उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के रुधौली क्षेत्र में वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे रात के अंधेरे में सरकारी और निजी वन संपदा, खासकर बेशकीमती शीशम के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। करमा कला के ओढ़वलिया गांव से एक ताजा मामला सामने आया है, जहां घंटों तक आरी की गूंज सुनाई देती रही, लेकिन वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली और गश्त की पोल खोलकर रख दी है। सूत्रों के अनुसार, माफियाओं ने रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर पेड़ों का सफाया किया। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कटान की सूचना मिलने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची और जब तक स्थानीय लोग जागे, तब तक माफिया लकड़ी लेकर फरार हो चुके थे। इलाके में चर्चा है कि बाघनगर का लकड़ी माफिया नोमान अहमद अपने नेटवर्क के जरिए बस्ती के इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कटान करवा रहा है। स्थानीय लोग दबी जुबान में विभागीय मिलीभगत की बात कह रहे हैं, जिसके बिना इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटना संभव नहीं है। इस घटना ने वन क्षेत्राधिकारी सोनल वर्मा के कार्यक्षेत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि धरातल पर वन माफियाओं का कब्जा है। इस अवैध कटान से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन माफियाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो क्षेत्र का पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएगा। जब इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी सोनल वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी मिलते रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विभागीय मिलीभगत के बिना रात के अंधेरे में शीशम का कटान संभव है और क्या जिलाधिकारी इस अवैध कटान के खेल पर अंकुश लगा पाएंगे? क्षेत्र की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि वह उन चेहरों के बेनकाब होने का इंतजार कर रही है, जिनकी शह पर हरियाली को उजाड़ा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के रुधौली क्षेत्र में वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे रात के अंधेरे में सरकारी और निजी वन संपदा, खासकर बेशकीमती शीशम के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। करमा कला के ओढ़वलिया गांव से एक ताजा मामला सामने आया है, जहां घंटों तक आरी की गूंज सुनाई देती रही, लेकिन वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूटी। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली और गश्त की पोल खोलकर रख दी है। सूत्रों के अनुसार, माफियाओं ने रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर पेड़ों का सफाया किया। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कटान की सूचना मिलने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची और जब तक स्थानीय लोग जागे, तब तक माफिया लकड़ी लेकर फरार हो चुके थे। इलाके में चर्चा है कि बाघनगर का लकड़ी माफिया नोमान अहमद अपने नेटवर्क के जरिए बस्ती के इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कटान करवा रहा है। स्थानीय लोग दबी जुबान में विभागीय मिलीभगत की बात कह रहे हैं, जिसके बिना इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटना संभव नहीं है। इस घटना ने वन क्षेत्राधिकारी सोनल वर्मा के कार्यक्षेत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि धरातल पर वन माफियाओं का कब्जा है। इस अवैध कटान से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन माफियाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो क्षेत्र का पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएगा। जब इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी सोनल वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी मिलते रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विभागीय मिलीभगत के बिना रात के अंधेरे में शीशम का कटान संभव है और क्या जिलाधिकारी इस अवैध कटान के खेल पर अंकुश लगा पाएंगे? क्षेत्र की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि वह उन चेहरों के बेनकाब होने का इंतजार कर रही है, जिनकी शह पर हरियाली को उजाड़ा जा रहा है।
- बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।1
- Post by Jitendra Kumar1
- आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था। योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।4
- संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।1
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- बस्ती जनपद के वॉटरगंज थाना क्षेत्र में रविवार को मनोरी चौराहे के पास डढ़वा मिश्र गांव के समीप एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार डंपर ने ई-रिक्शा और बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दोनों वाहनों में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर (संख्या UP 51 BT 1213) की गति इतनी अधिक थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे ई-रिक्शा और बोलेरो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बोलेरो को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुटे और घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल बस्ती पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही वॉटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक, घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।2