारी दी कि पुरुषोत्तम मास का यह अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालु सुबह से देर रात तक भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि बाराबंकी के अलावा लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, उरई, जालौन, गोंडा, बहराइच, सुल्तानपुर, फतेहपुर और सीतापुर सहित कई जनपदों से शिव भक्त यहां पहुंचे हैं।

मान्यता है कि लोधेश्वर महादेव स्वयंभू शिवलिंग हैं, जो धरती से प्रकट हुए थे। कथा के अनुसार, एक किसान लोधे राम अवस्थी अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे जब पानी बार-बार एक ही स्थान पर जा रहा था। जब उन्होंने वहां खुदाई की, तो शिवलिंग प्रकट हुआ और फावड़ा लगने से शिवलिंग से रक्त निकलने लगा। इस घटना से किसान आश्चर्यचकित रह गए और बाद में वहां एक मंदिर का निर्माण कराया गया। आज भी शिवलिंग पर फावड़े का निशान दिखाई देता है। श्रद्धालुओं की यह आस्था भी है कि यह शिवलिंग महाभारत कालीन है और पांडवों ने भी यहां पूजा-अर्चना की थी।

वर्तमान समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से लोधेश्वर महादेव धाम के विकास और कॉरिडोर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। अपनी धार्मिक महत्ता के कारण यह तीर्थ स्थल देशभर में प्रसिद्ध हो रहा है।
    user_Krishna Kumar
    Krishna Kumar
    Advertising Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बाराबंकी के विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत साढ़ेमऊ में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार राज्य मंत्री और प्रभारी मंत्री, माननीय श्री सुरेश राही मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंगद सिंह, मंडल अध्यक्ष बेलहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे। राज्य मंत्री सुरेश राही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों तक पहुंचाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले सरकारी योजनाओं के लिए लोगों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे सहायता मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा कार्यकर्ता केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि पूरे पांच वर्षों तक जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के प्रति जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। मंत्री ने बाराबंकी के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले में उद्योगों का विस्तार, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। उनका मानना है कि जब देश का प्रत्येक नागरिक शिक्षित और आत्मनिर्भर होगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो पाएगा। उन्होंने कोरोना काल में देशवासियों की एकता, अनुशासन और सहयोग को याद करते हुए कहा कि इसी ने भारत को कठिन समय में मजबूती प्रदान की। अंत में, राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और आज हर नागरिक के मन में "मोदी हैं तो मुमकिन है" का विश्वास दिखाई देता है।
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    भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बाराबंकी के विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत साढ़ेमऊ में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार राज्य मंत्री और प्रभारी मंत्री, माननीय श्री सुरेश राही मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंगद सिंह, मंडल अध्यक्ष बेलहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।

राज्य मंत्री सुरेश राही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों तक पहुंचाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले सरकारी योजनाओं के लिए लोगों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे सहायता मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा कार्यकर्ता केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि पूरे पांच वर्षों तक जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के प्रति जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है।

मंत्री ने बाराबंकी के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले में उद्योगों का विस्तार, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। उनका मानना है कि जब देश का प्रत्येक नागरिक शिक्षित और आत्मनिर्भर होगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो पाएगा। उन्होंने कोरोना काल में देशवासियों की एकता, अनुशासन और सहयोग को याद करते हुए कहा कि इसी ने भारत को कठिन समय में मजबूती प्रदान की। अंत में, राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और आज हर नागरिक के मन में "मोदी हैं तो मुमकिन है" का विश्वास दिखाई देता है।
    user_खबरों का रणक्षेत्र
    खबरों का रणक्षेत्र
    Teacher रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद के थाना लोनी कटरा क्षेत्र के भीलवल गांव की एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। बताया गया है कि महिला ने जिलाधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बावजूद थाना स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर थाना अध्यक्ष ने उन्हें फटकार कर थाने से भगा दिया।
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    बाराबंकी जनपद के थाना लोनी कटरा क्षेत्र के भीलवल गांव की एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। बताया गया है कि महिला ने जिलाधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक न्याय की गुहार लगाई है।

महिला का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बावजूद थाना स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर थाना अध्यक्ष ने उन्हें फटकार कर थाने से भगा दिया।
    user_Journalist Manoj Shukla
    Journalist Manoj Shukla
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद के कोठी थाना क्षेत्र के पहला गांव में जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक दुखद हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की गोमती नदी में डूबकर मौत हो गई। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने इस दौरान 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से दो युवक गोमती नदी में कूद गए थे, जिनमें से एक तो सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन पहला गांव निवासी घनश्याम साहू पुत्र सराय रावत नदी में लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद लापता युवक घनश्याम साहू का शव बरामद कर लिया गया। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों के लिए इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति की कामना की गई है।
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    बाराबंकी जनपद के कोठी थाना क्षेत्र के पहला गांव में जुआरियों को पकड़ने गई पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक दुखद हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की गोमती नदी में डूबकर मौत हो गई। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने लगे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने इस दौरान 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से दो युवक गोमती नदी में कूद गए थे, जिनमें से एक तो सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन पहला गांव निवासी घनश्याम साहू पुत्र सराय रावत नदी में लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद लापता युवक घनश्याम साहू का शव बरामद कर लिया गया।

इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों के लिए इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति की कामना की गई है।
    user_रवि गुप्ता जिला ब्यूरो चीफ बाराबंकी आर के गुप्ता
    रवि गुप्ता जिला ब्यूरो चीफ बाराबंकी आर के गुप्ता
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित घाघरा घाट पर संजय सेतु मंगलवार से सभी छोटे-बड़े वाहनों के संचालन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। लगभग दो माह तक मरम्मत कार्य के चलते बंद रहे इस पुल के पूर्ण रूप से खुलने से रोडवेज यात्रियों, व्यापारियों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उन्हें अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और यात्रा पहले की तरह सुगम हो जाएगी। संजय सेतु पर तकनीकी खामियों और मरम्मत कार्य के कारण 16 अप्रैल से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। इस अवधि में छोटे वाहनों को पीपा पुल और अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा था, जबकि बसों और भारी वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बढ़ गए थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण कराया गया। जांच रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने पर पहले छोटे वाहनों का संचालन शुरू किया गया था। अब प्रशासन ने रोडवेज बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को भी पुल से गुजरने की अनुमति दे दी है। चौकी प्रभारी घाघरा दिनेश कुशवाहा ने पुष्टि की कि मरम्मत कार्य और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी गई है। मंगलवार से पुल पर यातायात पूरी तरह सामान्य रहेगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। पुल के पूर्ण रूप से खुलने का सीधा लाभ बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा।
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    लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित घाघरा घाट पर संजय सेतु मंगलवार से सभी छोटे-बड़े वाहनों के संचालन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। लगभग दो माह तक मरम्मत कार्य के चलते बंद रहे इस पुल के पूर्ण रूप से खुलने से रोडवेज यात्रियों, व्यापारियों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उन्हें अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और यात्रा पहले की तरह सुगम हो जाएगी।

संजय सेतु पर तकनीकी खामियों और मरम्मत कार्य के कारण 16 अप्रैल से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। इस अवधि में छोटे वाहनों को पीपा पुल और अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा था, जबकि बसों और भारी वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बढ़ गए थे।

लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण कराया गया। जांच रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने पर पहले छोटे वाहनों का संचालन शुरू किया गया था। अब प्रशासन ने रोडवेज बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को भी पुल से गुजरने की अनुमति दे दी है। चौकी प्रभारी घाघरा दिनेश कुशवाहा ने पुष्टि की कि मरम्मत कार्य और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी गई है।

मंगलवार से पुल पर यातायात पूरी तरह सामान्य रहेगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। पुल के पूर्ण रूप से खुलने का सीधा लाभ बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा।
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    54 min ago
  • प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को बाराबंकी के जिला मुख्यालय पर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में रोजगार सेवकों ने रैली निकालकर उपायुक्त श्रम रोजगार के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले जिला प्रशासन ने उन्हें बंकी ब्लॉक पर ही ज्ञापन देने के लिए समझाने का प्रयास किया। उपजिलाधिकारी नवाबगंज ने उपायुक्त श्रम रोजगार विकास मिश्रा को बंकी ब्लॉक भेजकर वहीं ज्ञापन लेने की व्यवस्था की, लेकिन रोजगार सेवक जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए कार्यालय तक रैली निकालने की मांग पर अड़े रहे। बाद में नायब तहसीलदार नम्रता दुबे, उपायुक्त श्रम रोजगार और अन्य अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद उन्हें रैली निकालने की अनुमति दी गई। डीआरडीए पहुंचकर आयोजित सभा में रोजगार सेवकों ने प्रमुख रूप से राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, सम्मानजनक मानदेय में वृद्धि करने, समय से मानदेय भुगतान के लिए एक पृथक बजट व्यवस्था करने तथा मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाओं को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के स्थान पर लागू होने जा रही वीवीजी रामजी योजना में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की मांग भी की गई। जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण विकास योजनाओं और मनरेगा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी वे आज भी सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिला प्रभारी जमनेश कनौजिया ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में वीवीजी रामजी योजना के शुभारंभ के अवसर पर एक विशाल प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अवनीश वर्मा, दिलीप यादव, रामसजीवन यादव, विनोद राव, दीपक सिंह, सचिन शंकर, अतीक, शकील सहित बड़ी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।
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    प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को बाराबंकी के जिला मुख्यालय पर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में रोजगार सेवकों ने रैली निकालकर उपायुक्त श्रम रोजगार के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले जिला प्रशासन ने उन्हें बंकी ब्लॉक पर ही ज्ञापन देने के लिए समझाने का प्रयास किया। उपजिलाधिकारी नवाबगंज ने उपायुक्त श्रम रोजगार विकास मिश्रा को बंकी ब्लॉक भेजकर वहीं ज्ञापन लेने की व्यवस्था की, लेकिन रोजगार सेवक जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए कार्यालय तक रैली निकालने की मांग पर अड़े रहे। बाद में नायब तहसीलदार नम्रता दुबे, उपायुक्त श्रम रोजगार और अन्य अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद उन्हें रैली निकालने की अनुमति दी गई।

डीआरडीए पहुंचकर आयोजित सभा में रोजगार सेवकों ने प्रमुख रूप से राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, सम्मानजनक मानदेय में वृद्धि करने, समय से मानदेय भुगतान के लिए एक पृथक बजट व्यवस्था करने तथा मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाओं को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के स्थान पर लागू होने जा रही वीवीजी रामजी योजना में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की मांग भी की गई। जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण विकास योजनाओं और मनरेगा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी वे आज भी सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

जिला प्रभारी जमनेश कनौजिया ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में वीवीजी रामजी योजना के शुभारंभ के अवसर पर एक विशाल प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अवनीश वर्मा, दिलीप यादव, रामसजीवन यादव, विनोद राव, दीपक सिंह, सचिन शंकर, अतीक, शकील सहित बड़ी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।
    user_Aakash Deep
    Aakash Deep
    Photographer नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भारतीय वायुसेना को शनिवार, 13 जून, 2026 को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स बेस पर एक दुखद हादसे का सामना करना पड़ा, जहाँ वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पाँच बहादुर जवानों ने देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे हुई। 43 स्क्वाड्रन का AN-32 विमान अरुणाचल प्रदेश से अपनी नियमित उड़ान पूरी कर जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग कर रहा था। लैंडिंग के दौरान अचानक विमान का संतुलन बिगड़ा और वह रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर दो हिस्सों में टूट गया। क्रैश के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे चारों तरफ लपटें उठने लगीं। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने शहादत प्राप्त की। हादसे में एक को-पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज जारी है। भारतीय वायुसेना ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें तकनीकी खामी, मौसम या मानवीय भूल जैसे हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है। इस दुखद खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वायुवीरों की सेवा व साहस को हमेशा याद रखा जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने भारतीय वायुसेना के पुराने हो चुके परिवहन बेड़े की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एयरबेस पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है और फिलहाल जांच जारी है।
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    भारतीय वायुसेना को शनिवार, 13 जून, 2026 को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स बेस पर एक दुखद हादसे का सामना करना पड़ा, जहाँ वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पाँच बहादुर जवानों ने देश की सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे हुई। 43 स्क्वाड्रन का AN-32 विमान अरुणाचल प्रदेश से अपनी नियमित उड़ान पूरी कर जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग कर रहा था। लैंडिंग के दौरान अचानक विमान का संतुलन बिगड़ा और वह रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर दो हिस्सों में टूट गया। क्रैश के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे चारों तरफ लपटें उठने लगीं। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने शहादत प्राप्त की। हादसे में एक को-पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज जारी है।

भारतीय वायुसेना ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें तकनीकी खामी, मौसम या मानवीय भूल जैसे हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है। इस दुखद खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वायुवीरों की सेवा व साहस को हमेशा याद रखा जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

इस घटना ने भारतीय वायुसेना के पुराने हो चुके परिवहन बेड़े की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एयरबेस पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है और फिलहाल जांच जारी है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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